Shuru
Apke Nagar Ki App…
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लोगों से पूछा गया है कि वे एक विशेष लड़के को कितना अच्छी तरह से जानते हैं। पोस्ट में सीधा सवाल किया गया है कि उसे कौन-कौन पहचानता है।
RAHUL KUMAR
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लोगों से पूछा गया है कि वे एक विशेष लड़के को कितना अच्छी तरह से जानते हैं। पोस्ट में सीधा सवाल किया गया है कि उसे कौन-कौन पहचानता है।
More news from झारखंड and nearby areas
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लोगों से पूछा गया है कि वे एक विशेष लड़के को कितना अच्छी तरह से जानते हैं। पोस्ट में सीधा सवाल किया गया है कि उसे कौन-कौन पहचानता है।1
- खान सर का कुछ दिन पहले का एक वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, खान सर लड़कियों के बीच जागरूकता बढ़ाने का काम कर रहे हैं।1
- कोडरमा के मरकच्चो में आपसी विवाद के चलते एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है।1
- motivational quotes bbbbbbbbbbbbbbbbbbbbbbbbbvvvvvvvvvvv1
- हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता अपने चरम पर पहुँच गई है, जहाँ अव्यवस्थाओं में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। हाल ही में, बरकठा निवासी नारायण दास को खून की उल्टी होने के बाद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहाँ परिजनों को अस्पताल कर्मियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके चलते, गंभीर हालत में मरीज को इमरजेंसी वार्ड से न्यू बिल्डिंग तक परिजनों को स्वयं ले जाना पड़ा। इतना ही नहीं, मरीज को प्रथम तल्ले पर ले जाने के लिए लिफ्ट की अनिवार्यता के बावजूद, इसकी स्थिति भी बेहद भयावह और चिंताजनक पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल की लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला मरीज कई मिनटों तक फंसी रही, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। लगातार सामने आ रही ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि अस्पताल प्रशासन वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पूरी तरह विफल रहा है, और इस प्रकार की असुरक्षित बुनियादी सुविधाएँ मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ मानी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को समय पर सहायता न मिलना और लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधा का असुरक्षित होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए, हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने अस्पताल अधीक्षक, सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ट्रस्ट ने यह भी मांग की है कि अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था, वार्ड बॉय सेवा और मरीज सहायता प्रणाली को बिना किसी देरी के दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की जान प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े।1
- देखिये इस वीडियो में सोशल मीडिया महिला किया कुछ बोल रही है।1
- कोडरमा के छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ किए जा रहे अन्याय को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। झारखंड सरकार पर यह आरोप लगाया गया है कि उसने कोडरमा के हज़ारों छात्र-छात्राओं पर अनावश्यक रूप से आर्थिक, मानसिक और शारीरिक बोझ डालने का काम किया है। पूर्व में राज्य सरकार से आग्रह किया गया था कि कोडरमा के महाविद्यालयों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के अंतर्गत ही यथावत रखा जाए, लेकिन सरकार ने इस अपील को अनदेखा करते हुए यह कदम उठाया है।1
- झारखंड के कोडरमा में ट्रांसफार्मर जलने के कारण कई दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लगातार बिजली न होने से उनका दैनिक जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया था, जिसके चलते ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ बेहद नाराज थे। अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने उपायुक्त (डीसी) के काफिले को रोककर सड़क जाम कर दी। इस दौरान उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए ताकि बिजली आपूर्ति बहाल हो सके। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों की समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद ही यह मामला शांत हुआ और प्रदर्शन समाप्त किया गया।1