वारसी फाउंडेशन द्वारा इफ्तार किट व पौधा वितरण कार्यक्रम हुआ आयोजित.. जसवंतनगर:बुधवार को पवित्र माह रमजान शुरू से पहले समाजसेवी संस्था गुलामाने वारिस मुस्लिम वेलफेयर एजुकेशन फाउंडेशन (वारसी फाउंडेशन) द्वारा नगर मे स्थित बारात घर में इफ्तार किट एवं पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था पिछले 13 वर्षों से लगातार रमजान के अवसर पर गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता हेतु इफ्तार किट वितरण करती आ रही है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधरोपण अभियान भी चलाया जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष फ़राज़ अहमद वारसी एवं मोहम्मद जानिब सफ़वी ने कहा कि रमजान केवल इबादत का महीना ही नहीं, बल्कि खुद की इस्लाह, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। उन्होंने लोगों से शिक्षा ग्रहण कर अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत करने, अपने आसपास साफ-सफाई रखने को कहा, तथा पौधरोपण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पौधे लगाना सदक़ा-ए-जारीया है, जिससे समाज और आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलता है। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में लगभग 300 गरीब परिवारों को इफ्तार किट वितरित की गई। प्रत्येक किट में आटा, दाल, चावल, तेल, टोस्ट, सेवईं, मेवा सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि रोजेदार परिवार पूरे सम्मान के साथ रमजान के महीने में इफ्तार की व्यवस्था कर सकें। इस अवसर पर संस्था सचिव फ़ईम चिश्ती, नगर अध्यक्ष मेहबूब अशरफ़ी, शाहनवाज़ वारसी, अकबर वारसी, हाफ़िज़ उस्मान, भूरे मुल्ला जी राशिद फारूकी, उमैर कुरैशी, जाहिद, इसरार, हैदर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि वारसी फाउंडेशन भविष्य में भी शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और मानव सेवा से जुड़े कार्यक्रम निरंतर संचालित करती रहेगी, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
वारसी फाउंडेशन द्वारा इफ्तार किट व पौधा वितरण कार्यक्रम हुआ आयोजित.. जसवंतनगर:बुधवार को पवित्र माह रमजान शुरू से पहले समाजसेवी संस्था गुलामाने वारिस मुस्लिम वेलफेयर एजुकेशन फाउंडेशन (वारसी फाउंडेशन) द्वारा नगर मे स्थित बारात घर में इफ्तार किट एवं पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था पिछले 13 वर्षों से लगातार रमजान के अवसर पर गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता हेतु इफ्तार किट वितरण करती आ रही है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधरोपण अभियान भी चलाया जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष फ़राज़ अहमद वारसी एवं मोहम्मद जानिब सफ़वी ने कहा कि रमजान केवल इबादत का महीना ही नहीं, बल्कि खुद की इस्लाह, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। उन्होंने लोगों से शिक्षा ग्रहण कर अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत करने, अपने आसपास साफ-सफाई रखने को कहा, तथा पौधरोपण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पौधे लगाना सदक़ा-ए-जारीया है, जिससे समाज और आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलता है। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में लगभग 300 गरीब परिवारों को इफ्तार किट वितरित की गई। प्रत्येक किट में आटा, दाल, चावल, तेल, टोस्ट, सेवईं, मेवा सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि रोजेदार परिवार पूरे सम्मान के साथ रमजान के महीने में इफ्तार की व्यवस्था कर सकें। इस अवसर पर संस्था सचिव फ़ईम चिश्ती, नगर अध्यक्ष मेहबूब अशरफ़ी, शाहनवाज़ वारसी, अकबर वारसी, हाफ़िज़ उस्मान, भूरे मुल्ला जी राशिद फारूकी, उमैर कुरैशी, जाहिद, इसरार, हैदर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि वारसी फाउंडेशन भविष्य में भी शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और मानव सेवा से जुड़े कार्यक्रम निरंतर संचालित करती रहेगी, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
- *इटावा ब्रेकिंग* इटावा के सहसों क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात के अंधेरे में बेखौफ दौड़ रहे डंपर आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। *रजत यादव पत्रकार* 7417197064 इटावा के सहसों थाना क्षेत्र से रोज़ाना करीब एक दर्जन ओवरलोड डंपरों का आवागमन हो रहा है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों के मुताबिक सहसों थाने में तैनात सिपाही सुनील तथा बिंदवा कला चौकी पर तैनात सिपाही अमृत की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। चर्चाएं हैं कि कुछ सिपाही इंस्पेक्टर की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं। थाने के भीतर ही ‘विभीषण’ की भूमिका निभा रहे सिपाही के नाम की चर्चा जोरों पर है। बिंदवा कला चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सिंगल रोड से धड़ल्ले से ओवरलोड डंपर गुजर रहे हैं, लेकिन परिवहन और खनन विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। तेज रफ्तार और भारी भरकम वाहनों से राहगीर खासे परेशान हैं, जबकि किसी बड़े हादसे की आशंका भी लगातार बनी हुई है।1
- Post by Devendra singh Bhadauriya1
- Post by Jeetu Kamal2
- Post by नीरज सिंह सिंह1
- अमेठी।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सीएचसी फुरसतगंज में टीबी रोगियों को गोद लेने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा 20 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। पोषण पोटली में चना, मूंगफली, गुड़ आदि खाद्य सामग्री थी | सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में जागरूक करें। नियमित रूप से दवाओं का सेवन तथा पौष्टिक आहार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही टीबी की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक ने उपस्थित लोगों ने टीबी के साथ साथ मच्छरजनित रोगों जसिएय डेंगू, मलेरिया और फ़ाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया | उन्होंने कहा कि इन सभी बिमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर में यह घर के अस –पास साफ सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें | फ़ाइलेरिया तो लाइलाज बीमारी है | इसलिए मच्छरों के काटने से बचें | सभी डेंगू मलेरिया और फ़ाइलेरिया की जाँच और इलाज स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क है | इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया पीड़ितों को बीमारी के प्रबन्धन और फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए रुग्णता प्रबन्धन और दिव्यान्गता उपचार (एमएमडीपी)का प्रशिक्षण और किट निःशुल्क दी जाती है | इस अवसर पर वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, टीबी मरीज सहित सीएचसी के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे | इनसेट में – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने की यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में जनपद में 327 निक्षय मित्रों द्वारा 2906 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषणात्मक, मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षणिक या औद्योगिक संस्थान टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। अडानी फाउंडेशन द्वारा जनवरी माह से अब तक 810 टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक व्यक्ति एवं संस्थाएं आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें तथा उन्हें भावनात्मक एवं पोषणात्मक सहयोग प्रदान कर टीबी मुक्त जनपद बनाने में अपना योगदान दें।1
- Post by Kanhaiya lal1
- vapi Gujarat to bharatpur JN3
- Post by नीरज सिंह सिंह1
- ग्राम खिल्ली पोस्ट बसोनी जिला आगरा तहसील बाह की ग्राम पंचायत ज़ेबरा सरपंच जी के द्वारा बनाए गए शौचालय में कितनी गंदगी है और पूर्ण रूप से चालू स्थिति में भी नहीं है इतना सब होने के बाद कोई सुनवी नहीं हो रही4