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गोहद नगर पालिका में गोसेवकों और नगर पालिका कर्मचारियों के मध्य विवाद गोहद नगर पालिका में गोसेवकों और नगर पालिका कर्मचारियों के मध्य विवाद, लंबी से पीड़ित गाय को लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे गौ सेवक
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गोहद नगर पालिका में गोसेवकों और नगर पालिका कर्मचारियों के मध्य विवाद गोहद नगर पालिका में गोसेवकों और नगर पालिका कर्मचारियों के मध्य विवाद, लंबी से पीड़ित गाय को लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे गौ सेवक
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- गोहद नगर में गाय की मौत के बाद गौ सेवकों ने नगर पालिका कार्यालय में गाय का शव रखकर किया प्रदर्शन गोहद नगर में एक बीमार गाय की मौत के बाद गौ सेवकों ने शुक्रवार को लगभग 2 बजे नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर गाय के शव को सीएमओ कार्यालय में रखकर विरोध दर्ज कराया। और नगरपालिका अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सीएमओ ने गायों की देखभाल के संबंध में अजय प्रताप सिंह के नाम का आदेश जारी कर दिया है।1
- सरकारी स्कूल में दूसरे गेट की मांग, बाउंड्री निर्माण को लेकर आमने-सामने ग्रामीण और जनपद अध्यक्ष के पति जनपद अध्यक्ष के पति को चाहिए सरकारी स्कूल में दूसरा गेट! बाउंड्री निर्माण को लेकर गांव में विवाद पोरसा। जनपद पंचायत पोरसा की ग्राम पंचायत नंद का पुरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्री निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल परिसर में एक अतिरिक्त गेट बनाए जाने की मांग के चलते बाउंड्री का निर्माण कार्य प्रभावित किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय में एक तरफ पहले से मुख्य गेट मौजूद है। वहीं पीछे की ओर बाउंड्री का कुछ हिस्सा खुला हुआ था, जिसे ईंटों की चिनाई कर बंद किया जा रहा था। आरोप है कि चिनाई किए जाने के बाद जनपद अध्यक्ष के पति द्वारा ईंटें हटवा दी गईं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल परिसर में एक और गेट बनाए जाने की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिरिक्त गेट बनाए जाने से स्कूल परिसर के रास्ते एक तरफ से दूसरी तरफ आने-जाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसी को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर स्कूल की बाउंड्री का निर्माण नियमानुसार पूरा कराने और विद्यालय परिसर की सुरक्षा एवं उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है। हालांकि, जनपद अध्यक्ष के पति का पक्ष इस मामले में सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर खबर में शामिल किया जाएगा।1
- गौ हद धाम में गौ माता की मौत पर फूटा गुस्सा जिंदा गाय की पुकार नहीं सुनी, मौत के बाद नगर पालिका में पहुंची ‘व्यवस्था’! गौ हद धाम में गौ माता की मौत पर फूटा गुस्सा जिंदा गाय की पुकार नहीं सुनी, मौत के बाद नगर पालिका में पहुंची ‘व्यवस्था’! गौ हद धाम। गौ हद धाम में एक बीमार गाय की मौत ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। गौ सेवकों का आरोप है कि पिछले दो-तीन दिनों से लगातार अधिकारियों और नगर पालिका को गाय की हालत की सूचना दी जा रही थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बताया गया कि गाय गड्ढे में फंसी हुई थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। जब सरकारी व्यवस्था से मदद नहीं मिली तो आखिरकार गौ सेवकों को स्वयं मौके पर उतरना पड़ा। उन्होंने अपने हाथों से गाय को गड्ढे से बाहर निकाला, उसकी सेवा की और आसपास की सफाई भी की। लेकिन व्यवस्था शायद तब भी ‘फाइल आने’ का इंतजार कर रही थी। गौ सेवकों के अनुसार, इसके बाद भी अगले दो दिनों तक गाय की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया और अंततः गौ माता ने दम तोड़ दिया। बस फिर क्या था… जिस नगर पालिका तक जिंदा गाय की पीड़ा की आवाज नहीं पहुंची, वहां मृत गाय खुद पहुंच गई। गौ सेवक मृत गौ माता को लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और सीएमओ कार्यालय में उसे रखकर प्रदर्शन किया। पूरे नगर पालिका परिसर में “गौ हद धाम जिंदाबाद, नगर पालिका मुर्दाबाद” के नारे गूंजते रहे। सबसे बड़ा सवाल यही है— अगर नगर पालिका को सूचना दी गई थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर सूचना नहीं मिली थी, तो शिकायत व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है? और अगर सूचना मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, तो जिम्मेदारी किसकी है? एक बेजुबान जान बचाने के लिए गौ सेवकों को गड्ढे में उतरना पड़े और उसकी मौत के बाद व्यवस्था को जगाने के लिए उसे नगर पालिका कार्यालय तक लाना पड़े—तो फिर गौ सेवा की सरकारी व्यवस्था आखिर किसके लिए है? व्यंग्य देखिए— गाय जिंदा थी तो मामला ‘देखते हैं’ पर अटका रहा, गाय मर गई तो मामला ‘जांच’ तक पहुंच गया। लेकिन सवाल यह है कि जांच से उस गौ माता की जिंदगी वापस आएगी क्या? यह घटना केवल एक गाय की मौत नहीं है। यह उस व्यवस्था के सामने खड़ा सवाल है, जो अक्सर मौत के बाद कागजों में ज्यादा सक्रिय और जिंदगी बचाने के समय जमीन पर कम दिखाई देती है। अब गौ सेवकों का सवाल सीधा है— “गौ माता की मौत का जिम्मेदार कौन?” और गौ हद धाम की जनता का सवाल इससे भी बड़ा होना चाहिए— “अगर एक बेजुबान की जान बचाने के लिए भी जनता को खुद व्यवस्था बनानी पड़े, तो नगर पालिका आखिर कर क्या रही है?” जवाब चाहिए। जिम्मेदारी चाहिए। और ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें शिकायत का जवाब गौ माता की मौत के बाद नहीं, उसकी जिंदगी रहते मिले।4
- नदी में भैंस निकालने गया युवक तेज बहाव बहा,घंटों तलाशी के बाद नहीं मिला युवक का कोई सुराग एसडीआरएफ का रेस्क्यू जारी। भिंड जिले के पांडरी गांव में युवक कुंवारी नदी से भेंस निकालने के दौरान नदी के तेज बहाव में बह गया। प्रत्यक्षदर्शी लक्ष्मन ने जानकारी देते हुए बताया कि कंछेद उर्फ वऊआ पुत्र इंद्रजीत राजावत 35 ब्रहदबल सिंह सरपंच के भतीजे 17 सितंबर को करीब डेढ़ बजे कुंवारी नदी से भेंस को निकालने के लिए नदी में उतरे थे उसी दौरान नदी के तेज बहाव में बह गए, जिसके बाद लक्ष्मन ने उन्हें डूबता देखा परिजनों को सूचना दी परिजन मौके पर पहुंचे और सरपंच ने ऊमरी पुलिस को सूचना दी जिसके बाद ऊमरी थाना प्रभारी ब्रजेंद सेंगर ने एसडीआरएफ को सूचना दी, एसडीआरएफ टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया मगर देर शाम युवक नहीं मिला,अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू बंद करना पड़ा, जिसके बाद 18 सितंबर को रेस्क्यू टीम ने सुबह फिर रेस्क्यू ऑपरेशन चालू कर उत्तर प्रदेश के सिंदोस पुल तक देखा मगर 20 घंटे बीत जाने के बाद भी युवक का पता नहीं लगा, रेस्क्यू जारी है।2
- जालौन में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर सवाललाखो की लागत. फिर भी अंधेरा जालौन। जालौन-उरई चौराहा से कोंच चौराहा तक सड़क किनारे लगी कई स्ट्रीट लाइटें पोल से पके आम की तरह गिरकर बेकार पड़ी हैं। वहीं दर्जनों खंभों पर लाइटें खराब होने से रात के समय सड़क पर अंधेरा छा जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रमुख मार्ग होने के बावजूद स्ट्रीट लाइट नहीं है । रात में अंधेरे के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लाखों रुपये के बजट से लगी स्ट्रीट लाइटों की देखरेख की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? खराब पड़ी लाइटों कियो सही नहीं कराया जा रहा नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इन खराब लाइटों की जानकारी नहीं है, या जानबूझकर ध्यान नहीं दिया जा रहा शिकायत के बावजूद व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जा रही? अब देखने वाली बात होगी कि नगर पालिका जालौन कब तक इस समस्या का संज्ञान लेकर खराब स्ट्रीट लाइटों और गिरे पोलों को दुरुस्त कराती है।1
- भिंड में वार्ड क्रमांक 28 में हिन्नारिया गली में सुरंग निकली है 16 तारीख को हल्की बारिश के बाद भिंड में हिन्नारिया गली में अचानक जमीन धंस गई, फिर निकली सुरंग1
- भिंड में नबागत एसडीएम महेंद्र सौजन्य ने समाल मोर्चा की धमाकेदार कार्रवाई भिंड में नबागत एसडीएम महेंद्र सौजन्य ने समाल मोर्चा की धमाकेदार कार्रवाई अवैध रूप से संचालित हो रही शराब की दुकान पर कार्रवाई1