उदयपुर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला कथित तौर पर एसपी कार्यालय की सीढ़ियां हाथों के बल चढ़ती नजर आ रही हैं। यह दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो एसपी कार्यालय का है और महिला न्याय की उम्मीद में वहां पहुंची थीं। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार, महिला को पहले थाने में न्याय नहीं मिला, जिसके बाद उन्हें अपनी शिकायत लेकर एसपी कार्यालय आना पड़ा। हालांकि, कार्यालय में दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें बेहद कठिन परिस्थितियों में इस तरह सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा न्याय तक आसान पहुंच को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोग इस घटना को संवेदनशीलता और पूरी व्यवस्था की परीक्षा के रूप में देख रहे हैं।
उदयपुर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला कथित तौर पर एसपी कार्यालय की सीढ़ियां हाथों के बल चढ़ती नजर आ रही हैं। यह दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो एसपी कार्यालय का है और महिला न्याय की उम्मीद में वहां पहुंची थीं। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार, महिला को पहले थाने में न्याय नहीं मिला, जिसके बाद उन्हें अपनी शिकायत लेकर एसपी कार्यालय आना पड़ा। हालांकि, कार्यालय में दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें बेहद कठिन परिस्थितियों में इस तरह सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा न्याय तक आसान पहुंच को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोग इस घटना को संवेदनशीलता और पूरी व्यवस्था की परीक्षा के रूप में देख रहे हैं।
- राजधानी जयपुर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और युवाओं का जबरदस्त गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। NSUI के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में, बड़ी संख्या में छात्र गुर्जर की थड़ी से मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए मार्च पर निकले। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जोरदार मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं: पहली, देशभर में लीक-मुक्त परीक्षा प्रणाली लागू की जाए; दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; और तीसरी, सभी भर्ती परीक्षाओं का एक वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए। उनका कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस गंभीर समस्या पर प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने चाहिए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया। इस दौरान परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर नारे लगाए गए।1
- माधोराजपुरा पंचायत समिति के दोसरा ग्रेड क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता बेहद परेशान है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में रात से लेकर सुबह तक बिजली नहीं आई, जिसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वे बिजली के अभाव में बेहाल रहे।1
- NEET पेपर लीक के विरोध में लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच, अभिषेक चौधरी को जयपुर पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करते समय बीच रास्ते में ही रोक दिया। यह कार्रवाई छात्रों के लिए न्याय की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन का एक हिस्सा थी, जिसमें राजस्थान के जयपुर में प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।1
- जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में सुरक्षा व्यवस्था को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया। इस दौरान जगन के तीनों भाइयों पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू सिंह को भारी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार स्थल पर लाया गया। जानकारी के अनुसार, जगन का एक भाई अजमेर की उसी जेल में बंद था जहाँ जगन था, जबकि उसके अन्य दो भाई धौलपुर जेल में बंद बताए जाते हैं।1
- पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भवूतीपुरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत 9 पुलिस थानों का भारी पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार में जगन गुर्जर के तीनों भाई पुलिस कस्टडी में शामिल होने पहुंचे, जबकि उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।1
- जयपुर के हसनपुरा इलाके में स्थित एक गद्दे की दुकान में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी तीन मंजिला इमारत धू-धू कर जलने लगी, जो एक भयानक आग के गोले में तब्दील हो गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। राहत की बात यह रही कि बेसमेंट में रह रहे परिवार को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई है, और आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।1