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लग्जरी कार में हो रही थी अवैध शराब की तस्करी, सहसपुर पुलिस ने तस्कर को दबोचा देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली सहसपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लग्जरी कार से अवैध शराब की तस्करी कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 12 मार्च को चेकिंग अभियान के दौरान प्रतीतपुर धर्मावाला क्षेत्र में वाहन संख्या UK08 U0930 स्विफ्ट डिजायर को रोका गया। तलाशी लेने पर कार से हरियाणा–चंडीगढ़ ब्रांड की अंग्रेजी शराब की 20 पेटियां बरामद हुईं। इनमें 18 पेटी ब्लू स्ट्रोक एक्सक्विजिट व्हिस्की के 864 पव्वे और 2 पेटी ब्लू स्ट्रोक की 24 बोतलें शामिल हैं। पुलिस ने मौके से पूरण सिंह (40 वर्ष) पुत्र स्व. बुद्ध सिंह निवासी बद्रीपुर, थाना सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली सहसपुर में आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रेम प्रसाद कोठारी, कांस्टेबल सुरेश रावत और कांस्टेबल प्रवीण कुमार शामिल रहे।

8 hrs ago
user_NI KHIL
NI KHIL
Journalist विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
8 hrs ago

लग्जरी कार में हो रही थी अवैध शराब की तस्करी, सहसपुर पुलिस ने तस्कर को दबोचा देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली सहसपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लग्जरी कार से अवैध शराब की तस्करी कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 12 मार्च को चेकिंग अभियान के दौरान प्रतीतपुर धर्मावाला क्षेत्र में वाहन संख्या UK08 U0930 स्विफ्ट डिजायर को रोका गया। तलाशी लेने पर कार से हरियाणा–चंडीगढ़ ब्रांड की अंग्रेजी शराब की 20 पेटियां बरामद हुईं। इनमें 18 पेटी ब्लू स्ट्रोक एक्सक्विजिट व्हिस्की के 864 पव्वे और 2 पेटी ब्लू स्ट्रोक की 24 बोतलें शामिल हैं। पुलिस ने मौके से पूरण सिंह (40 वर्ष) पुत्र स्व. बुद्ध सिंह निवासी बद्रीपुर, थाना सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली सहसपुर में आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रेम प्रसाद कोठारी, कांस्टेबल सुरेश रावत और कांस्टेबल प्रवीण कुमार शामिल रहे।

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    user_Uttarakhand Housing developers
    Uttarakhand Housing developers
    Real Estate Developer देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    23 hrs ago
  • The Aman Times डोईवाला के प्रेमनगर में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन। महंगाई और गैस सिलेंडर की कमी को लेकर किया प्रदर्शन। महिला कांग्रेस नेत्री अंशुल त्यागी ओर रेखा कांडपाल सती के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन। सड़क पर चूल्हा रखकर बनाया खाना। कहा डबल इंजन वाली सरकार आज हो गई पूरी तरह स फेल।
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    The Aman Times 
डोईवाला के प्रेमनगर में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन।
महंगाई और गैस सिलेंडर की कमी को लेकर किया प्रदर्शन।
महिला कांग्रेस नेत्री अंशुल त्यागी ओर रेखा कांडपाल सती के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन।
सड़क पर चूल्हा रखकर बनाया खाना।
कहा डबल इंजन वाली सरकार आज हो गई पूरी तरह स फेल।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • नकुड़ (सहारनपुर)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर अभिनन्दन सिंह के निर्देशानुसार नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सवेरा' नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर अभियान के अंतर्गत नकुड़ पुलिस ने एक नशा तस्कर को गिरफ़्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी रुचि गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया की। ऑपरेशन सवेरा के तहत नकुड़ थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सोनकर के नेतृत्व में अंबेहटा पुलिस चौकी प्रभारी देवेंद्र अधाना ने सहयोगी पुलिस टीम के साथ चैकिंग के दौरान एक नशा तस्कर राशिद पुत्र कमरू निवासी ग्राम घाटमपुर थाना नकुड़ को अंबेहटा-नकुड़ रोड स्थित अंबेहटी गांव के रास्ते से गिरफ्तार किया। तथा उसके कब्जे से 268 ग्राम स्मैक बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 53 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। सीओ रुचि गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा की क्षेत्र में नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यह मुहिम भविष्य में भी जारी रहेगी। वीडियो:- सीओ रुचि गुप्ता जानकारी देते हुए।
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    नकुड़ (सहारनपुर)। 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर अभिनन्दन सिंह के निर्देशानुसार नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सवेरा' नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर अभियान के अंतर्गत नकुड़ पुलिस ने एक नशा तस्कर को गिरफ़्तार कर सलाखों के पीछे भेजा।
शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी रुचि गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया की। ऑपरेशन सवेरा के तहत नकुड़ थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सोनकर के नेतृत्व में अंबेहटा पुलिस चौकी प्रभारी देवेंद्र अधाना ने सहयोगी पुलिस टीम के साथ चैकिंग के दौरान एक नशा तस्कर राशिद पुत्र कमरू निवासी ग्राम घाटमपुर थाना नकुड़ को अंबेहटा-नकुड़ रोड स्थित अंबेहटी गांव के रास्ते से गिरफ्तार किया। तथा उसके कब्जे से 268 ग्राम स्मैक बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 53 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया।
सीओ रुचि गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा की क्षेत्र में नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यह मुहिम भविष्य में भी जारी रहेगी।
वीडियो:- सीओ रुचि गुप्ता जानकारी देते हुए।
    user_Quazi Shahid Ahmed
    Quazi Shahid Ahmed
    Saharanpur, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • 28 दिन के रिचार्ज पर संसद में सांसद राघव चड्ढा ने पूछा सवाल प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज के 28 दिन वाले प्लान को लेकर संसद में सवाल उठे हैं। राघव चड्ढा ने कहा कि इससे ग्राहकों को साल में 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है और इनकमिंग कॉल बंद करना भी गलत है। मोबाइल रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल बंद होने और 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान को लेकर संसद में सवाल उठाए गए हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनियां 28 दिन के प्लान के जरिए ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूल रही हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल आज आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ऐसे में रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग कॉल बंद करना उपभोक्ताओं के साथ गलत व्यवहार है। कई बार इस वजह से जरूरी कॉल भी नहीं मिल पातीं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सांसद ने यह भी कहा कि आज ज्यादातर बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाएं मोबाइल नंबर से जुड़ी होती हैं।
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    28 दिन के रिचार्ज पर संसद में सांसद राघव चड्ढा ने पूछा सवाल
प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज के 28 दिन वाले प्लान को लेकर संसद में सवाल उठे हैं। राघव चड्ढा ने कहा कि इससे ग्राहकों को साल में 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है और इनकमिंग कॉल बंद करना भी गलत है।
मोबाइल रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल बंद होने और 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान को लेकर संसद में सवाल उठाए गए हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनियां 28 दिन के प्लान के जरिए ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूल रही हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल आज आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है।
ऐसे में रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग कॉल बंद करना उपभोक्ताओं के साथ गलत व्यवहार है। कई बार इस वजह से जरूरी कॉल भी नहीं मिल पातीं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सांसद ने यह भी कहा कि आज ज्यादातर बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाएं मोबाइल नंबर से जुड़ी होती हैं।
    user_Sunita Jain
    Sunita Jain
    Saharanpur, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • प्रशासन के दावों के बावजूद घरेलू गैस को लेकर आज भी गैस एजेंसियों पर गैस लेने और बुक कराने को लेकर लोगों की मारामारी रही।इसको लेकर कई जगह विवाद भी हुए। हालांकि जिला प्रशासन ने इसको लेकर कल हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे लेकिन नंबरों पर रिप्लाई नहीं मिलने से इनका कोई लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिला, इसके बाद गैस एजेंसियों पर ओर भीड़ जुटने लगी। हालात की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी म्यूर दीक्षित ने इसको लेकर आज एक के बाद एक मैराथन बैठकें की और उपभोक्ताओं को राहत के लिए कई कदम उठाए। इसमें प्रमुख निर्णय तो ये रहा कि गैस संबंधी शिकायतों और समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय पर ही एक कंट्रोल रूम बना दिया गया। इस कंट्रोल रूम में सभी गैस एजेंसियों के एक एक प्रतिनिधि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे कि कंट्रोल रूम को मिलने वाली किसी भी शिकायत और समस्या का संबंधित एजेंसी द्वारा तत्काल समाधान किया जा सके। लोगों में पैनिक, गैस कालाबाजारी, अवैध भंडारण, गैस एजेंसियों पर सुरक्षा को लेकर भी अनेक निर्णय आज बैठकों में लिए गए। हालांकि इन फैसलों से कितनी राहत उपभोक्ताओं को मिलेगी, यह अभी देखना होगा। (-कुमार दुष्यंत)
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    प्रशासन के दावों के बावजूद घरेलू गैस को लेकर आज भी गैस एजेंसियों पर गैस लेने और बुक कराने को लेकर लोगों की मारामारी रही।इसको लेकर कई जगह विवाद भी हुए। हालांकि जिला प्रशासन ने इसको लेकर कल हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे लेकिन नंबरों पर रिप्लाई नहीं मिलने से इनका कोई लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिला, इसके बाद गैस एजेंसियों पर ओर भीड़ जुटने लगी। हालात की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी म्यूर दीक्षित ने इसको लेकर आज एक के बाद एक मैराथन बैठकें की और उपभोक्ताओं को राहत के लिए कई कदम उठाए। इसमें प्रमुख निर्णय तो ये रहा कि गैस संबंधी शिकायतों और समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय पर ही एक कंट्रोल रूम बना दिया गया। इस कंट्रोल रूम में सभी गैस एजेंसियों के एक एक प्रतिनिधि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे कि कंट्रोल रूम को मिलने वाली किसी भी शिकायत और समस्या का संबंधित एजेंसी द्वारा तत्काल समाधान किया जा सके। लोगों में पैनिक, गैस कालाबाजारी, अवैध भंडारण, गैस एजेंसियों पर सुरक्षा को लेकर भी अनेक निर्णय आज बैठकों में लिए गए। हालांकि इन फैसलों से कितनी राहत उपभोक्ताओं को मिलेगी, यह अभी देखना होगा।
(-कुमार दुष्यंत)
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • Post by A Bharat News 10
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    Post by A Bharat News 10
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली सहसपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लग्जरी कार से अवैध शराब की तस्करी कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 12 मार्च को चेकिंग अभियान के दौरान प्रतीतपुर धर्मावाला क्षेत्र में वाहन संख्या UK08 U0930 स्विफ्ट डिजायर को रोका गया। तलाशी लेने पर कार से हरियाणा–चंडीगढ़ ब्रांड की अंग्रेजी शराब की 20 पेटियां बरामद हुईं। इनमें 18 पेटी ब्लू स्ट्रोक एक्सक्विजिट व्हिस्की के 864 पव्वे और 2 पेटी ब्लू स्ट्रोक की 24 बोतलें शामिल हैं। पुलिस ने मौके से पूरण सिंह (40 वर्ष) पुत्र स्व. बुद्ध सिंह निवासी बद्रीपुर, थाना सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली सहसपुर में आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रेम प्रसाद कोठारी, कांस्टेबल सुरेश रावत और कांस्टेबल प्रवीण कुमार शामिल रहे।
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    देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली सहसपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लग्जरी कार से अवैध शराब की तस्करी कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार 12 मार्च को चेकिंग अभियान के दौरान प्रतीतपुर धर्मावाला क्षेत्र में वाहन संख्या UK08 U0930 स्विफ्ट डिजायर को रोका गया। तलाशी लेने पर कार से हरियाणा–चंडीगढ़ ब्रांड की अंग्रेजी शराब की 20 पेटियां बरामद हुईं। इनमें 18 पेटी ब्लू स्ट्रोक एक्सक्विजिट व्हिस्की के 864 पव्वे और 2 पेटी ब्लू स्ट्रोक की 24 बोतलें शामिल हैं।
पुलिस ने मौके से पूरण सिंह (40 वर्ष) पुत्र स्व. बुद्ध सिंह निवासी बद्रीपुर, थाना सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली सहसपुर में आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रेम प्रसाद कोठारी, कांस्टेबल सुरेश रावत और कांस्टेबल प्रवीण कुमार शामिल रहे।
    user_NI KHIL
    NI KHIL
    Journalist विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • Post by Dpk Chauhan
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    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • शीर्षक: धर्म की राजधानी हरिद्वार में संतों की रसोई पर संकट! गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र गैस सिलेंडर के अभाव में बंद होने की कगार पर उपशीर्षक: तीन–चार दशकों से हजारों तपस्वी संतों को मिल रहा भोजन प्रसाद, अब गैस सिलेंडर न मिलने से खड़ी हुई बड़ी धार्मिक चुनौती हरिद्वार। (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़) धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में जहां गंगा तट पर हजारों तपस्वी संत एकांत में रहकर भगवान का भजन, जप, तप और ध्यान करते हैं, वहीं इन संतों के भोजन की व्यवस्था करने वाला प्रसिद्ध गीता कुटीर तपोवन का अन्नक्षेत्र आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। गंगा किनारे झोपड़ियों में रहकर तपस्या करने वाले संतों के लिए वर्षों से जीवनरेखा बना यह अन्नक्षेत्र अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हजारों तपस्वी संतों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है। गंगा तट के तपस्वियों का सहारा बना गीता कुटीर हरिद्वार को भगवान का द्वार कहा जाता है। इसी कारण इस तीर्थ नगरी में देशभर से आए हजारों संत गंगा किनारे साधना करते हैं। ये संत न तो दुनिया की दौड़ में शामिल हैं और न ही सांसारिक सुख-सुविधाओं की चाह रखते हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य भगवान का भजन, जप और ध्यान है। ऐसे तपस्वी संतों की सेवा के उद्देश्य से स्वामी गीतानंद जी महाराज ने तपोवन स्थित गीता कुटीर में अन्नक्षेत्र की शुरुआत की थी। उनकी भावना थी कि हरिद्वार में कोई संत भूखा न रहे और भजन में लीन साधुओं को भोजन की चिंता न करनी पड़े। चार दशक से एक दिन भी बंद नहीं हुआ अन्नक्षेत्र बताया जाता है कि पिछले लगभग तीन से चार दशकों से गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र बिना रुके चल रहा है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों ही नहीं बल्कि हजारों संत भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं। इतिहास में ऐसा एक भी दिन नहीं आया जब यहां अन्नक्षेत्र बंद हुआ हो या किसी संत को भोजन न मिला हो। कोरोना काल में भी संतों तक पहुंचाया गया भोजन कोरोना महामारी के कठिन समय में जब पूरा देश बंद था, तब भी गीता कुटीर ने सेवा की परंपरा को नहीं रोका। उस समय गंगा किनारे रहने वाले संतों तक स्वयं जाकर भोजन पहुंचाया जाता था। तपोवन मार्ग पर वाहन के माध्यम से भोजन पैक कर संतों की झोपड़ियों तक वितरण किया गया ताकि उन्हें भजन छोड़कर भोजन की तलाश में भटकना न पड़े। इसी सेवा भाव के कारण आज हजारों संतों का गीता कुटीर पर अटूट विश्वास है। अब गैस सिलेंडर पर अटक गया संतों का भोजन गीता कुटीर के प्रबंधक शिवदास के अनुसार अन्नक्षेत्र चलाने के लिए प्रतिदिन लगभग 10 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। ये सिलेंडर दो गैस एजेंसियों से आते थे, लेकिन अचानक अब एजेंसियों ने गैस आपूर्ति रोक दी है। जब उनसे कारण पूछा गया तो एजेंसी की ओर से कहा गया कि “सरकार या प्रशासन की ओर से आपके लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, इसलिए गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा सकते।” अधिकारियों से गुहार, लेकिन समाधान नहीं इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गीता कुटीर प्रबंधन ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क किया। अधिकारियों ने मौखिक रूप से आश्वासन तो दिया कि व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन अब तक जमीन पर कोई समाधान सामने नहीं आया है। प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान गैस स्टॉक खत्म होने के बाद एक-दो दिन में अन्नक्षेत्र बंद होने की नौबत आ सकती है। संतों में चिंता और आक्रोश जब इस विषय की जानकारी संतों को दी गई तो उनमें चिंता के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिली। कुछ संतों का कहना है कि “यह सब राजनीतिक कारणों से हो रहा है।” वहीं कुछ संतों ने आस्था के भाव से कहा— “भगवान पहले संतों को भोजन कराते हैं, उसके बाद स्वयं ग्रहण करते हैं। आज तक ऐसा नहीं हुआ कि गीता कुटीर में संतों को भोजन न मिला हो।” जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठाने की चेतावनी गीता कुटीर प्रबंधन का कहना है कि यदि गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हुई तो वे मजबूर होकर संतों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठने को मजबूर होंगे। प्रबंधन का कहना है— “जब संत भोजन के लिए हमारे द्वार पर बैठ जाएंगे तो हम उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर छोड़ देंगे, ताकि अधिकारी स्वयं इन संतों के भोजन की व्यवस्था कर सकें।” हरिद्वार की मर्यादा पर खड़ा बड़ा सवाल तीर्थ नगरी हरिद्वार की पहचान संतों और साधुओं से है। गंगा किनारे तपस्या करने वाले ये संत ही इस नगरी की आध्यात्मिक शक्ति हैं। ऐसे में यदि संतों के भोजन पर संकट खड़ा होता है तो यह केवल एक आश्रम की समस्या नहीं बल्कि हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता पर प्रश्नचिन्ह है। अब प्रशासन की परीक्षा अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन, पूर्ति विभाग और सरकार इस संकट का समाधान करेंगे? क्या गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर संतों की रसोई को बचाया जाएगा, या फिर तपस्वी संत भोजन के अभाव में कठिनाई झेलने को मजबूर होंगे? आने वाले दो दिन इस प्रश्न का उत्तर तय करेंगे। (स्वतंत्र पत्रकार — रामेश्वर गौड़)
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    शीर्षक:
धर्म की राजधानी हरिद्वार में संतों की रसोई पर संकट! गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र गैस सिलेंडर के अभाव में बंद होने की कगार पर
उपशीर्षक:
तीन–चार दशकों से हजारों तपस्वी संतों को मिल रहा भोजन प्रसाद, अब गैस सिलेंडर न मिलने से खड़ी हुई बड़ी धार्मिक चुनौती
हरिद्वार। (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़)
धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में जहां गंगा तट पर हजारों तपस्वी संत एकांत में रहकर भगवान का भजन, जप, तप और ध्यान करते हैं, वहीं इन संतों के भोजन की व्यवस्था करने वाला प्रसिद्ध गीता कुटीर तपोवन का अन्नक्षेत्र आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है।
गंगा किनारे झोपड़ियों में रहकर तपस्या करने वाले संतों के लिए वर्षों से जीवनरेखा बना यह अन्नक्षेत्र अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हजारों तपस्वी संतों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है।
गंगा तट के तपस्वियों का सहारा बना गीता कुटीर
हरिद्वार को भगवान का द्वार कहा जाता है। इसी कारण इस तीर्थ नगरी में देशभर से आए हजारों संत गंगा किनारे साधना करते हैं।
ये संत न तो दुनिया की दौड़ में शामिल हैं और न ही सांसारिक सुख-सुविधाओं की चाह रखते हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य भगवान का भजन, जप और ध्यान है।
ऐसे तपस्वी संतों की सेवा के उद्देश्य से स्वामी गीतानंद जी महाराज ने तपोवन स्थित गीता कुटीर में अन्नक्षेत्र की शुरुआत की थी। उनकी भावना थी कि हरिद्वार में कोई संत भूखा न रहे और भजन में लीन साधुओं को भोजन की चिंता न करनी पड़े।
चार दशक से एक दिन भी बंद नहीं हुआ अन्नक्षेत्र
बताया जाता है कि पिछले लगभग तीन से चार दशकों से गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र बिना रुके चल रहा है।
यहां प्रतिदिन सैकड़ों ही नहीं बल्कि हजारों संत भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं।
इतिहास में ऐसा एक भी दिन नहीं आया जब यहां अन्नक्षेत्र बंद हुआ हो या किसी संत को भोजन न मिला हो।
कोरोना काल में भी संतों तक पहुंचाया गया भोजन
कोरोना महामारी के कठिन समय में जब पूरा देश बंद था, तब भी गीता कुटीर ने सेवा की परंपरा को नहीं रोका।
उस समय गंगा किनारे रहने वाले संतों तक स्वयं जाकर भोजन पहुंचाया जाता था।
तपोवन मार्ग पर वाहन के माध्यम से भोजन पैक कर संतों की झोपड़ियों तक वितरण किया गया ताकि उन्हें भजन छोड़कर भोजन की तलाश में भटकना न पड़े।
इसी सेवा भाव के कारण आज हजारों संतों का गीता कुटीर पर अटूट विश्वास है।
अब गैस सिलेंडर पर अटक गया संतों का भोजन
गीता कुटीर के प्रबंधक शिवदास के अनुसार अन्नक्षेत्र चलाने के लिए प्रतिदिन लगभग 10 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है।
ये सिलेंडर दो गैस एजेंसियों से आते थे, लेकिन अचानक अब एजेंसियों ने गैस आपूर्ति रोक दी है।
जब उनसे कारण पूछा गया तो एजेंसी की ओर से कहा गया कि
“सरकार या प्रशासन की ओर से आपके लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, इसलिए गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा सकते।”
अधिकारियों से गुहार, लेकिन समाधान नहीं
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गीता कुटीर प्रबंधन ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क किया।
अधिकारियों ने मौखिक रूप से आश्वासन तो दिया कि व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन अब तक जमीन पर कोई समाधान सामने नहीं आया है।
प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान गैस स्टॉक खत्म होने के बाद एक-दो दिन में अन्नक्षेत्र बंद होने की नौबत आ सकती है।
संतों में चिंता और आक्रोश
जब इस विषय की जानकारी संतों को दी गई तो उनमें चिंता के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिली।
कुछ संतों का कहना है कि
“यह सब राजनीतिक कारणों से हो रहा है।”
वहीं कुछ संतों ने आस्था के भाव से कहा—
“भगवान पहले संतों को भोजन कराते हैं, उसके बाद स्वयं ग्रहण करते हैं। आज तक ऐसा नहीं हुआ कि गीता कुटीर में संतों को भोजन न मिला हो।”
जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठाने की चेतावनी
गीता कुटीर प्रबंधन का कहना है कि यदि गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हुई तो वे मजबूर होकर संतों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठने को मजबूर होंगे।
प्रबंधन का कहना है—
“जब संत भोजन के लिए हमारे द्वार पर बैठ जाएंगे तो हम उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर छोड़ देंगे, ताकि अधिकारी स्वयं इन संतों के भोजन की व्यवस्था कर सकें।”
हरिद्वार की मर्यादा पर खड़ा बड़ा सवाल
तीर्थ नगरी हरिद्वार की पहचान संतों और साधुओं से है।
गंगा किनारे तपस्या करने वाले ये संत ही इस नगरी की आध्यात्मिक शक्ति हैं।
ऐसे में यदि संतों के भोजन पर संकट खड़ा होता है तो यह केवल एक आश्रम की समस्या नहीं बल्कि हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता पर प्रश्नचिन्ह है।
अब प्रशासन की परीक्षा
अब सवाल यह है कि
क्या जिला प्रशासन, पूर्ति विभाग और सरकार इस संकट का समाधान करेंगे?
क्या गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर संतों की रसोई को बचाया जाएगा,
या फिर तपस्वी संत भोजन के अभाव में कठिनाई झेलने को मजबूर होंगे?
आने वाले दो दिन इस प्रश्न का उत्तर तय करेंगे।
(स्वतंत्र पत्रकार — रामेश्वर गौड़)
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
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