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*बिग ब्रेकिंग* *सौसर सिविल अस्पताल में हड़ताल से हड़कंप* *BMO के खिलाफ डॉक्टर-कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन* *ऑफिस में ताला लगाकर छुट्टी पर गए BMO, व्यवस्था ठप* *महिला डॉक्टरों ने लगाए गंभीर आरोप, बढ़ा विवाद* *मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी* *पहले भी हो चुकी हड़ताल, नहीं निकला समाधान* *प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी सबकी नजरें*
Rintu Khan
*बिग ब्रेकिंग* *सौसर सिविल अस्पताल में हड़ताल से हड़कंप* *BMO के खिलाफ डॉक्टर-कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन* *ऑफिस में ताला लगाकर छुट्टी पर गए BMO, व्यवस्था ठप* *महिला डॉक्टरों ने लगाए गंभीर आरोप, बढ़ा विवाद* *मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी* *पहले भी हो चुकी हड़ताल, नहीं निकला समाधान* *प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी सबकी नजरें*
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- Post by Rintu Khan1
- पांढुर्णा:-सौसर के सिविल अस्पताल में जारी स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच आज हालात और ज्यादा गंभीर हो गए, जब कर्मचारियों और चिकित्सा अधिकारियों ने जोरदार आंदोलन किया। अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्र में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। आंदोलन के दौरान नारेबाजी की गई और लंबित मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग उठाई गई। यह पूरा विवाद BMO पद से डॉ. योगेश शुक्ला को हटाने की मांग को लेकर चल रहा है, जिस पर अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। 📑 आवेदन और घटनाक्रम स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए आवेदन में बताया कि— 8 अप्रैल को कलेक्टर को ज्ञापन देकर BMO बदलने की मांग की गई थी। 16 अप्रैल को सामूहिक अवकाश और 17-18 अप्रैल को हड़ताल की गई। 18 अप्रैल को 7 दिन में कार्रवाई के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित की गई। 24 अप्रैल को फिर ज्ञापन देकर 28 अप्रैल तक कार्रवाई की मांग रखी गई। लेकिन तय समय सीमा तक कोई निर्णय नहीं होने पर 29 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई, जिसके साथ ही आज आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। 🏥 मरीजों पर असर हड़ताल और आंदोलन के कारण अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजा बोढे ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ❗ निष्कर्ष आज हुए आंदोलन ने यह साफ कर दिया है कि स्वास्थ्य कर्मचारी अब पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन इस बढ़ते विवाद को कैसे सुलझाता है और जनता को राहत कब मिलती है।2
- इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने मंदिर परिसर में शोभायमान, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भेंट की गई 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' का अवलोकन भी किया।*1
- सिंगोड़ी: जामा मस्जिद सिंगोड़ी से हज यात्रियों के जत्थे रोजाना रवाना हो रहे हैं। हाजी हजरात को विदा करने के लिए मस्जिद परिसर में परिजनों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हज पर जाने वाले यात्रियों का फूल-मालाओं से इस्तकबाल कर दुआओं के साथ विदा किया जा रहा है। मस्जिद में दुआओं का दौर जारी है। परिजन अपने हाजियों को गले लगाकर अल्लाह से उनकी सलामती और हज कबूल होने की दुआ मांग रहे हैं। *चरणबद्ध तरीके से रवानगी* जामा मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि सिंगोड़ी और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग हज के लिए जा रहे हैं। सभी हाजियों की रवानगी चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। *कौन-कब हुए रवाना* - *25 अप्रैल, शनिवार:* शेख मस्तान अपनी अहलिया और बेटे के साथ मक्का-मदीना के लिए रवाना हुए। - *26 अप्रैल, रविवार:* डॉक्टर एहसान अपनी अहलिया के साथ हज के लिए रवाना हुए। - *मंगलवार शाम:* शिक्षक डॉ. अनवार खान अपनी अहलिया और मां के साथ रवाना हुए। सभी हाजी छिंदवाड़ा होते हुए नागपुर एयरपोर्ट से मक्का-मदीना के लिए रवाना हो गए हैं।1
- मूसाझाग उत्तर प्रदेश बदायूँ जिले के थाना मूसाझाग क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ मक्के1
- Post by Anil Uikey1
- Post by Kashinath Sahu1
- पांढुर्णा:-— कार्रवाई न होने से बढ़ा आक्रोश, मरीजों को भारी परेशानी । सौसर के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच आज जोरदार आंदोलन देखने को मिला, जिससे क्षेत्र का माहौल और गर्मा गया। अस्पताल परिसर में कर्मचारियों और चिकित्सा अधिकारियों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। इस आंदोलन का मुख्य कारण BMO पद से डॉ. योगेश शुक्ला को हटाने की मांग है, जिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए गए आवेदन में बताया गया कि 8 अप्रैल 2026 को कलेक्टर को ज्ञापन देकर यह मांग रखी गई थी। इसके बाद 16 अप्रैल को सामूहिक अवकाश और 17-18 अप्रैल को हड़ताल की गई थी। 18 अप्रैल को 7 दिनों में कार्रवाई के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई थी, लेकिन तय समय में कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके विरोध में 24 अप्रैल को फिर ज्ञापन सौंपकर 28 अप्रैल तक कार्रवाई की मांग की गई थी। चेतावनी के अनुसार कार्रवाई न होने पर 29 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई, जो अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। हड़ताल और आंदोलन के कारण अस्पताल में इलाज ठप हो गया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।1