उत्पाती बंदरों पर वन विभाग का शिकंजा! आधा सैकड़ा से ज्यादा बंदर पकड़े, ग्रामीणों को राहत चित्रकूट/मानिकपुर। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लंबे समय से आतंक मचा रहे उत्पाती बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। वन विभाग और मानिकपुर तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर रैपुरा वन रेंज के उड़की माफी गांव से आधा सैकड़ा से अधिक बंदरों को पकड़ लिया। मंगलवार को चलाए गए अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीण इलाकों में पिंजरे लगाकर 77 बंदरों को कैद किया। पकड़े गए बंदरों को सभी आवश्यक सावधानियों के साथ सुरक्षित तरीके से घनघोर वन क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, रानीपुर टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर घरों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं, खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर देते हैं और कई बार स्कूली बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। इस समस्या को लेकर लोग लंबे समय से प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वन विभाग के अनुसार, अब तक डेढ़ सौ से अधिक बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जा चुका है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। रैपुरा वन रेंज के रेंजर अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक क्षेत्र के सभी उत्पाती बंदरों को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक यह अभियान लगातार चलता रहेगा। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ रहे संघर्ष को कम किया जा सके। फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग की इस कार्रवाई से उन्हें बंदरों के आतंक से जल्द राहत मिलेगी।
उत्पाती बंदरों पर वन विभाग का शिकंजा! आधा सैकड़ा से ज्यादा बंदर पकड़े, ग्रामीणों को राहत चित्रकूट/मानिकपुर। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लंबे समय से आतंक मचा रहे उत्पाती बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। वन विभाग और मानिकपुर तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर रैपुरा वन रेंज के उड़की माफी गांव से आधा सैकड़ा से अधिक बंदरों को पकड़ लिया। मंगलवार को चलाए गए अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीण इलाकों में पिंजरे लगाकर 77 बंदरों को कैद किया। पकड़े गए बंदरों को सभी आवश्यक सावधानियों के साथ सुरक्षित तरीके से घनघोर वन क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, रानीपुर टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर घरों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं, खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर देते हैं और कई बार स्कूली बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। इस समस्या को लेकर लोग लंबे समय से प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वन विभाग के अनुसार, अब तक डेढ़ सौ से अधिक बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जा चुका है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। रैपुरा वन रेंज के रेंजर अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक क्षेत्र के सभी उत्पाती बंदरों को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक यह अभियान लगातार चलता रहेगा। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ रहे संघर्ष को कम किया जा सके। फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग की इस कार्रवाई से उन्हें बंदरों के आतंक से जल्द राहत मिलेगी।
- चित्रकूट/मानिकपुर। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लंबे समय से आतंक मचा रहे उत्पाती बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। वन विभाग और मानिकपुर तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर रैपुरा वन रेंज के उड़की माफी गांव से आधा सैकड़ा से अधिक बंदरों को पकड़ लिया। मंगलवार को चलाए गए अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीण इलाकों में पिंजरे लगाकर 77 बंदरों को कैद किया। पकड़े गए बंदरों को सभी आवश्यक सावधानियों के साथ सुरक्षित तरीके से घनघोर वन क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, रानीपुर टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर घरों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं, खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर देते हैं और कई बार स्कूली बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। इस समस्या को लेकर लोग लंबे समय से प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वन विभाग के अनुसार, अब तक डेढ़ सौ से अधिक बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जा चुका है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। रैपुरा वन रेंज के रेंजर अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक क्षेत्र के सभी उत्पाती बंदरों को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक यह अभियान लगातार चलता रहेगा। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ रहे संघर्ष को कम किया जा सके। फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग की इस कार्रवाई से उन्हें बंदरों के आतंक से जल्द राहत मिलेगी।1
- कौशाम्बी। बाबा का कातिल नाती गिरफ्तार। सैनी पुलिस ने तीन दिन में किया हत्याकांड का खुलासा। नाती ने ही गला रेतकर की थी बाबा बाबूलाल सरोज की हत्या।फरार चल रहे आरोपी नितिन को पुलिस ने दबोचा, पूछताछ जारी। सैनी कोतवाली के रामपुर धमवा गांव की थी पूरी घटना। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS1
- #कौशाम्बी शादी समारोह मे दो पक्षो मे जमकर मार पीटडीजे पर डांस को लेकर बाराती-घराती दोनों पक्ष आपस में भिड़ेदोनों पक्षों के बीच जमकर चले लात-घूंसे विवाद मे अमन सोनकर नाम का युवक के सर मे आयी गंभीर चोट सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया पुलिस ने घायल युवक इलाज के लिए अस्पताल भेजा कड़ाधाम थाना क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गाँव का मामला । पत्रकार शुभम पांडेय ब्यूरो चीफ़ श्रेय टीवी कौशाम्बी Founder: shrey tv" सच की खोज " ( श्रेय टीवी)1
- चित्रकूट में लाइव आकर युवक ने फांसी लगाने की कोशिश: BJP नेता ने बचाई जान, ब्लॉक प्रमुख पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप चित्रकूट में मंगलवार को एक युवक ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। युवक ने पहाड़ी ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख और भाजपा नेता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही एक स्थानीय भाजपा नेता मौके पर पहुंचे और युवक की जान बचा ली। जानकारी के अनुसार पहाड़ी ब्लॉक क्षेत्र के गोसाईपुर बछरन गांव निवासी प्रियांशु मिश्रा ने शहर क्षेत्र में अपने किराए के कमरे में सोशल मीडिया पर लाइव होकर आत्महत्या का प्रयास किया। प्रियांशु वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू महासंघ युवा मोर्चा में जिलाध्यक्ष के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। बताया गया कि उन्होंने कमरे में लगे पंखे से फांसी लगाने की कोशिश की। लाइव वीडियो देखने के बाद भाजपा नेता हीरो मिश्रा तुरंत युवक के कमरे पर पहुंचे और समय रहते उसे बचाया। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ब्लॉक में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप प्रियांशु मिश्रा ने सुशील द्विवेदी (ब्लॉक प्रमुख, पहाड़ी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ब्लॉक में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसी से नाराज होकर ब्लॉक प्रमुख ने कथित तौर पर अपने गुर्गों से उनकी और उनके पिता की पिटाई करवाई। प्रियांशु का आरोप है कि इस मामले की शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद प्रियांशु मिश्रा ने कर्वी कोतवाली में तहरीर देकर ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। वहीं पीड़ित की मां कल्पना मिश्रा ने भी अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार को खतरा है और इसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है1
- भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में बुधवार को चायल तहसील परिसर में किसानों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 7 सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी अरुण कुमार को सौंपा।1
- कौशांबी जनपद में महिला उत्पीड़न के खिलाफ प्रतिदिन उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की सेवाओं में है प्रतिबद्ध । उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा जी ने कौशांबी जनपद में सर्किट हाउस सयारा में जनसुनवाई के दौरान एक लापरवाह सरकारी कर्मचारी की ले ली जमकर क्लास देखें पूरा वीडियो ।1
- 2 महीने से नाली की #सफाई न होने से लोग हुए #बीमार नाली की गंदगी से लोग हुए #परेशान यूपी जनपद कौशांबी नगर #पालिका परिषद #भरवारी वार्ड नं 19 मुजाहिदपुर का मामला1
- कौशाम्बी...हत्या के अभियुक्त नितिन कुमार की गिरफ्तारी एवं बरामदगी के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी चायल अभिषेक सिंह ने दी जानकारी। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS1