अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की बाड़ी इकाई ने धौलपुर के राजकीय महाविद्यालय बाड़ी में भीषण गर्मी से बेजुबान पक्षियों को बचाने के लिए परिंडे लगाए। यह पहल एबीवीपी के 'एक कदम बेजुबान पक्षियों के लिए' अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय बाड़ी के प्राचार्य मनोज कुमार जी ने इस अवसर पर कहा कि इस भीषण गर्मी में पानी को अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने बताया कि जहाँ मनुष्य अपनी प्यास बोलकर बुझा लेता है, वहीं मूक पशु-पक्षियों को पानी के लिए तड़पना पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपने घरों के बाहर पानी की व्यवस्था करने का आग्रह किया, इसे ही सच्ची मानवता बताया। एबीवीपी के जिला संयोजक समरथ गुर्जर ने भी इस पुण्य कार्य में सबकी भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है, ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को पशु-पक्षियों की जान बचाने के लिए आगे आना चाहिए और अपने घरों की छतों व बाहर विभिन्न माध्यमों से पानी की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि पक्षियों को भटकना न पड़े। एबीवीपी की महाविद्यालय इकाई अध्यक्षा गुनगुन परमार ने बताया कि विद्यार्थी परिषद SFD (सेवा फ़ॉर डेवलपमेंट) आयाम के तहत बेजुबान पक्षियों की सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिंडे लगा रही है, और गर्मी के मौसम में पानी की व्यवस्था करना जीव मात्र के कल्याण का काम है। इस दौरान प्राचार्य श्री एम के सिंह जी, जिला संयोजक समरथ गुर्जर, सह प्राचार्य धर्मेंद्र सिंह मीणा, गुमान सिंह मीणा, केदार सिंह, दिनेश सिंह, इकाई अध्यक्षा गुनगुन परमार, शिवानी शर्मा, हरिओम, चेतन शर्मा, शिवा और विशाल सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की बाड़ी इकाई ने धौलपुर के राजकीय महाविद्यालय बाड़ी में भीषण गर्मी से बेजुबान पक्षियों को बचाने के लिए परिंडे लगाए। यह पहल एबीवीपी के 'एक कदम बेजुबान पक्षियों के लिए' अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय बाड़ी के प्राचार्य मनोज कुमार जी ने इस अवसर पर कहा कि इस
भीषण गर्मी में पानी को अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने बताया कि जहाँ मनुष्य अपनी प्यास बोलकर बुझा लेता है, वहीं मूक पशु-पक्षियों को पानी के लिए तड़पना पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपने घरों के बाहर पानी की व्यवस्था करने का आग्रह किया, इसे ही सच्ची मानवता बताया। एबीवीपी के जिला संयोजक समरथ गुर्जर ने भी इस पुण्य कार्य में सबकी भागीदारी पर जोर देते हुए
कहा कि वर्तमान में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है, ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को पशु-पक्षियों की जान बचाने के लिए आगे आना चाहिए और अपने घरों की छतों व बाहर विभिन्न माध्यमों से पानी की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि पक्षियों को भटकना न पड़े। एबीवीपी की महाविद्यालय इकाई अध्यक्षा गुनगुन परमार ने बताया कि विद्यार्थी परिषद SFD (सेवा फ़ॉर डेवलपमेंट) आयाम के तहत बेजुबान पक्षियों की सुरक्षा
और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिंडे लगा रही है, और गर्मी के मौसम में पानी की व्यवस्था करना जीव मात्र के कल्याण का काम है। इस दौरान प्राचार्य श्री एम के सिंह जी, जिला संयोजक समरथ गुर्जर, सह प्राचार्य धर्मेंद्र सिंह मीणा, गुमान सिंह मीणा, केदार सिंह, दिनेश सिंह, इकाई अध्यक्षा गुनगुन परमार, शिवानी शर्मा, हरिओम, चेतन शर्मा, शिवा और विशाल सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
- राजाखेड़ा के मरेना में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में श्रद्धा और उत्साह के साथ एक भव्य शोभायात्रा और वाहन रैली का आयोजन किया गया। इंद्रावली मोड़ से शुरू हुई इस शोभायात्रा को मुख्य अतिथि पागल बाबा 1008 ने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में नीरजा शर्मा, प्रिंस होडवाल, अनुराग मुदगल, अनुपम तिवारी, महेश बोहरे और पवन चंसोरिया अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जिनका समिति ने माला, साफा और भगवान परशुराम की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया। समिति अध्यक्ष रिंकू उपाध्याय के अनुसार, शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां, डोला और वाहन रैली मुख्य आकर्षण रहे। मरेना, पहाड़ी, मछरिया चौराहा, मछरिया और सिहोली में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर इस शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। शोभायात्रा का समापन हनुमानपुरा स्थित भगवान परशुराम मंदिर पर हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष रिंकू उपाध्याय, कोषाध्यक्ष रामू मुदगल, उपाध्यक्ष अमित लहचोरिया और हरेश शर्मा, मंत्री राजू पहलवान, अनिकेत, कृष्णकांत शुक्ला, अमन दीक्षित, मोहित, रोहित, सचिन शर्मा, जितेंद्र, ओमकांत और अभिषेक सहित समिति के कई सदस्यों ने सहयोग दिया। मंच संचालन मुकेश हनुमान और हरिओम शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. विष्णु शर्मा, रामवीर शर्मा, सरपंच रमाकांत दीक्षित, विष्णु सरपंच, बंटी सरपंच, राहुल शर्मा, शिवा तिवारी, रमाशंकर, शिवजी, सोनू फरासपुरा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- धौलपुर जिले के मरेना कस्बे में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य शोभायात्रा और वाहन रैली का आयोजन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। यह यात्रा मरेना इंद्रावली मोड़ से शुरू हुई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और धर्मप्रेमी शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पागल बाबा 1008 उपस्थित रहे, जिन्होंने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना करने के बाद शोभायात्रा और रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर नीरजा शर्मा, प्रिंस होडवाल, अनुराग मुदगल, अनुपम तिवारी, महेश बोहरे और पवन चंसोरिया जैसे अन्य अतिथि भी मौजूद रहे। आयोजक समिति ने सभी अतिथियों का माला, साफा और भगवान परशुराम जी की तस्वीर भेंट कर स्वागत-सम्मान किया। संयोजक रिंकू उपाध्याय ने बताया कि शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां, डोला और वाहन रैली विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यात्रा का मरेना, पहाड़ी मछरिया चौराहा, मछरिया और सिहोली में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा का समापन हनुमान पुरा स्थित भगवान परशुराम मंदिर पर हुआ, जहाँ सभी धर्मप्रेमियों ने भगवान परशुराम जी के दर्शन किए और प्रसादी ग्रहण की। इस आयोजन में कोषाध्यक्ष रामू मुदगल, उपाध्यक्ष अमित लहचोरिया, हरेश शर्मा, राजू पहलवान, अनिकेत, कृष्णकांत शुक्ला और अमन दीक्षित सहित हजारों धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।4
- भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) राजस्थान के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री बीके कुशवाहा का अभिनंदन किया गया है। इस अवसर पर उन्हें साफा और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।1
- धौलपुर के अधन्नपुर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास परम पूज्य लोकेशानंद महाराज ने अपनी सुमधुर और ओजस्वी वाणी में भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलाओं - महारास, कंस वध और रुक्मिणी विवाह - का अत्यंत मार्मिक वर्णन प्रस्तुत किया। लोकेशानंद महाराज ने महारास प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि महारास कोई सांसारिक क्रीड़ा नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन है। उन्होंने समझाया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कामदेव के अहंकार को नष्ट करने, भक्तों की इच्छा पूरी करने और आत्मा का परमात्मा से मिलन कराने के लिए शरद पूर्णिमा की रात को परासौली में महारास रचाया था। कंस वध का प्रसंग सुनाते हुए महाराज जी ने बताया कि जब अत्याचार अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाते हैं, तब ईश्वर का अवतार होता है; भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा जाकर अत्याचारी कंस का वध किया और धर्म की स्थापना की। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समाज से बुराइयों और अहंकार को मिटाने का संदेश दिया। कथा के आयोजक सोबरन सिंह अरेला और भगवंत प्रसाद अरेला सहित सीपी शर्मा, राजेश मरैया, बृजेश उपाध्याय, अशोक रावत, देवकीनंदन अरेला, पुरुषोत्तम, संतोष, कृष्णकांत, योगेश चौबे, ब्रजमोहन, दिनेश चंद्र रावत, मोतीराम शर्मा, राजकुमार बित्थरिया, शाशिकांत, भीमसेन, लोकेंद्र, आदित्येन्द्र तथा अन्य श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का पूजन किया। कथा का मुख्य आकर्षण रुक्मिणी विवाह का पावन प्रसंग रहा, जिसके आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए महाराज जी ने कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं और जीव का भगवान से मिलन ही रुक्मिणी विवाह है। उन्होंने बताया कि विदर्भ देश की राजकुमारी रुक्मिणी भगवान कृष्ण के गुणों और रूप पर मोहित थीं और उन्हें ही अपना पति मान चुकी थीं। जब उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह जबरन शिशुपाल से कराना चाहा, तब रुक्मिणी जी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से श्री कृष्ण को द्वारका संदेश भेजा। भगवान ने उनके अटूट विश्वास और भक्ति का मान रखते हुए उनका हरण किया और उन्हें अपनी पटरानी बनाया। यह प्रसंग सिखाता है कि जो पूरी तरह भगवान के शरणागत होता है, उसकी रक्षा स्वयं ईश्वर करते हैं। इस मौके पर दूर-दराज से आए अतिथियों व श्रद्धालुओं ने कथाव्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के समापन पर महाआरती की गई और सभी उपस्थित भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया।4
- धौलपुर के अधन्नपुर में चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास परम पूज्य लोकेशानंद महाराज ने अपनी सुमधुर और ओजस्वी वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलाओं - महारास, कंस वध और रुक्मिणी विवाह का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। महाराज लोकेशानंद ने महारास प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि महारास कोई सांसारिक क्रीड़ा नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कामदेव के अहंकार को नष्ट करने, भक्तों की इच्छा पूरी करने और आत्मा का परमात्मा से मिलन कराने के लिए शरद पूर्णिमा की रात को परासौली में महारास रचाया था। कंस वध प्रसंग सुनाते हुए महाराज जी ने बताया कि जब अत्याचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाते हैं, तब ईश्वर का अवतार होता है; भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा जाकर अत्याचारी कंस का वध किया और धर्म की स्थापना की। इस प्रसंग के माध्यम से समाज से बुराइयों और अहंकार को मिटाने का संदेश दिया गया। कथा का मुख्य आकर्षण रुक्मिणी विवाह का पावन प्रसंग रहा। लोकेशानंद महाराज ने रुक्मिणी विवाह के आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं और जीव का भगवान से मिलन ही रुक्मिणी विवाह है। उन्होंने बताया कि विदर्भ देश की राजकुमारी रुक्मिणी भगवान कृष्ण के गुणों और रूप पर मोहित थीं और उन्हें ही अपना पति मान चुकी थीं। जब उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह जबरन शिशुपाल से कराना चाहा, तब रुक्मिणी जी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से श्री कृष्ण को द्वारका संदेश भेजा। भगवान ने उनके अटूट विश्वास और भक्ति का मान रखते हुए उनका हरण किया और उन्हें अपनी पटरानी बनाया। यह प्रसंग सिखाता है कि जो पूरी तरह भगवान के शरणागत होता है, उसकी रक्षा स्वयं ईश्वर करते हैं। आयोजक सोबरन सिंह अरेला और भगवंत प्रसाद अरेला सहित सीपी शर्मा, राजेश मरैया, बृजेश उपाध्याय, अशोक रावत, देवकीनंदन अरेला, पुरुषोत्तम, संतोष, कृष्णकांत, योगेश चौबे, ब्रजमोहन, दिनेश चंद्र रावत, मोतीराम शर्मा, राजकुमार बित्थरिया, शाशिकांत, भीमसेन, लोकेंद्र, आदित्येन्द्र तथा अन्य श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का पूजन किया। इस मौके पर दूर-दराज से आए अतिथियों व श्रद्धालुओं ने कथाव्यास से आशीर्वाद लिया। कथा के समापन पर महाआरती की गई और सभी भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया।4
- अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर आज लगातार दूसरे दिन कर्मचारियों ने राजस्थान सरकार की नीतियों के खिलाफ तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ और प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. रनजीत मीणा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने उपखण्ड कार्यालय और तहसील कार्यालय पर 1 घंटे का सामूहिक कार्य बहिष्कार कर सांकेतिक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कर्मचारी हितों पर किए जा रहे कथित कुठाराघात के विरोध में किया गया। महासंघ के प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. रनजीत मीणा ने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और सुविधाओं पर चोट कर रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में आरजीएचएस (RGHS) योजना का निजीकरण रोकना, बीमा कंपनियों के प्रवेश को रोकना और समर्पित अवकाश (सरेंडर लीव) के भुगतान पर लगी अघोषित रोक को तुरंत हटाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, महासंघ का 25 सूत्री मांग पत्र भी सरकार को सौंपा गया है। डॉ. मीणा ने इस बात पर भी दुख व्यक्त किया कि कर्मचारियों को अपने जीपीएफ से पैसा निकालने के लिए 6-6 महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिसे कर्मचारियों के साथ कुठाराघात बताया गया। इस सामूहिक कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों और भारी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव (जिला आयुर्वेद चिकित्सक संघ अध्यक्ष), गोपाल कृष्ण शर्मा (आयुर्वेद संघर्ष समिति अध्यक्ष), टीकम सिंह जाट (शिक्षक संघ महामंत्री), आईएलआर सुनील कुमार परमार, जितेंद्र सिंह मीणा, हृदेश पाठक, हितेंद्र कुमार व्यास, टीलआई ब्रजराज मीणा, सूचना सहायक प्रकाश सामरिया, वरिष्ठ सहायक सोनू शर्मा, कनिष्ठ सहायक महेश कुमार मीणा, और अध्यापक अशोक कुमार मीणा सहित कई पदाधिकारी शामिल थे, जिन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर कर्मचारियों की आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान, उपखंड कार्यालय बाड़ी और तहसील कार्यालय बाड़ी पर सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों की कड़ी निंदा की। नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए और 25 सूत्री मांग पत्र को पूरा नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज व उग्र किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना में मंगलवार सुबह दो छात्रों पर गोली चलने की घटना के संबंध में नई जानकारी सामने आई है। पहले ऐसी खबरें थीं कि किसी बदमाश ने जानबूझकर छात्रों पर गोली चलाई है, लेकिन अब यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक दुर्घटना थी। दरअसल, चलती स्कूटर पर गन लोड करने के दौरान अनजाने में फायरिंग हो गई, जिससे यह घटना हुई।1
- नौतपा की भीषण गर्मी ने जहां आमजन को गर्म हवाओं और तेज धूप से बेहाल कर रखा है, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों की हालत बेहद दयनीय हो गई है। ऐसे विकट समय में, धौलपुर के अधिवक्ताओं, पत्रकारों और आम नागरिकों ने एक सामाजिक पहल करते हुए पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था का बीड़ा उठाया है। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, मोहल्लों और पेड़ों पर मिट्टी के परिंडे बांधे जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन ताजा पानी भरा जा रहा है ताकि पक्षियों को राहत मिल सके। इसी तरह, आवारा और बेसहारा पशुओं की प्यास बुझाने के लिए सड़कों, मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पानी की टंकियां रखवाई गई हैं, जिन्हें नियमित रूप से पानी से भरा जा रहा है। पूर्व अभिभाषक संघ अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल ने इस प्रयास को सराहा है, जोर देते हुए कहा कि प्रकृति और जीव-जंतुओं की सेवा करना समाज का एक महत्वपूर्ण दायित्व है, और नौतपा के दौरान एक पात्र पानी रखना भी बड़ा पुण्य का कार्य है। वहीं, एडवोकेट प्रमोद शर्मा ने मानवता की पहचान दया और करुणा को बताया, और कहा कि भीषण गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम करना एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि समाज के सहयोग से इन परिंडों और पानी की टंकियों की साफ-सफाई और उनमें पानी भरने का कार्य लगातार जारी है। यह नेक अभियान गर्मी कम होने तक अनवरत चलता रहेगा। इस महत्वपूर्ण मानवीय कार्य में रमा पंडित, सचिन पाराशर, सार्थक उपाध्याय, हिमांशु, धीरेंद्र कुशवाह, मीनेश मीना, अनिल मीणा, हेमंत सिंह, अनुराग कटारा, अजीत, रजित शर्मा, रमाकांत शर्मा, अजीत परिहार, हरवीर शर्मा, भानु शर्मा सहित कई अन्य लोग सक्रिय रूप से शामिल रहे।1