अमेरिकी मिसाइल स्टॉक का आधा हिस्सा खत्म! ईरान युद्ध ने THAAD, पैट्रियट और PrSM पर भारी असर स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ | अपडेट: 22 अप्रैल 2026 ईरान के साथ हालिया सात सप्ताह (लगभग 39 दिन) के युद्ध में अमेरिकी सेना ने अपने प्रमुख मिसाइल भंडार का बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की नई रिपोर्ट और CNN, The Hill जैसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पैट्रियट एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों का करीब 50%, THAAD इंटरसेप्टरों का आधे से ज्यादा और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) का 45% से अधिक स्टॉक इस्तेमाल हो चुका है।0cc978 रिपोर्ट में मुख्य आंकड़े: पैट्रियट मिसाइल: लगभग 50% स्टॉक खर्च। THAAD इंटरसेप्टर: 50% से ज्यादा खत्म। PrSM (Precision Strike Missiles): कम से कम 45% उपयोग। अन्य मिसाइलें: टोमाहॉक (Tomahawk) करीब 30%, JASSM (Joint Air-to-Surface Standoff Missile) 20% से अधिक, SM-3 और SM-6 भी प्रभावित। ये आंकड़े अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के आंतरिक स्टॉक आकलन से काफी मेल खाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के खिलाफ Operation Epic Fury के दौरान इन मिसाइलों का भारी इस्तेमाल हुआ, खासकर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए। CSIS रिपोर्ट का बड़ा खुलासा: युद्ध के दौरान चार प्रमुख मिसाइल प्रणालियों का आधे से ज्यादा प्री-वार इन्वेंटरी खर्च हो गया। मौजूदा स्टॉक ईरान युद्ध को जारी रखने के लिए अभी पर्याप्त है, लेकिन अगर सीजफायर टूटा तो स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। चीन जैसे निकट-पीयर प्रतिद्वंद्वी (near-peer adversary) के खिलाफ युद्ध के लिए स्टॉक पहले से ही अपर्याप्त थे। अब स्थिति और गंभीर हो गई है। स्टॉक को पुराने स्तर पर लाने में 1 से 4 साल लग सकते हैं, भले ही उत्पादन बढ़ाया जाए। कुछ मामलों में 3-5 साल या उससे ज्यादा समय लग सकता है। रिपोर्ट के लेखकों ने चेतावनी दी है कि इससे यूक्रेन और अन्य सहयोगी देशों को पैट्रियट, THAAD और PrSM की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। क्यों हुआ इतना बड़ा खर्च? ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और सस्ते ड्रोन के स्वार्म (swarm) हमलों का इस्तेमाल किया, जिससे महंगी इंटरसेप्टर मिसाइलों (जैसे पैट्रियट और THAAD) का भारी उपयोग पड़ा। एक महंगी मिसाइल से सस्ते ड्रोन या मिसाइल को मारना पड़ा, जिससे लागत का असंतुलन (cost imbalance) बढ़ा। आगे क्या? पेंटागन ने पहले ही मिसाइल उत्पादन बढ़ाने के लिए नए कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं, लेकिन डिलीवरी में समय लगेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह “नियर-टर्म रिस्क” पैदा करता है—अगले कुछ सालों में अगर कोई नया बड़ा संघर्ष हुआ तो अमेरिका को समस्या हो सकती है। फिलहाल सीजफायर चल रहा है, लेकिन इसे बनाए रखने में मिसाइल स्टॉक की कमी भी एक वजह मानी जा रही है। नोट: CSIS रिपोर्ट 21 अप्रैल 2026 को जारी हुई है। यह ओपन-सोर्स डेटा और Pentagon के अनुमानित आंकड़ों पर आधारित है। सटीक संख्या वर्गीकृत (classified) हैं, लेकिन रिपोर्ट्स में दिए गए आंकड़े विश्वसनीय स्रोतों से मेल खाते हैं। स्रोत: CSIS आधिकारिक रिपोर्ट, CNN, The Hill, आदि।
अमेरिकी मिसाइल स्टॉक का आधा हिस्सा खत्म! ईरान युद्ध ने THAAD, पैट्रियट और PrSM पर भारी असर स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ | अपडेट: 22 अप्रैल 2026 ईरान के साथ हालिया सात सप्ताह (लगभग 39 दिन) के युद्ध में अमेरिकी सेना ने अपने प्रमुख मिसाइल भंडार का बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की नई रिपोर्ट और CNN, The Hill जैसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पैट्रियट एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों का करीब 50%, THAAD इंटरसेप्टरों का आधे से ज्यादा और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) का 45% से अधिक स्टॉक इस्तेमाल हो चुका है।0cc978 रिपोर्ट में मुख्य आंकड़े: पैट्रियट मिसाइल: लगभग 50% स्टॉक खर्च। THAAD इंटरसेप्टर: 50% से ज्यादा खत्म। PrSM (Precision Strike Missiles): कम से कम 45% उपयोग। अन्य मिसाइलें: टोमाहॉक (Tomahawk) करीब 30%, JASSM (Joint Air-to-Surface Standoff Missile) 20% से अधिक, SM-3 और SM-6 भी प्रभावित। ये आंकड़े अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के आंतरिक स्टॉक आकलन से काफी मेल खाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के खिलाफ Operation Epic Fury के दौरान इन मिसाइलों का भारी इस्तेमाल हुआ, खासकर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए। CSIS रिपोर्ट का बड़ा खुलासा: युद्ध के दौरान चार प्रमुख मिसाइल प्रणालियों का आधे से ज्यादा प्री-वार इन्वेंटरी खर्च हो गया। मौजूदा स्टॉक ईरान युद्ध को जारी रखने के लिए अभी पर्याप्त है, लेकिन अगर सीजफायर टूटा तो स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। चीन जैसे निकट-पीयर प्रतिद्वंद्वी (near-peer adversary) के खिलाफ युद्ध के लिए स्टॉक पहले से ही अपर्याप्त थे। अब स्थिति और गंभीर हो गई है। स्टॉक को पुराने स्तर पर लाने में 1 से 4 साल लग सकते हैं, भले ही उत्पादन बढ़ाया जाए। कुछ मामलों में 3-5 साल या उससे ज्यादा समय लग सकता है। रिपोर्ट के लेखकों ने चेतावनी दी है कि इससे यूक्रेन और अन्य सहयोगी देशों को पैट्रियट, THAAD और PrSM की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। क्यों हुआ इतना बड़ा खर्च? ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और सस्ते ड्रोन के स्वार्म (swarm) हमलों का इस्तेमाल किया, जिससे महंगी इंटरसेप्टर मिसाइलों (जैसे पैट्रियट और THAAD) का भारी उपयोग पड़ा। एक महंगी मिसाइल से सस्ते ड्रोन या मिसाइल को मारना पड़ा, जिससे लागत का असंतुलन (cost imbalance) बढ़ा। आगे क्या? पेंटागन ने पहले ही मिसाइल उत्पादन बढ़ाने के लिए नए कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं, लेकिन डिलीवरी में समय लगेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह “नियर-टर्म रिस्क” पैदा करता है—अगले कुछ सालों में अगर कोई नया बड़ा संघर्ष हुआ तो अमेरिका को समस्या हो सकती है। फिलहाल सीजफायर चल रहा है, लेकिन इसे बनाए रखने में मिसाइल स्टॉक की कमी भी एक वजह मानी जा रही है। नोट: CSIS रिपोर्ट 21 अप्रैल 2026 को जारी हुई है। यह ओपन-सोर्स डेटा और Pentagon के अनुमानित आंकड़ों पर आधारित है। सटीक संख्या वर्गीकृत (classified) हैं, लेकिन रिपोर्ट्स में दिए गए आंकड़े विश्वसनीय स्रोतों से मेल खाते हैं। स्रोत: CSIS आधिकारिक रिपोर्ट, CNN, The Hill, आदि।
- केसीजी जिले में 200 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार, अवैध वसूली और प्रताड़ना का आरोप, 22 अप्रैल बुधवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार केसीजी जिले के वनांचल क्षेत्रों में करीब 200 परिवारों ने ‘चंदनहा कलार समाज’ के पदाधिकारियों पर सामाजिक बहिष्कार, अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों ने जिलाध्यक्ष दीनदयाल सिन्हा के नेतृत्व में केसीजी जिले के कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2 हजार 23 में ‘छत्तीसगढ़ डडसेना कलार समाज’ में शामिल होने के बाद से परिवारों पर दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि अंतिम संस्कार में शामिल होने तक के लिए पैसे मांगे गए और कई लोगों पर जुर्माना भी लगाया गया। पीड़ितों ने जबरन मुंडन, माफी और सामाजिक भोज जैसे अपमानजनक कृत्य कराने का भी आरोप लगाया है। मामले में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।1
- ट्रक की चपेट में आकर दो जिंदगियां हुईं ख़त्म… NH-930 पर सड़क दुर्घटना ने मचा दिया कोहराम छत्तीसगढ़ के बालोद जिले मे तेज रफ्तार और लापरवाही की एक और भयानक मिसाल। देर रात करीब 10:30 बजे बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम गुजरा के पास NH-930 पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने दो लोगों को कुचल दिया। हादसे में दोनों मौके पर ही अपनी जान गंवा बैठे। इस दर्दनाक सड़क हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम कर रखा और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम किया। जानकारी के अनुसार, NH-930 पर ग्राम गुजरा के पास सड़क रिपेयरिंग का काम चल रहा है, लेकिन किसी भी प्रकार के सांकेतिक बोर्ड या चेतावनी के इंतजाम नहीं किए गए थे। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर दोनों लोगों पर चढ़ गया। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया और ठेकेदार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रिपेयरिंग कार्य के दौरान न तो पर्याप्त रोशनी का इंतजाम है और न ही कोई वॉर्निंग बोर्ड लगाया गया है, जिसके कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ठेकेदार के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। हालांकि, मौके पर पहुंची बालोद पुलिस और तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सड़क सुरक्षा के पूरे इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे। प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब डेढ़ घंटे बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। दोस्तों, सड़क विकास का काम जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है लोगों की जान की सुरक्षा। सांकेतिक बोर्ड, पर्याप्त रोशनी और सावधानी बरतना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। उम्मीद करते हैं कि प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखाएगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। शांति बनाए रखें, कानून अपने रास्ते चलेगा। आगे उपडेट1
- पत्नी का सिर काटकर गांव में घूमता रहा,कैमरे में दियाया कटा मुंडी और बताई वजह, कोरबा से आई दिल दहला देने वाली घटना #chhatisgarh #korba #news #vairalvideo1
- छत्तीसगढ़ के मुंगेली में पुलिस ने “गुम मोबाइल खोज अभियान” के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में साइबर सेल और पुलिस टीम ने 90 गुम मोबाइल फोन (करीब 13.50 लाख रुपये) रिकवर कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए। CEIR पोर्टल और IMEI ट्रैकिंग की मदद से कई मोबाइल दूसरे जिलों और राज्यों से भी बरामद किए गए। मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने मुंगेली पुलिस का आभार जताया। #MungeliPolice #MobileRecovery #CyberCell #CEIR #ChhattisgarhNews #PoliceSuccess #BreakingNews #GoodNews #TechTracking1
- कबीरधाम: कबीरधाम पुलिस ने अवैध ऑनलाइन आईपीएल सट्टे पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। थाना कवर्धा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बस स्टैंड स्थित राज क्लीनिक में दबिश देकर नीलकमल अधिकारी (43 वर्ष) को पकड़ा। आरोपी के पास से एंड्रॉइड मोबाइल बरामद हुआ, जिसमें विभिन्न आईडी के जरिए मैच के हर ओवर पर हार-जीत का ऑनलाइन सट्टा संचालित करना पाया गया। पुलिस ने स्क्रीनशॉट सहित साक्ष्य जब्त कर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।1
- बलौदाबाजार जिला :- अल्ट्राटैक सीमेंट प्लांट ग्रारशीम रावन फिर एक दर्द नख मौत का मामला सामने आया है1
- दल्लीराजहरा-रावघाट प्रोजेक्ट में बड़ी जीत: 17 किमी का ट्रैक तैयार, जून तक फिनिशिंग और जुलाई में होगा CRS ट्रायल। नमस्कार, आप देख रहे हैं "द छत्तीसगढ़", मैं हूँ योगेश कुमार साहू। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और बालोद जिले की सीमा से एक ऐसी खबर आई है जो प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा बदल देगी। दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना का सबसे कठिन हिस्सा, जो ताड़ोकी से रावघाट तक का 17 किलोमीटर का सफर था, वह अब रेल पटरियों से जुड़ चुका है। नक्सलियों की धमकियों और घने जंगलों की चुनौतियों के बीच एसएसबी (SSB) के 1300 जवानों की सुरक्षा में यह काम पूरा हुआ। अब वो दिन दूर नहीं जब रावघाट की पहाड़ियों से लोहा सीधे भिलाई स्टील प्लांट पहुँचेगा और स्थानीय लोगों को रेल की सुविधा मिलेगी। देखिए हमारी यह खास ग्राउंड रिपोर्ट।1
- बिलासपुर रेंज में NDPS Investigation को मजबूत बनाने के लिए एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग के नेतृत्व में हुए इस प्रशिक्षण में लगभग 100 पुलिस अधिकारी शामिल हुए। सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन श्री माखनलाल पाण्डेय ने NDPS एक्ट की प्रक्रियाओं—तलाशी, जप्ती, सैंपलिंग और दस्तावेजीकरण—पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला का उद्देश्य विवेचना में तकनीकी त्रुटियों को खत्म कर अभियोजन को मजबूत बनाना है, ताकि आरोपी कानून का फायदा उठाकर बच न सकें। #NDPSAct #PoliceTraining #Bilaspur #CrimeNews #DrugFreeIndia #PoliceAction #LawAndOrder #Investigation #BreakingNews1
- *तेज रफ्तार ट्रैक्टर बना काल: चार किशोर सवार, एक की मौत, तीन घायल* सारंगढ़/बिलाईगढ़। ग्राम सुरगुली धनसीर से सुरगुली जाने वाले मुख्य मार्ग पर बुधवार शाम लगभग 7 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। सिदार सिंह सिदार के कुएं के पास आम के पेड़ के निकट तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक चलाए जा रहे ट्रैक्टर के अनियंत्रित होने से यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर में चार किशोर सवार थे—संजू केवट (16), खिलेश केवट (17), खिलेश्वर सिदार (15) और दिनेश सिदार (17)। बताया जा रहा है कि तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रैक्टर अचानक सड़क किनारे की ओर मुड़ते हुए कुएं के पास जा पलटा। हादसा इतना गंभीर था कि संजू केवट की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य तीन किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को निजी साधनों से तत्काल बिलाईगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की स्थिति अब खतरे से बाहर है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ट्रैक्टर का चालक खिलेश्वर सिदार था, जो इस दुर्घटना में सुरक्षित बच गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम हेतु बिलाईगढ़ भेज दिया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की गहन जांच कर रही है, जिसमें तेज रफ्तार और लापरवाही को प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा तेज रफ्तार वाहनों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।2