ओसियां में 8वें 'पोषण पखवाड़े' का भव्य शुभारंभ, कुपोषण मुक्त समाज के लिए निकाली जागरूकता रैली जोधपुर महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर के तत्वावधान में गुरुवार को ओसियां में 8वें ‘पोषण पखवाड़े’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। इस जन-आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को जड़ से मिटाना और आमजन में सही खानपान, बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूकता पैदा करना है। इस अवसर पर जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल पोषण जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे अपर जिला कलक्टर प्रथम जवाहर चौधरी और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणपत लाल सुथार द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपर जिला कलक्टर प्रथम जवाहर राम चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणपत लाल सुथार, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर रावत कड़वासरा, उपखंड अधिकारी रामनिवास मेहता, विकास अधिकारी (ओसियां) प्रवीण सिंह राठौड़ और विकास अधिकारी (तिंवरी) संपत चौधरी उपस्थित रहे। इसके साथ ही बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) श्रीमती शारदा व्यास, महिला पर्यवेक्षक फिरदौस एवं दर्शना मेहरा, लेखाधिकारी धीरेन्द्र कुमार, शालिनी चांडक, ब्लॉक कॉर्डिनेटर देवराज सिंह और महिला अधिकारिता सुपरवाइजर हरखू भाकर ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। राष्ट्रीय पोषण अभियान अंतर्गत मनाए जा रहे 8 वें पोषण पखवाड़े की थीम 'जीवन के प्रथम 6 वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास है' कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केवल पेट भरना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करना ही वास्तविक 'आहार' है। आमजन को सुपोषण के लिए जीवनदायी संदेश दिए गए। दैनिक आहार में विभिन्न रंगों के खाद्य पदार्थों (जैसे हरी सब्जियां, पीली दालें, और सफेद अनाज या दूध) को शामिल करने का आह्वान किया गया। 'तिरंगी थाली' ही संपूर्ण पोषण की असली चाबी है। हमारी पारंपरिक थाली का गौरव रहे मोटे अनाजों (बाजरा, ज्वार, रागी) के नियमित सेवन पर विशेष जोर दिया गया। यह न केवल सुपाच्य होते हैं, बल्कि आयरन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत भी हैं। पोषण पखवाड़े और विभाग की योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने वाली अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ता ही इस अभियान की असली हीरो हैं। कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तथा पूरी मेहनत एवं लगन से कार्य करने वाले मानदेय कार्मिकों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती शारदा व्यास ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पोषण पखवाड़ा केवल 15 दिनों का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है। जब तक हर घर में 'सही पोषण-देश रोशन' का मंत्र नहीं गूंजेगा, तब तक विभाग का यह प्रयास अनवरत जारी रहेगा। मूलाराम जाखड़ ओसियां जिला ब्यूरो चीफ, जोधपुर (भारत संवाद न्यूज नेटवर्क)
ओसियां में 8वें 'पोषण पखवाड़े' का भव्य शुभारंभ, कुपोषण मुक्त समाज के लिए निकाली जागरूकता रैली जोधपुर महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर के तत्वावधान में गुरुवार को ओसियां में 8वें ‘पोषण पखवाड़े’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। इस जन-आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को जड़ से मिटाना और आमजन में सही खानपान, बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूकता पैदा करना है। इस अवसर पर जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल पोषण जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे अपर जिला कलक्टर प्रथम जवाहर चौधरी और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणपत लाल सुथार द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपर जिला कलक्टर प्रथम जवाहर राम चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणपत लाल सुथार, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर रावत कड़वासरा, उपखंड अधिकारी रामनिवास मेहता, विकास अधिकारी (ओसियां) प्रवीण सिंह राठौड़ और विकास अधिकारी (तिंवरी) संपत चौधरी उपस्थित रहे। इसके साथ ही बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) श्रीमती शारदा व्यास, महिला पर्यवेक्षक फिरदौस एवं दर्शना मेहरा, लेखाधिकारी धीरेन्द्र कुमार, शालिनी चांडक, ब्लॉक कॉर्डिनेटर देवराज सिंह और महिला अधिकारिता सुपरवाइजर हरखू भाकर ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। राष्ट्रीय पोषण अभियान अंतर्गत मनाए जा रहे 8 वें पोषण पखवाड़े की थीम 'जीवन के प्रथम 6 वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास है' कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केवल पेट भरना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करना ही वास्तविक 'आहार' है। आमजन को सुपोषण के लिए जीवनदायी संदेश दिए गए। दैनिक आहार में विभिन्न रंगों के खाद्य पदार्थों (जैसे हरी सब्जियां, पीली दालें, और सफेद अनाज या दूध) को शामिल करने का आह्वान किया गया। 'तिरंगी थाली' ही संपूर्ण पोषण की असली चाबी है। हमारी पारंपरिक थाली का गौरव रहे मोटे अनाजों (बाजरा, ज्वार, रागी) के नियमित सेवन पर विशेष जोर दिया गया। यह न केवल सुपाच्य होते हैं, बल्कि आयरन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत भी हैं। पोषण पखवाड़े और विभाग की योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने वाली अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ता ही इस अभियान की असली हीरो हैं। कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तथा पूरी मेहनत एवं लगन से कार्य करने वाले मानदेय कार्मिकों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती शारदा व्यास ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पोषण पखवाड़ा केवल 15 दिनों का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है। जब तक हर घर में 'सही पोषण-देश रोशन' का मंत्र नहीं गूंजेगा, तब तक विभाग का यह प्रयास अनवरत जारी रहेगा। मूलाराम जाखड़ ओसियां जिला ब्यूरो चीफ, जोधपुर (भारत संवाद न्यूज नेटवर्क)
- जोधपुर महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर के तत्वावधान में गुरुवार को ओसियां में 8वें ‘पोषण पखवाड़े’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। इस जन-आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को जड़ से मिटाना और आमजन में सही खानपान, बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूकता पैदा करना है। इस अवसर पर जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल पोषण जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे अपर जिला कलक्टर प्रथम जवाहर चौधरी और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणपत लाल सुथार द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपर जिला कलक्टर प्रथम जवाहर राम चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणपत लाल सुथार, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर रावत कड़वासरा, उपखंड अधिकारी रामनिवास मेहता, विकास अधिकारी (ओसियां) प्रवीण सिंह राठौड़ और विकास अधिकारी (तिंवरी) संपत चौधरी उपस्थित रहे। इसके साथ ही बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) श्रीमती शारदा व्यास, महिला पर्यवेक्षक फिरदौस एवं दर्शना मेहरा, लेखाधिकारी धीरेन्द्र कुमार, शालिनी चांडक, ब्लॉक कॉर्डिनेटर देवराज सिंह और महिला अधिकारिता सुपरवाइजर हरखू भाकर ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। राष्ट्रीय पोषण अभियान अंतर्गत मनाए जा रहे 8 वें पोषण पखवाड़े की थीम 'जीवन के प्रथम 6 वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास है' कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केवल पेट भरना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करना ही वास्तविक 'आहार' है। आमजन को सुपोषण के लिए जीवनदायी संदेश दिए गए। दैनिक आहार में विभिन्न रंगों के खाद्य पदार्थों (जैसे हरी सब्जियां, पीली दालें, और सफेद अनाज या दूध) को शामिल करने का आह्वान किया गया। 'तिरंगी थाली' ही संपूर्ण पोषण की असली चाबी है। हमारी पारंपरिक थाली का गौरव रहे मोटे अनाजों (बाजरा, ज्वार, रागी) के नियमित सेवन पर विशेष जोर दिया गया। यह न केवल सुपाच्य होते हैं, बल्कि आयरन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत भी हैं। पोषण पखवाड़े और विभाग की योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने वाली अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ता ही इस अभियान की असली हीरो हैं। कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तथा पूरी मेहनत एवं लगन से कार्य करने वाले मानदेय कार्मिकों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती शारदा व्यास ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पोषण पखवाड़ा केवल 15 दिनों का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है। जब तक हर घर में 'सही पोषण-देश रोशन' का मंत्र नहीं गूंजेगा, तब तक विभाग का यह प्रयास अनवरत जारी रहेगा। मूलाराम जाखड़ ओसियां जिला ब्यूरो चीफ, जोधपुर (भारत संवाद न्यूज नेटवर्क)1
- *जोधपुर में पारंपरिक ' धींगा गंवर मेला ' का भव्य आयोजन सम्पन्न| पोलिस प्रशासन रहा मुस्तैद|* सूर्यनगरी की ऐतिहासिक गलियां रविवार देर रात उस समय स्वर्णिम आभा से सराबोर उठीं, जब लोक संस्कृति और आस्था का अनूठा उत्सव 'धींगा गवर' अपने पूरे शबाब पर नजर आया। सुनारों की घाटी में 15 किलो वजनी स्वर्ण आभूषणों से सजी गवर माता के दिव्य दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति और परंपरा के इस मेल में परकोटे के भीतर 16 अलग-अलग स्थानों पर 50 किलो से अधिक सोने से प्रतिमाओं का भव्य श्रृंगार किया गया। गवर कमेटी के सदस्यों की 10 घंटों की अथक मेहनत के बाद जब माता का स्वरूप निखरा, तो समूचा शहर 'धींगा गवर' के जयकारों और उल्लास से गूंज उठा। परकोटे के भीतरी शहर में भी गवर पूजन की विशेष धूम रही। आड़ा बाजार कुम्हारियां कुआं क्षेत्र में 21 किलो स्वर्ण आभूषणों से सजी गवर प्रतिमा को तीजणियों के दर्शनार्थ विराजित किया गया। इसके अलावा हटड़ियों का चौक, कबूतरों का चौक, नवचौकिया, आसोप की पोल, शाहपुरा सुनारों का बास, खांडा फलसा, सिटी पुलिस क्षेत्र, जालप मोहल्ला, जीनगरों की गली, आमलीबास, गूंदी मोहल्ला, चांद बावड़ी, नायों का बड़, नवगरों की गली सहित अनेक क्षेत्रों में भी स्वर्ण आभूषणों से सजी गवर प्रतिमाएं स्थापित कर तीजणियों व श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी गईं। भोळावणी के समय वर्जित पुरुष उपस्थिति धींगा गवर की भोळावणी के समय पुरुषों की उपस्थिति वर्जित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दौरान सामने आने वाले पुरुष की आयु क्षीण हो सकती है। तीजणियां दीवारों पर गवर के चित्र उकेरकर पूजन करती हैं और सोलह दिवसीय अनुष्ठान पूर्ण होने पर अनुष्ठान के दौरान उगाए गए जवारे अंत में जलाशयों में विसर्जित करती हैं।1
- Post by Govind Singj1
- जोधपुर में पांवटा चोराहा पर फोटो वाले चालान मनमर्जी से1
- Post by Ajay Nayak1
- ये सब हालत प्रेम नगर नांदङी जोधपुर की है2
- पाली,मनीष राठौड़। जिला प्रभारी मंत्री खररा आज गुरुवार को साइन पाली सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में अधिकारियों से जिले के विकास कामो पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन, प्रक्षिक्षु आई ए एस बिरजू गोपाल, अतिरिक्त कलेक्टर डॉ बजरंग सिंह, अतिरिक्त कलेक्टर ओम प्रभा, सीईओ मुकेश चौधरी, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज व अन्य मौजूद रहे।4
- जोधपुर में कलेक्ट्रेट के सामने 15 दिनों से देश का राष्ट्रीय ध्वज पुरी तरह से पट गया है महावीर उधियान प्रशासन आखो पर पटी बांध कर बेटा है एक समाज सेवक धनराज दाधीच जोधपुर मदेरणा कोलोनी1