पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के तहत आईसीएआर-आईआईआरआरआई, पटना के बीएससी कृषि विद्यार्थियों को बागवानी प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के छठे दिन विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक विधि से बगीचे का लेआउट तैयार करने और आंवला बागवानी की योजना बनाने का अभ्यास किया। फार्म मैनेजर मनीष कुमार ने छात्रों को वैज्ञानिक लेआउट बनाने, पौधों के बीच उचित दूरी, दिशा निर्धारण और खेत की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद विद्यार्थियों ने खेत में 8×8 मीटर की दूरी पर आंवला बागवानी के लिए लेआउट तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास किया। कार्यक्रम में डॉ. गायत्री कुमारी, डॉ. अपिता नाल्या और मनीष कुमार ने आगामी प्रशिक्षण गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए छात्रों को वीडियो निर्माण, हर्बेरियम तैयार करने और कृषि मॉडल विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और इस अर्जित ज्ञान को भविष्य में किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के तहत आईसीएआर-आईआईआरआरआई, पटना के बीएससी कृषि विद्यार्थियों को बागवानी प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के छठे दिन विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक विधि से बगीचे का लेआउट तैयार करने और आंवला बागवानी की योजना बनाने का अभ्यास किया। फार्म मैनेजर मनीष कुमार ने छात्रों को वैज्ञानिक लेआउट बनाने, पौधों के बीच उचित दूरी, दिशा निर्धारण और खेत की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी
दी। इसके बाद विद्यार्थियों ने खेत में 8×8 मीटर की दूरी पर आंवला बागवानी के लिए लेआउट तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास किया। कार्यक्रम में डॉ. गायत्री कुमारी, डॉ. अपिता नाल्या और मनीष कुमार ने आगामी प्रशिक्षण गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए छात्रों को वीडियो निर्माण, हर्बेरियम तैयार करने और कृषि मॉडल विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और इस अर्जित ज्ञान को भविष्य में किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
- पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के तहत आईसीएआर-आईआईआरआरआई, पटना के बीएससी कृषि विद्यार्थियों को बागवानी प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के छठे दिन विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक विधि से बगीचे का लेआउट तैयार करने और आंवला बागवानी की योजना बनाने का अभ्यास किया। फार्म मैनेजर मनीष कुमार ने छात्रों को वैज्ञानिक लेआउट बनाने, पौधों के बीच उचित दूरी, दिशा निर्धारण और खेत की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद विद्यार्थियों ने खेत में 8×8 मीटर की दूरी पर आंवला बागवानी के लिए लेआउट तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास किया। कार्यक्रम में डॉ. गायत्री कुमारी, डॉ. अपिता नाल्या और मनीष कुमार ने आगामी प्रशिक्षण गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए छात्रों को वीडियो निर्माण, हर्बेरियम तैयार करने और कृषि मॉडल विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और इस अर्जित ज्ञान को भविष्य में किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया।2
- पकड़ीदयाल अनुमंडलीय अस्पताल में डायलिसिस ओपीडी सेवा की शुरुआत की गई है। इस नई डायलिसिस सुविधा का औपचारिक उद्घाटन डीएसपी कुमार चंदन ने किया।1
- गिरिडीह में एक पिता ने अपनी बेटी के प्रेमी को गोली मार दी है। सनसनीखेज वारदात के अंजाम के बाद आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना का न्यूज वीडियो वायरल होने के बाद खबर को तेजी से शेयर किया जा रहा है।1
- बिहार के साहेबगंज बाजार में छात्रों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग को लेकर "Peaceful March For Education" निकाला। हाथों में बैनर-पोस्टर लिए दर्जनों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और "No Politics, No Hate, Only Education" का नारा लगाते हुए शिक्षा को राजनीति व नफरत से दूर रखने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने "We Want Quality Education For Every Student", "Education Is Our Right" और "Better Education Better Future" लिखे बैनर उठा रखे थे। इस मार्च की खास बात यह रही कि छात्रों ने लद्दाख के शिक्षाविद सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में भी जमकर नारेबाजी की। बैनर पर "We Support Sonam Wangchuk And His Peaceful March For Better Education" लिखकर छात्रों ने कहा कि जिस तरह वांगचुक शिक्षा और पर्यावरण के लिए आवाज उठा रहे हैं, उसी तर्ज पर उन्हें भी अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी हिस्सा लिया और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों व संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाते हुए गांव के बच्चों को भी शहर जैसी शिक्षा देने की मांग की। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शिक्षा नीति और शिक्षा में राजनीति न होना शामिल है। बाजार में निकले इस मार्च के कारण कुछ देर के लिए आवागमन प्रभावित हुआ, लेकिन जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। स्थानीय लोगों ने छात्रों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि युवा शिक्षा के लिए सड़कों पर आएंगे तो व्यवस्था में सुधार जरूर होगा।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई विरोध की चिंगारी अब बिहार पहुँच चुकी है। इस मुद्दे को लेकर राजधानी पटना में जमकर हंगामा देखने को मिला है।1
- बिहार विधानसभा में आज बिहार विधानसभा राज (संशोधन) विधेयक 2026 पारित हो गया है। सदन में इस विधेयक को पेश करते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने अपना वक्तव्य रखा और विधेयक के संबंध में बात कही।1
- मुज़फ़्फ़रपुर के साहिबगंज विधानसभा 98 क्षेत्र अंतर्गत पकड़ी बशारत पंचायत के भीमपुरा गांव स्थित सरकारी स्कूल में बच्चों के लिए पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। स्कूल में छात्रों के लिए एक भी चापाकल मौजूद नहीं है, जिसके कारण बच्चे पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। लाइट चले जाने पर स्कूल में लगा समरसेबल भी काम नहीं करता, जिससे पेयजल की समस्या और अधिक विकराल हो जाती है। भीमपुरा सरकारी स्कूल में बच्चों की इस परेशानी को दूर करने के लिए जल्द से जल्द चापाकल की व्यवस्था कर समाधान निकालने की मांग की गई है।2
- पूर्वी चंपारण के मधुबन में मचान संगठन के नेतृत्व में दिल्ली में हुए लाठीचार्ज और हिंसा की घटना के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। मचान संगठन की अगुवाई में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक और दिल्ली में हुई लाठीचार्ज की घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला, जहाँ लोगों ने सरकार के रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1