जालौन ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन के उदोतपुरा गांव में निकला नाग, मचा हड़कंप, भूसे की बोरियों के पीछे छिपा मिला सांप जालौन। जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम उदोतपुरा में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक नाग दिखाई दिया। गांव निवासी शंकरिया चौहान के घर में भूसे की बोरियों के पीछे नाग छिपा हुआ था। घर में नाग निकलने की जानकारी मिलते ही परिजनों में दहशत फैल गई। इसके बाद सांप को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया। जालौन ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन के उदोतपुरा गांव में निकला नाग, मचा हड़कंप, भूसे की बोरियों के पीछे छिपा मिला सांप जालौन। जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम उदोतपुरा में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक नाग दिखाई दिया। गांव निवासी शंकरिया चौहान के घर में भूसे की बोरियों के पीछे नाग छिपा हुआ था। घर में नाग निकलने की जानकारी मिलते ही परिजनों में दहशत फैल गई। इसके बाद सांप को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया।
जालौन ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन के उदोतपुरा गांव में निकला नाग, मचा हड़कंप, भूसे की बोरियों के पीछे छिपा मिला सांप जालौन। जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम उदोतपुरा में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक नाग दिखाई दिया। गांव निवासी शंकरिया चौहान के घर में भूसे की बोरियों के पीछे नाग
छिपा हुआ था। घर में नाग निकलने की जानकारी मिलते ही परिजनों में दहशत फैल गई। इसके बाद सांप को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया। जालौन ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन के उदोतपुरा गांव में निकला नाग, मचा हड़कंप, भूसे की बोरियों के पीछे छिपा मिला सांप जालौन। जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम उदोतपुरा में उस
समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक नाग दिखाई दिया। गांव निवासी शंकरिया चौहान के घर में भूसे की बोरियों के पीछे नाग छिपा हुआ था। घर में नाग निकलने की जानकारी मिलते ही परिजनों में दहशत फैल गई। इसके बाद सांप को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया।
- विद्यालय कि बाउंड्री बॉल हुई धराशाई बड़ा हादशा टला पहले भी गिर चुकी है इसी विद्यालय की दीवार, आखिर किसकी लापरवाही से बार-बार गिर रही बाउंड्री वॉल? एंकर -जालौन। जालौन ब्लॉक के ग्राम उदोतपुरा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में उस समय बड़ा हादसा होने से टल गया, जब विद्यालय की बाउंड्री वॉल अचानक धराशायी हो गई। गनीमत रही कि घटना के समय बच्चे कक्षाओं में मौजूद थे, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। विद्यालय की बाउंड्री वॉल गिरने की घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर विद्यालय की बाउंड्री वॉल क्यों गिरी? क्या निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था या फिर रखरखाव में लापरवाही बरती गई? यह जांच का विषय है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसी विद्यालय की दीवार पहले भी गिर चुकी है। इसके बावजूद विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों ने कितनी गंभीरता दिखाई, यह भी जांच का विषय है। विद्यालय में प्रतिदिन छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं। ऐसे में यदि बाउंड्री वॉल गिरने के समय बच्चे उसके आसपास मौजूद होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। आखिर कौन है जिम्मेदार? इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 1. विद्यालय की बाउंड्री वॉल आखिर किस कारण गिरी? 2. बाउंड्री वॉल का निर्माण कब और कितनी लागत से कराया गया था? 3. निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच किस अधिकारी ने की थी? 4. पहले दीवार गिरने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की थी? 5. क्या विद्यालय की अन्य दीवारों की मजबूती की जांच कराई गई है? 6. यदि बच्चों के साथ कोई अनहोनी हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? अब सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेगा या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा? फिलहाल विद्यालय की बाउंड्री वॉल गिरने की घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जरूरत है कि शिक्षा विभाग और प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराए तथा विद्यालय की अन्य दीवारों की मजबूती भी सुनिश्चित करे। जालौन तक न्यूज़ — सवाल जनता के, जवाब जिम्मेदारों बाईट -स्कूली बच्चे4
- जालौन ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन के उदोतपुरा गांव में निकला नाग, मचा हड़कंप, भूसे की बोरियों के पीछे छिपा मिला सांप जालौन। जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम उदोतपुरा में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक नाग दिखाई दिया। गांव निवासी शंकरिया चौहान के घर में भूसे की बोरियों के पीछे नाग छिपा हुआ था। घर में नाग निकलने की जानकारी मिलते ही परिजनों में दहशत फैल गई। इसके बाद सांप को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया। जालौन ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन के उदोतपुरा गांव में निकला नाग, मचा हड़कंप, भूसे की बोरियों के पीछे छिपा मिला सांप जालौन। जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम उदोतपुरा में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक नाग दिखाई दिया। गांव निवासी शंकरिया चौहान के घर में भूसे की बोरियों के पीछे नाग छिपा हुआ था। घर में नाग निकलने की जानकारी मिलते ही परिजनों में दहशत फैल गई। इसके बाद सांप को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया।3
- जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित प्लॉट पर कथित जबरन निर्माण को अवैध निर्माण का आरोप, बुजुर्ग महिलाओं ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार कदौरा थाना क्षेत्र के उदनपुर परगना में प्लॉट विवाद का मामला गरमाया, पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई न होने का आरोप; निर्माण रुकवाने और पुलिस सुरक्षा की मांग कालपी/जालौन। जनपद जालौन की तहसील कालपी क्षेत्र के ग्राम उदनपुर परगना में प्लॉट पर कथित जबरन निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में तीन महिलाओं ने जिलाधिकारी जालौन को प्रार्थना पत्र देकर विपक्षी पक्ष पर उनके प्लॉट के आंशिक हिस्से में जबरन निर्माण कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य रुकवाने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता ग्राम उदनपुर परगना, कदौरा थाना कालपी की निवासी हैं। उनका कहना है कि मौजा उदनपुर गाटा संख्या 337 में स्थित 24 वर्ग मीटर के एक आवासीय प्लॉट का पंजीकृत बैनामा 17 नवंबर 2021 को कराया गया था। शिकायत में बताया गया है कि प्लॉट को लेकर विपक्षी पक्ष के साथ विवाद चल रहा है और उनके अनुसार, बिना उनकी सहमति के प्लॉट के आंशिक हिस्से पर निर्माण कराया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब वे कथित निर्माण का विरोध करती हैं, तो विपक्षी पक्ष विवाद करने लगता है और गाली-गलौज किए जाने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही गई है। महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि इस विवाद के कारण वे मानसिक तनाव में हैं। उनका कहना है कि विवाद बढ़ने से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। पहले भी की गई थी शिकायत, पैमाइश पर भी उठाए सवाल प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस मामले में 5 अक्टूबर 2026 को उपजिलाधिकारी कालपी को भी शिकायत दी गई थी। शिकायत के आधार पर लेखपाल को संबंधित प्लॉट की पैमाइश के लिए निर्देशित किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को पैमाइश के लिए मौके पर पहुंचने पर भी कथित तौर पर नाप नहीं हो सकी। महिलाओं का आरोप है कि पूर्व में शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके अनुसार विवादित भूमि पर निर्माण कार्य आगे बढ़ सकता है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। पुलिस को निर्देश देने की मांग जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित प्लॉट पर कथित जबरन निर्माण को तत्काल रोका जाए। साथ ही स्थानीय पुलिस को आवश्यक निर्देश देकर मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह के विवाद या अप्रिय घटना को रोकने की व्यवस्था की जाए। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच, निष्पक्ष पैमाइश और पूरे मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और संबंधित भूमि की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कब तक जांच कराई जाती है।2
- जिला परिषद मतदान केंद्र पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने किया मतदान /भाजपा की जीत का जताया भरोसा* *स्नातक निर्वाचन में भाजपा की जीत का जताया भरोसा /सपा पर साधा निशाना* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *जिला परिषद मतदान केंद्र पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने किया मतदान /भाजपा की जीत का जताया भरोसा* *स्नातक निर्वाचन में भाजपा की जीत का जताया भरोसा /सपा पर साधा निशाना* जनपद जालौन उरई इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर शुक्रवार को जिले में मतदान हुआ इस दौरान प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उरई स्थित जिला परिषद परिसर में बनाए गए मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया इसी मतदान केंद्र पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने भी मतदान किया आप को बता दें मतदान के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पत्रकारों से बात चीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी की जीत का भरोसा जताया उन्होंने कहा कि स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन से जुड़े सदनों का लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है इन सदनों के माध्यम से शिक्षकों शिक्षामित्रों और स्नातकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के साथ ही उनके समाधान के लिए प्रयास करने का अवसर मिलता है उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं है इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें बल्कि यह शिक्षित वर्ग की अपेक्षाओं और उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने का भी माध्यम है ऐसे प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होती है कि वे शिक्षकों शिक्षामित्रों और स्नातकों से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाएं तथा उनके निराकरण के लिए लगातार प्रयास करें इस दौरान जलशक्ति मंत्री ने भाजपा की जीत के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा उन्होंने चुनाव में पार्टी की जीत की उम्मीद जताई वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने भी जिला परिषद स्थित मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी की जिले में स्नातक निर्वाचन को लेकर मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे बता दें प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं3
- न्याय पंचायत पिंडारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा पिरोना मैं शांतिपूर्वक हुआ मतदान जालौन की नगर पंचायत एट मैं भी शांतिपूर्वक हुआ मतदान बताते चलें कि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉक्टर मानसिंह यादव एवं भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौड़ के बीच टक्कर है सुबह 8:00 से चला मतदान 4:00 तक इस दौरान जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा पूरे दिन चलता रहा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं समर्थन कैंप में मौजूद मतदाताओं को पर्चियां बनाते रहे और उन्हें लाने छोड़ने की भी व्यवस्था की गई ताकि मतदाताओं को परेशानी ना हो सुबह 8:00 बजे से मतदान शुरू हुआ और 4:00 तक मतदान चला 50% हुई वोटिंग पुलिस प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्वक माहौल में संपन्न हुआ मतदान इस मौके पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता भूपेंद्र सिंह यादव पूर्व इलाहाबाद विश्वविद्यालय अंकित वर्मा दयाशंकर वर्मा उरई अमित नरछा जिला पंचायत सदस्य पहाड़गांव दीपेश निरंजन अनिरुद्ध पटेल दीपक कांचा जितेंद्र वर्मा जीतू उरई सैफी हक सुरेश चंद्र राजपूत गजेंद्र यादव सभासद ताहिरराईन बालकिशन वर्मा सत्यम ठाकुर रूरा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बलराम वर्मा उरई पूरे दिन मेहनत की और कड़ी धूप में मतदाताओं को लेने ले जाने में सुविधा की वाहन द्वारा ताकि किसी को कोई दिक्कत ना हो और मतदान समय पर हूं नगर पंचायत एट एव पिरोना मैं 4:00 तक चला मतदान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता रघु भैया भरशूडा ने अपनी बहनों से मतदाताओं को सुविधा दी4
- प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 को नकलविहीन, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सभी तैयारियां पूर्ण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत द्वारा दी गई वाइट 👆 प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 को नकलविहीन, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सभी तैयारियां पूर्ण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत द्वारा दी गई वाइट 👆1
- जालौन नगर पालिका के दर्जनों प्लास्टिक मूत्रलाय आखिर कहां गया हुए गायब आखिर जिम्मेदार कौन महिला-पुरुष खुले में पेशाब करने को मजबूर, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल ईओ सुशील कुमार ने कहा—अनुज कुमार से बात करो, आरआई नहीं उठाते फोन, आखिर जनता को जवाब कौन देगा? रामनरेश विश्वकर्मा लहचूरा जालौन। नगर पालिका परिषद जालौन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधा के लिए लगाए गए दर्जनों प्लास्टिक मूत्रालय आखिर कहां गायब हो गए? यह सवाल अब नगर पालिका प्रशासन से जवाब मांग रहा है। मूत्रालयों के नदारद होने से महिला और पुरुषों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय और मूत्रालय की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोग खुले में पेशाब करने को मजबूर हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नगर पालिका द्वारा लगवाए गए प्लास्टिक मूत्रालय कहां चले गए? क्या उन्हें किसी आदेश के तहत हटाया गया या फिर वे रखरखाव के अभाव में गायब हो गए? यदि मूत्रालय हटाए गए हैं तो उन्हें कहां रखा गया है? इन सवालों का जवाब नगर पालिका प्रशासन को देना चाहिए। ईओ ने झाड़ा पल्ला, आरआई नहीं उठा रहे फोन! इस संबंध में जब नगर पालिका परिषद जालौन के अधिशासी अधिकारी (ईओ) सुशील कुमार से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने अनुज कुमार से बात करने की बात कही। वहीं आरआई से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जनता की समस्याओं और नगर पालिका की संपत्ति से जुड़े सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी किसकी है? सरकारी धन से खरीदे गए मूत्रालयों का हिसाब कौन देगा? यदि इन प्लास्टिक मूत्रालयों की खरीद नगर पालिका के बजट से की गई थी, तो उनकी खरीद, स्थापना, रखरखाव और वर्तमान स्थिति का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। आखिर कितने मूत्रालय खरीदे गए थे, कितने लगाए गए और वर्तमान में कितने मौजूद हैं? यदि मूत्रालय हटाए गए हैं, तो किस अधिकारी के आदेश पर हटाए गए? स्वच्छता के दावों पर उठ रहे सवाल एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को स्वच्छ बनाने और सार्वजनिक शौचालयों की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दे रही है, वहीं जालौन नगर पालिका क्षेत्र में प्लास्टिक मूत्रालयों के गायब होने का मामला स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए सार्वजनिक मूत्रालयों की कमी गंभीर समस्या है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आने वाली महिलाओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। क्या मामले की जांच कराएगा नगर पालिका प्रशासन? अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन गायब बताए जा रहे प्लास्टिक मूत्रालयों का हिसाब जनता के सामने रखता है या मामला यूं ही जिम्मेदार अधिकारियों के बीच टलता रहेगा। नगर की जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर दर्जनों प्लास्टिक मूत्रालय कहां गए और उनकी जवाबदेही किसकी है? क्या नगर पालिका प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करेगा या जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहेंगे?1
- कोंच फैक्ट्री एरिया में मजदूर ने लगाई फांसी, पुलिस जांच में जुटी अनुराग श्रीवास्तव पत्रकार *कोंच फैक्ट्री एरिया में मजदूर ने लगाई फांसी, पुलिस जांच में जुटी* *कोंच (जालौन)।* कोतवाली कोंच क्षेत्रान्तर्गत फैक्ट्री एरिया स्थित एक मिल में काम करने वाले मजदूर द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 5 बजे सूचना प्राप्त हुई कि मिल में कार्यरत मजदूर राजाराम पुत्र छोटेलाल, उम्र करीब 42 वर्ष ने रेलिंग से फांसी लगा ली है। सूचना पर कोतवाली कोंच पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। मौके पर फॉरेंसिक व फील्ड यूनिट को बुलाकर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय उरई भेजा गया है। पुलिस घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कोंच ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे, उसके आधार पर निष्पक्षतापूर्वक आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1