झारखंड राज्य किसान सभा जिला कमेटी गुमला ने शुक्रवार को गुमला के सिसई स्थित प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन कार्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ 'घोर भ्रष्टाचार' के विरोध में था। प्रदर्शन से पहले, थाना रोड सरना स्थल से मेन रोड होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर तक एक रैली निकाली गई, जिसमें 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी' और 'जो अधिकारी काम करेंगे वही सिसई में रहेंगे' जैसे जोरदार नारे लगाए गए। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, जिसके कारण किसानों को समय पर धान बीज, खाद और यूरिया नहीं मिल पाता, और खाद ऊँचे दामों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने समय पर किसानों को उचित दामों पर खाद बीज उपलब्ध कराने और सड़क, बिजली, पानी की बढ़ती समस्याओं का प्रशासन द्वारा जल्द समाधान निकालने की मांग की। राज्य किसान सभा के सदस्य मधुवा कश्यप ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार की 'निरंकुशता' के कारण किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा है, क्योंकि मानसून आने वाली है और सरकार का खाद, बीज, यूरिया, डीएपी पर कोई ध्यान नहीं है, जबकि दुकानदार मनमाने दर से इन्हें बेच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने, किसानों का कर्ज माफ करने, जंगली हाथियों द्वारा ध्वस्त किए गए घरों और मारे गए व्यक्तियों को समय पर मुआवजा देने, जमीन ऑनलाइन व अन्य कार्यों में जनता को सुविधा देने, और अवैध जमीन कब्जा पर रोक लगाने की भी मांग की। प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पुनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित भारी संख्या में किसान मजदूर शामिल हुए। भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की एकजुटता देख बीडीओ और सीओ मौके से भाग गए। झारखंड राज्य किसान सभा ने घोषणा की कि वे किसानों के हक और अधिकार के लिए तब तक आवाज उठाते रहेंगे जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता।
झारखंड राज्य किसान सभा जिला कमेटी गुमला ने शुक्रवार को गुमला के सिसई स्थित प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन कार्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ 'घोर भ्रष्टाचार' के विरोध में था। प्रदर्शन से पहले, थाना रोड सरना स्थल से मेन रोड होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर तक एक रैली निकाली गई, जिसमें 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी' और 'जो अधिकारी काम करेंगे वही सिसई में रहेंगे' जैसे जोरदार नारे लगाए गए। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, जिसके कारण किसानों को समय पर धान बीज, खाद और यूरिया नहीं मिल पाता, और खाद ऊँचे दामों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने समय पर किसानों को उचित दामों पर खाद बीज उपलब्ध कराने और सड़क, बिजली, पानी की बढ़ती समस्याओं का प्रशासन द्वारा जल्द समाधान निकालने की मांग की। राज्य किसान सभा के सदस्य मधुवा कश्यप ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार की 'निरंकुशता' के कारण किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा है, क्योंकि मानसून आने वाली है और सरकार का खाद, बीज, यूरिया, डीएपी पर कोई ध्यान नहीं है, जबकि दुकानदार मनमाने दर से इन्हें बेच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने, किसानों का कर्ज माफ करने, जंगली हाथियों द्वारा ध्वस्त किए गए घरों और मारे गए व्यक्तियों को समय पर मुआवजा देने, जमीन ऑनलाइन व अन्य कार्यों में जनता को सुविधा देने, और अवैध जमीन कब्जा पर रोक लगाने की भी मांग की। प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पुनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित भारी संख्या में किसान मजदूर शामिल हुए। भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की एकजुटता देख बीडीओ और सीओ मौके से भाग गए। झारखंड राज्य किसान सभा ने घोषणा की कि वे किसानों के हक और अधिकार के लिए तब तक आवाज उठाते रहेंगे जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता।
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित मदरसा रोड के एक प्रज्ञा केंद्र पर पैसे निकालने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। खूंटी जिले के कोटांगर गांव निवासी 20 वर्षीय शांति कुमारी ने सिसई के मदरसा रोड पर स्थित चाहत मोबाईल एंड ऑनलाइन सेंटर के संचालक के खिलाफ सिसई थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता शांति कुमारी ने अपनी शिकायत में बताया है कि 26 अप्रैल 2026 को दोपहर 3:15 बजे जब वह अपने मायके आई हुई थीं, तब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के अपने खाता संख्या 496918210010474 से आधार कार्ड संख्या 456803691021 के माध्यम से फिंगर लगाकर दस हजार रुपये (₹10,000) निकालने का प्रयास किया। संचालक ने 'लिंक फेल' होने की बात कहकर उन्हें पैसे नहीं दिए और अगले दिन आने को कहा। हालांकि, प्रज्ञा केंद्र से कुछ ही दूर जाने पर शांति कुमारी को अपने मोबाइल पर पैसे निकलने का मैसेज मिला। यह देखकर पीड़िता तुरंत केंद्र वापस लौटीं और संचालक को पैसे निकलने की जानकारी देते हुए राशि की मांग की। इस पर संचालक ने उन्हें गुमराह किया और अगले दिन, फिर एक सप्ताह बाद आने को कहा। करीब एक महीने तक संचालक उन्हें टालता रहा और अंततः पैसे देने से मुकर गया, बल्कि धमकी भी दी कि 'पैसा नहीं मिलेगा आपको जो करना है कर लें'। इस परेशानी से तंग आकर शांति कुमारी ने समाजसेवी संजय वर्मा की मदद से सिसई थाना में आरोपी संचालक के खिलाफ आवेदन दिया है। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने पैसे वापस दिलाने और आरोपी संचालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा, पीड़िता ने इस मामले की एक प्रति प्रखंड विकास पदाधिकारी सिसई को भी सौंपी है और प्रज्ञा केंद्र की जांच कराए जाने की मांग की है।4
- झारखंड राज्य किसान सभा जिला कमेटी गुमला ने शुक्रवार को गुमला के सिसई स्थित प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन कार्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ 'घोर भ्रष्टाचार' के विरोध में था। प्रदर्शन से पहले, थाना रोड सरना स्थल से मेन रोड होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर तक एक रैली निकाली गई, जिसमें 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी' और 'जो अधिकारी काम करेंगे वही सिसई में रहेंगे' जैसे जोरदार नारे लगाए गए। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, जिसके कारण किसानों को समय पर धान बीज, खाद और यूरिया नहीं मिल पाता, और खाद ऊँचे दामों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने समय पर किसानों को उचित दामों पर खाद बीज उपलब्ध कराने और सड़क, बिजली, पानी की बढ़ती समस्याओं का प्रशासन द्वारा जल्द समाधान निकालने की मांग की। राज्य किसान सभा के सदस्य मधुवा कश्यप ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार की 'निरंकुशता' के कारण किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा है, क्योंकि मानसून आने वाली है और सरकार का खाद, बीज, यूरिया, डीएपी पर कोई ध्यान नहीं है, जबकि दुकानदार मनमाने दर से इन्हें बेच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने, किसानों का कर्ज माफ करने, जंगली हाथियों द्वारा ध्वस्त किए गए घरों और मारे गए व्यक्तियों को समय पर मुआवजा देने, जमीन ऑनलाइन व अन्य कार्यों में जनता को सुविधा देने, और अवैध जमीन कब्जा पर रोक लगाने की भी मांग की। प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पुनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित भारी संख्या में किसान मजदूर शामिल हुए। भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की एकजुटता देख बीडीओ और सीओ मौके से भाग गए। झारखंड राज्य किसान सभा ने घोषणा की कि वे किसानों के हक और अधिकार के लिए तब तक आवाज उठाते रहेंगे जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता।1
- राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली है। पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद, शहर में आज गरज के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई है। इस मूसलाधार बारिश ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया है, जिससे पिछले कई दिनों से बढ़ते पारे पर रोक लगी है और लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में जलजमाव की खबरें भी सामने आई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक रांची और इसके आस-पास के जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर वज्रपात (बिजली चमकने) के साथ बारिश होने की संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत ठाकुरबाड़ी के समीप एनएच 143 ए लोहरदगा-घाघरा मुख्य पथ पर एक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें पुलिस जवान सहित तीन लोग घायल हो गए। यह हादसा दोपहिया वाहन मोटरसाइकिल और स्कूटी की टक्कर से हुआ। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।1
- लातेहार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ₹2.5 करोड़ की अवैध शराब बरामद की है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में करोड़ों रुपये की लागत से एक विद्यालय का निर्माण हो रहा है, जिसकी गुणवत्ता पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस विद्यालय का निर्माण 'थूक पॉलिश' लगाकर किया जा रहा है, जो इसकी बेहद घटिया गुणवत्ता की ओर स्पष्ट इशारा करता है। यह स्थिति निर्माण कार्य पर बड़े सवाल खड़े करती है।1
- खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड सभागार में 'द हंस फाउंडेशन' के तत्वावधान में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीडीओ स्मिता नगेशिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ग्रामीण किशोरियों ने रंगोली, नृत्य, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ स्मिता नगेशिया ने स्पष्ट किया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी प्रकार की शर्म या संकोच नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार के "चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो" अभियान पर विशेष जोर दिया और किशोरियों से माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। नगेशिया ने यह भी कहा कि जागरूकता ही महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बना सकती है। इस आयोजन में मुख्य योजना पर्यवेक्षक प्रतिभा तिर्की, स्वस्थ एवं पोषण विशेषज्ञ सावन कुमार, कृष्ण मोहन मिश्रा, अभिजित रंजन और सुनिता कुमारी सहित कई सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, जल सहिया, स्वास्थ्य सहिया, किशोरियां और महिलाएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।1
- गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के रहे टोली गांव में शुक्रवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में टेपना महली (लगभग 50 वर्ष) नामक एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वर्गीय लालू महली के पुत्र और रहे टोली निवासी टेपना महली के रूप में की गई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, लोहरदगा से कुजाम की ओर जा रहा एक खाली बॉक्साइट ट्रक (संख्या JH08H1819) तेज रफ्तार में था। बताया गया है कि ट्रक चालक नशे में धुत था और वाहन पर उसका नियंत्रण नहीं था। इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे घर के समीप बैठे टेपना महली को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि टेपना महली की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक चालक को पकड़ लिया और उसे जमकर फटकार लगाने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार तेज रफ्तार और लापरवाही से बॉक्साइट ट्रकों का परिचालन हो रहा है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। सूचना मिलने पर बिशुनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को भी जब्त कर लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में चल रहे बॉक्साइट ट्रकों की गति पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।1