सहिया देवी स्थान, शिव मंदिर और सूर्य मंदिर में होली पर उमड़ा आस्था और उल्लास का सैलाब! वज़ीरगंज प्रखंड अंतर्गत सहिया गाँव स्थित सहिया देवी स्थान, प्राचीन शिव मंदिर और सूर्य मंदिर सहिया में होली के पावन अवसर पर आस्था, परंपरा और उल्लास का अदभूत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने माता रानी और भोलेनाथ को अबीर गुलाल अर्पित कर सुख समृद्धि और गांव की खुशहाली की कामना की। मंदिर प्रांगण में ढोल नगाड़ो और फाग गीतो की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर पारंपरिक तरीके से होली खेली। महिलाएं भी पूरे उत्साह के साथ एक दूसरे को रंग लगाकर भाईचारे और प्रेम का संदेश देती नजर आईं। बच्चो की किलकारियों और रंगों की बौछार ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। पंडितों द्वारा विशेष पूजा अर्चना कर गांव की सुख शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का पर्व है। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार पहले देवी स्थान और शिव मंदिर में रंग अर्पित किया जाता है, उसके बाद ही गांव में होली खेलने की शुरुआत होती है। गांव के बुजुर्गों ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि होली हमें आपसी द्वेष और मनमुटाव को भुलाकर प्रेम और सौहार्द के रंग में रंगने की सीख देती है। जिस तरह रंग मिलकर एक नया स्वरूप बनाते हैं, उसी तरह समाज के सभी वर्ग मिलकर एक मजबूत और सुंदर समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस दौरान सुरक्षा और शालीनता का भी विशेष ध्यान रखा गया। युवाओं ने संकल्प लिया कि वे नशामुक्त और मर्यादित होली मनाएंगे, जिससे किसी की भावनाएं आहत न हों। होली के इस पावन अवसर पर सहिया देवी स्थान और शिव मंदिर का दृश्य मानो यह संदेश दे रहा था कि जब समाज एकजुट होकर पर्व मनाता है, तो केवल रंग ही नहीं, बल्कि दिल भी रंगीन हो जाते हैं। प्रेम, एकता और भाईचारे का यह उत्सव गांव के लोगों के दिलों में लंबे समय तक यादगार बना रहेगा। समाज के लिए संदेश, होली हमें यह सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न हों, प्रेम और एकता के रंग से हर समस्या का समाधान संभव है। आइए, हम सभी मिलकर इस पर्व को आपसी सदभाव,सम्मान और सामाजिक समरसता के साथ मनाएं और एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
सहिया देवी स्थान, शिव मंदिर और सूर्य मंदिर में होली पर उमड़ा आस्था और उल्लास का सैलाब! वज़ीरगंज प्रखंड अंतर्गत सहिया गाँव स्थित सहिया देवी स्थान, प्राचीन शिव मंदिर और सूर्य मंदिर सहिया में होली के पावन अवसर पर आस्था, परंपरा और उल्लास का अदभूत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने माता रानी और भोलेनाथ को अबीर गुलाल अर्पित कर सुख समृद्धि और गांव की खुशहाली की कामना की। मंदिर प्रांगण में ढोल नगाड़ो और फाग गीतो की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर पारंपरिक तरीके से होली खेली। महिलाएं भी पूरे उत्साह के साथ एक दूसरे को रंग लगाकर भाईचारे और प्रेम का संदेश देती नजर आईं। बच्चो की किलकारियों और रंगों की बौछार ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। पंडितों द्वारा विशेष पूजा अर्चना कर गांव की सुख शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का पर्व है। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार पहले देवी स्थान और शिव मंदिर में रंग अर्पित किया जाता है, उसके बाद ही गांव में होली खेलने की शुरुआत होती है। गांव के बुजुर्गों ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि होली हमें आपसी द्वेष और मनमुटाव को भुलाकर प्रेम और सौहार्द के रंग में रंगने की सीख देती है। जिस तरह रंग मिलकर एक नया स्वरूप बनाते हैं, उसी तरह समाज के सभी वर्ग मिलकर एक मजबूत और सुंदर समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस दौरान सुरक्षा और शालीनता का भी विशेष ध्यान रखा गया। युवाओं ने संकल्प लिया कि वे नशामुक्त और मर्यादित होली मनाएंगे, जिससे किसी की भावनाएं आहत न हों। होली के इस पावन अवसर पर सहिया देवी स्थान और शिव मंदिर का दृश्य मानो यह संदेश दे रहा था कि जब समाज एकजुट होकर पर्व मनाता है, तो केवल रंग ही नहीं, बल्कि दिल भी रंगीन हो जाते हैं। प्रेम, एकता और भाईचारे का यह उत्सव गांव के लोगों के दिलों में लंबे समय तक यादगार बना रहेगा। समाज के लिए संदेश, होली हमें यह सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न हों, प्रेम और एकता के रंग से हर समस्या का समाधान संभव है। आइए, हम सभी मिलकर इस पर्व को आपसी सदभाव,सम्मान और सामाजिक समरसता के साथ मनाएं और एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
- Post by हेमन्त कुमार सिंह1
- Post by Tws News1
- Post by News Of Nawada1
- “गरीबी हटाकर प्रगति का नया इतिहास रचेंगे हम।”#sbiharnews121
- गया जी छोटकी नवादा गांधी मोड़ पर प्याऊ के बगल में मीट दुकान, स्वच्छता और नियमों पर उठे सवाल1
- Post by जन सेवक1
- नवादा में कुर्ता फाड़ होली की धूम अजित कुमार नवादा। होली के अवसर पर नवादा में इस बार “कुर्ता फाड़ होली” की अनोखी धूम देखने को मिली। शहर और आसपास के इलाकों में युवाओं की टोलियां सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर सड़कों पर उतरीं और रंग, अबीर-गुलाल के साथ कीचड़ में जमकर मस्ती की। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, फगुआ गीतों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर माहौल और भी रंगीन होता गया। युवाओं ने एक-दूसरे को रंग लगाने के बाद कुर्ता फाड़कर होली खेलने की परंपरा निभाई। कई जगहों पर डीजे की धुन पर भी लोग झूमते नजर आए। छोटे-बड़े सभी ने गले मिलकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। इस खास अंदाज की होली को लेकर बाजारों में भी रौनक रही। सफेद कुर्तों की दुकानों पर युवाओं की भीड़ उमड़ी रही और दुकानदारों ने अच्छी बिक्री होने की बात कही। रंग-गुलाल, पिचकारी और ढोल की दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई।1
- Post by हेमन्त कुमार सिंह1