सीतापुर: अपनी ही सरकार में धरने पर बैठे BJP विधायक, पुलिसकर्मियों पर लगाया कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप #Apkiawajdigital दिनांक: 15 फरवरी, 2026 स्थान: सीतापुर (उत्तर प्रदेश) सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब सेवता विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ज्ञान तिवारी अपनी ही सरकार की पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रामपुर मथुरा थाने के भीतर धरने पर बैठ गए। विधायक का आरोप है कि पुलिस प्रशासन बेलगाम हो गया है और कार्यकर्ताओं का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। थाना प्रभारी और आरक्षियों पर गंभीर आरोप विधायक ज्ञान तिवारी ने रामपुर मथुरा के थाना प्रभारी (SO) और दो आरक्षियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी न केवल भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, बल्कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार और उनका मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न भी कर रहे हैं। विधायक ने साफ कहा, “जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, धरना खत्म नहीं होगा।” थाना परिसर बना 'सियासी अखाड़ा' विधायक के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही भारी संख्या में बीजेपी समर्थक और क्षेत्रीय कार्यकर्ता भी थाना परिसर पहुंच गए और वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। प्रशासनिक अमले में मची खलबली सत्ताधारी दल के विधायक के थाने में धरने पर बैठने की सूचना लखनऊ तक पहुंचते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में महमूदाबाद के क्षेत्राधिकारी (CO) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ ने नाराज विधायक ज्ञान तिवारी को समझाने-बुझाने और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, लेकिन विधायक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। राजनीतिक संदेश अपनी ही पार्टी की सरकार में पुलिस के खिलाफ विधायक का यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि यह घटना जिले में नौकरशाही और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाती है।
सीतापुर: अपनी ही सरकार में धरने पर बैठे BJP विधायक, पुलिसकर्मियों पर लगाया कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप #Apkiawajdigital दिनांक: 15 फरवरी, 2026 स्थान: सीतापुर (उत्तर प्रदेश) सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब सेवता विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ज्ञान तिवारी अपनी ही सरकार की पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रामपुर मथुरा थाने के भीतर धरने पर बैठ गए। विधायक का आरोप है कि पुलिस प्रशासन बेलगाम हो गया है और कार्यकर्ताओं का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। थाना प्रभारी और आरक्षियों पर गंभीर आरोप विधायक ज्ञान तिवारी ने रामपुर मथुरा के थाना प्रभारी (SO) और दो आरक्षियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी न केवल भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, बल्कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार और उनका मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न भी कर रहे हैं। विधायक ने साफ कहा, “जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, धरना खत्म नहीं होगा।” थाना परिसर बना 'सियासी अखाड़ा' विधायक के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही भारी संख्या में बीजेपी समर्थक और क्षेत्रीय कार्यकर्ता भी थाना परिसर पहुंच गए और वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। प्रशासनिक अमले में मची खलबली सत्ताधारी दल के विधायक के थाने में धरने पर बैठने की सूचना लखनऊ तक पहुंचते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में महमूदाबाद के क्षेत्राधिकारी (CO) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ ने नाराज विधायक ज्ञान तिवारी को समझाने-बुझाने और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, लेकिन विधायक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। राजनीतिक संदेश अपनी ही पार्टी की सरकार में पुलिस के खिलाफ विधायक का यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि यह घटना जिले में नौकरशाही और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाती है।
- #Apkiawajdigital दिनांक: 15 फरवरी, 2026 स्थान: जयपुर, राजस्थान जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह के दौरान चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। अजमेर रोड स्थित "द ओएसिस रिसॉर्ट" (The Oasis Resort) में शादी की रस्मों के बीच एक शातिर चोर ने दूल्हा-दुल्हन की आंखों के सामने से गहनों और नकदी से भरा बैग साफ कर दिया। मेहमानों के बीच घुसा 'अनजान' चोर मिली जानकारी के अनुसार, वारदात उस समय हुई जब दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर मौजूद थे और आने वाले मेहमानों से मुलाकात कर फोटो खिंचवा रहे थे। इसी गहमागहमी का फायदा उठाकर एक अज्ञात शख्स स्टेज तक पहुँच गया। जब सबका ध्यान बधाई देने और फोटोग्राफी में था, तभी उसने बड़ी ही सफाई से दुल्हन के पास रखा बैग उठा लिया और वहां से रफूचक्कर हो गया। 3 लाख नकद और कीमती ज्वेलरी पर हाथ साफ चोरी गए बैग में भारी भरकम सामान बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार के अनुसार: नकदी: बैग में करीब 3 लाख रुपये कैश रखा था। गहने: इसमें शादी के लिए लाए गए सोने-चांदी के कीमती जेवरात भी मौजूद थे। महत्वपूर्ण दस्तावेज: इसके अलावा कुछ अन्य जरूरी सामान भी बैग में ही था। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस चोरी का पता चलते ही रिसॉर्ट में हड़कंप मच गया और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि चोर ने बड़े ही शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस रिसॉर्ट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। शादियों में 'बैग लिफ्टर' गैंग सक्रिय जयपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शादियों के सीजन में ऐसे 'बैग लिफ्टर' गैंग काफी सक्रिय रहते हैं, जो अक्सर अच्छे कपड़े पहनकर मेहमान बनकर समारोह में शामिल होते हैं। स्टेज और गिफ्ट रखने वाली जगहों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।1
- बांदा। सड़क पर खतरनाक स्टंट कर रहे युवकों के खिलाफ थाना गिरवां पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोपहिया वाहन को सीज कर चालान किया है। दिनांक 15 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया पर दोपहिया वाहन से खतरनाक स्टंट करते हुए कुछ युवकों का वीडियो संज्ञान में आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गिरवां पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। वाहन संख्या UP 93 CL 1788 का चालान करते हुए उसे सीज कर दिया गया। साथ ही संबंधित युवकों के परिजनों को कड़ी चेतावनी भी दी गई। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए इस प्रकार के खतरनाक स्टंट न करें। यह न केवल स्वयं के लिए बल्कि आमजनमानस के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। सभी नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।1
- सड़क पर स्टंटबाज़ी पड़ी भारी — गिरवां पुलिस का एक्शन, बाइक सीज, चालान ठोंका बांदा से बड़ी खबर… सड़क पर खतरनाक स्टंट कर रहे युवकों पर गिरवां पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहे यातायात जागरूकता अभियान के तहत पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्टंट के वीडियो का संज्ञान लिया… जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए दोपहिया वाहन नंबर UP 93 CL 1788 को सीज कर चालान किया गया। पुलिस ने न सिर्फ वाहन जब्त किया, बल्कि युवकों के परिजनों को भी थाने बुलाकर कड़ी चेतावनी दी। पुलिस का साफ संदेश है — सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए जान जोखिम में डालने वाले स्टंट बिल्कुल न करें… यह न सिर्फ आपकी, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी खतरनाक हो सकता है। आमजन से अपील — यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें।1
- Post by Sandeep singh chandel1
- Post by SATYA NARAYAN Nishad1
- बांदा के निजामी पैलेस में जाती पाती तोडक मण्डल के संस्थापक एवं महान समाज सुधारक प्रजापति जयंती समारोह का आयोजन में सैकड़ों लोगों को अपने महापुरुषों के बारे में बताया किया जागरूक1
- Post by Mamta chaurasiya1
- #Apkiawajdigital दिनांक: 15 फरवरी, 2026 स्थान: संभल (उत्तर प्रदेश) संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में आज भक्ति और प्रशासन के समन्वय का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। सावन के इस पावन अवसर पर शिवभक्त कांवड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए जिले के आला अधिकारी खुद सड़कों पर उतर आए। संभल के जिलाधिकारी (DM) राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण बिश्नोई ने कांवड़ मार्ग पर मौजूद शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। प्रशासन का मानवीय चेहरा आमतौर पर सख्त नजर आने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का यह कोमल और श्रद्धापूर्ण रूप देख कांवड़िए भी गदगद हो गए। DM राजेंद्र पेंसिया और SP कृष्ण बिश्नोई ने न केवल फूल बरसाए, बल्कि कांवड़ियों का हाल-चाल जाना और उन्हें सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं भी दीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न और सुखद बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा पुष्प वर्षा के साथ-साथ दोनों अधिकारियों ने कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया। DM राजेंद्र पेंसिया ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मार्ग पर सफाई, रोशनी और पेयजल की उत्तम व्यवस्था बनी रहे। SP कृष्ण बिश्नोई ने पुलिस बल को मुस्तैद रहने और यातायात प्रबंधन को सुचारू रखने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भक्तिमय हुआ माहौल प्रशासनिक अमले द्वारा किए गए इस सम्मान से कांवड़ियों का मनोबल बढ़ा और पूरा मार्ग 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है, उनका मानना है कि ऐसे प्रयासों से जनता और प्रशासन के बीच विश्वास और सौहार्द बढ़ता है।1