*यूएमएस डुमरी में एसएमसी चुनाव दूसरी बार भी टला,* *ग्रामीणों में नाराजगी पर्यवेक्षक के नहीं पहुंचने से सैकड़ों ग्रामीणों को लौटना पड़ा,* हंटरगंज (चतरा): प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरीकला में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का चुनाव दूसरी बार भी स्थगित हो गया।शनिवार को चुनाव को लेकर सैकड़ों ग्रामीण विद्यालय परिसर पहुंचे थे, लेकिन निर्धारित समय पर पर्यवेक्षक के नहीं पहुंचने के कारण चुनाव नहीं हो सका। चुनाव स्थगित होने के बाद ग्रामीणों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। लगातार दूसरी बार चुनाव टलने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण चुनाव की प्रक्रिया बार-बार प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले 28 जुलाई को भी एसएमसी चुनाव को लेकर बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन उस दिन भी चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।शनिवार को दोबारा चुनाव की तिथि निर्धारित की गई थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंचे थे।विद्यालय की प्राचार्य रूपा कुमारी ने बताया कि पर्यवेक्षक के विद्यालय नहीं पहुंचने के कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा। वहीं, पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि छुट्टी पर रहने की सूचना विद्यालय को एक दिन पहले ही दे दी गई थी।लगातार दूसरी बार चुनाव स्थगित होने को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं भी हैं। कुछ ग्रामीणों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया समय पर और सभी निर्धारित नियमों के तहत पूरी होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की आशंका या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए शीघ्र नई तिथि निर्धारित कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से एसएमसी चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया में बार-बार आ रही बाधा की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की है।
*यूएमएस डुमरी में एसएमसी चुनाव दूसरी बार भी टला,* *ग्रामीणों में नाराजगी पर्यवेक्षक के नहीं पहुंचने से सैकड़ों ग्रामीणों को लौटना पड़ा,* हंटरगंज (चतरा): प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरीकला में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का चुनाव दूसरी बार भी स्थगित हो गया।शनिवार को चुनाव को लेकर सैकड़ों ग्रामीण विद्यालय परिसर पहुंचे थे, लेकिन निर्धारित समय पर पर्यवेक्षक के नहीं पहुंचने के कारण चुनाव नहीं हो सका। चुनाव स्थगित होने के बाद ग्रामीणों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। लगातार दूसरी बार चुनाव टलने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण चुनाव की प्रक्रिया बार-बार प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले 28 जुलाई को भी एसएमसी चुनाव को लेकर बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन उस दिन भी चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।शनिवार को दोबारा चुनाव की तिथि निर्धारित की गई थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंचे थे।विद्यालय की प्राचार्य रूपा कुमारी ने बताया कि पर्यवेक्षक के विद्यालय नहीं पहुंचने के कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा। वहीं, पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि छुट्टी पर रहने की सूचना विद्यालय को एक दिन पहले ही दे दी गई थी।लगातार दूसरी बार चुनाव स्थगित होने को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं भी हैं। कुछ ग्रामीणों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया समय पर और सभी निर्धारित नियमों के तहत पूरी होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की आशंका या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए शीघ्र नई तिथि निर्धारित कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से एसएमसी चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया में बार-बार आ रही बाधा की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की है।
- *यूएमएस डुमरी में एसएमसी चुनाव दूसरी बार भी टला,* *ग्रामीणों में नाराजगी पर्यवेक्षक के नहीं पहुंचने से सैकड़ों ग्रामीणों को लौटना पड़ा,* हंटरगंज (चतरा): प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरीकला में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का चुनाव दूसरी बार भी स्थगित हो गया।शनिवार को चुनाव को लेकर सैकड़ों ग्रामीण विद्यालय परिसर पहुंचे थे, लेकिन निर्धारित समय पर पर्यवेक्षक के नहीं पहुंचने के कारण चुनाव नहीं हो सका। चुनाव स्थगित होने के बाद ग्रामीणों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। लगातार दूसरी बार चुनाव टलने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण चुनाव की प्रक्रिया बार-बार प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले 28 जुलाई को भी एसएमसी चुनाव को लेकर बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन उस दिन भी चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।शनिवार को दोबारा चुनाव की तिथि निर्धारित की गई थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंचे थे।विद्यालय की प्राचार्य रूपा कुमारी ने बताया कि पर्यवेक्षक के विद्यालय नहीं पहुंचने के कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा। वहीं, पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि छुट्टी पर रहने की सूचना विद्यालय को एक दिन पहले ही दे दी गई थी।लगातार दूसरी बार चुनाव स्थगित होने को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं भी हैं। कुछ ग्रामीणों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया समय पर और सभी निर्धारित नियमों के तहत पूरी होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की आशंका या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए शीघ्र नई तिथि निर्धारित कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से एसएमसी चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया में बार-बार आ रही बाधा की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की है।1
- गया जी: एक PDS डीलर के वर्षों से सरकारी गोदाम में कार्यरत रहने के आरोपों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 📌1
- कोंच के हसनपुर में जलजमाव और कीचड़ से ग्रामीण बेहाल, 15 साल पुरानी सोलिंग ध्वस्त कोंच, गया | कोंच के हसनपुर में जलजमाव और कीचड़ से ग्रामीण बेहाल, 15 साल पुरानी सोलिंग ध्वस्त कोंच, गया | 8 अगस्त 2026 कोंच प्रखंड की ग्राम पंचायत चबूरा के हसनपुर गांव में बारिश के बाद जलजमाव और कीचड़ ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव की गलियों में करीब आधा फीट तक कीचड़ जमा होने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में महादेव स्थान से राम विलास यादव के घर तक जाने वाला रास्ता और राजेंद्र यादव के घर से पूर्व दिशा में सियाराम यादव के घर की ओर जाने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाल है। बताया जा रहा है कि करीब 15 वर्ष पुरानी सोलिंग पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। बारिश होते ही रास्ते पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कराने, सड़क की मरम्मत कराने और रास्ते को चलने लायक बनाने की मांग की है। अब सवाल यह है कि बारिश के हर मौसम में ग्रामीणों को इसी तरह की परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है? प्रशासन कब इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? हसनपुर के ग्रामीणों को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर कार्रवाई का इंतजार है।1
- नगर निगम गयाजी के महापौर विरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान एवं नगर आयुक्त डॉoगगन कुमार के द्वारा सफाईकर्मियों, चालकों के बीच अंगवस्त्र एवं रैनकोट का वितरण स्टेशन रोड स्थित नगर निगम स्टोर के प्रांगण में किया गया।1
- ओबीपुर एवं उदरदाना से 25 लीटर महुआ शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, शराब तस्करों में मचा हड़कंप अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नवीनगर प्रखंड की बड़ेम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने थाना क्षेत्र के ओबीपुर एवं उदरदाना गांव में छापेमारी कर 25 लीटर देशी महुआ शराब बरामद की और मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप पासवान (पिता- सुरेश पासवान) तथा प्रमोद राजवंशी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष अमरजीत चौधरी ने बताया कि बताया कि शुक्रवार को यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी कीमत पर शराब कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अवैध शराब से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके। #BreakingNews #BharatCrimeLiveNews #AurangabadPolice #BiharPolice #Nabinagar #LiquorSeizure #Prohibition #CrimeNews1
- गया जिले में अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलैब के विरुद्ध चलेगा विशेष अभियान* *अवैध संस्थानों को तत्काल सील कर FIR दर्ज कराने का निर्देश*1
- विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन l दिनांक :- 08.08.2026 आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी की अध्यक्षता में प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी हरिदास सेमिनरी गया में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी, निदेशक nep,dpo द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था से संबंधित एक वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत विषय पर विस्तृत परिचर्चा आयोजित हुई। अपने संबोधन में जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं।वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू होने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को पहली बार रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि बीते लगभग 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं उनकी आजीविका को संबल प्रदान करने में यह योजना अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। डायरेक्टर nep ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य एक ओर ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है, वहीं दूसरी ओर उनके श्रम के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधाओं का विकास, तालाब एवं पोखरों का जीर्णोद्धार, पौधारोपण, खेल मैदान, विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं सहित टिकाऊ एवं जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इन्हीं उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू की गई है। Dpo ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था पूर्व की योजनाओं का पूर्णतः प्रतिस्थापन नहीं है, बल्कि उनके सफल एवं प्रभावी प्रावधानों को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक सुधार किए गए हैं। कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों का "लीव पीरियड" निर्धारित किया गया है तथा रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार उपलब्ध होगा तथा कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित रहेगी। डायरेक्टर nep ने बताया कि अब योजनाओं के लिए संसाधनों का आवंटन राज्यों की वास्तविक आवश्यकता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे अधिक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सकेगा। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग एवं अन्य योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी, छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्षों की मरम्मत एवं अनुरक्षण, ग्रामीण हाट-बाजार का विकास, पंचायत स्तर पर जल निकासी व्यवस्था, मुक्तिधाम, तालाब एवं पोखरों का विकास, पौधारोपण, जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल एवं जीआईएस आधारित योजना निर्माण के माध्यम से विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाकर उनका पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से आह्वान किया कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। *कार्यक्रम में सभी माननीय जिला परिषद सदस्य, सभी पंचायत समिति सदस्य एवं सभी मुखिया उपस्थित रहें.*1
- मगध रेंज के आईजी के निर्देश पर कोंच प्रखंड के आंती थाना परिसर में 'लोक संवाद गोष्ठी' का आयोजन किया गया। मगध रेंज के आईजी के निर्देश पर कोंच प्रखंड के आंती थाना परिसर में 'लोक संवाद गोष्ठी' का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना और जन-समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट त्वरित समाधान करना है।📌 मुख्य बिंदु और उद्देश्य:सीधा संवाद: आम जनता सीधे पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी सामूहिक और प्रशासनिक समस्याएं रख सकती है।त्वरित समाधान: शिकायतों को सुनकर मौके पर ही उनका निपटारा करने का प्रयास किया जाता है।नियमित आयोजन: यह कार्यक्रम हर महीने के पहले शनिवार को आयोजित किया जाता है।जवाबदेही: आईजी के सख्त निर्देशानुसार, थानों में आने वाले हर आवेदन की रिसीविंग देना अनिवार्य है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।1