आंदोलन से नहीं तो अब गोली से होगी शराब बंद? शिवपुरी जिले मे जगह जगह शिवपुरी में शराब के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा, कई गांवों में सड़क पर उतरी महिलाएं शिवपुरी। जिले में शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से अलग-अलग गांवों में महिलाएं शराब दुकानों और कथित अवैध शराब कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल रही हैं। कहीं शराब की पेटियां सड़क पर रखकर तोड़ी गईं तो कहीं बोतलें फोड़कर विरोध जताया गया। अमोल, मनपुरा, थरखेड़ा और अन्य इलाकों में हुए प्रदर्शनों के बाद अब मामला प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। लाठी लेकर दुकान तक पहुंचीं महिलाएं भौंती क्षेत्र के मनपुरा में महिलाओं ने शराब बिक्री के विरोध में पैदल मार्च निकाला और हाथों में लाठियां तथा शराब की बोतलें लेकर थाने पहुंचीं। महिलाओं ने थाने के सामने बोतलें फोड़कर अपना विरोध जताया। उनका आरोप है कि क्षेत्र में शराब आसानी से उपलब्ध होने से परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ रहा है। अमोल में पुलिस-आबकारी टीम से भिड़ंत अमोल गांव में शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस-आबकारी टीम के बीच विवाद की स्थिति बन गई। रिपोर्टों के मुताबिक स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस और आबकारी कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट तक की नौबत आ गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि भीड़ में कुछ उपद्रवी तत्व शामिल हो गए थे और कानून हाथ में लेने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। थरखेड़ा में शराब की पेटियां सड़क पर अमोला थाना क्षेत्र के थरखेड़ा गांव में भी महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं ने दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर रखीं और लाठियों से उन्हें तोड़ दिया। महिलाओं की मांग है कि शराब दुकान को गांव से हटाया जाए। कई जगहों पर सामने आया विरोध सिरसौद क्षेत्र में भी महिलाओं द्वारा शराब दुकान के विरोध में दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालने और विरोध प्रदर्शन की खबर सामने आई। लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों से संकेत मिल रहा है कि शराब बिक्री को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का असंतोष लगातार बढ़ रहा है। पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती विरोध अब केवल ज्ञापन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। कुछ स्थानों पर शराब की बोतलें तोड़ने, दुकानों में तोड़फोड़ और पुलिस-आबकारी टीम से टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग घटनाओं में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है। सबसे बड़ा सवाल: महिलाओं का कहना है कि जब बार-बार शिकायत और आंदोलन के बावजूद शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लगती, तो आखिर प्रशासन कब ठोस कार्रवाई करेगा? वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में लेने की घटनाएं भी चिंता बढ़ा रही हैं। नोट: “आंदोलन से नहीं तो अब गोली से होगी शराब बंद” पंक्ति को खबर में प्रश्न/आक्रोश के संकेतक शीर्षक के रूप में रखा गया है। उपलब्ध स्रोतों में महिलाओं द्वारा गोली चलाने या गोली से शराब बंद कराने की कोई पुष्ट घटना नहीं मिली है।
आंदोलन से नहीं तो अब गोली से होगी शराब बंद? शिवपुरी जिले मे जगह जगह शिवपुरी में शराब के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा, कई गांवों में सड़क पर उतरी महिलाएं शिवपुरी। जिले में शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से अलग-अलग गांवों में महिलाएं शराब दुकानों और कथित अवैध शराब कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल रही हैं। कहीं शराब की पेटियां सड़क पर रखकर तोड़ी गईं तो कहीं बोतलें फोड़कर विरोध जताया गया। अमोल, मनपुरा, थरखेड़ा और अन्य इलाकों में हुए प्रदर्शनों के बाद अब मामला प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। लाठी लेकर दुकान तक पहुंचीं महिलाएं भौंती क्षेत्र के मनपुरा में महिलाओं ने शराब बिक्री के विरोध में पैदल मार्च निकाला और हाथों में लाठियां तथा शराब की बोतलें लेकर थाने पहुंचीं। महिलाओं ने थाने के सामने बोतलें फोड़कर अपना विरोध जताया। उनका आरोप है कि क्षेत्र में शराब आसानी से उपलब्ध होने से परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ रहा है। अमोल में पुलिस-आबकारी टीम से भिड़ंत अमोल गांव में शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस-आबकारी टीम के बीच विवाद की स्थिति बन गई। रिपोर्टों के मुताबिक स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस और आबकारी कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट तक की नौबत आ गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि भीड़ में कुछ उपद्रवी तत्व शामिल हो गए थे और कानून हाथ में लेने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। थरखेड़ा में शराब की पेटियां सड़क पर अमोला थाना क्षेत्र के थरखेड़ा गांव में भी महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं ने दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर रखीं और लाठियों से उन्हें तोड़ दिया। महिलाओं की मांग है कि शराब दुकान को गांव से हटाया जाए। कई जगहों पर सामने आया विरोध सिरसौद क्षेत्र में भी महिलाओं द्वारा शराब दुकान के विरोध में दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालने और विरोध प्रदर्शन की खबर सामने आई। लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों से संकेत मिल रहा है कि शराब बिक्री को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का असंतोष लगातार बढ़ रहा है। पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती विरोध अब केवल ज्ञापन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। कुछ स्थानों पर शराब की बोतलें तोड़ने, दुकानों में तोड़फोड़ और पुलिस-आबकारी टीम से टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग घटनाओं में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है। सबसे बड़ा सवाल: महिलाओं का कहना है कि जब बार-बार शिकायत और आंदोलन के बावजूद शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लगती, तो आखिर प्रशासन कब ठोस कार्रवाई करेगा? वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में लेने की घटनाएं भी चिंता बढ़ा रही हैं। नोट: “आंदोलन से नहीं तो अब गोली से होगी शराब बंद” पंक्ति को खबर में प्रश्न/आक्रोश के संकेतक शीर्षक के रूप में रखा गया है। उपलब्ध स्रोतों में महिलाओं द्वारा गोली चलाने या गोली से शराब बंद कराने की कोई पुष्ट घटना नहीं मिली है।
- आंदोलन से नहीं तो अब गोली से होगी शराब बंद? शिवपुरी जिले मे जगह जगह शिवपुरी में शराब के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा, कई गांवों में सड़क पर उतरी महिलाएं शिवपुरी। जिले में शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से अलग-अलग गांवों में महिलाएं शराब दुकानों और कथित अवैध शराब कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल रही हैं। कहीं शराब की पेटियां सड़क पर रखकर तोड़ी गईं तो कहीं बोतलें फोड़कर विरोध जताया गया। अमोल, मनपुरा, थरखेड़ा और अन्य इलाकों में हुए प्रदर्शनों के बाद अब मामला प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। लाठी लेकर दुकान तक पहुंचीं महिलाएं भौंती क्षेत्र के मनपुरा में महिलाओं ने शराब बिक्री के विरोध में पैदल मार्च निकाला और हाथों में लाठियां तथा शराब की बोतलें लेकर थाने पहुंचीं। महिलाओं ने थाने के सामने बोतलें फोड़कर अपना विरोध जताया। उनका आरोप है कि क्षेत्र में शराब आसानी से उपलब्ध होने से परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ रहा है। अमोल में पुलिस-आबकारी टीम से भिड़ंत अमोल गांव में शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस-आबकारी टीम के बीच विवाद की स्थिति बन गई। रिपोर्टों के मुताबिक स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस और आबकारी कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट तक की नौबत आ गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि भीड़ में कुछ उपद्रवी तत्व शामिल हो गए थे और कानून हाथ में लेने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। थरखेड़ा में शराब की पेटियां सड़क पर अमोला थाना क्षेत्र के थरखेड़ा गांव में भी महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं ने दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर रखीं और लाठियों से उन्हें तोड़ दिया। महिलाओं की मांग है कि शराब दुकान को गांव से हटाया जाए। कई जगहों पर सामने आया विरोध सिरसौद क्षेत्र में भी महिलाओं द्वारा शराब दुकान के विरोध में दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालने और विरोध प्रदर्शन की खबर सामने आई। लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों से संकेत मिल रहा है कि शराब बिक्री को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का असंतोष लगातार बढ़ रहा है। पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती विरोध अब केवल ज्ञापन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। कुछ स्थानों पर शराब की बोतलें तोड़ने, दुकानों में तोड़फोड़ और पुलिस-आबकारी टीम से टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग घटनाओं में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है। सबसे बड़ा सवाल: महिलाओं का कहना है कि जब बार-बार शिकायत और आंदोलन के बावजूद शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लगती, तो आखिर प्रशासन कब ठोस कार्रवाई करेगा? वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में लेने की घटनाएं भी चिंता बढ़ा रही हैं। नोट: “आंदोलन से नहीं तो अब गोली से होगी शराब बंद” पंक्ति को खबर में प्रश्न/आक्रोश के संकेतक शीर्षक के रूप में रखा गया है। उपलब्ध स्रोतों में महिलाओं द्वारा गोली चलाने या गोली से शराब बंद कराने की कोई पुष्ट घटना नहीं मिली है।1
- सवारी ऑटो में खाद सीमेंट ढुलाई से लोडिंग वाहन चालक परेशान सवारी ऑटो में खाद-सीमेंट ढुलाई से लोडिंग वाहन चालक परेशान कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग, बोले- काम नहीं मिल रहा अशोकनगर में सवारी ऑटो में यात्रियों की जगह खाद, सीमेंट, सरिया और पाइप जैसे सामान की ढुलाई की जा रही है। इससे लोडिंग वाहन चालकों को काम नहीं मिल रहा है। मंगलवार को एकता लोडिंग यूनियन के चालकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि शहर के ज्यादातर ऑटो का इस्तेमाल सामान ढोने के लिए होता है। सवारी ऑटो चालक भी खाद की बोरी, सीमेंट, सरिया, बल्लियां और पाइप जैसे सामान भरकर ले जा रहे हैं। इससे लोडिंग वाहन चालकों को काम नहीं मिल पा रहा है। चालकों का कहना है कि सवारी ऑटो में क्षमता से ज्यादा सामान ले जाने से आए दिन विवाद भी होते हैं। उन्होंने ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी थी, पर समस्या का कोई हल नहीं निकला। चालकों के मुताबिक, यूनियन ने कहा कि शिकायत करने से भी कुछ नहीं होगा। लोडिंग वाहन चालकों ने बताया कि काम न मिलने से उनके वाहनों की किस्तें जमा नहीं हो पा रही हैं। परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से सवारी ऑटो में सामान की ढुलाई और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें काम मिल सके।2
- काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम। *काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम।* छबड़ा विधान सभाक्षेत्र:छीपाबड़ौद के सारथल:के निकट काकोनी ग्राम में गणेश चतुर्थी पर इतिहास और पर्यावरण प्रेमी दौलत राम नागर के नेतृत्व में सोमवार को दर्शनार्थियों का एक दल जिसमें दौलतराम नागर,दुर्गालाल नागर,राजेन्द्र कुशवाह,नन्दसिंह गुर्जर,पवन कुमार गोचर, लोकेश गुर्जर,रामदयाल नागर, मेघराज मेघवाल, महावीर नागर, रमेशचंद नागर,धन्नालाल मीणा,सुरेश कुशवाह,मुकेश कुशवाह सामिल रहे पहुंचा काकोनी।इस समय यहां ही नही गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता के जन्मोत्सव पर पूरे हाड़ौती में भक्ति का माहौल है,लेकिन जिले के सबसे प्राचीन गणेश स्थल काकोनी में आस्था और उपेक्षा दोनों एक साथ दिखाई दे रही हैं।भ्रमण पर गये दल के सदस्यों ने भूगोल के सेवा निवृत व्याख्याता को काकोनी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बारां जिले के छीपाबड़ौद से करीब 15 किलोमीटर दूर सारथल के पास परवन नदी के तट पर बसा काकोनी एक प्राचीन ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल है। यहां 8वीं से 12वीं शताब्दी के बीच बने शिव,वैष्णव और जैन शैली के दर्जनों खण्डहर,मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं। इन्हीं में से एक है काकोनी के गणेश जी का प्राचीन मंदिर, जिसे स्थानीय लोग बड़ी आस्था से पूजते हैं।कहा जाता है कि परवन की कल-कल धारा के किनारे तपोभूमि रही इस नगरी में कभी 108 मंदिरों का समूह था।आज अधिकांश मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। यह स्थल पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है, विभाग द्वारा देखरेख तो की जाती है, लेकिन बड़े स्तर पर संरक्षण और पुनरुद्धार की दरकार है। *गणेश चतुर्थी पर विशेष महत्व* पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। गणेश जी को प्रथम पूज्य, बुद्धि,समृद्धि और विघ्नहर्ता कहा गया है। इस दिन गणेश दर्शन और पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के विघ्न दूर होते हैं। मान्यता है कि काकोनी के इस प्राचीन गणेश की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों को रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है।आज के दिन यहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। *पर्यटकों के लिए नहीं है कोई सुविधा* इतना महत्वपूर्ण स्थल होने के बाद भी यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए रहने,खाने-पीने,सोने की कोई सुविधा नहीं है।पहले यहां यात्रियों के लिए बनी भोजनशाला भी अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पीने के शुद्ध पानी और छाया तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। बरसात में परवन नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता भी दुर्गम हो जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों की मांग है कि प्रशासन और पुरातत्व विभाग काकोनी को पर्यटन मानचित्र पर विकसित करे।यदि यहां धर्मशाला,शौचालय,पेयजल और भोजनशाला की सुविधा पुनः शुरू की जाए, तो यह स्थल बारां का प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन सकता है। साथ ही प्राचीन मूर्तियों और मंदिरों के वैज्ञानिक संरक्षण की भी आवश्यकता है।"काकोनी हाड़ौती की धरोहर है। गणेश चतुर्थी पर यहां का दर्शन विशेष फलदायी माना जाता है,लेकिन सुविधाओं के अभाव में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है दल के सभी सदस्यों ने मांग की है कि वर्तमान सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।"4
- पीएम श्री दानमल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान मेले का भव्य आयोजन विद्यालय में विज्ञान मेले का भव्य आयोजन छीपाबड़ौद / बारां पीएम श्री दानमल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छीपाबड़ौद में आज विज्ञान मेले का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस मेले में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न नवाचारी एवं शैक्षणिक मॉडलों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों — विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य एवं एसडीएमसी सदस्य *विक्रम सिंह हाड़ा*, नागरिक सहकारी बैंक के चेयरमैन *पीयूष मेवाड़ा* और *अब्दुल कय्यूम* की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त विज्ञान अध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकागण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। मेले में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विविध मॉडल प्रदर्शित किए गए, जिनमें सौरमंडल मॉडल, जल संरक्षण मॉडल, चंद्रयान-3 मॉडल, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, स्मार्ट कृषि तकनीक तथा नवीकरणीय ऊर्जा आधारित परियोजनाएँ प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने अपने-अपने मॉडलों के कार्यान्वयन, विज्ञान सिद्धांत एवं उपयोगिता के बारे में आगंतुकों को विस्तार से जानकारी दी। विज्ञान मेला प्रभारी *सारोन डिक्सन, कौशल किशोर* ने बताया कि प्रदर्शनी में *प्रथम स्थान अनिल ऐरवाल, अनुराग लोधा* को हाइड्रोपोनिक्स मॉडल के लिए, *द्वितीय स्थान विपिन, ललित* को अर्थक्वेक अलार्म के लिए तथा *तृतीय स्थान कनक वैष्णव* को स्मार्ट एग्रीकल्चर फार्मिंग के लिए प्रदान कर पारितोषिक दिए गए। प्रधानाचार्य *चैतन्यस्वरूप माहेश्वरी* ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि, _"आज के बाल वैज्ञानिक ही कल के भारत का निर्माण करेंगे। विज्ञान मेला जैसे आयोजन विद्यार्थियों में अनुसंधान, नवाचार एवं वैज्ञानिक स्वभाव को विकसित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।"_ अंत में विज्ञान विषय के व्याख्याता *प्राणनाथ गौतम, शराफत अली* और वरिष्ठ अध्यापक *नरेंद्र कुमार* ने विद्यार्थियों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।4
- केलवाड़ा क्षेत्र के नाटई गांव में खेत से अवैध ट्रांसफार्मर जब्त केलवाड़ा कस्बे के निकट नाटई गांव में विद्युत विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए खेत से 16 केवी का अवैध विद्युत ट्रांसफार्मर जब्त किया। समरानियां विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता संजय मीना ने बताया कि ग्रामीण से मिली सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंची, जहां ट्रांसफार्मर संचालित मिला। टीम ने ट्रांसफार्मर जब्त कर लिया। हालांकि मामले में किसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। सहायक अभियंता ने ग्रामीणों से अपील की कि अवैध ट्रांसफार्मर अथवा विद्युत चोरी की सूचना तत्काल विभाग को दें।1
- CM के कार्यक्रम में जाने को लेकर शिक्षकों और DEO में बहस, VIDEO वायरल आगर मालवा में रविवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ड्यूटी/उपस्थिति को लेकर हुआ विवाद, बातचीत के दौरान बढ़ी बहस आगर मालवा। मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर शिक्षकों और जिला शिक्षा अधिकारी के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मामला रविवार 13 सितंबर का है, जब मुख्यमंत्री का जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वायरल वीडियो में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारी के बीच कार्यक्रम में जाने को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस की स्थिति बनती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को आगर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा लाड़ली बहना योजना की सितंबर माह की राशि हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित करने के साथ जिले को विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात दिए जाने का कार्यक्रम था। प्रशासन ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हितग्राहियों के पहुंचने की व्यवस्था की थी। कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल शिक्षकों और जिला शिक्षा अधिकारी के बीच हुई बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर ऐसा क्या विवाद हुआ कि सामान्य बातचीत बहस में बदल गई? हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। वीडियो में दिखाई दे रही बातचीत का संदर्भ और दोनों पक्षों का पूरा पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर महेश कुमार जाटव को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है। फिलहाल वायरल वीडियो ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शिक्षकों की ड्यूटी/उपस्थिति को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।1
- जरंग दल वालों ने भैंस चुराई ओबीसी एससी एसटी हो जाओ तैयार साथियों बजरंग दल के गुंडो को जूता मारो सालों को ग्राम पिपरई लोधी ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार के कपड़े जलाने वाले गुंडो को जूता मारो सालों को पुलिस प्रशासन देख रही दंगा इन गुंडो पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करो नहीं तो आंदोलन किया जाएगा एक बड़ा अशोकनगर में ओबीसी महासभा भीम आर्मी जायस संगठन हो जाओ तैयार साथियों और लोधी समाज के व्यक्ति को नंगा करके घुमाया जिला अशोकनगर के ग्राम पिपरई में लोधी समाज के व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी पर उसकी सजा कानूनी रूप से मिलनी चाहिए ठीक है लेकिन बजरंग दल वालों ने उसके साथ मारपीट की पूरे गांव में नंगा घुमाया गया बजरंग दल वालों ने भैंस चोरी की पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई मासूम बच्चों के साथ मारपीट की गई उसके मकान पर बुलडोजर चलाया गया यह क्या संवैधानिक न्याय हैं उन अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है अपराधी के परिवार को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता या उसकी संपत्ति मकान पर बुलडोजर नहीं चल सकता1
- मक्सूदनगढ़ के करेला गांव में कुएं में मिला नाबालिक के शव के बाद, आज फिर मामला हुआ गरम मक्सूदनगढ़ के करेला गांव में कुएं में मिला नाबालिक के शव के बाद, आज फिर मामला हुआ गरम1