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अपनाघर की महिला इकाई और पुरुष इकाई द्वारा किया गया कन्यादान स्वरूप उपहार

2 hrs ago
user_डीग लाइव पत्रकार
डीग लाइव पत्रकार
डीग, भरतपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

अपनाघर की महिला इकाई और पुरुष इकाई द्वारा किया गया कन्यादान स्वरूप उपहार

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  • Post by डीग लाइव पत्रकार
    1
    Post by डीग लाइव पत्रकार
    user_डीग लाइव पत्रकार
    डीग लाइव पत्रकार
    डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • आवाज आपकी न्यूज़ चैनल के लिए अमरदीप सेन जिला डीग राजस्थान नाहरौली के बंसल परिवार द्वारा श्रीमद् भागवत कथा एवं कलश यात्रा शुरू अमर दीप सेन आज दिनांक 22 अप्रैल 2026 को नगर रोड डीग में डाक बंगला के पास में बंसल परिवार ( नाहरौली वाले ) श्री योगेश बंसल , श्री लोकेश बंसल, श्री खगेश बंसल जी द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया गया जिसमें योगेश बंसल को भागवत धारक बनाया गया । कथा प्रारंभ होने से पहले 31 महिलाओं द्वारा गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें श्रीमती कमलेश बंसल , नीरज बंसल, निशा बंसल , निशु बंसल, राधा , पूनम,काजल,रीना,नीतू, सविता, मधु, प्राची, चंपी,निधि, रूपा , सुनीता, गल्ला, अनीता, नेहा, संतोष, केला, अर्चना,बबीता, राजकुमारी, भावना, नीलम , गरिमा, गुड्डी, मिथलेश , रेखा, मोनिका आदि महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष श्री सतीश बंसल, अशोक गुप्ता, संजय अग्रवाल, भारत भूषण, रघुवर दयाल, सुभाष बंसल, टीपू, अजय,लोकेश बंसल, खगेश बंसल, डॉक्टर सौरभ, डॉक्टर रवि बंसल, मनोज, रोहित, विनोद चाहर , गोकुलेश खंडेलवाल, नारायण सैनी, अशोक शर्मा एवं चंद्रभान गुप्ता आदि मौजूद रहे। कथा प्रवक्ता भागवत भूषण श्री चंद्रमोहन आचार्य , नाहरौली वाले द्वारा की जा रही है। कथा प्रवक्ता द्वारा आज भागवत माहात्म्य एवं मंगलाचरण के बारे में बताया।
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    आवाज आपकी न्यूज़ चैनल के लिए अमरदीप सेन जिला डीग राजस्थान 
नाहरौली के बंसल परिवार द्वारा श्रीमद् भागवत कथा एवं कलश यात्रा शुरू
अमर दीप सेन आज दिनांक 22 अप्रैल 2026 को नगर रोड डीग में डाक बंगला के पास में बंसल परिवार ( नाहरौली वाले ) श्री योगेश बंसल , श्री लोकेश बंसल, श्री खगेश बंसल जी द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया गया जिसमें योगेश बंसल को भागवत धारक बनाया गया । कथा प्रारंभ होने से पहले 31 महिलाओं द्वारा गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें श्रीमती कमलेश बंसल , नीरज बंसल, निशा बंसल , निशु बंसल, राधा , पूनम,काजल,रीना,नीतू, सविता, मधु, प्राची, चंपी,निधि, रूपा , सुनीता, गल्ला, अनीता, नेहा, संतोष, केला, अर्चना,बबीता, राजकुमारी, भावना, नीलम , गरिमा, गुड्डी, मिथलेश , रेखा, मोनिका आदि महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष श्री सतीश बंसल, अशोक गुप्ता, संजय अग्रवाल, भारत भूषण, रघुवर दयाल, सुभाष बंसल, टीपू, अजय,लोकेश बंसल, खगेश बंसल, डॉक्टर सौरभ, डॉक्टर रवि बंसल, मनोज, रोहित, विनोद चाहर , गोकुलेश खंडेलवाल, नारायण सैनी, अशोक शर्मा एवं चंद्रभान गुप्ता आदि मौजूद रहे।
कथा प्रवक्ता भागवत भूषण श्री चंद्रमोहन आचार्य , नाहरौली वाले द्वारा की जा रही है।
कथा प्रवक्ता द्वारा आज भागवत माहात्म्य एवं मंगलाचरण के बारे में बताया।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • Post by Rajesh Kumar
    1
    Post by Rajesh Kumar
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • बरसाना कीर्ति मंदिर #ब्रजधामबरसाना
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    बरसाना कीर्ति मंदिर
#ब्रजधामबरसाना
    user_Uday pal Uday pal
    Uday pal Uday pal
    Mechanic Kaman, Bharatpur•
    10 hrs ago
  • में आबिद S/o Allauddin गांव - सबलाना तहतील कामां (डीग) हम अपने गली का रास्ता ( अपनी मेहनत और अपने पैसों से करते है क्या यह ठीक हो रहा है)सरपंच का कोई फायदा नहीं और MLA अपनी मेहनत अपना पैसा 🤣
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    में आबिद S/o Allauddin 
गांव - सबलाना तहतील कामां (डीग) हम अपने गली का रास्ता ( अपनी मेहनत और अपने पैसों से करते है क्या यह ठीक हो रहा है)सरपंच का कोई फायदा नहीं और MLA अपनी मेहनत अपना पैसा 🤣
    user_आबिद
    आबिद
    Driver कामाँ, भरतपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • कामां-अनुशासन और सख्ती की छवि रखने वाली खाकी का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर प्रशंसा की झड़ी लगा दी है। डीग जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) शरण गोपीनाथ कांबले का 16 अप्रैल का एक वीडियो युवाओं और पुलिस बेड़े के लिए मिसाल बन गया है। पहाड़ी उपखंड स्थित आरएसी (RAC) बटालियन के निरीक्षण के दौरान एसपी कांबले सीधे खेल के मैदान में पहुंच गए। अपने जवानों का जोश बढ़ाने के लिए उन्होंने खुद बल्ला संभाला और शानदार शॉट लगाए। यह सिर्फ एक खेल नहीं था, बल्कि एक लीडर का अपने साथियों को यह बताने का तरीका था कि 'हम एक टीम हैं'। एसपी कांबले की यह सादगी उनके संघर्षपूर्ण अतीत से जुड़ी है। महाराष्ट्र के सोलापुर के एक छोटे से गांव में जन्मे शरण कांबले का बचपन केरोसिन लैंप की रोशनी में पढ़ते हुए बीता। उनके माता-पिता ने मजदूरी और सब्जियां बेचकर उन्हें पढ़ाया। आज वे जिस मुकाम पर हैं, वहां से वे युवाओं को संदेश देते हैं कि: जिद पालो, इतिहास रचो: वे अक्सर स्कूलों में जाकर छात्रों को सोशल मीडिया के अति उपयोग से बचने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि खेल न केवल शरीर को मजबूत रखते हैं, बल्कि पुलिस की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी में होने वाले मानसिक तनाव (Stress) को भी खत्म करते हैं। डीग के लोग उनके इस 'पॉजिटिव पुलिसिंग' के अंदाज के कायल हो गए हैं। पदभार संभालते ही उन्होंने अपराध मुक्त जिला और नशा मुक्ति को अपनी प्राथमिकता बताया था, और इस तरह की गतिविधियां जनता के साथ उनके सीधे जुड़ाव को मजबूत कर रही हैं। एसपी शरण कांबले का यह वीडियो सिखाता है कि पद की गरिमा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही एक सच्चे अधिकारी की पहचान है।
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    कामां-अनुशासन और सख्ती की छवि रखने वाली खाकी का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर प्रशंसा की झड़ी लगा दी है। डीग जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) शरण गोपीनाथ कांबले का 16 अप्रैल का एक वीडियो युवाओं और पुलिस बेड़े के लिए मिसाल बन गया है। 
पहाड़ी उपखंड स्थित आरएसी (RAC) बटालियन के निरीक्षण के दौरान एसपी कांबले  सीधे खेल के मैदान में पहुंच गए। अपने जवानों का जोश बढ़ाने के लिए उन्होंने खुद बल्ला संभाला और शानदार शॉट लगाए। यह सिर्फ एक खेल नहीं था, बल्कि एक लीडर का अपने साथियों को यह बताने का तरीका था कि 'हम एक टीम हैं'। 
एसपी कांबले की यह सादगी उनके संघर्षपूर्ण अतीत से जुड़ी है। महाराष्ट्र के सोलापुर के एक छोटे से गांव में जन्मे शरण कांबले का बचपन केरोसिन लैंप की रोशनी में पढ़ते हुए बीता।  उनके माता-पिता ने मजदूरी और सब्जियां बेचकर उन्हें पढ़ाया। आज वे जिस मुकाम पर हैं, वहां से वे युवाओं को संदेश देते हैं कि: 
जिद पालो, इतिहास रचो: वे अक्सर स्कूलों में जाकर छात्रों को सोशल मीडिया के अति उपयोग से बचने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सलाह देते हैं। 
उनका मानना है कि खेल न केवल शरीर को मजबूत रखते हैं, बल्कि पुलिस की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी में होने वाले मानसिक तनाव (Stress) को भी खत्म करते हैं।
डीग के लोग उनके इस 'पॉजिटिव पुलिसिंग' के अंदाज के कायल हो गए हैं। पदभार संभालते ही उन्होंने अपराध मुक्त जिला और नशा मुक्ति को अपनी प्राथमिकता बताया था, और इस तरह की गतिविधियां जनता के साथ उनके सीधे जुड़ाव को मजबूत कर रही हैं। 
एसपी शरण कांबले का यह वीडियो सिखाता है कि पद की गरिमा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही एक सच्चे अधिकारी की पहचान है।
    user_Ravindra kumar(Ravi kumar)
    Ravindra kumar(Ravi kumar)
    कामाँ, भरतपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • ​जनपद मथुरा की सार्वजनिक जगह छाता तहसील परिसर में सार्वजनिक रूप से नमाज पढ़ने का मामला बुधवार को शाम प्रकाश में आया है, और मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासनिक सभागार के सामने खुलेआम नमाज पढ़ने की घटना ने कानून व्यवस्था और सरकारी परिसर की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नमाजियों के मन में कानून का कोई भय नहीं रह गया है। ​आम जनता ने जताई कड़ी आपत्ति ​तहसील छाता में अपने कार्यों के लिए आए आम नागरिकों और अधिवक्ताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि तहसील एक सरकारी कार्यालय है, जहाँ सभी धर्मों के लोग अपने काम के लिए आते हैं। यहाँ किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि के लिए सार्वजनिक स्थान का उपयोग करना अनुचित है। ​"सरकारी परिसरों का उपयोग केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए होना चाहिए। सार्वजनिक रास्तों या दफ्तरों में नमाज पढ़ने से दूसरों को असुविधा होती है और यह नियमों का उल्लंघन है।" ​कानून की अनदेखी पर उठे सवाल ​हाल के दिनों में विभिन्न अदालतों और प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद तहसील परिसर छाता में तहसील सभागार महिला शौचालय सामने हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगा दिया है। लोगों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी के कारण ही ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा
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    ​जनपद मथुरा की सार्वजनिक जगह छाता तहसील परिसर में सार्वजनिक रूप से नमाज पढ़ने का मामला बुधवार को शाम प्रकाश में आया है, और मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासनिक सभागार के सामने खुलेआम नमाज पढ़ने की घटना ने कानून व्यवस्था और सरकारी परिसर की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नमाजियों के मन में कानून का कोई भय नहीं रह गया है।
​आम जनता ने जताई कड़ी आपत्ति
​तहसील छाता में अपने  कार्यों के लिए आए आम नागरिकों और अधिवक्ताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि तहसील एक सरकारी कार्यालय है, जहाँ सभी धर्मों के लोग अपने काम के लिए आते हैं। यहाँ किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि के लिए सार्वजनिक स्थान का उपयोग करना अनुचित है।
​"सरकारी परिसरों का उपयोग केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए होना चाहिए। सार्वजनिक रास्तों या दफ्तरों में नमाज पढ़ने से दूसरों को असुविधा होती है और यह नियमों का उल्लंघन है।"
​कानून की अनदेखी पर उठे सवाल
​हाल के दिनों में विभिन्न अदालतों और प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद तहसील परिसर छाता में तहसील सभागार महिला शौचालय सामने हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगा दिया है।  लोगों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी के कारण ही ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    10 min ago
  • Post by डीग लाइव पत्रकार
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    Post by डीग लाइव पत्रकार
    user_डीग लाइव पत्रकार
    डीग लाइव पत्रकार
    डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
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