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लातेहार पानी टंकी के समीप सड़क हादसा, तीन बाइक सवार घायल लातेहार। शहर के पानी टंकी के पास गुरुवार की रात करीब 7:30 बजे बाइक और वैगनआर कार के बीच सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही लातेहार जिला कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पंकज तिवारी मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल टेंपो से सदर अस्पताल भिजवाया। इसके बाद उन्होंने सदर अस्पताल पहुंचकर घायल विकास भुईयां, पवन कुमार और अनिल उरांव का इलाज कराया। घटना के दौरान संवेदक संघ के जिला कोषाध्यक्ष रविकांत पासवान, राकेश प्रसाद, उत्तम प्रसाद सहित अन्य लोग भी मौके पर मौजूद रहे। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। मिली जानकारी के अनुसार तीनों घायलों का लातेहार सदर अस्पताल में डॉक्टर द्वारा बेहतर इलाज किया जा रहा है।
Ram Kumar
लातेहार पानी टंकी के समीप सड़क हादसा, तीन बाइक सवार घायल लातेहार। शहर के पानी टंकी के पास गुरुवार की रात करीब 7:30 बजे बाइक और वैगनआर कार के बीच सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही लातेहार जिला कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पंकज तिवारी मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल टेंपो से सदर अस्पताल भिजवाया। इसके बाद उन्होंने सदर अस्पताल पहुंचकर घायल विकास भुईयां, पवन कुमार और अनिल उरांव का इलाज कराया। घटना के दौरान संवेदक संघ के जिला कोषाध्यक्ष रविकांत पासवान, राकेश प्रसाद, उत्तम प्रसाद सहित अन्य लोग भी मौके पर मौजूद रहे। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। मिली जानकारी के अनुसार तीनों घायलों का लातेहार सदर अस्पताल में डॉक्टर द्वारा बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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- लातेहार बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों का किया विरोध बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, बोले- "जमीन मांगोगे तो चीर देंगे लातेहार बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों का किया विरोध बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, बोले- "जमीन मांगोगे तो चीर देंगे" लातेहार बालूमाथ के धाधू कोल ब्लॉक को लेकर बालूमाथ प्रखंड परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। धाधू, भैंसादोन, नावाडीह, चित्रपुर, हेमपुर और सिमर स्रोत गांवों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने NLC कंपनी के प्रस्ताव का विरोध करते हुए जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया। किसानों के विरोध के कारण कंपनी के अधिकारी मंच तक नहीं पहुंच सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा। जनसुनवाई स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पोस्टर-बैनर लेकर पहुंच गए थे। पोस्टरों पर “जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे” और “NLC कंपनी वापस जाओ” जैसे नारे लिखे थे। किसानों ने मंच के आसपास घेरा बना लिया। NLC के अधिकारियों के मंच पर जाने के प्रयास का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा। सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ जमीन को कागजों में बंजर बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इसी जमीन पर वे टमाटर, धान और मक्का समेत विभिन्न फसलों की खेती करते हैं और एक सीजन में लाखों रुपये की आय होती है। किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि गांव में अब तक ग्रामसभा कर किसानों की राय नहीं ली गई है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि कंपनी को जमीन से संबंधित कोई बात करनी है तो गांव में ग्रामसभा बुलाकर किसानों से सीधे बातचीत करनी चाहिए। ग्राम प्रधान ने भी प्रखंड परिसर में जनसुनवाई आयोजित करने के बजाय गांव में ग्रामीणों के बीच चर्चा किए जाने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन देने को तैयार नहीं हैं। जनसुनवाई के दौरान हुए विरोध के कारण कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। इधर, जनसुनवाई को लेकर NLC कंपनी के जनरल मैनेजर से मीडिया ने पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।1
- लातेहार में रक्षाबंधन पर्व को लेकर मिठाइयां और राखी जमकर खरीदारी हुई।। लातेहार में रक्षाबंधन पर्व को लेकर मिठाइयां और राखी जमकर खरीदारी हुई।।1
- खान खनिज विधेयक 2026 काला कानून है केंद्र सरकार का: अजीत पाल कुजूर कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जनजाति जिला अध्यक्ष लातेहार । गुरुवार की दोपहर 12:00 कांग्रेस पार्टी के अनुसूचित जनजाति जिला अध्यक्ष लातेहार अजीत पाल कुजूर ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि खान एवं खनिज विधायक 2026 काला कानून केंद्र सरकार ने बनाया है । इस बिल के माध्यम से राज्य की खनिज संपदा पर झारखंड राज्य सरकार का अधिकार केंद्र सरकार छीलना चाहती है।1
- आवा हो चंदा मामा आवा हो अंजोरीय, बीत जाला रतीय सुहानी बलम राउआ बीत जाला रतीयाँ सुहानी1
- बालूमाथ जनसुनवाई में फेल NLC और प्रदूषण बोर्ड: मीडिया के सवालों से भागते नजर आए GM और अधिकारी, किसानों की आवाज पर चुप्पी बालूमाथ जनसुनवाई में फेल NLC और प्रदूषण बोर्ड: मीडिया के सवालों से भागते नजर आए GM और अधिकारी, किसानों की आवाज पर चुप्पी लातेहार -: बालूमाथ में 27 अगस्त को हुई जनसुनवाई की सच्चाई इस वीडियो ने खोल दी है। एक तरफ सैकड़ों ST-SC-OBC किसानों ने जान देंगे जमीन नहीं देंगे और NLC वापस जाओ के नारे लगाकर जनसुनवाई को फ्लॉप करा दिया, तो दूसरी तरफ जनसुनवाई कराने आए अधिकारी मीडिया के सवालों से ही भागते नजर आए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी , मीडिया लगातार पूछ रही है - आज जनसुनवाई में क्या हुआ मैडम, क्यों नहीं बोल रही हैं? लेकिन अधिकारी मुंह छिपाकर चलती रहती हैं, एक शब्द नहीं बोलतीं। बारिश में भीगते हुए वह कैमरे से बचती हुई निकल जाती हैं। यही हाल NLC कंपनी के GM और अन्य अधिकारियों का है। GM साहब से जब मीडिया पूछती है - सर जनसुनवाई कैसी रही, ग्रामीण विरोध क्यों कर रहे हैं, गांव में जनसुनवाई क्यों नहीं की? तो वह भी चुप्पी साध लेते हैं। कभी कहते हैं मैं तो वहां था ही नहीं तो कभी PRO बताएंगे कहकर गाड़ी में बैठकर भाग जाते हैं। सवाल यह है कि जब जनसुनवाई जनता के लिए है तो जनता और मीडिया से ही अधिकारी क्यों भाग रहे हैं? किसानों का आरोप है कि उपजाऊ जमीन को हड़पने की साजिश रची जा रही है, और अधिकारी गांव में ग्राम सभा तक नहीं करते। आज की जनसुनवाई में किसानों ने मंच घेर लिया, अधिकारियों को धक्का देकर भगाया। इस पर जवाब देने के बजाय NLC और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी मीडिया से भी मुंह चुरा रहे हैं। इससे साफ है कि दाल में कुछ काला है और कंपनी किसानों की सहमति के बिना ही खनन की तैयारी में है।1
- भाई-बहन के प्यार का जश्न: गारू-सरयू में रक्षाबंधन को लेकर बाजार गुलजार, दुकानों पर लगी भीड़* गारू। भाई-बहन के अटूट प्यार का त्योहार रक्षाबंधन कल शुक्रवार को है, जिसे लेकर आज गुरुवार को गारू और सरयू बाजार में जबरदस्त रौनक रही। सुबह से ही दोनों बाजारों में ऐसा नजारा था कि देखते ही बनता था।बाजार में सुबह से ही बहनों की टोली अपने भाइयों के लिए सबसे सुंदर राखी ढूंढने में लगी थी। दुकानों पर रंग-बिरंगी राखियों की सजावट ऐसी कि नजर ही न हटे। कहीं रेशम की राखी, कहीं मोतियों वाली, कहीं कार्टून वाली, तो कहीं लाइट वाली राखी ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रही थी।उधर मिठाई की दुकानों पर तो मेला लगा था। रसगुल्ले से लेकर काजू कतली तक, हर मिठाई पर ग्राहकों की लंबी कतार देखी गई। राखी-मिठाई के साथ-साथ उपहारों की भी जमकर खरीदारी हुई आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने बाजार पहुंचे थे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि दुकानदारों को ग्राहकों के लिए खास इंतजाम करना पड़ा।दुकानदारों का कहना है कि इस बार भी त्योहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है और बिक्री खूब बढ़ी है। कुल मिलाकर पूरे बाजार में त्योहार की रौनक छाई हुई है और शुक्रवार को हर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए पूरी तरह तैयार है।1
- लोहरदगा जिले के पहाड़ी क्षेत्र में हो रहा है बड़ा घोटाला विकास के नाम पर ठेकेदार और इंजीनियर कर रहे हैं अपने पॉकेट गरम लोहरदगा जिले के पहाड़ी क्षेत्र में हो रहा है बड़ा घोटाला विकास के नाम पर ठेकेदार और इंजीनियर कर रहे हैं अपने पॉकेट गरम1
- बौद्ध समाज की समस्याओं के समाधान को लेकर अल्पसंख्यक आयोग की पहल बौद्ध समाज की समस्याओं के समाधान को लेकर अल्पसंख्यक आयोग की पहल रांची, 27 अगस्त। झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू ने गुरुवार को रांची परिसदन में बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से बौद्ध समाज के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिनिधियों ने इटखोरी में बौद्ध सर्किट का निर्माण, राज्य के सभी जिलों में बौद्ध विहार की स्थापना, बौद्ध समाज के लिए राज्यस्तरीय संगठन का गठन, बौद्ध विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा देने तथा उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अलावा छात्रावास निर्माण, सभी विश्वविद्यालयों में पाली भाषा की पढ़ाई शुरू कराने, बौद्ध संस्थानों एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण और बौद्ध विहारों के निर्माण के लिए भूमि आवंटन समेत कई मुद्दे उठाए गए। आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू ने प्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि बौद्ध समाज की जायज मांगों के समाधान के लिए आयोग की ओर से आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रमुख मांगों को सरकार के समक्ष भी रखा जाएगा और उनके निवारण की दिशा में प्रयास किया जाएगा। बैठक के बाद बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों ने आयोग की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है और समाधान के लिए पहल का आश्वासन मिला है। प्रतिनिधियों ने आयोग के उपाध्यक्ष के प्रति आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से बौद्ध समाज की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।3