मुख्यमंत्री निवास पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 134वां संस्करण युवा साथियों के साथ सुना गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बढ़ती गर्मी के बीच सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि हमारी रसोई में मौजूद पारंपरिक पेय और खान-पान की संस्कृति गर्मी से बचाव का एक प्रभावी माध्यम हैं। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से राजस्थान की छाछ जैसे पारंपरिक पेयों का उदाहरण दिया, जो न केवल शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं, बल्कि हमारी समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के भी प्रतीक हैं। कार्यक्रम में एथलेटिक्स में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने वाले युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों, नीदरलैंड से प्राप्त चोल साम्राज्य के ताम्रपत्रों तथा बच्चों में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के प्रयासों सहित अनेक प्रेरणादायी विषयों पर विचार साझा किए गए। यह बताया गया कि आदरणीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित ‘मन की बात’ सदैव समाज में सकारात्मक परिवर्तन, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने वाला एक प्रेरक मंच रहा है।
मुख्यमंत्री निवास पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 134वां संस्करण युवा साथियों के साथ सुना गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बढ़ती गर्मी के बीच सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि हमारी रसोई में मौजूद पारंपरिक पेय और खान-पान की संस्कृति गर्मी से बचाव का एक प्रभावी माध्यम हैं। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से राजस्थान की छाछ जैसे पारंपरिक पेयों का उदाहरण दिया, जो न केवल शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं, बल्कि हमारी समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के भी प्रतीक हैं। कार्यक्रम में एथलेटिक्स में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने वाले युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों, नीदरलैंड से प्राप्त चोल साम्राज्य के ताम्रपत्रों तथा बच्चों में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के प्रयासों सहित अनेक प्रेरणादायी विषयों पर विचार साझा किए गए। यह बताया गया कि आदरणीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित ‘मन की बात’ सदैव समाज में सकारात्मक परिवर्तन, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने वाला एक प्रेरक मंच रहा है।
- डबल इंजन सरकार ने युवाओं को आश्वस्त किया है कि उन्हें किसी भी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह उनके हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी है।1
- राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले की खण्डार विधानसभा के अंतर्गत स्थित कुशालीपुरा शहीद स्थल से गुर्जर नेता विजय बैसला ने एक लाइव संबोधन दिया है।1
- चौथ का बरवाड़ा के समुद्रपुरा गांव में भीषण गर्मी के बीच गहराते पेयजल संकट को लेकर ग्रामीण महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गांव में स्थापित पाँच हैंडपंपों में से चार खराब पड़े हैं, जिसके चलते पूरे गांव को केवल एक ही हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस गंभीर पेयजल समस्या को उजागर करते हुए, महिलाओं ने प्रशासन से जल्द से जल्द खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है।1
- शिवाड़ स्थित श्री घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग धाम में चल रही शिव महापुराण कथा का विधिवत समापन रविवार को होगा। महामंडलेश्वर श्री विष्णु शरण दास जी महाराज के श्रीमुख से हो रही इस पतित-पावनी ज्ञान रूपी कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। धाम में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है, जहाँ श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारों के साथ कथा श्रवण कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। कथा स्थल पर वृंदावन और जयपुर सहित विभिन्न स्थानों से पूज्य संतों एवं श्रद्धेय भक्तों का आगमन लगातार जारी है। रविवार को होने वाले पूर्णाहुति कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।1
- सूर्य के चारों ओर दिखने वाली गोलाकार रिंग को कोई अशुभ संकेत या खगोलीय खतरा नहीं समझना चाहिए। यह एक प्राकृतिक घटना है जो तब बनती है जब अधिक ऊंचाई पर मौजूद पतले बादलों, जिन्हें सिरस बादल कहते हैं, में बर्फ के सूक्ष्म क्रिस्टल होते हैं। सूर्य का प्रकाश इन क्रिस्टलों से होकर गुजरता है और लगभग 22 डिग्री के कोण पर मुड़ जाता है, जिससे यह गोलाकार रिंग का निर्माण होता है।1
- हमारी सरकार 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के माध्यम से जल आत्मनिर्भर राजस्थान के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। इस महत्वपूर्ण पहल में जन-जन की सहभागिता और जल संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिससे प्रदेश जल सुरक्षा की ओर लगातार बढ़ रहा है।1
- सवाई माधोपुर, राजस्थान के सुनारी में स्थित श्री सांवरिया सेठ गौ सेवा समिति बीमार और दुर्घटनाग्रस्त गौ माताओं की देखरेख का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। यह गौशाला नव युवाओं द्वारा संचालित की जा रही है, जहां गौ माताओं की चिकित्सा के लिए हर दूसरे दिन तीन डॉक्टर अपनी सेवाएँ देते हैं। समिति ने बताया है कि यहां गौ माताओं को गर्मी, सर्दी और बारिश जैसी मौसमी समस्याओं से बचाने के लिए सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इस नेक कार्य को जारी रखने और गौ माता की सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, समिति ने आमजन से इसमें अधिक से अधिक योगदान और सहयोग करने की भावुक अपील की है, "जय गौ माता" का आह्वान करते हुए।1