लुधियानी के अनुज दीक्षित पहले प्रयास में ही यूपीपीएससी पास कर बने नायब तहसीलदार बकेवर के क्षेत्र के ग्राम लुधियानी के अनुज दीक्षित ने पहले प्रयास में यूपीपीएससी की परीक्षा को पास कर लिया। अनुज को नायक तहसीलदार बनाया गया है। अनुज ने 6 से 8 घंटे की पढ़ाई करके इस परीक्षा को निकाला है। बकेवर क्षेत्र के ग्राम लुधियानी निवासी किसान रामकुमार दीक्षित के छोटे पुत्र अनुज दीक्षित ने वर्ष 2024 की पीसीएस परीक्षा में परिणाम में सफलता पाई है और उसे नायब तहसीलदार बनाया गया है। अनुज ने बताया कि वह प्रतिदिन 6 से 8 घंटे की पढ़ाई करता था। अनुज इससे पहले कानपुर से बीटेक किया था बीटेक करने के बाद अनुज ने प्राइवेट सेक्टर में एक साल तक जॉब की उसके बाद ही उसका अचानक यूपीपीएससी निकालने के प्रयास का मन हुआ था इस पर वह दिल्ली जाकर कुछ समय के लिए यूपीपीएससी की तैयारी की । परंतु वहां से कुछ समय बाद वापस आकर औरैया में रहकर ऑनलाइन तैयारी की थी अनुज की मां संध्या तिवारी औरैया गंगाराम बजाज गर्ल्स इंटर कॉलेज में उप प्रधानाचार्य हैं।अनुज अपनी मां के पास रहकर पढ़ाई करता था। अनुज के पिता रामकुमार दीक्षित ने बताया कि उनके दो बेटे हैं।
लुधियानी के अनुज दीक्षित पहले प्रयास में ही यूपीपीएससी पास कर बने नायब तहसीलदार बकेवर के क्षेत्र के ग्राम लुधियानी के अनुज दीक्षित ने पहले प्रयास में यूपीपीएससी की परीक्षा को पास कर लिया। अनुज को नायक तहसीलदार बनाया गया है। अनुज ने 6 से 8 घंटे की पढ़ाई करके इस परीक्षा को निकाला है। बकेवर क्षेत्र के ग्राम लुधियानी निवासी किसान रामकुमार दीक्षित के छोटे पुत्र अनुज दीक्षित ने वर्ष 2024 की पीसीएस परीक्षा में परिणाम में सफलता पाई है और उसे नायब तहसीलदार बनाया गया है। अनुज ने बताया कि वह प्रतिदिन 6 से 8 घंटे की पढ़ाई करता था। अनुज इससे पहले कानपुर से बीटेक किया था बीटेक करने के बाद अनुज ने प्राइवेट सेक्टर में एक साल तक जॉब की उसके बाद ही उसका अचानक यूपीपीएससी निकालने के प्रयास का मन हुआ था इस पर वह दिल्ली जाकर कुछ समय के लिए यूपीपीएससी की तैयारी की । परंतु वहां से कुछ समय बाद वापस आकर औरैया में रहकर ऑनलाइन तैयारी की थी अनुज की मां संध्या तिवारी औरैया गंगाराम बजाज गर्ल्स इंटर कॉलेज में उप प्रधानाचार्य हैं।अनुज अपनी मां के पास रहकर पढ़ाई करता था। अनुज के पिता रामकुमार दीक्षित ने बताया कि उनके दो बेटे हैं।
- ब्रेकिंग --- इटावा प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल पहुंचे भरथना बाबा श्याम का सजा दरबार भजन गायक कन्हैया मित्तल हुए शामिल जागरण में उन्होंने एक से बढ़कर एक भजन किए पेश. बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु बाबा श्याम के भजनों पर झूमे श्रद्धालु कार्यक्रम में अनियंत्रित हो रही भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को करनी पड़ी काफी मशक्कत. कार्यक्रम में एटा, मैनपुरी, कन्नौज, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली आदि स्थानों से लोग कन्हैया मित्तल को सुनाने आए थे.2
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- Post by कुमार सुनील4
- प्रतापगढ़ - कुंडा में एक युवती प्रेमी से मिलने की जिद में 70 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई, प्रेमी को बुलाने के बाद ही नीचे उतरी शादी से इनकार के बाद युवती ने यह कदम उठाया, पुलिस ने हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू की1
- Post by Urvashi singh1
- नगला केशो राय में बकरा-बकरी चोरी, पीड़ित ने पुरानी रंजिश में घटना का लगाया आरोप जसवंतनगर। थाना क्षेत्र के ग्राम नगला केशो राय में बकरा-बकरी चोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित महबूब ने आरोप लगाया है कि उसकी बकरियां पास के खेत में चर रही थीं, जिनकी देखरेख उसके बच्चे कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात लोग उसकी एक बकरा और एक बकरी चोरी कर ले गए। पीड़ित के अनुसार, इससे पहले भी उसकी बकरियां चोरी की जा चुकी थीं। उस समय मामला पकड़े जाने पर आरोपियों द्वारा मुआवजा दिया गया था। महबूब का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते ही दोबारा इस घटना को अंजाम दिया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने थाना जसवंतनगर पुलिस को नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- लवेदी/इटावा। थाना लवेदी क्षेत्र के ग्राम बसैयाहार में सैनिक के घर हुई चोरी के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुकदमे की विवेचना क्राइम ब्रांच या एसओजी को स्थानांतरित करने की मांग की है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा को प्रार्थना पत्र देकर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई गई है। प्रार्थी राजीव तिवारी पुत्र महाराज सिंह तिवारी निवासी ग्राम बसेहारा, थाना लवेदी ने बताया कि उनके घर में 8 मार्च 2026 को अज्ञात चोरों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई और लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है। पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक द्वारा कई बार गांव और घर पर आकर पूछताछ की गई, लेकिन सही तरीके से उनकी बात नहीं सुनी गई। उल्टा परिवार पर ही संदेह जताते हुए अभद्र व्यवहार किया गया और मामले की गंभीरता से जांच नहीं की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा बताए गए संदिग्ध व्यक्तियों और मोबाइल नंबरों की जांच करने के बजाय उनका मोबाइल फोन ही कुछ समय के लिए अपने कब्जे में ले लिया गया था। बताया गया कि इस संबंध में 28 मार्च 2026 को भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि थाना पुलिस के रवैये से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विवेचना किसी अन्य एजेंसी को सौंपी जाए। वहीं, सेना की ओर से भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन से शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है, ताकि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।4