गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित मदरसा रोड के एक प्रज्ञा केंद्र पर पैसे निकालने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। खूंटी जिले के कोटांगर गांव निवासी 20 वर्षीय शांति कुमारी ने सिसई के मदरसा रोड पर स्थित चाहत मोबाईल एंड ऑनलाइन सेंटर के संचालक के खिलाफ सिसई थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता शांति कुमारी ने अपनी शिकायत में बताया है कि 26 अप्रैल 2026 को दोपहर 3:15 बजे जब वह अपने मायके आई हुई थीं, तब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के अपने खाता संख्या 496918210010474 से आधार कार्ड संख्या 456803691021 के माध्यम से फिंगर लगाकर दस हजार रुपये (₹10,000) निकालने का प्रयास किया। संचालक ने 'लिंक फेल' होने की बात कहकर उन्हें पैसे नहीं दिए और अगले दिन आने को कहा। हालांकि, प्रज्ञा केंद्र से कुछ ही दूर जाने पर शांति कुमारी को अपने मोबाइल पर पैसे निकलने का मैसेज मिला। यह देखकर पीड़िता तुरंत केंद्र वापस लौटीं और संचालक को पैसे निकलने की जानकारी देते हुए राशि की मांग की। इस पर संचालक ने उन्हें गुमराह किया और अगले दिन, फिर एक सप्ताह बाद आने को कहा। करीब एक महीने तक संचालक उन्हें टालता रहा और अंततः पैसे देने से मुकर गया, बल्कि धमकी भी दी कि 'पैसा नहीं मिलेगा आपको जो करना है कर लें'। इस परेशानी से तंग आकर शांति कुमारी ने समाजसेवी संजय वर्मा की मदद से सिसई थाना में आरोपी संचालक के खिलाफ आवेदन दिया है। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने पैसे वापस दिलाने और आरोपी संचालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा, पीड़िता ने इस मामले की एक प्रति प्रखंड विकास पदाधिकारी सिसई को भी सौंपी है और प्रज्ञा केंद्र की जांच कराए जाने की मांग की है।
गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित मदरसा रोड के एक प्रज्ञा केंद्र पर पैसे निकालने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। खूंटी जिले के कोटांगर गांव निवासी 20 वर्षीय शांति कुमारी ने सिसई के मदरसा रोड पर स्थित चाहत मोबाईल एंड ऑनलाइन सेंटर के संचालक के खिलाफ सिसई थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता शांति कुमारी ने अपनी शिकायत में बताया है कि 26 अप्रैल 2026 को दोपहर 3:15
बजे जब वह अपने मायके आई हुई थीं, तब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के अपने खाता संख्या 496918210010474 से आधार कार्ड संख्या 456803691021 के माध्यम से फिंगर लगाकर दस हजार रुपये (₹10,000) निकालने का प्रयास किया। संचालक ने 'लिंक फेल' होने की बात कहकर उन्हें पैसे नहीं दिए और अगले दिन आने को कहा। हालांकि, प्रज्ञा केंद्र से कुछ ही दूर जाने पर शांति कुमारी को अपने मोबाइल
पर पैसे निकलने का मैसेज मिला। यह देखकर पीड़िता तुरंत केंद्र वापस लौटीं और संचालक को पैसे निकलने की जानकारी देते हुए राशि की मांग की। इस पर संचालक ने उन्हें गुमराह किया और अगले दिन, फिर एक सप्ताह बाद आने को कहा। करीब एक महीने तक संचालक उन्हें टालता रहा और अंततः पैसे देने से मुकर गया, बल्कि धमकी भी दी कि 'पैसा नहीं मिलेगा आपको जो करना है कर लें'। इस परेशानी
से तंग आकर शांति कुमारी ने समाजसेवी संजय वर्मा की मदद से सिसई थाना में आरोपी संचालक के खिलाफ आवेदन दिया है। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने पैसे वापस दिलाने और आरोपी संचालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा, पीड़िता ने इस मामले की एक प्रति प्रखंड विकास पदाधिकारी सिसई को भी सौंपी है और प्रज्ञा केंद्र की जांच कराए जाने की मांग की है।
- Kailash Trikeyगुमला, गुमला, झारखंडअब मारो साले को पेड़ में टांग के 😡😡😡😡8 hrs ago
- खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड सभागार में 'द हंस फाउंडेशन' के तत्वावधान में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीडीओ स्मिता नगेशिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ग्रामीण किशोरियों ने रंगोली, नृत्य, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ स्मिता नगेशिया ने स्पष्ट किया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी प्रकार की शर्म या संकोच नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार के "चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो" अभियान पर विशेष जोर दिया और किशोरियों से माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। नगेशिया ने यह भी कहा कि जागरूकता ही महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बना सकती है। इस आयोजन में मुख्य योजना पर्यवेक्षक प्रतिभा तिर्की, स्वस्थ एवं पोषण विशेषज्ञ सावन कुमार, कृष्ण मोहन मिश्रा, अभिजित रंजन और सुनिता कुमारी सहित कई सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, जल सहिया, स्वास्थ्य सहिया, किशोरियां और महिलाएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।1
- झारखंड के लोहरदगा स्थित असुर भवन को लेकर जांच की मांग उठी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट के माध्यम से असुर भवन में जांच कराने का आह्वान किया गया है। इस पोस्ट में सवालिया और हैरान कर देने वाले इमोजी का उपयोग किया गया है, जो इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने और चिंता व्यक्त करने का संकेत देते हैं। यह मांग विशेष रूप से आदिवासी समुदाय से संबंधित है, जैसा कि पोस्ट में इस्तेमाल किए गए हैशटैग से स्पष्ट होता है।1
- झारखंड के गुमला जिले में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हो गई है। यह घटना जमीन से जुड़े विवाद के परिणामस्वरूप सामने आई है, जिसमें दो अलग-अलग समूह आपस में भिड़ गए।1
- पूर्व नक्सली बालक खेरवार ने 'वनवासी' वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिकाल से ही वे आदिवासी समुदाय के लोग भगवान शिव, पार्वती और बजरंगबली के वंशज हैं। इसके साथ ही, खेरवार ने अपनी नक्सली जीवनी के बारे में भी बात की, जिसमें उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि नक्सली जंगल में किस प्रकार रहते थे।1
- झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित करालोया में आयोजित ऐतिहासिक पत्थलगड़ी जतरा में सिसई विधानसभा क्षेत्र के विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी पारंपरिक रीति-रिवाज और लोक नृत्य के साथ विधायक का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। जतरा के दौरान विधायक जिग्गा सुसारण होरो खुद को रोक नहीं पाए और ग्रामीणों के साथ मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करने लगे। विधायक को अपने बीच इस तरह सहज रूप से थिरकते देख वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों का उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विधायक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक नृत्य, नाच-गान और लोक संस्कृति ही उनकी असली पहचान है। उन्होंने पत्थलगड़ी को अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति का एक बेहद अहम और अटूट हिस्सा बताते हुए इसे सहेज कर रखने को सभी का कर्तव्य बताया। इस पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा में करालोया और आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक रंग में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय जतरा समिति और ग्रामीणों ने मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्य रूप से झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, प्रखंड सचिव जयवंत दास, अभिषेक लकड़ा, प्रकाश उरांव सहित बसिया प्रखंड के सभी झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।2
- खुंटी जिले के बाड़ीनिजकेल पंचायत के टोला बाड़ी में ग्राम प्रधान दुगा पाहन के नेतृत्व में एक भव्य पारंपरिक छऊ नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कलाकारों की प्रस्तुतियों का खूब आनंद लिया। कार्यक्रम में झामुमो के जिला प्रवक्ता और विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने फीता काटकर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया और आयोजन समिति के साथ-साथ ग्रामीणों को इस तरह की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए बधाई दी। मंडल ने इस अवसर पर कहा कि छऊ नृत्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संरक्षित रखने का भी आग्रह किया। इस मौके पर पूर्व मुखिया रेजन मुंडा, संतोष कुम्हार, बुधो मुंडा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। गांव के युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- हाल ही में साझा की गई एक पोस्ट के अनुसार, एक लड़की को आम बेहद पसंद हैं। पोस्ट में आम के प्रति उसके उत्साह को दर्शाया गया है, जिसे गर्मी के मौसम से जोड़कर देखा जा सकता है।1
- लोहरदगा जिले के बगीचा वार्ड नंबर 21 में चल रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर गड़बड़ी का आरोप सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया है कि सड़क का निर्माण गलत तरीके से किया जा रहा है। उनकी शिकायत है कि काम में अनियमितताएं बरती जा रही हैं, और ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को जांच का विषय बताया है, जिससे इस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- आज रांची के हेहल अंचल में मौसम ने एक खतरनाक मोड़ ले लिया है, जहाँ तेज तूफान, भारी बारिश और काले बादलों ने पूरे इलाके में डर का माहौल बना दिया है। एक तरफ जहाँ कुछ जगहों पर लोग तेज धूप से परेशान रहे, वहीं रांची के हेहल अंचल में इस सुहाने मौसम ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत भी दिलाई। सड़कों पर पानी भर गया, तेज हवाएं चलीं और यह तेजी से बदलता मौसम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। इन हालातों को देखते हुए लोग अपने घरों से निकलने से पहले मौसम का हाल जानना ज़रूरी समझ रहे हैं।1