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राहे में विश्व आदिवासी दिवस एवं अंग्रेज भारत छोड़ो का 84 वीं वर्षगांठ मनाया गया राहे- राजेंद्र सिंह मुंडा चौक बरसालडीह में विश्व आदिवासी दिवस एवं अंग्रेज भारत छोड़ो का 84 वीं दिवस सम्मान पूर्वक मनाया गया। सभी ने आदिवासी जननायकों के चित्र सहित स्थानीय जननायकों के चित्र में पुष्प अर्पित किए।इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो, मुखिया विकास मुंडा, प्रेम चंद पातर, उमेश महतो, बसंत मुंडा,शंकर मुंडा, कलेश्वर मुंडा घुरन पातर, आदि मौजूद थे। 10 अगस्त देशव्यापी जेल भरो आन्दोलन का आव्हान किया गया।अध्यक्षता डोमन सिंह मुंडा ने किया।
Omprakash Singh
राहे में विश्व आदिवासी दिवस एवं अंग्रेज भारत छोड़ो का 84 वीं वर्षगांठ मनाया गया राहे- राजेंद्र सिंह मुंडा चौक बरसालडीह में विश्व आदिवासी दिवस एवं अंग्रेज भारत छोड़ो का 84 वीं दिवस सम्मान पूर्वक मनाया गया। सभी ने आदिवासी जननायकों के चित्र सहित स्थानीय जननायकों के चित्र में पुष्प अर्पित किए।इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो, मुखिया विकास मुंडा, प्रेम चंद पातर, उमेश महतो, बसंत मुंडा,शंकर मुंडा, कलेश्वर मुंडा घुरन पातर, आदि मौजूद थे। 10 अगस्त देशव्यापी जेल भरो आन्दोलन का आव्हान किया गया।अध्यक्षता डोमन सिंह मुंडा ने किया।
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- रामगढ़ : आदिवासी बेटी ने अंग्रेजी में सुनाई भगवान बिरसा मुंडा की गौरवगाथा भाषण ने जीता सबका दिल1
- रांची: JPSC-JSSC में कथित धांधली और घोटाले के विरोध में विधायक जयराम कुमार महतो निर्जला अनशन पर बैठे हैं। इस दौरान उन्होंने हेमंत सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों के हित में जल्द उचित फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। जयराम महतो ने सरकार से अभ्यर्थियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। नोट: "धांधली" और "घोटाले" जैसे आरोपों को तब तक कथित (alleged) के रूप में प्रस्तुत करना उचित है, जब तक वे आधिकारिक रूप से सिद्ध न हों।1
- रांची,झारखंड/बार-बार पेपर लीक होना और परीक्षाओं में धांधली होना युवाओं के आत्मबल को तोड़ता है। यह समय राजनीति से ऊपर उठकर इन होनहारों के साथ खड़े होने का है। उनकी यह लड़ाई हर उस शख्स की है जो ईमानदारी और योग्यता के दम पर आगे बढ़ना चाहता है। मैं इन छात्र-युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन और उनकी न्यायसंगत मांगों (पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई) का पूर्ण समर्थन करता/करती हूँ। युवाओं की जीत ही हमारे झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की जीत होगी।" "एक छात्र का संघर्ष केवल उसकी अपनी किताब का संघर्ष नहीं होता, वह पूरे परिवार की उम्मीद और समाज के भविष्य का भविष्य होता है। रांची की सड़कों पर आज जो युवा धूप और बारिश की परवाह किए बिना न्याय के लिए खड़े हैं, वे सिर्फ एक परीक्षा का पेपर मांग रहे हैं बल्कि अपनी मेहनत का हक और व्यवस्था में पारदर्शिता की गुहार लगा रहे हैं।1
- झारखंड JPSC हुआ भंग, सरकार की बड़ी चिंता,Protest रहेगा जरी। #jharkhand #students #protest1
- आदिवासी समाज भारत की आत्मा : डॉ. इरफान अंसारी जामताड़ा में विश्व आदिवासी दिवस पर जिला स्तरीय समारोह, दिखी आदिवासी संस्कृति और परंपरा की झलक जामताड़ा, 9 अगस्त। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को नगर भवन, दुलाडीह में झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 के तहत जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, कला और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार दुबे, पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, डीडीसी असीम किस्पोट्टा, परियोजना निदेशक आईटीडीए जगनू मिंज सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें पगड़ी, पौधा और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी पारंपरिक आदिवासी परिधानों में नजर आए। अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हो, चांद-भैरव, फूलो-झानो और दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपरा और अधिकारों को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। झारखंड की धरती ने बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू सहित कई महान वीरों को जन्म दिया, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार आदिवासी सहित सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के साथ जामताड़ा जैसे जिले में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास की बात कही। उन्होंने झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। युवा अपनी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखें : उपायुक्त उपायुक्त आलोक कुमार दुबे ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और महान जननायकों के संघर्ष से सभी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जिले और समाज के विकास में युवाओं तथा शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं को शिक्षा के साथ अपने अधिकारों, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक शिक्षा एवं तकनीक को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक ज्ञान और कौशल को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार से जोड़कर आजीविका के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। प्रकृति के साथ आदिवासी जीवनशैली अनुकरणीय : एसपी पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन, संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न हिस्सा हैं। वर्तमान समय में जब दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संरक्षण जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, तब आदिवासी समाज की प्रकृति संरक्षण की परंपरा महत्वपूर्ण सीख देती है। समारोह में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों और कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल पर कृषि, मत्स्य, समाज कल्याण, जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागों की ओर से आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जिनमें आदिवासी संस्कृति, खान-पान और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा पांच सामुदायिक वन पट्टों का वितरण किया गया। उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों तथा बेहतर स्टॉल लगाने वाले विभागों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मुखिया, झारखंड आंदोलनकारी, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या में अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ भी संदेश दिया गया— “बच्चों को पढ़ाने की लो राह, बंद करो ये बाल विवाह।”3