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गंगोह उत्तर प्रदेश में मदरसा के बच्चे के साथ मारपीट करने वाले दो शिक्षक गिरफ्तार गंगोह उत्तर प्रदेश में मदरसा के बच्चे के साथ मारपीट करने वाले दो शिक्षक गिरफ्तार

11 hrs ago
user_जफरूदीन गूमल
जफरूदीन गूमल
Voice of people नूंह, नूंह, हरियाणा•
11 hrs ago

गंगोह उत्तर प्रदेश में मदरसा के बच्चे के साथ मारपीट करने वाले दो शिक्षक गिरफ्तार गंगोह उत्तर प्रदेश में मदरसा के बच्चे के साथ मारपीट करने वाले दो शिक्षक गिरफ्तार

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  • छोटा परिवार के लिए खेती करना हुआ और भी आसान। तूड़ा बांधकर लाने वाला झंझट खत्म। सीधा ट्रेक्टर और फिर बोंगा में!
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    छोटा परिवार के लिए खेती करना हुआ और भी आसान। तूड़ा बांधकर लाने वाला झंझट खत्म। सीधा ट्रेक्टर और फिर बोंगा में!
    user_जफरूदीन गूमल
    जफरूदीन गूमल
    Voice of people नूंह, नूंह, हरियाणा•
    10 hrs ago
  • गुरुग्रम निवासी सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पुष्पलता जी ने कहा फर्जी ज्योतिषियों से संभल कर रहे महिलाएं। अशोक खरात की कहां कितनी प्रॉपर्टी ? क्या ज्योतिषी बदनाम हुई? जानिए राजपथ न्यूज़ पर
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    user_Rajpath News
    Rajpath News
    Sohna, Gurugram•
    16 hrs ago
  • Post by माथुर पत्रकार
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    Post by माथुर पत्रकार
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    1 hr ago
  • वन स्टॉप सेंटर ‘सखी 181’ रेवाड़ी से स्टाफ गायब, व्यवस्था पर उठे सवाल! आज 5-04-2026 को रेवाड़ी में स्थित वन स्टॉप सेंटर ‘सखी 181’ के कार्यालय में एक बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आई आज हमारी टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि केंद्र पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। 👉 केंद्र की हेड ललिता कालरा ड्यूटी पर उपस्थित नहीं मिलीं 👉 अन्य महिला स्टाफ भी कार्यालय से नदारद पाया गया यह केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित होता है, जिसका संचालन जिले में डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर (DPO) श्रीमती शालू यादव जी के माध्यम से किया जाता है। ऐसे में पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होना लाजिमी है। ❗ इस प्रकार की गंभीर लापरवाही से महिलाओं की सुरक्षा और सहायता व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है ❗ सरकार द्वारा किए जा रहे महिला सुरक्षा के दावों की जमीनी हकीकत पर भी सवाल उठ रहे हैं स्थानीय लोगों और जरूरतमंद महिलाओं के लिए यह केंद्र बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन स्टाफ की गैरमौजूदगी से आपात स्थिति में मदद मिलना मुश्किल हो सकता है सरकार को ऐसे अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसा ना हो | न्यूज़ जंक्शन हरियाणा* @NJH निष्पक्ष और पारदर्शी खबरें
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    वन स्टॉप सेंटर ‘सखी 181’ रेवाड़ी से स्टाफ गायब, व्यवस्था पर उठे सवाल!
आज 5-04-2026 को रेवाड़ी में स्थित वन स्टॉप सेंटर ‘सखी 181’ के कार्यालय में एक बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आई आज हमारी टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि केंद्र पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था।
👉 केंद्र की हेड ललिता कालरा ड्यूटी पर उपस्थित नहीं मिलीं
👉 अन्य महिला स्टाफ भी कार्यालय से नदारद पाया गया
यह केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित होता है, जिसका संचालन जिले में डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर (DPO) श्रीमती शालू यादव जी के माध्यम से किया जाता है। ऐसे में पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होना लाजिमी है।
❗ इस प्रकार की गंभीर लापरवाही से महिलाओं की सुरक्षा और सहायता व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है
❗ सरकार द्वारा किए जा रहे महिला सुरक्षा के दावों की जमीनी हकीकत पर भी सवाल उठ रहे हैं
स्थानीय लोगों और जरूरतमंद महिलाओं के लिए यह केंद्र बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन स्टाफ की गैरमौजूदगी से आपात स्थिति में मदद मिलना मुश्किल हो सकता है 
सरकार को ऐसे अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसा ना हो |
न्यूज़ जंक्शन हरियाणा* @NJH
निष्पक्ष और पारदर्शी खबरें
    user_News Junction Haryana
    News Junction Haryana
    Rewari, Haryana•
    2 hrs ago
  • पलवल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक (तिलहन एवं दलहन) डॉ.संजीव गुप्ता ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है। भारत दुनिया के तमाम देशों को गेहूं का निर्यात भी करता है उसके बावजूद भी देश के भंडार गेहूं से भरे हुए है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल का अधिक उत्पादन लेने के लिए किसानों को आधुनिक तरीके एवं वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार खेती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन के दौरान अंधाधुंध रासायनिक खादों के प्रयोग से मृदा का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि मिट्टी में कार्बनिक कार्बन पौधों के अवशेषों, सूक्ष्मजीवों और सड़ी-गली कार्बनिक पदार्थों से बनता है, जो मिट्टी की उर्वरता, संरचना और नमी धारण क्षमता का मुख्य सूचक है। अच्छी उपजाऊ मिट्टी में 0.75 प्रतिशत से अधिक कार्बनिक कार्बन होना चाहिए, जबकि 0.5 प्रतिशत से कम होने पर यह मिट्टी की खराब गुणवत्ता और कम उर्वरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि धानुका एग्रीटेक अनुसंधान केंद्र में सॉयल टेस्ट प्रयोगशाला बनाई गई है, किसानों को फसल की बिजाई से पहले मिट्टी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मृदा के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए किसानों को तिलहन एवं दलहन की फसलों की बिजाई करनी चाहिए। देश में तिलहन एवं दलहन का आयात करना पड़ रहा है। फसल चक्र में तिलहन एवं दलहन की फसलों को लाना जरूरी है। गेहूं की कटाई के उपरांत मूंग की फसल की बिजाई करें। मूंग की खेती 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच करने से पैदावार में बढ़ोतरी होती है। बाजार में हाइब्रिड के बीज उपलब्ध है। किसान मूंग की खेती कर 60 दिनों में दोगुना लाभ अर्जित कर सकते है आईसीएआर एवं भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान लुधियाना के पूर्व निदेशक व हाइब्रिड फसलों के सलाहकार डॉ.साई दास ने कहा कि किसान अप्रैल महीने में मक्का की खेती करें। मक्का की फसल को चारे के तौर पर प्रयोग करें। मक्का की फसल की लिए तापमान अनुकूल है। जिससे मक्का की बढ़वार अधिक होती है। मिट्टी को भुरभुरी बनाने के लिए 3-4 बार हैरो या कल्टीवेटर से जुताई करें। अंतिम जुताई से पहले गोबर की खाद मिलाएं। उन्होंने कहा कि बाजार में मक्का की हाइब्रिड किस्में जिनमें डेकाल्व की 90-81 और 928, पायोनियर की पी 396 और 3567, और एडवांटा पीएसी 751 उच्च पैदावार देने वाली प्रमुख हाइब्रिड किस्में हैं बागवानी विभाग हरियाणा के पूर्व निदेशक एवं धानुका एग्रीटेक अनुसंधान केंद्र सिहोल के सलाहकार डॉ.बी.एस.सहरावत ने बताया कि धानुका एग्रीटेक लिमिटेड द्वारा गेहूं फसल कटाई दिवस मनाया गया है। जिसमें खेत में उन्नत तकनीकों के परिणामों के बारे में कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के साथ संवाद किया गया है। फील्ड डेमोंस्ट्रेशन किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने गेहूं की फसल के दौरान धानुका एग्रीटेक कंपनी के प्रोडक्ट प्रयोग किए है ऐसे किसानों के उत्पादन में बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि किसान अच्छी गुणवत्ता वाले इनपुट का प्रयोग करें और अपनी पैदावार को बढाऐं। प्रगतिशील किसान बिजेंद्र दलाल ने कहा कि उन्होंने गेहूं की फसल के दौरान धानुका द्वारा बनाई गई दवाइयों का प्रयोग किया जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। उन्होंने कहा कि फसलों में होने वाली बीमारियों की रोकथाम एवं फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए धानुका द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट का प्रयोग करें।
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    पलवल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक (तिलहन एवं दलहन) डॉ.संजीव गुप्ता ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है। भारत दुनिया के तमाम देशों को गेहूं का निर्यात भी करता है उसके बावजूद भी देश के भंडार गेहूं से भरे हुए है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल का अधिक उत्पादन लेने के लिए किसानों को आधुनिक तरीके एवं वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार खेती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन के दौरान अंधाधुंध रासायनिक खादों के प्रयोग से मृदा का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि मिट्टी में कार्बनिक कार्बन पौधों के अवशेषों, सूक्ष्मजीवों और सड़ी-गली कार्बनिक पदार्थों से बनता है, जो मिट्टी की उर्वरता, संरचना और नमी धारण क्षमता का मुख्य सूचक है। अच्छी उपजाऊ मिट्टी में 0.75 प्रतिशत से अधिक कार्बनिक कार्बन होना चाहिए, जबकि 0.5 प्रतिशत से कम होने पर यह मिट्टी की खराब गुणवत्ता और कम उर्वरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि धानुका एग्रीटेक अनुसंधान केंद्र में सॉयल टेस्ट प्रयोगशाला बनाई गई है, किसानों को फसल की बिजाई से पहले मिट्टी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मृदा के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए किसानों को तिलहन एवं दलहन की फसलों की बिजाई करनी चाहिए। देश में तिलहन एवं दलहन का आयात करना पड़ रहा है। फसल चक्र में तिलहन एवं दलहन की फसलों को लाना जरूरी है। गेहूं की कटाई के उपरांत मूंग की फसल की बिजाई करें। मूंग की खेती 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच करने से पैदावार में बढ़ोतरी होती है। बाजार में हाइब्रिड के बीज उपलब्ध है। किसान मूंग की खेती कर 60 दिनों में दोगुना लाभ अर्जित कर सकते है आईसीएआर एवं भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान लुधियाना के पूर्व निदेशक व  हाइब्रिड फसलों के सलाहकार डॉ.साई दास ने कहा कि किसान अप्रैल महीने में मक्का की खेती करें। मक्का की फसल को चारे के तौर पर प्रयोग करें। मक्का की फसल की लिए तापमान अनुकूल है। जिससे मक्का की बढ़वार अधिक होती है। मिट्टी को भुरभुरी बनाने के लिए 3-4 बार हैरो या कल्टीवेटर से जुताई करें। अंतिम जुताई से पहले गोबर की खाद मिलाएं। उन्होंने कहा कि बाजार में मक्का की हाइब्रिड किस्में जिनमें डेकाल्व की 90-81 और 928, पायोनियर की पी 396 और 3567, और एडवांटा पीएसी 751 उच्च पैदावार देने वाली प्रमुख हाइब्रिड किस्में हैं बागवानी विभाग हरियाणा के पूर्व निदेशक एवं धानुका एग्रीटेक अनुसंधान केंद्र सिहोल के सलाहकार डॉ.बी.एस.सहरावत ने बताया कि धानुका एग्रीटेक लिमिटेड द्वारा गेहूं फसल कटाई दिवस मनाया गया है। जिसमें खेत में उन्नत तकनीकों के परिणामों के बारे में कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के साथ संवाद किया गया है। फील्ड डेमोंस्ट्रेशन किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने गेहूं की फसल के दौरान धानुका एग्रीटेक कंपनी के प्रोडक्ट प्रयोग किए है ऐसे किसानों के उत्पादन में बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि किसान अच्छी गुणवत्ता वाले इनपुट का प्रयोग करें और अपनी पैदावार को बढाऐं। प्रगतिशील किसान बिजेंद्र दलाल ने कहा कि उन्होंने गेहूं की फसल के दौरान धानुका द्वारा बनाई गई दवाइयों का प्रयोग किया जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। उन्होंने कहा कि फसलों में होने वाली बीमारियों की रोकथाम एवं फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए धानुका द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट का प्रयोग करें।
    user_Mahipal
    Mahipal
    Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • रेवाड़ी जीआरपी पुलिस को ट्रेन से लाखों के जेवरात चुराने के आरोपियों की पकड़ने में बड़ी सफलता मिली
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    रेवाड़ी जीआरपी पुलिस को ट्रेन से लाखों के जेवरात चुराने के आरोपियों की पकड़ने में बड़ी सफलता मिली
    user_Prem bhardwaj bhardwaj
    Prem bhardwaj bhardwaj
    Court reporter रेवाड़ी, रेवाड़ी, हरियाणा•
    9 hrs ago
  • Post by Rajbala
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    Post by Rajbala
    user_Rajbala
    Rajbala
    Local News Reporter रेवाड़ी, रेवाड़ी, हरियाणा•
    10 hrs ago
  • मदरसा को मिली शिक्षा बोर्ड भिवानी से आठवीं कक्षा तक की मान्यता। अब मदरसो के बच्चों के एक हाथ में होगी कुरान और दूसरे हाथ में होगा कंप्यूटर।
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    मदरसा को मिली शिक्षा बोर्ड भिवानी से आठवीं कक्षा तक की मान्यता। अब मदरसो के बच्चों के एक हाथ में होगी कुरान और दूसरे हाथ में होगा कंप्यूटर।
    user_जफरूदीन गूमल
    जफरूदीन गूमल
    Voice of people नूंह, नूंह, हरियाणा•
    11 hrs ago
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