वज़ीरगंज प्रखंड के अंतर्गत स्थित सहिया गाँव में इस वर्ष होली का पर्व पारंपरिक उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। होली के दिन सुबह से ही पूरे गाँव में उत्साह का माहौल बना रहा। हर घर से ढोलक और नगाड़ो की धुन सुनाई दे रही थी, वहीं युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर “धुरखेरी” की परंपरा को जीवंत कर दिया। ईस दौरान धुरखेरी में दिखा जोश और उमंग, गाँव की गलियों में रंग और गुलाल की बौछार के बीच युवाओं की टोली ने जमकर आनंद लिया । पारंपरिक गीतों पर नाचते गाते युवक और युवतियों ने वातावरण को पूरी तरह रंगीन बना दिया। छोटे बच्चे भी पिचकारी और अबीर गुलाल के साथ उत्सव में शामिल हुए। बुजुर्गों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर आशीर्वाद दिया, तो महिलाओं ने फगुआ गीत गाकर माहौल को और भी मधुर बना दिया। कई जगह सामूहिक रूप से पकवान बनाए गए और लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। ईस दौरान परंपरा और संस्कृति का अदभुत संगम देखने को मिला! धुरखेरी के दौरान पारंपरिक रीति रिवाजों का विशेष ध्यान रखा गया। पहले गाँव के देवी देवताओं के स्थान पर रंग अबीर अर्पित किया गया, उसके बाद उत्सव की शुरुआत हुई। इस आयोजन में सभी जाति और वर्ग के लोग एक साथ शामिल हुए, जिससे सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। ईस दौरान समाज को एकजुटता का भी संदेश दिखा! गाँव के बुजुर्गो ने बताया की होली का यह पर्व केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और पुरानी कटुता को मिटाने का अवसर है। सहिया गाँव की होली ने यह साबित कर दिया कि जब पूरा समाज एक साथ खड़ा होता है, तो हर त्योहार एकता का प्रतीक बन जाता है। ईस दौरान गाँव के प्रबुद्ध लोगों ने युवाओं से अपील की कि होली को मर्यादित और शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं, नशे और असामाजिक गतिविधियों से दूर रहें तथा आपसी सदभाव बनाए रखें। सहिया गाँव में इस बार की होली न केवल रंगों से सराबोर रही, बल्कि आपसी प्रेम और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। धुरखेरी में झूमते युवाओं और आशीर्वाद देते बुजुर्गों की तस्वीरें यह संदेश दे गईं कि एकजुट समाज ही सशक्त समाज होता है। रंगों का यह त्योहार सहिया गाँव में खुशियों, उत्साह और भाईचारे की नई मिसाल बन गया। ईस दौरान गाँव के सैड़को युवाओं ने आज जमकर धुरखेरी का आनंद लिया!!
वज़ीरगंज प्रखंड के अंतर्गत स्थित सहिया गाँव में इस वर्ष होली का पर्व पारंपरिक उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। होली के दिन सुबह से ही पूरे गाँव में उत्साह का माहौल बना रहा। हर घर से ढोलक और नगाड़ो की धुन सुनाई दे रही थी, वहीं युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर “धुरखेरी” की परंपरा को जीवंत कर दिया। ईस दौरान धुरखेरी में दिखा जोश और उमंग, गाँव की गलियों में रंग और गुलाल की बौछार के बीच युवाओं की टोली ने जमकर आनंद लिया । पारंपरिक गीतों पर नाचते गाते युवक और युवतियों ने वातावरण को पूरी तरह रंगीन बना दिया। छोटे बच्चे भी पिचकारी और अबीर गुलाल के साथ उत्सव में शामिल हुए। बुजुर्गों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर आशीर्वाद दिया, तो महिलाओं ने फगुआ गीत गाकर माहौल को और भी मधुर बना दिया। कई जगह सामूहिक रूप से पकवान बनाए गए और लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। ईस दौरान परंपरा और संस्कृति का अदभुत संगम देखने को मिला! धुरखेरी के दौरान पारंपरिक रीति रिवाजों का विशेष ध्यान रखा गया। पहले गाँव के देवी देवताओं के स्थान पर रंग अबीर अर्पित किया गया, उसके बाद उत्सव की शुरुआत हुई। इस आयोजन में सभी जाति और वर्ग के लोग एक साथ शामिल हुए, जिससे सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। ईस दौरान समाज को एकजुटता का भी संदेश दिखा! गाँव के बुजुर्गो ने बताया की होली का यह पर्व केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और पुरानी कटुता को मिटाने का अवसर है। सहिया गाँव की होली ने यह साबित कर दिया कि जब पूरा समाज एक साथ खड़ा होता है, तो हर त्योहार एकता का प्रतीक बन जाता है। ईस दौरान गाँव के प्रबुद्ध लोगों ने युवाओं से अपील की कि होली को मर्यादित और शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं, नशे और असामाजिक गतिविधियों से दूर रहें तथा आपसी सदभाव बनाए रखें। सहिया गाँव में इस बार की होली न केवल रंगों से सराबोर रही, बल्कि आपसी प्रेम और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। धुरखेरी में झूमते युवाओं और आशीर्वाद देते बुजुर्गों की तस्वीरें यह संदेश दे गईं कि एकजुट समाज ही सशक्त समाज होता है। रंगों का यह त्योहार सहिया गाँव में खुशियों, उत्साह और भाईचारे की नई मिसाल बन गया। ईस दौरान गाँव के सैड़को युवाओं ने आज जमकर धुरखेरी का आनंद लिया!!
- Post by हेमन्त कुमार सिंह1
- Post by Tws News1
- Post by News Of Nawada1
- “गरीबी हटाकर प्रगति का नया इतिहास रचेंगे हम।”#sbiharnews121
- गया जी छोटकी नवादा गांधी मोड़ पर प्याऊ के बगल में मीट दुकान, स्वच्छता और नियमों पर उठे सवाल1
- Post by जन सेवक1
- नवादा में कुर्ता फाड़ होली की धूम अजित कुमार नवादा। होली के अवसर पर नवादा में इस बार “कुर्ता फाड़ होली” की अनोखी धूम देखने को मिली। शहर और आसपास के इलाकों में युवाओं की टोलियां सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर सड़कों पर उतरीं और रंग, अबीर-गुलाल के साथ कीचड़ में जमकर मस्ती की। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, फगुआ गीतों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर माहौल और भी रंगीन होता गया। युवाओं ने एक-दूसरे को रंग लगाने के बाद कुर्ता फाड़कर होली खेलने की परंपरा निभाई। कई जगहों पर डीजे की धुन पर भी लोग झूमते नजर आए। छोटे-बड़े सभी ने गले मिलकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। इस खास अंदाज की होली को लेकर बाजारों में भी रौनक रही। सफेद कुर्तों की दुकानों पर युवाओं की भीड़ उमड़ी रही और दुकानदारों ने अच्छी बिक्री होने की बात कही। रंग-गुलाल, पिचकारी और ढोल की दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई।1
- Post by हेमन्त कुमार सिंह1