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#रक्तदान_महादान_इससे_बड़ा_ना_कोई_दूजा_दान PVM 🩸🩸🩸 DC Gumla #प्रेरणा_दीक्षित मैम को इस मानवीय पहल के लिए #पेलावल_विकास_मंच (PVM) परिवार की ओर से दिल की गहराईयों से Salute. आपके रक्तदान करने से #गुमला ही नहीं बल्कि #झारखंड के हर जिले के युवा-युवतियों एवं महिलाओं को अवश्य प्रेरणा मिलनी चाहिए... Hats off to thee mam!!! 💐👏 #DonateBloodSaveLife #blooddonation #BloodDonationCamp #gumla
M.Haque Bharti
#रक्तदान_महादान_इससे_बड़ा_ना_कोई_दूजा_दान PVM 🩸🩸🩸 DC Gumla #प्रेरणा_दीक्षित मैम को इस मानवीय पहल के लिए #पेलावल_विकास_मंच (PVM) परिवार की ओर से दिल की गहराईयों से Salute. आपके रक्तदान करने से #गुमला ही नहीं बल्कि #झारखंड के हर जिले के युवा-युवतियों एवं महिलाओं को अवश्य प्रेरणा मिलनी चाहिए... Hats off to thee mam!!! 💐👏 #DonateBloodSaveLife #blooddonation #BloodDonationCamp #gumla
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- हजारीबाग रामनवमी का पहला मंगला जुलूस ।1
- Post by Boltajharkhand1
- हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में रामनवमी महोत्सव को लेकर हर वर्ष की तरह इस बार भी उत्साह चरम पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हजारीबाग की रामनवमी की चर्चा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक होती है। रामभक्तों के इस महापर्व को लेकर शहर में विशेष तैयारियां की जाती हैं और होली के समापन के साथ ही रामनवमी उत्सव की तैयारियां प्रारंभ हो जाती हैं। इसी क्रम में मंगलवार की देर शाम हजारीबाग में भव्य मंगला जुलूस निकाला गया। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित रामभक्तों की टोलियां, हाथों में ध्वज-पताका और जयघोष के साथ पूरे शहर में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण बना रही थीं। जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों और सामाजिक संगठनों की आकर्षक झांकियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। जैसे ही मंगला जुलूस शहर के प्रमुख स्थल झंडा चौक पहुंचा, वहां रामभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। “जय श्री राम” के गगनभेदी उद्घोष से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी जुलूस के स्वागत और दर्शन के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। प्रशासन और रामनवमी समिति के सहयोग से जुलूस को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनी रही। हजारीबाग की रामनवमी केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक परंपरा और आस्था का भव्य संगम है, जो हर वर्ष लाखों रामभक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आने वाले दिनों में रामनवमी के मुख्य उत्सव को लेकर शहर में और भी भव्य आयोजन होने की संभावना है।1
- रामनवमी महासमिति चुनाव में घमासान! 10 से घटकर 6 प्रत्याशी बचे किसके सिर सजेगा हजारीबाग के ‘महावीरी ताज’ का मुकुट? खबर मन्त्र संवाददाता हजारीबाग: हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी की तैयारियों के बीच महासमिति अध्यक्ष पद का चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती दौर में जहां दस दावेदार मैदान में थे, वहीं नाम वापसी के बाद अब केवल छह प्रत्याशी ही चुनावी जंग में बचे हैं। इस घटनाक्रम ने चुनावी मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया है और शहर भर में इसकी चर्चा तेज हो गई है। चुनाव समिति के सदस्य महंत विजयानंद दास, बप्पी करण, लब्बू गुप्ता, संदीप सिन्हा और निशांत प्रधान ने प्रेस वार्ता में बताया कि नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इसके बाद अध्यक्ष पद की दौड़ में अब छह उम्मीदवार आमने-सामने हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत सभी प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं, जिनके सहारे वे अखाड़ों के मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाएंगे। अध्यक्ष पद के लिए दीप प्रकाश को चक्र छाप, अजय दास को स्वास्तिक छाप, पुरुषोत्तम को ॐ छाप, लड्डू उर्फ करण यादव को त्रिशूल छाप, मनीष गोप को गदा छाप तथा दीपक देवराज को शंख छाप चुनाव चिन्ह प्रदान किया गया है। अब यही प्रतीक इस चुनावी मुकाबले में प्रत्याशियों की पहचान बनेंगे और इनके सहारे वे समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। महासमिति के इस चुनाव में मतदान का अधिकार आम लोगों को नहीं बल्कि पंजीकृत अखाड़ों के पदाधिकारियों को दिया गया है। शहर में कुल 104 रजिस्टर्ड अखाड़े हैं और इनके अध्यक्ष तथा सचिव मतदान करेंगे। इसके अलावा महासमिति के पूर्व 22 अध्यक्ष भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस तरह सीमित लेकिन प्रभावशाली मतदाताओं के बीच यह चुनाव तय करेगा कि रामनवमी महासमिति की कमान किसके हाथों में जाएगी। हजारीबाग में रामनवमी का पर्व वर्षों से भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाया जाता रहा है। महावीरी झंडों की शोभायात्रा और अखाड़ों की परंपरा शहर की पहचान बन चुकी है। ऐसे में महासमिति अध्यक्ष का पद केवल एक पद नहीं बल्कि पूरे आयोजन की जिम्मेदारी और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। अब 14 मार्च 2026 को होने वाले मतदान पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह चुनाव तय करेगा कि इस बार रामनवमी महोत्सव की अगुवाई कौन करेगा और किसके नेतृत्व में हजारीबाग की परंपरागत रामनवमी और भी भव्य रूप में सामने आएगी। शहर में चर्चाएं तेज हैं और हर अखाड़े में चुनावी समीकरणों की गूंज सुनाई दे रही है।1
- Post by खबर आप तक1
- इटखोरी महोत्सव के दौरान सीओ की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।1