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पलेरा में 30 जून 2026 को हुई बारिश के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर का नजारा एक अस्पताल से ज़्यादा तालाब जैसा दिख रहा है। परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने के कारण मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और पानी के जमाव के चलते मरीजों को ओपीडी और वार्ड तक पहुँचने में दिक्कतें आ रही हैं, वहीं डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी भीगे पैरों से अपनी ड्यूटी करने को मजबूर हैं। यह समस्या परिसर के भीतर पानी की निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसकी वजह से बारिश का पानी वहाँ जमा हो जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हल्की सी बारिश में भी पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से अपील की है कि परिसर के भीतर जलभराव की इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए। लोगों ने परिसर में उचित नाली और पानी निकासी की व्यवस्था कराने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।

1 hr ago
user_Jamil khan
Jamil khan
टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

पलेरा में 30 जून 2026 को हुई बारिश के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर का नजारा एक अस्पताल से ज़्यादा तालाब जैसा दिख रहा है। परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने के कारण मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और पानी के जमाव के चलते मरीजों को ओपीडी और वार्ड तक पहुँचने में दिक्कतें आ रही हैं, वहीं डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी भीगे पैरों से अपनी ड्यूटी करने को मजबूर हैं। यह समस्या परिसर के भीतर पानी की निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसकी वजह से बारिश का पानी वहाँ जमा हो जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हल्की सी बारिश में भी पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से अपील की है कि परिसर के भीतर जलभराव की इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए। लोगों ने परिसर में उचित नाली और पानी निकासी की व्यवस्था कराने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।

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  • टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव में प्रशासन ने अवैध रेत पर बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार ने रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके पर पकड़ा और उसे थाने में रखवाया। सूत्रों के अनुसार, जब्त किया गया यह ट्रैक्टर मंडल अध्यक्ष सुनील रैकवार का बताया जा रहा है।
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    टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव में प्रशासन ने अवैध रेत पर बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार ने रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके पर पकड़ा और उसे थाने में रखवाया। सूत्रों के अनुसार, जब्त किया गया यह ट्रैक्टर मंडल अध्यक्ष सुनील रैकवार का बताया जा रहा है।
    user_ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)
    ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)
    पत्रकार टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    10 min ago
  • सूर्य कला क्षेत्र में नालियों की सफाई न होने के कारण सड़कों की हालत खराब हो गई है। यह स्थिति क्षेत्र में सड़क व्यवस्था पर सीधा प्रभाव डाल रही है।
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    सूर्य कला क्षेत्र में नालियों की सफाई न होने के कारण सड़कों की हालत खराब हो गई है। यह स्थिति क्षेत्र में सड़क व्यवस्था पर सीधा प्रभाव डाल रही है।
    user_Sher Singh Yadav
    Sher Singh Yadav
    टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के छुलहा टोला में स्कूली बच्चे पहली ही बारिश में कीचड़ भरे रास्तों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। यह स्थिति "स्कूल चलें हम" के नारे की वास्तविकता पर गंभीर सवाल उठाती है, क्योंकि जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए, वे अपने कपड़े और जूते बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। डॉ. मोहन यादव जी से यह मांग की गई है कि शिक्षा का अधिकार केवल किताबों तक सीमित न रहकर स्कूल तक सुरक्षित और सम्मानजनक पहुँच में भी होना चाहिए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल लगभग 900 मीटर के इस मार्ग का निर्माण कराने की अपील की गई है, ताकि इन बच्चों का भविष्य कीचड़ में न फंसे। स्पष्ट कहा गया है कि बच्चों को केवल भाषण नहीं, बल्कि एक बेहतर रास्ता चाहिए।
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    मध्यप्रदेश के सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के छुलहा टोला में स्कूली बच्चे पहली ही बारिश में कीचड़ भरे रास्तों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। यह स्थिति "स्कूल चलें हम" के नारे की वास्तविकता पर गंभीर सवाल उठाती है, क्योंकि जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए, वे अपने कपड़े और जूते बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

डॉ. मोहन यादव जी से यह मांग की गई है कि शिक्षा का अधिकार केवल किताबों तक सीमित न रहकर स्कूल तक सुरक्षित और सम्मानजनक पहुँच में भी होना चाहिए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल लगभग 900 मीटर के इस मार्ग का निर्माण कराने की अपील की गई है, ताकि इन बच्चों का भविष्य कीचड़ में न फंसे। स्पष्ट कहा गया है कि बच्चों को केवल भाषण नहीं, बल्कि एक बेहतर रास्ता चाहिए।
    user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • टीकमगढ़-जतारा मार्ग पर स्थित भड़रा के जंगल में आरक्षक सोनू खटीक का शव एक पेड़ से लटका हुआ मिला है। मृतक सोनू खटीक पन्ना जिले के धर्मपुरा थाने में पदस्थ था और जतारा का निवासी बताया गया है।
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    टीकमगढ़-जतारा मार्ग पर स्थित भड़रा के जंगल में आरक्षक सोनू खटीक का शव एक पेड़ से लटका हुआ मिला है। मृतक सोनू खटीक पन्ना जिले के धर्मपुरा थाने में पदस्थ था और जतारा का निवासी बताया गया है।
    user_Deepak kushwaha
    Deepak kushwaha
    Credit reporting agency टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकासखंड अंतर्गत खरगापुर थाना की देरी चौकी क्षेत्र के ग्राम कडराई में जमीनी विवाद को लेकर पाल समाज के दो पक्षों के बीच एक बड़ा विवाद हो गया। आरोप है कि इस विवाद के दौरान लाठी-डंडों एवं कुल्हाड़ी का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की गई, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने प्रशासन एवं पुलिस से निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। मामले में फिलहाल पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है, और जांच के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।
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    टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकासखंड अंतर्गत खरगापुर थाना की देरी चौकी क्षेत्र के ग्राम कडराई में जमीनी विवाद को लेकर पाल समाज के दो पक्षों के बीच एक बड़ा विवाद हो गया। आरोप है कि इस विवाद के दौरान लाठी-डंडों एवं कुल्हाड़ी का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की गई, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए।

घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने प्रशासन एवं पुलिस से निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। मामले में फिलहाल पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है, और जांच के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।
    user_रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
    रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
    बलदेवगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • भारत वर्ष में लोकतंत्र, नीति, न्याय और ईमानदारी के लिए यदि कोई सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा है, तो वे अंबेडकरवादी लोग हैं। देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो संविधान को ही समाप्त कर देना चाहते हैं, जबकि संवैधानिक लोकतंत्र भारत में अत्यंत अनिवार्य है। जय लोकतंत्र।
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    भारत वर्ष में लोकतंत्र, नीति, न्याय और ईमानदारी के लिए यदि कोई सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा है, तो वे अंबेडकरवादी लोग हैं। देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो संविधान को ही समाप्त कर देना चाहते हैं, जबकि संवैधानिक लोकतंत्र भारत में अत्यंत अनिवार्य है। जय लोकतंत्र।
    user_दधिवल मानव
    दधिवल मानव
    Farmer Baldeogarh, Tikamgarh•
    6 hrs ago
  • पलेरा में 30 जून 2026 को हुई बारिश के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर का नजारा एक अस्पताल से ज़्यादा तालाब जैसा दिख रहा है। परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने के कारण मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और पानी के जमाव के चलते मरीजों को ओपीडी और वार्ड तक पहुँचने में दिक्कतें आ रही हैं, वहीं डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी भीगे पैरों से अपनी ड्यूटी करने को मजबूर हैं। यह समस्या परिसर के भीतर पानी की निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसकी वजह से बारिश का पानी वहाँ जमा हो जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हल्की सी बारिश में भी पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से अपील की है कि परिसर के भीतर जलभराव की इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए। लोगों ने परिसर में उचित नाली और पानी निकासी की व्यवस्था कराने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।
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    पलेरा में 30 जून 2026 को हुई बारिश के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर का नजारा एक अस्पताल से ज़्यादा तालाब जैसा दिख रहा है। परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने के कारण मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और पानी के जमाव के चलते मरीजों को ओपीडी और वार्ड तक पहुँचने में दिक्कतें आ रही हैं, वहीं डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी भीगे पैरों से अपनी ड्यूटी करने को मजबूर हैं।

यह समस्या परिसर के भीतर पानी की निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसकी वजह से बारिश का पानी वहाँ जमा हो जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हल्की सी बारिश में भी पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ गया है।

स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से अपील की है कि परिसर के भीतर जलभराव की इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए। लोगों ने परिसर में उचित नाली और पानी निकासी की व्यवस्था कराने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।
    user_Jamil khan
    Jamil khan
    टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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