उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद के पनवाड़ी क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 4 बजे परिवहन विभाग ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रही तीन डबल डेकर व स्लीपर बसों पर बड़ी कार्रवाई की है। एआरटीओ टीम ने पनवाड़ी बाईपास स्थित एकता ढाबा, राठ तिराहा और कस्बा पनवाड़ी में इन बसों को रोककर उनके दस्तावेज, परमिट, फिटनेस और अन्य अभिलेखों की जांच की। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर नव्या बस, मिश्रा बस और चौहान बस का चालान किया गया और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए पनवाड़ी थाने में खड़ा करा दिया गया। ये बसें इंदौर, भोपाल और दिल्ली के लिए संचालित की जा रही थीं। इस कार्रवाई के कारण बसों में सवार यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री घंटों तक अपने सामान के साथ सड़क किनारे खड़े रहने को मजबूर हुए। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें न तो तत्काल किराया वापस किया गया और न ही गंतव्य तक पहुंचने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। एक परेशान यात्री ने बताया कि उसे अपने बीमार पिता के इलाज के लिए तत्काल भोपाल जाना था, लेकिन बस पकड़े जाने से उसकी यात्रा अधूरी रह गई। यात्रियों ने तीखा सवाल उठाया कि यदि बसें नियमों के विरुद्ध थीं तो उन्हें पहले सड़क पर चलने की अनुमति ही क्यों दी गई। हालांकि, बस चालकों और परिचालकों का कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों का रिफंड नियमानुसार ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाएगा। मामले पर महोबा के एआरटीओ दयाशंकर ने बताया कि विशेष अभियान के तहत इन तीन डबल डेकर/स्लीपर बसों की जांच की गई थी। इन बसों के पास परमिट तो था, लेकिन नियमों का सरेआम उल्लंघन करते हुए क्षमता से अधिक और ऊपरी हिस्से में भी यात्रियों को बैठाया गया था। इसी अनियमितता के चलते बसों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि पूरे प्रदेश में यह अभियान जारी है और बिना फिटनेस या नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद के पनवाड़ी क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 4 बजे परिवहन विभाग ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रही तीन डबल डेकर व स्लीपर बसों पर बड़ी कार्रवाई की है। एआरटीओ टीम ने पनवाड़ी बाईपास स्थित एकता ढाबा, राठ तिराहा और कस्बा पनवाड़ी में इन बसों को रोककर उनके दस्तावेज, परमिट, फिटनेस और अन्य अभिलेखों की जांच की। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर नव्या बस, मिश्रा बस और चौहान बस का चालान किया गया और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए पनवाड़ी थाने में खड़ा करा दिया गया। ये बसें इंदौर, भोपाल और दिल्ली के लिए संचालित की जा रही थीं। इस कार्रवाई के कारण बसों में सवार यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री घंटों तक अपने सामान के साथ सड़क किनारे खड़े रहने को मजबूर हुए। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें न तो तत्काल किराया वापस किया गया और न ही गंतव्य तक पहुंचने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। एक परेशान यात्री ने बताया कि उसे अपने बीमार पिता के इलाज के लिए तत्काल भोपाल जाना था, लेकिन बस पकड़े जाने से उसकी यात्रा अधूरी रह गई। यात्रियों ने तीखा सवाल उठाया कि यदि बसें नियमों के विरुद्ध थीं तो उन्हें पहले सड़क पर चलने की अनुमति ही क्यों दी गई। हालांकि, बस चालकों और परिचालकों का कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों का रिफंड नियमानुसार ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाएगा। मामले पर महोबा के एआरटीओ दयाशंकर ने बताया कि विशेष अभियान के तहत इन तीन डबल डेकर/स्लीपर बसों की जांच की गई थी। इन बसों के पास परमिट तो था, लेकिन नियमों का सरेआम उल्लंघन करते हुए क्षमता से अधिक और ऊपरी हिस्से में भी यात्रियों को बैठाया गया था। इसी अनियमितता के चलते बसों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि पूरे प्रदेश में यह अभियान जारी है और बिना फिटनेस या नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद के पनवाड़ी क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 4 बजे परिवहन विभाग ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रही तीन डबल डेकर व स्लीपर बसों पर बड़ी कार्रवाई की है। एआरटीओ टीम ने पनवाड़ी बाईपास स्थित एकता ढाबा, राठ तिराहा और कस्बा पनवाड़ी में इन बसों को रोककर उनके दस्तावेज, परमिट, फिटनेस और अन्य अभिलेखों की जांच की। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर नव्या बस, मिश्रा बस और चौहान बस का चालान किया गया और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए पनवाड़ी थाने में खड़ा करा दिया गया। ये बसें इंदौर, भोपाल और दिल्ली के लिए संचालित की जा रही थीं। इस कार्रवाई के कारण बसों में सवार यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री घंटों तक अपने सामान के साथ सड़क किनारे खड़े रहने को मजबूर हुए। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें न तो तत्काल किराया वापस किया गया और न ही गंतव्य तक पहुंचने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। एक परेशान यात्री ने बताया कि उसे अपने बीमार पिता के इलाज के लिए तत्काल भोपाल जाना था, लेकिन बस पकड़े जाने से उसकी यात्रा अधूरी रह गई। यात्रियों ने तीखा सवाल उठाया कि यदि बसें नियमों के विरुद्ध थीं तो उन्हें पहले सड़क पर चलने की अनुमति ही क्यों दी गई। हालांकि, बस चालकों और परिचालकों का कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों का रिफंड नियमानुसार ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाएगा। मामले पर महोबा के एआरटीओ दयाशंकर ने बताया कि विशेष अभियान के तहत इन तीन डबल डेकर/स्लीपर बसों की जांच की गई थी। इन बसों के पास परमिट तो था, लेकिन नियमों का सरेआम उल्लंघन करते हुए क्षमता से अधिक और ऊपरी हिस्से में भी यात्रियों को बैठाया गया था। इसी अनियमितता के चलते बसों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि पूरे प्रदेश में यह अभियान जारी है और बिना फिटनेस या नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा।1
- महोबा के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के सामने युवक विक्की ठाकुर पर हुए प्राणघातक हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 14 जुलाई 2026 की रात को हुए इस जानलेवा हमले के बाद पीड़ित परिजनों की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में तीन नामजद और दो अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस टीमों ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पूर्व में ही तीन आरोपियों रोहित, नादिर और अभिषेक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज पुलिस ने शेष दो वांछित अभियुक्तों राजेश उर्फ छोटू और मामले के मुख्य आरोपी शिवप्रताप सिंह (शिव प्रताप सिंह परिहार) को भी धर-दबोचा। गिरफ्तार किए गए इन दोनों अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस सनसनीखेज वारदात में संलिप्त सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए महोबा की अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वन्दना सिंह द्वारा आधिकारिक बाइट (बयान) भी दी गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण में नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई लगातार अमल में लाई जा रही है।1
- जंतर-मंतर से आज का ताजा अपडेट सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम को न्यूज पिंच और अभिनय पांडे द्वारा सामने लाया गया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर #CJP के साथ भी अपनी बात रखी जा रही है।1
- छतरपुर के मत्स्योद्योग सहकारी समिति मर्यादित बगौता के सदस्यों ने समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच पर मनमानी और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर समिति के सदस्यों ने आज 21 जुलाई को दोपहर करीब 12:30 बजे जनसुनवाई में कलेक्टर को एक शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। सदस्यों का आरोप है कि समिति के पूर्व सरपंच द्वारा उन पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। समिति में कुल 38 सदस्य हैं, लेकिन कुछ लोगों द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि समिति में शामिल किए जाने के नाम पर सदस्यों से रुपये वसूले गए। इसके अलावा, तालाबों के ठेके, आय-व्यय और समिति के संचालन में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। सदस्यों का कहना है कि तालाब में गंदे पदार्थ डाले जाने से मछलियों को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे समिति को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। शिकायतकर्ताओं ने वर्ष 2008 से 2019 तक समिति के संचालन और आय-व्यय की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पूर्व पदाधिकारियों के कार्यकाल के दौरान समिति की राशि और आय-व्यय का सही हिसाब-किताब नहीं दिया गया। इस मामले को लेकर सदस्यों ने अन्य जांच एजेंसियों के समक्ष भी शिकायतें दर्ज कराने की बात कही है और कलेक्टर से दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश में प्रदर्शनकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने लाठीचार्ज और कार्रवाई किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।1