चित्तौड़गढ़ जिले की पंचायत समिति भदेसर में पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर "स्वाभिमान बचाओ आंदोलन" शुरू कर कार्य बहिष्कार कर दिया है। कर्मचारियों ने राज्य सरकार से मांगों के शीघ्र समाधान की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगे। इस क्रम में, 29 जून 2026 को आयोजित विशेष ग्राम सभा का भी बहिष्कार किया गया। कर्मचारियों ने सोमवार को विकास अधिकारी अभिषेक शर्मा को ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि वे वर्ष 2013 से विभिन्न समस्याओं और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि उन पर निर्धारित जॉब प्रोफाइल से हटकर कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे लगातार कार्यभार बढ़ने और विभागीय दबाव के कारण उनमें रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि विभागीय कार्यों के दबाव के साथ-साथ राजनीतिक दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है। पंचायती राज विभाग के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और मंत्रालयिक कर्मचारियों की मूलभूत मांगों को लंबित रखने से आक्रोश बढ़ रहा है। मंत्रालयिक कर्मचारियों ने राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों, ग्रामीण सेवा शिविरों, विशेष ग्राम सभाओं और अन्य योजनाओं से संबंधित कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नारायण लाल जाट ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार समय रहते कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं करती है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, जिससे किसानों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में कर्मचारी 6 जुलाई को जयपुर में जल समाधि लेने जैसे बड़े कदम उठाने पर मजबूर होंगे। इस कार्य बहिष्कार के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष नारायण लाल जाट, प्रशासनिक अधिकारी भगवान लाल जाट, लाल मोहम्मद, रामेश्वर लाल जाट, कनिष्ठ सहायक करण सिंह चौहान, शैतान सिंह, हजारीलाल मेघवाल, सोहनलाल रेगर, भंवरलाल जाट, सुरेश चंद्र जाट, संपत जाट, मोहन सेन, राजीव गहलोत, साधना कुशवाहा, संगीता दीक्षित, गोपाल दास वैष्णव, विकास मेहता, ललित सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
चित्तौड़गढ़ जिले की पंचायत समिति भदेसर में पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर "स्वाभिमान बचाओ आंदोलन" शुरू कर कार्य बहिष्कार कर दिया है। कर्मचारियों ने राज्य सरकार से मांगों के शीघ्र समाधान की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगे। इस क्रम में, 29 जून 2026 को आयोजित विशेष ग्राम सभा का भी बहिष्कार किया गया। कर्मचारियों ने सोमवार को विकास अधिकारी अभिषेक शर्मा को ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि वे वर्ष 2013 से विभिन्न समस्याओं और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि उन पर निर्धारित जॉब प्रोफाइल से हटकर कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे लगातार कार्यभार बढ़ने और विभागीय दबाव के कारण उनमें रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि विभागीय कार्यों के दबाव के साथ-साथ राजनीतिक दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है। पंचायती राज विभाग के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और मंत्रालयिक कर्मचारियों की मूलभूत मांगों को लंबित रखने से आक्रोश बढ़ रहा है। मंत्रालयिक कर्मचारियों ने राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों, ग्रामीण सेवा शिविरों, विशेष ग्राम सभाओं और अन्य योजनाओं से संबंधित कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नारायण लाल जाट ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार समय रहते कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं करती है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, जिससे किसानों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में कर्मचारी 6 जुलाई को जयपुर में जल समाधि लेने जैसे बड़े कदम उठाने पर मजबूर होंगे। इस कार्य बहिष्कार के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष नारायण लाल जाट, प्रशासनिक अधिकारी भगवान लाल जाट, लाल मोहम्मद, रामेश्वर लाल जाट, कनिष्ठ सहायक करण सिंह चौहान, शैतान सिंह, हजारीलाल मेघवाल, सोहनलाल रेगर, भंवरलाल जाट, सुरेश चंद्र जाट, संपत जाट, मोहन सेन, राजीव गहलोत, साधना कुशवाहा, संगीता दीक्षित, गोपाल दास वैष्णव, विकास मेहता, ललित सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में दिनभर कई आयोजन सुर्खियों में रहे। इनमें कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का प्रदर्शन, श्री बालाजी सेवा संस्थान की दुर्ग संरक्षण की मांग, दशनाम गोस्वामी समाज की नई कार्यकारिणी का गठन, और 'एक शाम सुमन कल्याणपुर के नाम' संगीतमय संध्या प्रमुख थे। इसके अतिरिक्त, यूनुस खान की दरगाह जियारत, असमा खानम का सम्मान, तथा पारलिया देवरी गौ कथा महोत्सव एवं 21वें कल्याण महाकुंभ की तैयारियां भी चर्चा का विषय बनी रहीं।1
- एक व्यक्ति ने यह सुनकर गहरा दुख और मन की भारीपन व्यक्त किया कि उनके ही एक भाई ने कहा, "सिया गोयल पूरी गारंटी के साथ बहुत जल्दी बाहर आ जाएगी, क्योंकि भारत का कानून ही ऐसा बनाया गया है।" इस टिप्पणी से समाज में न्याय व्यवस्था पर लोगों के भरोसे के कमजोर पड़ने को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है, जिसे एक चिंता का विषय बताया गया है। सवाल उठाया गया है कि क्या पुरुष आयोग और पुरुष अधिकारों की वकालत करने वाले लोग केवल सोशल मीडिया पर ही अपनी आवाज़ उठाते रह जाएंगे, जबकि दूसरी ओर ऐसे मामलों में आरोपित लोगों के हौसले बढ़ते जाएंगे। इस बात का डर व्यक्त किया गया है कि यदि पुरुष अधिकारों के समर्थन में होने वाली लखनऊ की रैली और अन्य जनआंदोलनों में आवश्यक एकजुटता और जोश नहीं दिखता, तो भाई की यह आशंका सच हो सकती है। इस चिंता के बीच, एक न्यायपूर्ण व्यवस्था की पहचान के रूप में हर मामले में निष्पक्ष जांच, दोषी को कानून के अनुसार सजा और निर्दोष को न्याय मिलने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगातें मिलीं, जहाँ उनका हवाई पट्टी पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में 500 मेगावाट नीमच और 450 मेगावाट शाजापुर सोलर पार्क का उद्घाटन किया गया। साथ ही, ₹1553 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित हो रहा है और नीमच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में सोलर कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।1
- मध्य प्रदेश के नीमच में एक भव्य 'विकास महापर्व' का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र को ₹3,949 करोड़ की एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुल 162 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया और साथ ही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।1
- रेलमगरा के गोगथला ग्राम पंचायत के भारत निर्माण सेवा केंद्र पर प्रशासक छोगालाल सालवी की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास प्लस-2024 योजना की ड्राफ्ट सूची को सार्वजनिक करना, वीबीजी रामजी योजना के बारे में जानकारी देना और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तृत चर्चा करना था। ग्राम सभा के दौरान, प्रशासक छोगालाल सालवी ने प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना की ड्राफ्ट सूची का सार्वजनिक वाचन करवाया और उसे आमजन के अवलोकन के लिए चस्पा भी किया। इसके साथ ही, योजना से अभी तक वंचित रहे पात्र परिवारों से नए आवेदन भी प्राप्त किए गए। प्रशासक सालवी ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक पहुँचे, ताकि कोई भी गरीब या वंचित परिवार अपने पक्के घर के सपने को पूरा करने से वंचित न रहे। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी रवि कुमार बोहरा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक वीर सिंह जाटव, वार्ड पंच प्रतिनिधि रतनलाल पारीक, कॉन्ट्रैक्टर जगदीश चंद्र जायसवाल, सामाजिक कार्यकर्ता बंशीलाल खटीक सहित पंचायत क्षेत्र के कई ग्रामीण महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।3
- भीलवाड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अलवर-मेवात क्षेत्र से मुख्य आरोपी कायम खान (23) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी सिम और फर्जी यूपीआई आईडी का इस्तेमाल कर एक 75 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से उनकी जानकारी के बिना ₹7.05 लाख से अधिक की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी। पुलिस के अनुसार, करेड़ा थाना क्षेत्र के बड्डू निवासी 75 वर्षीय नाथू सिंह चुंडावत के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 5 मार्च 2025 को ₹7,05,683.06 शेष थे। दो महीने बाद, जब पीड़ित पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे, तो उनके खाते में केवल ₹1,063.59 बचे मिले। जांच में पता चला कि पूरी राशि यूपीआई के माध्यम से स्थानांतरित कर दी गई थी, जबकि पीड़ित न तो एंड्रॉयड मोबाइल का उपयोग करते हैं, न एटीएम कार्ड रखते हैं और न ही उन्होंने किसी को ओटीपी साझा किया था। इस मामले में साइबर थाना भीलवाड़ा में प्रकरण दर्ज कर जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी रामशरण के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी अनुसंधान और फर्जी सिम से बनाई गई यूपीआई आईडी का सुराग मिलने पर पुलिस ने अलवर के घाटी का बास चांदौली से आरोपी कायम खान को धरदबोचा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामशरण और कांस्टेबल राम प्रसाद, प्रभुराम व कुलदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस साइबर ठगी गिरोह में कायम खान के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी गई राशि को किन खातों में स्थानांतरित किया गया है।1
- यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जिसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए पुलिस ने शहर में दो वॉटर कैनन तैनात किए और सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पानी की फुहारें छोड़ीं, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने राहत महसूस की। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून के अंत में जर्मनी में 38 डिग्री तापमान सामान्य से काफी अधिक माना जाता है। यूरोप के कई देशों में यह दूसरी बड़ी हीटवेव है, जिसके कारण स्वास्थ्य एजेंसियों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती हीटवेव और रिकॉर्ड तापमान जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत हैं। यूरोप में गर्मी ने कहर बरपा रखा है, जहाँ 40 डिग्री से अधिक तापमान ने इस साल 500 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि भारत में 46 डिग्री तापमान से भी लोगों को ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता। फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और स्विटजरलैंड जैसे यूरोप के सभी देश तंदूर की भट्टी बन गए हैं। कॉपर्निकस क्लाइमेट सर्विस के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, यूरोप के कुल साढ़े आठ शहरों में से आधे शहर हीटवेव की चपेट में हैं, जिससे पावर सिस्टम ठप हो रहा है और रेल की पटरियां पिघल रही हैं। आमतौर पर यूरोप के घरों में एयर कंडीशनर नहीं होते, लेकिन अब एसी खरीदने के लिए दुकानों में भारी भीड़ और लूट मची है, जिसने गर्मी से यूरोप का हाल बेहाल कर दिया है।1