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कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं,आज जनदर्शन में कुल 29 आवेदन हुए प्राप्त। कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं,आज जनदर्शन में कुल 29 आवेदन हुए प्राप्त।
Bhupendra lahare
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं,आज जनदर्शन में कुल 29 आवेदन हुए प्राप्त। कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं,आज जनदर्शन में कुल 29 आवेदन हुए प्राप्त।
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- वेदांता पावर को मिला क्रिसिल एए प्लस (सीई) अपग्रेड रेटिंग* *वेदांता पावर को मिला क्रिसिल एए प्लस (सीई) अपग्रेड रेटिंग* *28 जुलाई, 2026।* भारत की प्रमुख प्राइवेट थर्मल पावर उत्पादक कंपनियों में से एक वेदांता पावर को क्रिसिल अपग्रेड रेटिंग मिला है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी को ‘रेटिंग वॉच विद डेवलपिंग इंप्लिकेशन्स’ (संभावित बदलावों वाली रेटिंग वॉच) से हटा दिया है और उसकी गारंटीकृत दीर्घावधि की बैंक सुविधाओं की रेटिंग को क्रिसिल एए प्लस (सीई) से बढ़ाकर क्रिसिल एए प्लस (सीई) स्टेबल कर दिया है। साथ ही, कंपनी की स्वतंत्र दीर्घावधि रेटिंग को एए-स्टेबल और अल्पावधि रेटिंग को क्रिसिल ए1 प्लस पर बरकरार रखा है। यह रेटिंग बदलाव वेदांता समूह के डीमर्जर के सफल क्रियान्वयन के बाद हुआ है। यह वेदांता पावर लिमिटेड के मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल, विविध थर्मल पावर पोर्टफोलियो, अच्छी लिक्विडिटी स्थिति और रणनीतिक महत्व को दर्शाता है। क्रिसिल ने कंपनी के शानदार प्रचालन प्रदर्शन, दीर्घावधि के पावर परचेज एग्रीमेंट्स (पीपीए), सुरक्षित ईंधन आपूर्ति व्यवस्था और लगातार बनी हुई वित्तीय लचीलेपन को भी मान्यता दी है। वर्तमान में वेदांता पावर लिमिटेड विविध पोर्टफोलियो का प्रचालन करती है जिसमें पंजाब में 1,980 मेगावाॅट क्षमता का वेदांता पावर तलवंडी साबो थर्मल प्लांट, ओडिशा में 600 मेगावाॅट का वेदांता पावर झारसुगुड़ा थर्मल प्लांट, आंध्रप्रदेश में 1,000 मेगावाॅट का वेदांता पावर मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड, और छत्तीसगढ़ में 600 मेगावाॅट का वेदांता पावर सक्ती थर्मल प्लांट शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान वेदांता पावर सक्ती थर्मल प्लांट में 600 मेगावाॅट की एक और यूनिट शुरू होने से कंपनी का ऊर्जा उत्पादन पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। क्रिसिल ने वेदांता पावर के मजबूत बिजनेस प्रोफाइल को चिह्नांकित किया है जो विविध जनरेशन पोर्टफोलियो, दीर्घावधि और मध्यम अवधि के पीपीए, परिचालन क्षमता के बड़े हिस्से को शामिल करने वाले ईंधन आपूर्ति अनुबंधों, अच्छी लिक्विडिटी और लगातार बनी हुई वित्तीय लचीले पर आधारित है। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि डीमर्जर के बाद का स्ट्रक्चर इसके व्यवसाय में बेहतर रणनीतिक फोकस और अधिक वित्तीय लचीलापन प्रदान करता है। यह नवीनतम रेटिंग कदम भारत भर में रणनीतिक रूप से स्थित परिसंपत्तियों के साथ विविध थर्मल पावर उत्पादक के रूप में वेदांता पावर के विकास की पुष्टि करता है तथा प्रचालन उत्कृष्टता, दूरदर्शितापूर्ण वित्तीय प्रबंधन और दीर्घावधि के मूल्य निर्माण पर कंपनी की निरंतर एकाग्रता को दर्शाता है। वेदांता पावर ग्राहकों, व्यवसाय के भागीदारों और स्टेकहोल्डरों के लिए दीर्घावधि के मूल्य निर्माण के साथ विश्वसनीय, कुशल और उत्तरदायित्वपूर्ण ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- पीएम आवास योजना में बड़ा खेल अधूरे मकानों का फर्जी जिओ ट्रैकिंग कोरबा से बड़ी खबर1
- स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... जशपुर। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ ‘माँ भगवती मेडिकल स्टोर’ की आड़ में खुलेआम एक अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर ड्रिप (सलाइन) चढ़ाने का काम धड़ल्ले से जारी था। स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों की जमीनी पड़ताल में इस पूरे काले कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। स्टिंग जैसी पड़ताल: 'विक्स' माँगने के बहाने घुसे, अंदर खुला सच : मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार की टीम सामान्य ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुँची। शुरुआत में साधारण बातचीत के दौरान दुकान संचालक ने क्लीनिक या इलाज की बात से साफ इनकार कर दिया और दावा किया कि "यहाँ कोई डॉक्टर आते हैं जो इलाज करते हैं।" हालाँकि, जब पड़ताल करने वाली टीम ने दुकान के अंदरूनी हिस्से और डस्टबिन की जाँच की, तो सच्चाई सामने आ गई: बायो-मेडिकल कचरे का अंबार : डस्टबिन और रैक के पीछे भारी मात्रा में इस्तेमाल की गई सिरिंज (सुइयां), ग्लूकोज व सलाइन की खाली बोतलें, और इस्तेमाल किए गए कॉटन बरामद हुए। * इलाज के उपकरण : दुकान के भीतर एक टेबल पर बीपी मॉनिटर, कैंची और मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाने का पूरा सेटअप मौजूद था। डिग्री माँगी तो खुली पोल: फार्मेसी की पढ़ाई पर चला रहे थे क्लीनिक - जब टीम ने दुकान संचालक से मरीजों को सुई लगाने, ड्रिप चढ़ाने और इलाज करने का लाइसेंस या योग्यता (MBBS/BAMS डिग्री) दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। * स्वीकारोक्ति : संचालक ने केवल B.Pharma/D.Pharma (फार्मेसी) की पढ़ाई करने की बात स्वीकार की। * कानूनी स्थिति : भारतीय चिकित्सा परिषद (NMC) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, फार्मेसी की डिग्री केवल दवाइयाँ बेचने की अनुमति देती है; इसके आधार पर किसी मरीज को इंजेक्शन लगाना, भर्ती करना या क्लिनिकल इलाज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। बहस और भीड़ जुटाकर मामला दबाने का प्रयास - जब संचालक से किसी अधिकृत डॉक्टर का नाम, समय या रजिस्ट्रेशन नंबर पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पोल खुलते ही संचालक ने फोन करके अपने परिचितों और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते दुकान के बाहर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों और वीडियो फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी। किन नियमों की उड़ रही हैं धज्जियाँ? - * छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट: किसी भी स्थान पर मरीज को भर्ती करने या क्लिनिकल प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य है। * ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट: बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची (Prescription) के गंभीर दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और सलाइन देना प्रतिबंधित है। * बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स: प्रयुक्त सुइयों और बोतलों को खुले डस्टबिन में फेंकना संक्रामक बीमारियों (जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी) को न्योता देना है। ग्रामीणों का गुस्सा, CMHO और कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की माँग - ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम होने का फायदा उठाकर इस तरह के अवैध क्लीनिक ग्रामीणों की जेब काटने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। किसी गलत इंजेक्शन या दवा के ओवरडोज से किसी मरीज की जान भी जा सकती है। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य माँगें: > जशपुर CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम तुरंत 'माँ भगवती मेडिकल स्टोर' पर छापा मारे। दुकान को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए और लाइसेंस रद्द हो। अवैध रूप से डॉक्टरी अभ्यास (Quackery) करने के जुर्म में संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।3
- कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं,आज जनदर्शन में कुल 29 आवेदन हुए प्राप्त। कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं,आज जनदर्शन में कुल 29 आवेदन हुए प्राप्त।1
- *भिलाई से पिकनिक मनाने पहुंचे दोस्तों पर टूटा दुखों का पहाड़...एक युवक झरने में लापता...रेस्क्यू ऑपरेशन जारी...दोस्तों के सामने हुआ हादसा...* *भिलाई से पिकनिक मनाने पहुंचे दोस्तों पर टूटा दुखों का पहाड़...एक युवक झरने में लापता...रेस्क्यू ऑपरेशन जारी...दोस्तों के सामने हुआ हादसा...*1