झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित करालोया में आयोजित ऐतिहासिक पत्थलगड़ी जतरा में सिसई विधानसभा क्षेत्र के विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी पारंपरिक रीति-रिवाज और लोक नृत्य के साथ विधायक का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। जतरा के दौरान विधायक जिग्गा सुसारण होरो खुद को रोक नहीं पाए और ग्रामीणों के साथ मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करने लगे। विधायक को अपने बीच इस तरह सहज रूप से थिरकते देख वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों का उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विधायक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक नृत्य, नाच-गान और लोक संस्कृति ही उनकी असली पहचान है। उन्होंने पत्थलगड़ी को अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति का एक बेहद अहम और अटूट हिस्सा बताते हुए इसे सहेज कर रखने को सभी का कर्तव्य बताया। इस पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा में करालोया और आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक रंग में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय जतरा समिति और ग्रामीणों ने मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्य रूप से झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, प्रखंड सचिव जयवंत दास, अभिषेक लकड़ा, प्रकाश उरांव सहित बसिया प्रखंड के सभी झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित करालोया में आयोजित ऐतिहासिक पत्थलगड़ी जतरा में सिसई विधानसभा क्षेत्र के विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी पारंपरिक रीति-रिवाज और लोक नृत्य के साथ विधायक का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। जतरा के दौरान विधायक जिग्गा सुसारण होरो खुद को रोक नहीं पाए और ग्रामीणों के साथ मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करने लगे। विधायक को अपने बीच इस तरह सहज रूप से थिरकते देख वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों का उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विधायक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक नृत्य,
नाच-गान और लोक संस्कृति ही उनकी असली पहचान है। उन्होंने पत्थलगड़ी को अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति का एक बेहद अहम और अटूट हिस्सा बताते हुए इसे सहेज कर रखने को सभी का कर्तव्य बताया। इस पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा में करालोया और आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक रंग में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय जतरा समिति और ग्रामीणों ने मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्य रूप से झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, प्रखंड सचिव जयवंत दास, अभिषेक लकड़ा, प्रकाश उरांव सहित बसिया प्रखंड के सभी झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित करालोया में आयोजित ऐतिहासिक पत्थलगड़ी जतरा में सिसई विधानसभा क्षेत्र के विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी पारंपरिक रीति-रिवाज और लोक नृत्य के साथ विधायक का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। जतरा के दौरान विधायक जिग्गा सुसारण होरो खुद को रोक नहीं पाए और ग्रामीणों के साथ मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करने लगे। विधायक को अपने बीच इस तरह सहज रूप से थिरकते देख वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों का उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विधायक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक नृत्य, नाच-गान और लोक संस्कृति ही उनकी असली पहचान है। उन्होंने पत्थलगड़ी को अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति का एक बेहद अहम और अटूट हिस्सा बताते हुए इसे सहेज कर रखने को सभी का कर्तव्य बताया। इस पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा में करालोया और आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक रंग में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय जतरा समिति और ग्रामीणों ने मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्य रूप से झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, प्रखंड सचिव जयवंत दास, अभिषेक लकड़ा, प्रकाश उरांव सहित बसिया प्रखंड के सभी झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।2
- राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली है। पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद, शहर में आज गरज के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई है। इस मूसलाधार बारिश ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया है, जिससे पिछले कई दिनों से बढ़ते पारे पर रोक लगी है और लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में जलजमाव की खबरें भी सामने आई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक रांची और इसके आस-पास के जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर वज्रपात (बिजली चमकने) के साथ बारिश होने की संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित मदरसा रोड के एक प्रज्ञा केंद्र पर पैसे निकालने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। खूंटी जिले के कोटांगर गांव निवासी 20 वर्षीय शांति कुमारी ने सिसई के मदरसा रोड पर स्थित चाहत मोबाईल एंड ऑनलाइन सेंटर के संचालक के खिलाफ सिसई थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता शांति कुमारी ने अपनी शिकायत में बताया है कि 26 अप्रैल 2026 को दोपहर 3:15 बजे जब वह अपने मायके आई हुई थीं, तब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के अपने खाता संख्या 496918210010474 से आधार कार्ड संख्या 456803691021 के माध्यम से फिंगर लगाकर दस हजार रुपये (₹10,000) निकालने का प्रयास किया। संचालक ने 'लिंक फेल' होने की बात कहकर उन्हें पैसे नहीं दिए और अगले दिन आने को कहा। हालांकि, प्रज्ञा केंद्र से कुछ ही दूर जाने पर शांति कुमारी को अपने मोबाइल पर पैसे निकलने का मैसेज मिला। यह देखकर पीड़िता तुरंत केंद्र वापस लौटीं और संचालक को पैसे निकलने की जानकारी देते हुए राशि की मांग की। इस पर संचालक ने उन्हें गुमराह किया और अगले दिन, फिर एक सप्ताह बाद आने को कहा। करीब एक महीने तक संचालक उन्हें टालता रहा और अंततः पैसे देने से मुकर गया, बल्कि धमकी भी दी कि 'पैसा नहीं मिलेगा आपको जो करना है कर लें'। इस परेशानी से तंग आकर शांति कुमारी ने समाजसेवी संजय वर्मा की मदद से सिसई थाना में आरोपी संचालक के खिलाफ आवेदन दिया है। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने पैसे वापस दिलाने और आरोपी संचालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा, पीड़िता ने इस मामले की एक प्रति प्रखंड विकास पदाधिकारी सिसई को भी सौंपी है और प्रज्ञा केंद्र की जांच कराए जाने की मांग की है।4
- झारखंड राज्य किसान सभा जिला कमेटी गुमला ने शुक्रवार को गुमला के सिसई स्थित प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन कार्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ 'घोर भ्रष्टाचार' के विरोध में था। प्रदर्शन से पहले, थाना रोड सरना स्थल से मेन रोड होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर तक एक रैली निकाली गई, जिसमें 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी' और 'जो अधिकारी काम करेंगे वही सिसई में रहेंगे' जैसे जोरदार नारे लगाए गए। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, जिसके कारण किसानों को समय पर धान बीज, खाद और यूरिया नहीं मिल पाता, और खाद ऊँचे दामों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने समय पर किसानों को उचित दामों पर खाद बीज उपलब्ध कराने और सड़क, बिजली, पानी की बढ़ती समस्याओं का प्रशासन द्वारा जल्द समाधान निकालने की मांग की। राज्य किसान सभा के सदस्य मधुवा कश्यप ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार की 'निरंकुशता' के कारण किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा है, क्योंकि मानसून आने वाली है और सरकार का खाद, बीज, यूरिया, डीएपी पर कोई ध्यान नहीं है, जबकि दुकानदार मनमाने दर से इन्हें बेच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने, किसानों का कर्ज माफ करने, जंगली हाथियों द्वारा ध्वस्त किए गए घरों और मारे गए व्यक्तियों को समय पर मुआवजा देने, जमीन ऑनलाइन व अन्य कार्यों में जनता को सुविधा देने, और अवैध जमीन कब्जा पर रोक लगाने की भी मांग की। प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पुनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित भारी संख्या में किसान मजदूर शामिल हुए। भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की एकजुटता देख बीडीओ और सीओ मौके से भाग गए। झारखंड राज्य किसान सभा ने घोषणा की कि वे किसानों के हक और अधिकार के लिए तब तक आवाज उठाते रहेंगे जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता।1
- खुंटी जिले के कर्रा थाना परिसर में शनिवार को दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर एक विशाल सफेद रंग की गाय की मौत हो गई। यह घटना थाना परिसर स्थित ट्रांसफार्मर के पास हुई, जहाँ गाय ट्रांसफार्मर के अर्थिंग तार में फंस गई। तार में फंसने के बाद गाय नीचे गिर गई, और गिरने के कारण उसे वहाँ पड़े लोहे के रॉड से चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृत गाय किस किसान की थी, इसकी जानकारी घटना के समय तक नहीं मिल पाई थी। कुछ लोगों का इस घटना के संबंध में कहना है कि किसान अक्सर अपने मवेशियों को लावारिस हालत में खुला छोड़ देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी दुर्घटनाएँ होती हैं।1
- झारखंड के खूंटी जिले में स्थित अरकी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कुड़िया नरकागरा गाँव (डाकघर कचांग) में सोलर पंप और सबमर्सिबल पंप पिछले एक साल से खराब पड़े हैं। इन दोनों के काम न करने के कारण ग्रामीण समस्याओं का सामना कर रहे हैं।2
- गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के सलगी भुड़िया टोली निवासी 16 वर्षीय नेहा कुमारी की कीटनाशक का सेवन करने से रिम्स से ले जाने के दौरान मौत हो गई। इस घटना की सूचना मिलने पर एसआई अरविंद कुमार ने शव का सदर अस्पताल गुमला में पोस्टमार्टम कराया और शनिवार को परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद वे मामले की छानबीन में जुट गए हैं। मृतिका की मां अमेरिका देवी ने बताया है कि 29 मई की शाम करीब 7 बजे गांव का ही एक किशोर नेहा को हरिश्चंद्र उरांव के खेत में स्थित बारी के एक कमरे में ले गया था। वहां उस किशोर ने सब्जी पर इस्तेमाल होने वाला कीटनाशक लाकर नेहा को खिलाया और खुद भी उसका सेवन कर लिया। कीटनाशक खाने वाला दूसरा किशोर फिलहाल अस्पताल में इलाजरत है, जबकि नेहा की मौत हो चुकी है। परिजनों ने इस मामले में मोतीलाल उरांव पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।1