कुमारखंड प्रखंड के शंकरपुर थाना परिसर में आगामी 26 जून को होने वाले मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार देर शाम एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रवेंद्र भारती ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। यह बैठक विशेष रूप से शंकरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत टेंगराहा परिहारी पंचायत स्थित मधैली सायफन चौक पर लगने वाले मुहर्रम मेला के संबंध में थी, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और मुहर्रम अखाड़े के लाइसेंसधारी शामिल हुए। बैठक के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट किया कि केवल वैध लाइसेंसधारी ही जुलूस या खेल का आयोजन कर सकेंगे, जबकि बिना लाइसेंस वाले किसी भी व्यक्ति को इसकी अनुमति नहीं होगी। दोनों समुदाय के लोगों ने मधैली सायफन चौक पर लगने वाले पारंपरिक मुहर्रम मेले को ग्रामीणों द्वारा मिल-जुलकर शांतिपूर्ण माहौल में मनाने पर आपसी सहमति जताई। एएसपी ने सख्त चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वाले और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जुलूस और मेला स्थलों की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। बैठक में हथियार प्रदर्शन और डीजे पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया, और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई। इस बैठक में कुमारखंड की सीओ आकांक्षा कुमारी, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि अरुण कुमार सिंह और शंकरपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार भी उपस्थित थे। इनके अलावा, मेराज आलम, रहमत अली, मो सलामत, दीपनारायण राम, मो अकरम, मो आलम, मनीष कुमार, समशेर आलम, अभिमन्यु कुमार, मुकेश कुमार, प्रदीप कुमार, विजय साह, अमित कुमार, शैलेंद्र कुमार सहित अन्य कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कुमारखंड प्रखंड के शंकरपुर थाना परिसर में आगामी 26 जून को होने वाले मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार देर शाम एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रवेंद्र भारती ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। यह बैठक विशेष रूप से शंकरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत टेंगराहा परिहारी पंचायत स्थित मधैली सायफन चौक पर लगने वाले मुहर्रम मेला के संबंध में थी, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और मुहर्रम अखाड़े के लाइसेंसधारी शामिल हुए। बैठक के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट किया कि केवल वैध लाइसेंसधारी ही जुलूस या खेल का आयोजन कर सकेंगे, जबकि बिना लाइसेंस वाले किसी भी व्यक्ति को इसकी अनुमति नहीं होगी। दोनों समुदाय के लोगों ने मधैली सायफन चौक पर लगने वाले पारंपरिक मुहर्रम मेले को ग्रामीणों द्वारा मिल-जुलकर शांतिपूर्ण माहौल में मनाने पर आपसी सहमति जताई। एएसपी ने सख्त चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वाले और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जुलूस और मेला स्थलों की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। बैठक में हथियार प्रदर्शन और डीजे पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया, और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई। इस बैठक में कुमारखंड की सीओ आकांक्षा कुमारी, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि अरुण कुमार सिंह और शंकरपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार भी उपस्थित थे। इनके अलावा, मेराज आलम, रहमत अली, मो सलामत, दीपनारायण राम, मो अकरम, मो आलम, मनीष कुमार, समशेर आलम, अभिमन्यु कुमार, मुकेश कुमार, प्रदीप कुमार, विजय साह, अमित कुमार, शैलेंद्र कुमार सहित अन्य कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
- जैजादिया बाजार से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार, वहाँ एक गाड़ी में विस्फोट होने के कारण भारी जाम लग गया है।1
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस ने शहर के प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष नूरुल हक के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च थाना परिसर से शुरू हुआ और बाजार के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों, तथा संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। मार्च में बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस टीम ने लोगों से मुहर्रम को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया। फ्लैग मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया गया, और यह संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे मुहर्रम पर्व को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं, और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है, जिससे आम लोगों के सहयोग से पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके। प्रशासन की इस सक्रियता से आम लोगों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है, जबकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।3
- अररिया जिले के नरपतगंज थाना अंतर्गत करमगंज पंचायत निवासी बॉबी लाल ने शिकायत की है कि उनका नाम बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) सूची से हटा दिया गया है, जिससे उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बॉबी लाल के अनुसार, प्रखंड विकास पदाधिकारी ने उनका नाम बीपीएल सूची से काट दिया है, जबकि उन्हें हृदय रोग है और डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि जब वे स्मार्ट कार्ड से इलाज कराने के लिए गए तो उन्हें पता चला कि उनका नाम बीपीएल सूची में नहीं है। बॉबी लाल ने मांग की है कि उनका नाम बीपीएल सूची में दोबारा जोड़ा जाए ताकि वे स्मार्ट कार्ड के माध्यम से अपना इलाज करा सकें। उन्होंने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए पूछा कि यदि इलाज के अभाव में उन्हें कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के हनुमान नगर में इस बार भी मोहर्रम का त्योहार मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत मोहर्रम जंगी से हुई है। मोहर्रम जंगी के दिन इमाम बाड़ा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह पर्व शहादत का प्रतीक है।1
- पूर्णिया जिले के रुपौली थाना क्षेत्र के गौरियर गांव में आज एक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। कार्यक्रम आयोजित कराने के इच्छुक व्यक्ति रवि बिहारी से उनके संपर्क सूत्र 7986048793 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड के रामपुर में सड़क पर जल जमाव से परेशान लोगों ने जिलाधिकारी के काफिले को रोककर अपनी शिकायत दर्ज कराई। लोगों ने सड़क पर जमा पानी से हो रही समस्याओं के बारे में बताया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।1
- बिहार के मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के चिकनी फुलका गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो विधवा महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। दो छोटे बच्चों की मां पूजा रानी ने अपने सौतेले भैंसुर विकास यादव और उसके समर्थकों पर उनकी जमीन हड़पने, लगातार प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पूजा रानी का कहना है कि उनके पति नितेश कुमार उर्फ नीतीश की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। पूजा रानी के अनुसार, उनके पति के निधन के बाद से ही उनके सौतेले भैंसुर और उनके समर्थक लगातार उनकी जमीन और संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2024 में, जब उन्होंने अपनी जमीन पर फसल लगाई, तब कथित तौर पर आरोपियों ने ट्रैक्टर चलाकर पूरी फसल बर्बाद कर दी थी। इतना ही नहीं, जुलाई-अगस्त 2024 में पति के नाम का गलत इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश भी की गई। पीड़िता ने इस मामले में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। पूजा रानी का आरोप है कि स्थानीय थाने और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके परिवार के कुछ सदस्य उनके साथ खड़े हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अदालत की तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हो रहा। पूजा रानी ने बताया कि वह पिछले एक साल से थाना, एसडीओ कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं और हाल ही में उन्होंने डीएम कार्यालय में भी सभी दस्तावेज जमा कर कार्रवाई की मांग की है। डर और असुरक्षा के कारण उन्होंने अपने दोनों बच्चों को मायके भेज दिया है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर एक विधवा महिला को न्याय पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई क्या है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।4
- अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड स्थित रामपुर में सड़क पर जलजमाव की समस्या से जूझ रहे स्थानीय निवासियों ने सड़क से गुजर रहे जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के काफिले को रोक दिया। लोगों ने इस दौरान अपनी परेशानी डीएम साहब के सामने रखी और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सुनने के बाद, डीएम साहब ने जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।1
- पूर्णिमा जिले के सबुतर में आठवीं मुहर्रम के अवसर पर एक भव्य जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में क्षेत्र के युवाओं ने अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रकार के करतब दिखाए।1