उमरिया स्थित इमामबाड़ा में मोहर्रम की पांचवीं तारीख, यानी 21 जून को परचम कुसाई की रस्म पूरे एहतराम, अकीदत और मोहब्बत के साथ अदा की जाएगी। इमामबाड़ा कमेटी के सदस्य एराश खान ने बताया कि शाम असीर बाद पांच बजे तमाम जायरीन और अकीदतमंद इस परचम कुसाई में शिरकत कर सवाबे दारैन हासिल करेंगे। यह भी बताया गया कि परचम कुसाई से पहले शहीदी/कव्वाली का कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसमें भारी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इमामबाड़ा कमेटी के सदस्यों ने जिलेवासियों से मोहर्रम के पूरे पर्व को आपसी सौहार्द्र, शांति और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की है। कमेटी ने मोहर्रम के अन्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी दी, जिसके अनुसार, 21 जून को पांचवीं तारीख पर परचम कुसाई होगी; 23 जून को सातवीं तारीख पर बाबा हुजूर की सवारी निकलेगी; 24 जून को आठवीं तारीख पर गिरोह का कार्यक्रम आयोजित होगा; 25 जून को नौवीं तारीख पर बाबा हुजूर की सवारी और मुरादगाह में कार्यक्रम होंगे; और वहीं, 26 जून को मोहर्रम की दसवीं तारीख पर बाबा हुजूर की सवारी के साथ मुरादगाह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उमरिया स्थित इमामबाड़ा में मोहर्रम की पांचवीं तारीख, यानी 21 जून को परचम कुसाई की रस्म पूरे एहतराम, अकीदत और मोहब्बत के साथ अदा की जाएगी। इमामबाड़ा कमेटी के सदस्य एराश खान ने बताया कि शाम असीर बाद पांच बजे तमाम जायरीन और अकीदतमंद इस परचम कुसाई में शिरकत कर सवाबे दारैन हासिल करेंगे। यह भी बताया गया कि परचम कुसाई से पहले शहीदी/कव्वाली का कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसमें भारी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इमामबाड़ा कमेटी के सदस्यों ने जिलेवासियों से मोहर्रम के पूरे पर्व को आपसी
सौहार्द्र, शांति और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की है। कमेटी ने मोहर्रम के अन्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी दी, जिसके अनुसार, 21 जून को पांचवीं तारीख पर परचम कुसाई होगी; 23 जून को सातवीं तारीख पर बाबा हुजूर की सवारी निकलेगी; 24 जून को आठवीं तारीख पर गिरोह का कार्यक्रम आयोजित होगा; 25 जून को नौवीं तारीख पर बाबा हुजूर की सवारी और मुरादगाह में कार्यक्रम होंगे; और वहीं, 26 जून को मोहर्रम की दसवीं तारीख पर बाबा हुजूर की सवारी के साथ मुरादगाह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संस्कारधानी जबलपुर आगमन पर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति के शहर में पहुँचने पर वहाँ उत्साह का माहौल देखा गया। नागरिकों ने राष्ट्रपति के स्वस्थ और सफल प्रवास की शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए उनका सादर अभिनंदन किया।1
- कटनी वन विभाग ने एक ऐसे 'मास्टरस्ट्रोक' का दावा किया है, जिसके तहत जंगल के उस 'दुश्मन' लैंटाना का इस्तेमाल फैक्ट्रियों में किया जाएगा, जिसे जानवर भी नहीं खाते। इस नई पहल को लेकर यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या यह कदम फैक्ट्रियों की आग को बुझाने में मददगार होगा, या फिर उसे और बढ़ाने का काम करेगा।1
- कटनी जिले के डोकरिया स्थित राशन दुकान में ग्रामीणों ने समूह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान पर उन्हें निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है।1
- मैहर जिले के अमरपाटन में संचालित मानसी गैस एजेंसी पर हाल ही में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और FIR दर्ज होने के बाद स्थानीय गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस सख्त कार्रवाई के चलते अमरपाटन के हजारों गैस कनेक्शनों को यहाँ से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एजेंसी बंद होने के कारण अब आम लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर भरवाने के लिए भीषण गर्मी और व्यस्तता के बीच 25 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। अमरपाटन और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए परेशान उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी संचालक की गलती या प्रशासनिक कमियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की गुहार लगाई है, ताकि इस मामले का पूरी तरह समाधान होने तक स्थानीय स्तर पर ही गैस सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जा सके और लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इतनी दूर जाने से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन जनता की इस बेहद जरूरी मांग पर क्या कदम उठाता है।1
- अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना पुलिस ने 19.06.2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तिपान नदी के इमली घाट क्षेत्र में एक विशेष कार्रवाई की। इस रेड के दौरान, पुलिस को मौके पर अवैध रूप से रेत से भरी हुई तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी मिलीं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। जांच में पता चला कि जब्त किए गए ट्रैक्टरों में एक जॉन डियर मॉडल 5036D, एक स्वराज मॉडल XM834 (2019), और एक जॉन डियर मॉडल 5050D (2023) शामिल थे, और तीनों पर कोई नंबर नहीं था। प्रत्येक ट्रॉली में लगभग 03 घन मीटर रेत भरी हुई थी। चालकों की पहचान जानकी राठौर (27), घनश्याम राठौर (35), और फूलचंद नापित (48) के रूप में हुई, जो सभी ग्राम चोरभठी, थाना जैतहरी के निवासी हैं। चालकों से रेत परिवहन के लिए वैध परिवहन पर्ची (टी.पी.) या संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, परंतु वे कोई भी वैध प्रमाण उपलब्ध नहीं करा सके। प्रथम दृष्टया अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर, इन तीनों ट्रैक्टरों और उनमें भरी रेत खनिज को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। जब्त की गई सामग्री का कुल मूल्य ₹14,12,000/- आंका गया है। पुलिस ने प्रचलित खनिज अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनूपपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अमर वर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें उपनिरीक्षक जे.पी.एच. तिर्की, सहायक उपनिरीक्षक विनोद विश्वकर्मा, मणिराज सिंह, सुरेश कुमार कोरी, और प्रधान आरक्षक दिनेश पाटील की सराहनीय भूमिका रही।1
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दुखद दुर्घटना हुई है। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। मलबे से निकाले गए लगभग 25 घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम इटमा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ हाल ही में बनी पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय वहाँ मौजूद लोग समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसमें सीमेंट की जगह चूने की डस्ट और निम्न गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल की गई थी। उनका कहना है कि इसी कारण टंकी मामूली दबाव भी नहीं झेल सकी और अपने आप ढह गई, जिसके बाद ग्राम पंचायत इटमा के सरपंच और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ कराया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती, और यदि टंकी गिरने के समय वहाँ अधिक लोग मौजूद होते तो बड़ा जनहानि का हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने दोषी ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई है।1
- मैहर के वार्ड 1 में स्थानीय सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बार-बार यह प्रश्न किया जा रहा है कि क्षेत्र में दिख रही स्थिति वास्तविक सफाई का उदाहरण है या केवल एक दिखावा और छलावा मात्र है।1