कोडरमा : लगातार बारिश से नव सृजित प्राथमिक विद्यालय वीरागढ़ा की जर्जर छत ढही, बड़ा हादसा टला मध्याह्न भोजन के समय बरामदे में खाना खा रहे थे 35 बच्चे, मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे; 2008 से अधूरा पड़ा है विद्यालय भवन कोडरमा : लगातार बारिश से नव सृजित प्राथमिक विद्यालय वीरागढ़ा की जर्जर छत ढही, बड़ा हादसा टला मध्याह्न भोजन के समय बरामदे में खाना खा रहे थे 35 बच्चे, मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे; 2008 से अधूरा पड़ा है विद्यालय भवन चंदवारा (कोडरमा)। चंदवारा प्रखंड की सुदूरवर्ती बेंदी पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, वीरागढ़ा में सोमवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विद्यालय भवन की अर्धनिर्मित दूसरी मंजिल की जर्जर छत अचानक भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय विद्यालय में नामांकित सभी 35 बच्चे बरामदे में मध्याह्न भोजन कर रहे थे। इस कारण कोई बच्चा मलबे की चपेट में नहीं आया और सभी बाल-बाल बच गए। छत गिरने की तेज आवाज के साथ विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद बच्चों और शिक्षकों में भय का माहौल देखा गया। जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण भी विद्यालय परिसर पहुंचे और भवन की स्थिति का जायजा लिया। 2008 में शुरू हुआ था निर्माण, 16 वर्षों से अधूरा विद्यालय के प्रधानाध्यापक पिंटू कुमार ने बताया कि विद्यालय वर्तमान में एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन के निर्माण का कार्य वर्ष 2008 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2010 तक भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसके बाद से भवन पिछले करीब 16 वर्षों से अधूरा पड़ा है। लंबे समय तक रखरखाव और मरम्मत नहीं होने के कारण भवन की स्थिति लगातार जर्जर होती चली गई। प्रधानाध्यापक के अनुसार, भवन की खतरनाक स्थिति के संबंध में शिक्षा विभाग और संबंधित पदाधिकारियों को कई बार लिखित रूप से सूचना दी गई थी। इसके बावजूद भवन की मरम्मत अथवा निर्माण कार्य पूरा कराने को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल छत गिरने की घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में शिक्षा विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय का संचालन करना उनकी सुरक्षा के साथ गंभीर जोखिम है। यदि घटना के समय बच्चे बरामदे में भोजन नहीं कर रहे होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की उच्चस्तरीय जांच, आवश्यकतानुसार भवन की मरम्मत अथवा नए सुरक्षित भवन की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही जब तक विद्यालय भवन को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जाता, तब तक बच्चों की पढ़ाई के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई है। सोमवार को हुई छत ढहने की घटना ने विद्यालय भवनों की सुरक्षा और लंबे समय से लंबित निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी शीघ्रता से कदम उठाता है।
कोडरमा : लगातार बारिश से नव सृजित प्राथमिक विद्यालय वीरागढ़ा की जर्जर छत ढही, बड़ा हादसा टला मध्याह्न भोजन के समय बरामदे में खाना खा रहे थे 35 बच्चे, मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे; 2008 से अधूरा पड़ा है विद्यालय भवन कोडरमा : लगातार बारिश से नव सृजित प्राथमिक विद्यालय वीरागढ़ा की जर्जर छत ढही, बड़ा हादसा टला मध्याह्न भोजन के समय बरामदे में खाना खा रहे थे 35 बच्चे, मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे; 2008 से अधूरा पड़ा है विद्यालय भवन चंदवारा (कोडरमा)। चंदवारा प्रखंड की सुदूरवर्ती बेंदी पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, वीरागढ़ा में सोमवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विद्यालय भवन की अर्धनिर्मित दूसरी मंजिल की जर्जर छत अचानक भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय विद्यालय में नामांकित सभी 35 बच्चे बरामदे में मध्याह्न भोजन कर रहे थे। इस कारण कोई बच्चा मलबे की चपेट में नहीं आया और सभी बाल-बाल बच गए। छत गिरने की तेज
आवाज के साथ विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद बच्चों और शिक्षकों में भय का माहौल देखा गया। जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण भी विद्यालय परिसर पहुंचे और भवन की स्थिति का जायजा लिया। 2008 में शुरू हुआ था निर्माण, 16 वर्षों से अधूरा विद्यालय के प्रधानाध्यापक पिंटू कुमार ने बताया कि विद्यालय वर्तमान में एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन के निर्माण का कार्य वर्ष 2008 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2010 तक भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसके बाद से भवन पिछले करीब 16 वर्षों से अधूरा पड़ा है। लंबे समय तक रखरखाव और मरम्मत नहीं होने के कारण भवन की स्थिति लगातार जर्जर होती चली गई। प्रधानाध्यापक के अनुसार, भवन की खतरनाक स्थिति के संबंध में शिक्षा विभाग और संबंधित पदाधिकारियों को कई बार लिखित रूप से सूचना दी गई थी। इसके बावजूद भवन की मरम्मत अथवा निर्माण कार्य पूरा कराने को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं
की गई। ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल छत गिरने की घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में शिक्षा विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय का संचालन करना उनकी सुरक्षा के साथ गंभीर जोखिम है। यदि घटना के समय बच्चे बरामदे में भोजन नहीं कर रहे होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की उच्चस्तरीय जांच, आवश्यकतानुसार भवन की मरम्मत अथवा नए सुरक्षित भवन की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही जब तक विद्यालय भवन को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जाता, तब तक बच्चों की पढ़ाई के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई है। सोमवार को हुई छत ढहने की घटना ने विद्यालय भवनों की सुरक्षा और लंबे समय से लंबित निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी शीघ्रता से कदम उठाता है।
- सिंघौली गांव में किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे, किसानों में खुशी पानी से भरे खेतों में पहुंचकर किसान करा रहे अपने-अपने प्लॉट का सर्वे संजय वर्मा नवादा। सोनसा पंचायत के सिंघौली गांव में इन दिनों किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। सर्वे को लेकर किसानों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल है। किसान अपने-अपने प्लॉट पर पहुंचकर बारी-बारी से अपनी जमीन का सर्वे करा रहे हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय के बाद इस तरह का भूमि सर्वे हो रहा है, जिससे उन्हें अपनी जमीन की सही स्थिति और सीमांकन को चिन्हित कराने में काफी सुविधा मिल रही है। सिंघौली गांव में सर्वे का कार्य खेतों के बीच पहुंचकर किया जा रहा है। बारिश के कारण कई खेतों में पानी भरा हुआ है और धान की फसल भी लहलहा रही है। इसके बावजूद सर्वेयर और कर्मचारी किसानों के प्लॉट तक पहुंचकर जमीन की पैमाइश एवं सर्वे का कार्य कर रहे हैं। कई स्थानों पर सर्वेयर को पानी से भरे खेतों के बीच चलकर किसानों की जमीन का सर्वे करते हुए देखा गया। किसानों का कहना है कि फसल और पानी की कठिन परिस्थितियों के बावजूद सर्वे का कार्य किया जाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा कि भूमि सर्वे का कार्य किसानों के हित में काफी महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को अपनी जमीन की पहचान और सीमांकन स्पष्ट कराने में मदद मिलेगी। लंबे समय से किसान अपनी जमीन के सही रिकॉर्ड और सीमांकन को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में सर्वे के माध्यम से जमीन से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं सर्वेयर आशीष कुमार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सर्वे का कार्य कर रहे हैं। किसानों के अनुसार सर्वेयर और संबंधित कर्मचारी खेतों तक पहुंचकर एक-एक प्लॉट की जानकारी जुटाने में लगे हैं तथा किसानों को आवश्यक जानकारी भी दी जा रही है। सर्वे कार्य के दौरान गोविंद चौधरी, प्रयाग चौधरी, संजय प्रसाद, उमाशंकर प्रसाद, जोगेश्वर महतो, विनोद चौधरी,अखिलेश कुमार मनोज कुमार सुध्दू, कारू चौधरी, प्रमोद कुमार सहित सैकड़ों किसान अपने-अपने प्लॉट का सर्वे कराने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि भूमि सर्वे पूरा होने के बाद उनकी जमीन का रिकॉर्ड और सीमांकन अधिक स्पष्ट होगा, जिससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है। सिंघौली गांव में चल रहे सर्वे के दौरान किसानों की सक्रिय भागीदारी और पानी से भरे खेतों के बीच कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य की तस्वीरें ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे का कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके हो रही है सिंघौली गांव में किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे, किसानों में खुशी पानी से भरे खेतों में पहुंचकर किसान करा रहे अपने-अपने प्लॉट का सर्वे संजय वर्मा नवादा। सोनसा पंचायत के सिंघौली गांव में इन दिनों किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। सर्वे को लेकर किसानों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल है। किसान अपने-अपने प्लॉट पर पहुंचकर बारी-बारी से अपनी जमीन का सर्वे करा रहे हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय के बाद इस तरह का भूमि सर्वे हो रहा है, जिससे उन्हें अपनी जमीन की सही स्थिति और सीमांकन को चिन्हित कराने में काफी सुविधा मिल रही है। सिंघौली गांव में सर्वे का कार्य खेतों के बीच पहुंचकर किया जा रहा है। बारिश के कारण कई खेतों में पानी भरा हुआ है और धान की फसल भी लहलहा रही है। इसके बावजूद सर्वेयर और कर्मचारी किसानों के प्लॉट तक पहुंचकर जमीन की पैमाइश एवं सर्वे का कार्य कर रहे हैं। कई स्थानों पर सर्वेयर को पानी से भरे खेतों के बीच चलकर किसानों की जमीन का सर्वे करते हुए देखा गया। किसानों का कहना है कि फसल और पानी की कठिन परिस्थितियों के बावजूद सर्वे का कार्य किया जाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा कि भूमि सर्वे का कार्य किसानों के हित में काफी महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को अपनी जमीन की पहचान और सीमांकन स्पष्ट कराने में मदद मिलेगी। लंबे समय से किसान अपनी जमीन के सही रिकॉर्ड और सीमांकन को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में सर्वे के माध्यम से जमीन से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं सर्वेयर आशीष कुमार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सर्वे का कार्य कर रहे हैं। किसानों के अनुसार सर्वेयर और संबंधित कर्मचारी खेतों तक पहुंचकर एक-एक प्लॉट की जानकारी जुटाने में लगे हैं तथा किसानों को आवश्यक जानकारी भी दी जा रही है। सर्वे कार्य के दौरान गोविंद चौधरी, प्रयाग चौधरी, संजय प्रसाद, उमाशंकर प्रसाद, जोगेश्वर महतो, विनोद चौधरी,अखिलेश कुमार मनोज कुमार सुध्दू, कारू चौधरी, प्रमोद कुमार सहित सैकड़ों किसान अपने-अपने प्लॉट का सर्वे कराने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि भूमि सर्वे पूरा होने के बाद उनकी जमीन का रिकॉर्ड और सीमांकन अधिक स्पष्ट होगा, जिससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है। सिंघौली गांव में चल रहे सर्वे के दौरान किसानों की सक्रिय भागीदारी और पानी से भरे खेतों के बीच कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य की तस्वीरें ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे का कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके हो रही है4
- जमामो माता मंदिर चेन स्नेचिंग मामला का 24 घंटे में अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ मां-बेटा और बहू समेत 4 गिरफ्तार , चोरी के गहने बरामद जमामो माता मंदिर चेन स्नेचिंग मामला का 24 घंटे में अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ मां-बेटा और बहू समेत 4 गिरफ्तार , चोरी के गहने बरामद तिसरी थाना पुलिस ने खरखरी पंचायत स्थित प्रसिद्ध जमामो माता मंदिर में हुई चेन स्नेचिंग की घटना का महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने बिहार के नवादा जिले से एक ही परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी गई सोने की चेन, सोने का लॉकेट और दो मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। सोमवार को तिसरी थाने में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त को मंदिर प्रांगण में दर्शन के दौरान दो महिला श्रद्धालुओं के गले से सोने की चेन और लॉकेट चोरी हो गया था। इस संबंध में पीड़ित अजीत कुमार साहू के लिखित आवेदन पर तिसरी थाने में कांड संख्या 72/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। एसपी के निर्देश पर SIT गठित, सीसीटीवी से मिला सुराग घटना की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह एसपी के निर्देश पर खोरीमहुआ एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। एसआईटी ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ग्रामीणों के सहयोग से डोरंडा स्थित किराए के मकान से एक संदिग्ध महिला अंशु कुमारी को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध स्वीकार किया और गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के नामों का खुलासा किया। बिहार के नवादा में छापेमारी कर दबोचे गए आरोपी हिरासत में ली गई महिला की निशानदेही पर तिसरी थाना प्रभारी शंभू नन्द ईश्वर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिहार के नवादा जिले के सिरदला थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापपुर गांव में छापेमारी की। पुलिस ने वहां से तीन अन्य आरोपियों टिंकल मिश्रा पिता विक्की मिश्रा , सरिता देवी पति विक्की मिश्रा और मुस्कान देवी पति टिंकल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। एक ही परिवार के हैं सभी आरोपी, रहा है आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपी एक ही परिवार के सदस्य हैं, जिनमें मां, बेटा, बहू और चचेरी बहन शामिल हैं। यह एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह है जो भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर छिनतई की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वे बिहार में भी चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। डोरंडा के किराए के मकान से बरामद हुआ सामान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर डोरंडा स्थित उनके किराए के मकान से चोरी की गई सोने की चेन, लॉकेट और दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। इस त्वरित और सफल कार्रवाई में एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर रोहित महतो, तिसरी थाना प्रभारी शंभू नन्द ईश्वर, एसआई लव कुमार, एएसआई मो. मूसा, निरंजन राय, नीरज कुमार सिंह, राहुल यादव और मीना मुर्मू की सराहनीय भूमिका रही।2
- LIC के 70 साल पूरे, 71वें वर्ष में प्रवेश | कर्मचारी संघ ने गिनाईं उपलब्धियां, निजीकरण और नीतिगत बदलावों पर जताई चिंता भारतीय जीवन बीमा निगम ने 1 सितंबर 2026 को अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे कर लिए। इस मौके पर एलआईसी के मंडल कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। बीमा कर्मचारी संघ के महामंत्री जगदीश चंद्र मित्तल ने कहा कि सात दशकों में एलआईसी ने देश के वित्तीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि एलआईसी की कुल परिसंपत्ति 59.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक है और विकास कार्यों में 55 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में एलआईसी का फर्स्ट ईयर प्रीमियम मार्केट शेयर 56.66 प्रतिशत रहा। इस दौरान 1.84 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत पॉलिसियां बेची गईं। एलआईसी ने करीब 99 प्रतिशत दावों का निपटारा किया। कर्मचारी संघ ने कहा कि बीमा क्षेत्र में प्रस्तावित नियामकीय बदलाव एलआईसी के लिए चुनौती हैं। संगठन ने एलआईसी और सार्वजनिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आंदोलन तेज करने की बात कही।2
- जमुआ। 31 अगस्त 2026 को JLKM जमुआ प्रखंड कमिटी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो और बरवड्डा थाना प्रभारी के बीच हुई तीखी नोकझोंक को लेकर JLKM नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय संगठन संयुक्त सचिव सह विधायक प्रत्याशी रोहित कुमार दास ने कहा कि पुलिस प्रशासन संविधान के दायरे में रहकर अपना कार्य करे, ताकि विधायिका को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता न पड़े। वहीं पूर्व केंद्रीय सचिव शैलेश सिंह ने कहा कि “अगर जयराम जी को कुछ होता है तो पूरे झारखंड की जनता सड़क पर उतरेगी।” जमुआ। 31 अगस्त 2026 को JLKM जमुआ प्रखंड कमिटी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो और बरवड्डा थाना प्रभारी के बीच हुई तीखी नोकझोंक को लेकर JLKM नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय संगठन संयुक्त सचिव सह विधायक प्रत्याशी रोहित कुमार दास ने कहा कि पुलिस प्रशासन संविधान के दायरे में रहकर अपना कार्य करे, ताकि विधायिका को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता न पड़े। वहीं पूर्व केंद्रीय सचिव शैलेश सिंह ने कहा कि “अगर जयराम जी को कुछ होता है तो पूरे झारखंड की जनता सड़क पर उतरेगी।” #JLKM #JairamMahato #जयराममहतो #JLKMJamua #जमुआ #गिरिडीह #झारखंड #PoliticalNews #JharkhandNews #BreakingNews #JairamMahatoNews #JLKMNews #GiridihNews1
- आंगो थाना प्रभारी पर पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप, प्रभारी ने किया इंकार दारू (हजारीबाग) //आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार पर दारू थाना क्षेत्र के दिगवार निवासी मनोज कुमार सिन्हा ने थाना परिसर में पैर बांधकर लाठी से बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। मनोज ने इस संबंध में पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीपीओ) विष्णुगढ़ फौजान अहमद को आवेदन देकर थाना प्रभारी के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, थाना प्रभारी ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि थाना में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मनोज कुमार सिन्हा के अनुसार, वह अपने मित्र प्रदीप पासवान के साथ बाइक से आंगो थाना क्षेत्र में कार्यरत अपने परिचित मुन्ना दास से मिलने गया था। इसी दौरान बाइक लेकर थाना परिसर के अंदर चले जाने से थाना प्रभारी नाराज हो गए। मनोज का आरोप है कि इसके बाद उसे करीब आठ घंटे तक थाना परिसर में बैठाकर रखा गया। इस दौरान तीन बार उसके पैर बांधकर लाठी से पिटाई की गई। मनोज ने बताया कि मारपीट के दौरान उसके दाहिने हाथ की एक अंगुली में गंभीर चोट लगी। आरोप है कि थाना प्रभारी ने उसके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए डंडे से पिटाई की। मनोज का कहना है कि वह स्वयं होमगार्ड का जवान है और वर्तमान में दारू अंचलाधिकारी रामबालक कुमार के आवास पर ड्यूटी में तैनात है। उसने थाना प्रभारी को अपनी ड्यूटी के बारे में भी जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। मनोज के अनुसार, उसके पैर के तलवों और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान हैं। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आवेदन मिलने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया है। इस संबंध में पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी विष्णुगढ़ फौजान अहमद ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी से इस संबंध में बात की जाएगी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इधर, आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार ने मनोज के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि मनोज थाना आया था और उस समय शराब के नशे में था। थाना प्रभारी के अनुसार, मनोज थाना परिसर में गाली-गलौज कर रहा था। उन्होंने कहा कि उसके साथ थाना में मारपीट किए जाने का आरोप पूरी तरह गलत है और ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि रात करीब 11 बजे मनोज को उसके पिता और एक ग्रामीण की मौजूदगी में सही-सलामत थाना से भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोप और थाना प्रभारी के इंकार के बाद जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले की जांच किए जाने की बात कही गई है।1
- मेंरे माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी सें रिक्वेस्ट हैं की मुझें गौशाला दिलाने का कस्ट करे मेंरे गाँव ग्राम चंदवार पंचायत पौता का जो मुखिया और वाड़ नंबर 4 का जो वाड़ सदस्य हैं ओ आदमी का मुँह देख कर काम करता हैं आपलोग देख सकते हैं की मेरा गौशाला का क्या हालत हैं3
- कोडरमा : लगातार बारिश से नव सृजित प्राथमिक विद्यालय वीरागढ़ा की जर्जर छत ढही, बड़ा हादसा टला मध्याह्न भोजन के समय बरामदे में खाना खा रहे थे 35 बच्चे, मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे; 2008 से अधूरा पड़ा है विद्यालय भवन कोडरमा : लगातार बारिश से नव सृजित प्राथमिक विद्यालय वीरागढ़ा की जर्जर छत ढही, बड़ा हादसा टला मध्याह्न भोजन के समय बरामदे में खाना खा रहे थे 35 बच्चे, मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे; 2008 से अधूरा पड़ा है विद्यालय भवन चंदवारा (कोडरमा)। चंदवारा प्रखंड की सुदूरवर्ती बेंदी पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, वीरागढ़ा में सोमवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विद्यालय भवन की अर्धनिर्मित दूसरी मंजिल की जर्जर छत अचानक भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय विद्यालय में नामांकित सभी 35 बच्चे बरामदे में मध्याह्न भोजन कर रहे थे। इस कारण कोई बच्चा मलबे की चपेट में नहीं आया और सभी बाल-बाल बच गए। छत गिरने की तेज आवाज के साथ विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद बच्चों और शिक्षकों में भय का माहौल देखा गया। जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण भी विद्यालय परिसर पहुंचे और भवन की स्थिति का जायजा लिया। 2008 में शुरू हुआ था निर्माण, 16 वर्षों से अधूरा विद्यालय के प्रधानाध्यापक पिंटू कुमार ने बताया कि विद्यालय वर्तमान में एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन के निर्माण का कार्य वर्ष 2008 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2010 तक भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसके बाद से भवन पिछले करीब 16 वर्षों से अधूरा पड़ा है। लंबे समय तक रखरखाव और मरम्मत नहीं होने के कारण भवन की स्थिति लगातार जर्जर होती चली गई। प्रधानाध्यापक के अनुसार, भवन की खतरनाक स्थिति के संबंध में शिक्षा विभाग और संबंधित पदाधिकारियों को कई बार लिखित रूप से सूचना दी गई थी। इसके बावजूद भवन की मरम्मत अथवा निर्माण कार्य पूरा कराने को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल छत गिरने की घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में शिक्षा विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय का संचालन करना उनकी सुरक्षा के साथ गंभीर जोखिम है। यदि घटना के समय बच्चे बरामदे में भोजन नहीं कर रहे होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की उच्चस्तरीय जांच, आवश्यकतानुसार भवन की मरम्मत अथवा नए सुरक्षित भवन की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही जब तक विद्यालय भवन को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जाता, तब तक बच्चों की पढ़ाई के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई है। सोमवार को हुई छत ढहने की घटना ने विद्यालय भवनों की सुरक्षा और लंबे समय से लंबित निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी शीघ्रता से कदम उठाता है।3
- प्रखंड विकास पदाधिकारी हारून रशीद तथा प्रखंडकर्मी और अंचलधिकारी और अंचलकर्मी एसआईआर (SIR ) को लेकर काफी गंभीर नज़र आ रहे है। प्रखंड मुख्यालय मे दारू और ईरगा पंचायत के वैसे वोटरो जिनके प्रमाण पत्रों मे बिसंगती है या वैसे वोटर जिनकी अबतक मैपिंग नही हुई है उनके प्रमाणपत्रों कि गंभीरता से जांच कर दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- RO वाटर प्लांट संचालकों को अंतिम चेतावनी... लगेंगे 50000 रूपये का जुर्माना...1