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शहडोल जिले में 'मौत के बीस से अधिक कुएं' मौजूद होने की बात सामने आई है, जहाँ से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का काला कारोबार संचालित होता है। इन 'मौत के कुओं' से जुड़े इस बड़े पैमाने के अवैध व्यापार की कार्यप्रणाली और इसके पीछे के 'आकाओं' के बारे में विस्तृत जानकारी अगले एपिसोड में जानने को मिलेगी।

1 hr ago
user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

शहडोल जिले में 'मौत के बीस से अधिक कुएं' मौजूद होने की बात सामने आई है, जहाँ से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का काला कारोबार संचालित होता है। इन 'मौत के कुओं' से जुड़े इस बड़े पैमाने के अवैध व्यापार की कार्यप्रणाली और इसके पीछे के 'आकाओं' के बारे में विस्तृत जानकारी अगले एपिसोड में जानने को मिलेगी।

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  • शहडोल जिले में 'मौत के बीस से अधिक कुएं' मौजूद होने की बात सामने आई है, जहाँ से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का काला कारोबार संचालित होता है। इन 'मौत के कुओं' से जुड़े इस बड़े पैमाने के अवैध व्यापार की कार्यप्रणाली और इसके पीछे के 'आकाओं' के बारे में विस्तृत जानकारी अगले एपिसोड में जानने को मिलेगी।
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    शहडोल जिले में 'मौत के बीस से अधिक कुएं' मौजूद होने की बात सामने आई है, जहाँ से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का काला कारोबार संचालित होता है। इन 'मौत के कुओं' से जुड़े इस बड़े पैमाने के अवैध व्यापार की कार्यप्रणाली और इसके पीछे के 'आकाओं' के बारे में विस्तृत जानकारी अगले एपिसोड में जानने को मिलेगी।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • विश्व रक्तदाता दिवस के शुभ अवसर पर, श्री राम रक्तदान समिति ने मानव सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक जरूरतमंद महिला की जान बचाई है। यह घटना शहडोल स्थित आदित्य हॉस्पिटल में हुई, जहाँ समिति के एक सदस्य ने रक्तदान किया। उमरिया जिले के पाली निवासी राजकुमारी रायदास नामक महिला को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें आई थीं, जब उन पर एक पेड़ गिर गया था, जिससे उनकी हड्डी टूट गई थी। उन्हें उपचार के लिए आदित्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन करने की सलाह दी थी। ऑपरेशन के दौरान, पीड़िता को रक्त की अत्यंत आवश्यकता थी। परिजनों द्वारा श्री राम रक्तदान समिति से संपर्क करने पर, समिति के सदस्य तत्काल अस्पताल पहुँचे और रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया। रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित होने से चिकित्सकों ने समय पर उपचार और ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू की। श्री राम रक्तदान समिति विगत वर्ष 2014 से निरंतर जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है, और समिति के सदस्यों का यह सेवा भाव समाज के लिए प्रेरणादायक है, जो यह संदेश देता है कि रक्तदान वास्तव में महादान है।
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    विश्व रक्तदाता दिवस के शुभ अवसर पर, श्री राम रक्तदान समिति ने मानव सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक जरूरतमंद महिला की जान बचाई है। यह घटना शहडोल स्थित आदित्य हॉस्पिटल में हुई, जहाँ समिति के एक सदस्य ने रक्तदान किया।

उमरिया जिले के पाली निवासी राजकुमारी रायदास नामक महिला को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें आई थीं, जब उन पर एक पेड़ गिर गया था, जिससे उनकी हड्डी टूट गई थी। उन्हें उपचार के लिए आदित्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन करने की सलाह दी थी। ऑपरेशन के दौरान, पीड़िता को रक्त की अत्यंत आवश्यकता थी।

परिजनों द्वारा श्री राम रक्तदान समिति से संपर्क करने पर, समिति के सदस्य तत्काल अस्पताल पहुँचे और रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया। रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित होने से चिकित्सकों ने समय पर उपचार और ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू की। श्री राम रक्तदान समिति विगत वर्ष 2014 से निरंतर जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है, और समिति के सदस्यों का यह सेवा भाव समाज के लिए प्रेरणादायक है, जो यह संदेश देता है कि रक्तदान वास्तव में महादान है।
    user_पार्षद सिल्लू रजक
    पार्षद सिल्लू रजक
    Animal Protection Organisation सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Angad Tiwari
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    Post by Angad Tiwari
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अनूपपुर का एकमात्र बड़ा लाडली लक्ष्मी पार्क, जो सैकड़ों बच्चों के खेलकूद और मनोरंजन का केंद्र है, अब असुरक्षा का गढ़ बनता जा रहा है। इसकी मुख्य वजह पार्क में खुलेआम घूमते हुए शिकारी और आक्रामक नस्ल के कुत्ते हैं, जिन पर नगर पालिका का कोई नियंत्रण या सख्ती नहीं दिख रही है। शाम ढलते ही जब बच्चे और परिवार पार्क में जुटते हैं, तो कुछ लोग खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना जंजीर और सुरक्षा बेल्ट के घुमाते नजर आते हैं, जिससे छोटे बच्चों के साथ किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि यह पार्क अब बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित नहीं रहा और वे हर समय भय में रहते हैं, हालांकि अभी तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है, लेकिन हालात लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं। लोगों में नगर पालिका की इस उदासीनता पर भारी नाराजगी है, क्योंकि पार्क में न तो सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं और न ही ऐसे कुत्तों के प्रवेश को लेकर कोई स्पष्ट नियम लागू किए गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका केवल सौंदर्यीकरण और दिखावे पर ध्यान दे रही है, जबकि बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल पार्क में सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, आक्रामक नस्ल के कुत्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, पार्क में चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की भी जोरदार मांग उठ रही है। शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो कोई भी अप्रिय घटना पूरे शहर को झकझोर सकती है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा अब आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुका है, और सबकी निगाहें नगर पालिका पर टिकी हैं कि वह कब तक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस गंभीर स्थिति पर ठोस कार्रवाई करती है।
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    अनूपपुर का एकमात्र बड़ा लाडली लक्ष्मी पार्क, जो सैकड़ों बच्चों के खेलकूद और मनोरंजन का केंद्र है, अब असुरक्षा का गढ़ बनता जा रहा है। इसकी मुख्य वजह पार्क में खुलेआम घूमते हुए शिकारी और आक्रामक नस्ल के कुत्ते हैं, जिन पर नगर पालिका का कोई नियंत्रण या सख्ती नहीं दिख रही है। शाम ढलते ही जब बच्चे और परिवार पार्क में जुटते हैं, तो कुछ लोग खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना जंजीर और सुरक्षा बेल्ट के घुमाते नजर आते हैं, जिससे छोटे बच्चों के साथ किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि यह पार्क अब बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित नहीं रहा और वे हर समय भय में रहते हैं, हालांकि अभी तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है, लेकिन हालात लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं।

लोगों में नगर पालिका की इस उदासीनता पर भारी नाराजगी है, क्योंकि पार्क में न तो सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं और न ही ऐसे कुत्तों के प्रवेश को लेकर कोई स्पष्ट नियम लागू किए गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका केवल सौंदर्यीकरण और दिखावे पर ध्यान दे रही है, जबकि बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल पार्क में सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, आक्रामक नस्ल के कुत्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, पार्क में चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की भी जोरदार मांग उठ रही है।

शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो कोई भी अप्रिय घटना पूरे शहर को झकझोर सकती है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा अब आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुका है, और सबकी निगाहें नगर पालिका पर टिकी हैं कि वह कब तक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस गंभीर स्थिति पर ठोस कार्रवाई करती है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के चंदिया क्षेत्र के ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया है। आज़ादी के सात शतक बाद भी सड़क, पुल और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित इन ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर जन आक्रोश यात्रा निकाली। इस दौरान करीब 30 किलोमीटर दूर-दराज के क्षेत्रों से भारी संख्या में ग्रामीण उमरिया पहुंचे और अपनी पांच-सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में संपर्क मार्ग कट जाने से बच्चे स्कूल नहीं पहुँच पाते और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में भारी परेशानी होती है। सड़कें दलदल में बदल जाती हैं और पुल-पुलियों के अभाव में लोगों का आवागमन बाधित होता है। कई बार मरीजों को अस्पताल पहुँचाना भी मुश्किल हो जाता है, वहीं क्षेत्र में पेयजल संकट ने ग्रामीणों का जीवन और अधिक कठिन बना दिया है। यात्रा के दौरान ग्रामीणों में भारी आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला। उनका स्पष्ट कहना था कि विकास के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन आज भी कई क्षेत्र और गाँव ऐसे हैं जहाँ विकास हुआ ही नहीं है, और वे सड़क, पुल, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी तरस रहे हैं।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के चंदिया क्षेत्र के ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया है। आज़ादी के सात शतक बाद भी सड़क, पुल और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित इन ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर जन आक्रोश यात्रा निकाली।

इस दौरान करीब 30 किलोमीटर दूर-दराज के क्षेत्रों से भारी संख्या में ग्रामीण उमरिया पहुंचे और अपनी पांच-सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में संपर्क मार्ग कट जाने से बच्चे स्कूल नहीं पहुँच पाते और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में भारी परेशानी होती है। सड़कें दलदल में बदल जाती हैं और पुल-पुलियों के अभाव में लोगों का आवागमन बाधित होता है। कई बार मरीजों को अस्पताल पहुँचाना भी मुश्किल हो जाता है, वहीं क्षेत्र में पेयजल संकट ने ग्रामीणों का जीवन और अधिक कठिन बना दिया है।

यात्रा के दौरान ग्रामीणों में भारी आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला। उनका स्पष्ट कहना था कि विकास के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन आज भी कई क्षेत्र और गाँव ऐसे हैं जहाँ विकास हुआ ही नहीं है, और वे सड़क, पुल, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी तरस रहे हैं।
    user_जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की बढ़ती मौजूदगी और मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के उद्देश्य से, मध्य प्रदेश वन विभाग के 30 वनकर्मियों ने पश्चिम बंगाल में छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दल में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लवकेश प्रसाद कुशवाहा, धीरेंद्र शुक्ल, कैलाश चौधरी, लवकेश गुप्ता और रवि कुमार वर्मा सहित पाँच वनरक्षक भी शामिल थे। यह प्रशिक्षण प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था, जिसका संचालन द नेचर कंज़र्वेंसी और एसएनएपी फाउंडेशन ने किया। प्रशिक्षण के दौरान, वनकर्मियों को हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजने के ऑपरेशन, ट्रांसेक्ट सर्वे, गोबर विश्लेषण, हाथियों के व्यवहार अध्ययन, कैम्प, हाथी प्रबंधन और शारीरिक बनावट के आधार पर उनकी प्रोफाइलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन की रणनीतियों को समझने के लिए गोरुमारा, कर्सिओंग, बैकुंठपुर और जलपाईगुड़ी वन मंडलों के अधिकारियों, क्विक रिस्पॉन्स टीमों और स्थानीय समुदायों से भी संवाद किया। यह उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग आठ वर्षों से बांधवगढ़ क्षेत्र में जंगली हाथियों का नियमित विचरण बना हुआ है और यह क्षेत्र अब उनके स्थायी रहवास के रूप में उभर रहा है। ऐसे में, यह विशेष प्रशिक्षण भविष्य में प्रभावी हाथी प्रबंधन और क्षेत्र के ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की बढ़ती मौजूदगी और मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के उद्देश्य से, मध्य प्रदेश वन विभाग के 30 वनकर्मियों ने पश्चिम बंगाल में छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दल में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लवकेश प्रसाद कुशवाहा, धीरेंद्र शुक्ल, कैलाश चौधरी, लवकेश गुप्ता और रवि कुमार वर्मा सहित पाँच वनरक्षक भी शामिल थे। यह प्रशिक्षण प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था, जिसका संचालन द नेचर कंज़र्वेंसी और एसएनएपी फाउंडेशन ने किया।

प्रशिक्षण के दौरान, वनकर्मियों को हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजने के ऑपरेशन, ट्रांसेक्ट सर्वे, गोबर विश्लेषण, हाथियों के व्यवहार अध्ययन, कैम्प, हाथी प्रबंधन और शारीरिक बनावट के आधार पर उनकी प्रोफाइलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन की रणनीतियों को समझने के लिए गोरुमारा, कर्सिओंग, बैकुंठपुर और जलपाईगुड़ी वन मंडलों के अधिकारियों, क्विक रिस्पॉन्स टीमों और स्थानीय समुदायों से भी संवाद किया। यह उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग आठ वर्षों से बांधवगढ़ क्षेत्र में जंगली हाथियों का नियमित विचरण बना हुआ है और यह क्षेत्र अब उनके स्थायी रहवास के रूप में उभर रहा है।

ऐसे में, यह विशेष प्रशिक्षण भविष्य में प्रभावी हाथी प्रबंधन और क्षेत्र के ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सनी सिंह का 12 जून को ब्यौहारी नगर परिषद क्षेत्र में भव्य आगमन हुआ, जहाँ उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। यह स्वागत मृगेंद्र सिंह सिंह गुड्डू और क्षत्रिय समाज के साथी कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर अनेक समाजबंधु और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के आगमन पर काफी उत्साह दिखाया।
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    करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सनी सिंह का 12 जून को ब्यौहारी नगर परिषद क्षेत्र में भव्य आगमन हुआ, जहाँ उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया।

यह स्वागत मृगेंद्र सिंह सिंह गुड्डू और क्षत्रिय समाज के साथी कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर अनेक समाजबंधु और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के आगमन पर काफी उत्साह दिखाया।
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    15 hrs ago
  • अनूपपुर जिले में सर्प प्रहरियों की एक टीम ने बीते दो दिनों में 8 अत्यंत जहरीले सांपों को आमजनों के घरों और आसपास के ग्रामीण अंचलों से सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इन सर्प प्रहरियों में शशिधर अग्रवाल, छोटेलाल यादव, मनोज यादव, धर्मेन्द्र यादव और लाल दास सिंह शामिल थे, जिन्होंने इन सांपों को पकड़ने के बाद किरर के जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिए छोड़ दिया। इसी दौरान, जिला मुख्यालय अनूपपुर से 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत मझगवां के चटुआ गांव में जीवन कोल के घर के अंदर एक अत्यंत जहरीला कोबरा सांप किराना दुकान में रखे सामानों के गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना मिलने पर सर्प प्रहरी शशिधर अग्रवाल देर रात अकेले ही घटनास्थल पर पहुंचे और घायल सांप का सावधानीपूर्वक रेस्क्यू किया। अगली सुबह, शशिधर अग्रवाल अपने सहयोगी छोटेलाल यादव के साथ घायल कोबरा को पशु चिकित्सा विभाग अनूपपुर के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी नारायण सिंह मार्को के निवास पर ले गए। वहाँ सांप को टांके लगाए गए और अन्य औषधियों से उसका उपचार किया गया। दो दिनों में रेस्क्यू किए गए कुल 8 सांपों, जिनमें 6 कोबरा प्रजाति के और 2 कॉमन करैत (डंडाकरायल) प्रजाति के सर्प थे, को उपचार के बाद वनांचल क्षेत्र किरर के जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिए सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। सर्प प्रहरियों ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी और वर्षा काल से ठीक पहले, कई जहरीले और सामान्य सांपों सहित विभिन्न जीव-जंतु अपने रहवास इलाकों से बाहर निकलकर ज्यादा संख्या में विचरण कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में, उन्होंने आमजनों से रात के समय रोशनी या टॉर्च के साथ चलने, टॉर्च की रोशनी के सहारे ही घर या अन्य स्थानों से आवश्यक सामान निकालने, किसी भी परिस्थिति में जमीन में न सोने, और सर्पदंश पीड़ित व्यक्ति को बिना समय गंवाए झाड़-फूंक या किसी भी तरह के देशी/स्थापित उपचार का प्रयोग किए बगैर तत्काल शासकीय चिकित्सालय में पहुंचकर चिकित्सकों से उपचार कराने की अपील की है।
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    अनूपपुर जिले में सर्प प्रहरियों की एक टीम ने बीते दो दिनों में 8 अत्यंत जहरीले सांपों को आमजनों के घरों और आसपास के ग्रामीण अंचलों से सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इन सर्प प्रहरियों में शशिधर अग्रवाल, छोटेलाल यादव, मनोज यादव, धर्मेन्द्र यादव और लाल दास सिंह शामिल थे, जिन्होंने इन सांपों को पकड़ने के बाद किरर के जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिए छोड़ दिया।

इसी दौरान, जिला मुख्यालय अनूपपुर से 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत मझगवां के चटुआ गांव में जीवन कोल के घर के अंदर एक अत्यंत जहरीला कोबरा सांप किराना दुकान में रखे सामानों के गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना मिलने पर सर्प प्रहरी शशिधर अग्रवाल देर रात अकेले ही घटनास्थल पर पहुंचे और घायल सांप का सावधानीपूर्वक रेस्क्यू किया।

अगली सुबह, शशिधर अग्रवाल अपने सहयोगी छोटेलाल यादव के साथ घायल कोबरा को पशु चिकित्सा विभाग अनूपपुर के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी नारायण सिंह मार्को के निवास पर ले गए। वहाँ सांप को टांके लगाए गए और अन्य औषधियों से उसका उपचार किया गया। दो दिनों में रेस्क्यू किए गए कुल 8 सांपों, जिनमें 6 कोबरा प्रजाति के और 2 कॉमन करैत (डंडाकरायल) प्रजाति के सर्प थे, को उपचार के बाद वनांचल क्षेत्र किरर के जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिए सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।

सर्प प्रहरियों ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी और वर्षा काल से ठीक पहले, कई जहरीले और सामान्य सांपों सहित विभिन्न जीव-जंतु अपने रहवास इलाकों से बाहर निकलकर ज्यादा संख्या में विचरण कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में, उन्होंने आमजनों से रात के समय रोशनी या टॉर्च के साथ चलने, टॉर्च की रोशनी के सहारे ही घर या अन्य स्थानों से आवश्यक सामान निकालने, किसी भी परिस्थिति में जमीन में न सोने, और सर्पदंश पीड़ित व्यक्ति को बिना समय गंवाए झाड़-फूंक या किसी भी तरह के देशी/स्थापित उपचार का प्रयोग किए बगैर तत्काल शासकीय चिकित्सालय में पहुंचकर चिकित्सकों से उपचार कराने की अपील की है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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