भिंड पुलिस ने हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था, जिसका मुख्य निशाना बुजुर्ग व्यक्ति होते थे जिनसे वे रुपए वसूलते थे। इस मामले में 27 मई 2026 को एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी। किसान ने बताया कि 23 मई को भिंड बाजार से अपने गांव लौटते समय उसे एक महिला मिली, जिसने पैर दर्द का बहाना बनाकर उसे घर छोड़ने में मदद मांगी। जब फरियादी उस महिला को उसके घर छोड़ने गया, तो महिला ने चाय पिलाने के बहाने उसे घर के अंदर बुला लिया। वहाँ पहले से रची गई साजिश के तहत गिरोह के अन्य सदस्य मौजूद थे, जिन्होंने किसान का वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने, झूठे बलात्कार केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर किसान से 7 लाख रुपए की मांग की। आरोपियों ने तत्काल 5 हजार रुपए वसूल भी कर लिए थे और बाकी रकम के लिए किसान पर अपना खेत बेचने का दबाव बना रहे थे। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 331/26 के तहत धारा 308(5), 308(6), 351(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक भिंड श्री सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के निर्देशन में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने मुखबिर की सूचना और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए हजीरा रोड से गिरोह के दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह फंसाया होगा। पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान भी कर रही है और सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
भिंड पुलिस ने हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था, जिसका मुख्य निशाना बुजुर्ग व्यक्ति होते थे जिनसे वे रुपए वसूलते थे। इस मामले में 27 मई 2026 को एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी। किसान ने बताया कि 23 मई को भिंड बाजार से अपने गांव लौटते समय उसे एक महिला मिली, जिसने पैर दर्द का बहाना बनाकर उसे घर छोड़ने में मदद मांगी। जब फरियादी उस महिला को उसके घर छोड़ने गया, तो महिला ने चाय
पिलाने के बहाने उसे घर के अंदर बुला लिया। वहाँ पहले से रची गई साजिश के तहत गिरोह के अन्य सदस्य मौजूद थे, जिन्होंने किसान का वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने, झूठे बलात्कार केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर किसान से 7 लाख रुपए की मांग की। आरोपियों ने तत्काल 5 हजार रुपए वसूल भी कर लिए थे और बाकी रकम के लिए किसान पर अपना खेत बेचने का दबाव बना रहे थे। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 331/26 के तहत धारा 308(5), 308(6), 351(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक भिंड श्री सूरज
कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के निर्देशन में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने मुखबिर की सूचना और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए हजीरा रोड से गिरोह के दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह फंसाया होगा। पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान भी कर रही है और सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
- आज बकरा ईद के अवसर पर एक मुस्लिम युवक ने 'जियो और जीने दो' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने इस दौरान ज़ोर देकर कहा कि सभी को जीवन जीने का अधिकार है। युवक ने अपनी बात रखते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग कुर्बानी देते हैं, वे 'हमारे नहीं हो सकते'।1
- मुरैना जिले के पोरसा थाना में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रामावतार सिंह का कथित रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस वायरल वीडियो में एसआई पर जमानत और केस में राहत दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कुछ माह पुराने हैं और जमानत के नाम पर 'रेट फिक्स' करने की बात सामने आई थी। वायरल हुए पहले वीडियो में एक युवक एसआई को पैसे देते हुए दिख रहा है, जहां वह यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह पहले ही 9 हजार रुपये दे चुका है और अब 500 रुपये लेकर आया है। हालांकि, एसआई कथित तौर पर पूरे 1 हजार रुपये की मांग करते नजर आ रहे हैं। दूसरे वीडियो में जमानत के लिए 5 हजार रुपये मांगे जाने की बात सामने आई है। इस मामले में वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआई रामावतार सिंह को सस्पेंड कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।1
- अम्बा तहसील के तुत्त का पुरा (दिमनी) गाँव निवासी हवलदार महावीर सिंह तोमर, जो 511 ए.ए.डी. बटालियन में सेवारत थे, ओडिशा में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए। उन्हें अमर शहीद का दर्जा दिया गया है। शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर का पार्थिव शरीर आज, दिनांक 28 मई 2026 को दोपहर 2:00 बजे उनके पैतृक गाँव तुत्त का पुरा (दिमनी) लाया जाएगा। यहाँ उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया जाएगा। अमर शहीद सम्मान सेवा संघ ने सभी सम्मानित पदाधिकारियों, सदस्यों, राष्ट्र प्रेमियों और समाज सेवकों से निवेदन किया है कि वे इस अवसर पर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित कर अपना कर्तव्य निभाएँ और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दें।2
- भिंड पुलिस ने हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था, जिसका मुख्य निशाना बुजुर्ग व्यक्ति होते थे जिनसे वे रुपए वसूलते थे। इस मामले में 27 मई 2026 को एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी। किसान ने बताया कि 23 मई को भिंड बाजार से अपने गांव लौटते समय उसे एक महिला मिली, जिसने पैर दर्द का बहाना बनाकर उसे घर छोड़ने में मदद मांगी। जब फरियादी उस महिला को उसके घर छोड़ने गया, तो महिला ने चाय पिलाने के बहाने उसे घर के अंदर बुला लिया। वहाँ पहले से रची गई साजिश के तहत गिरोह के अन्य सदस्य मौजूद थे, जिन्होंने किसान का वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने, झूठे बलात्कार केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर किसान से 7 लाख रुपए की मांग की। आरोपियों ने तत्काल 5 हजार रुपए वसूल भी कर लिए थे और बाकी रकम के लिए किसान पर अपना खेत बेचने का दबाव बना रहे थे। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 331/26 के तहत धारा 308(5), 308(6), 351(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक भिंड श्री सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के निर्देशन में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने मुखबिर की सूचना और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए हजीरा रोड से गिरोह के दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह फंसाया होगा। पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान भी कर रही है और सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।3
- फतेहाबाद क्षेत्र के गांव नगला देवहस में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कलश कन्याओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। इन कलश कन्याओं को एसकेडी इंटर कॉलेज में भोजन कराया गया।1
- आगरा के शमसाबाद रोड स्थित राजपुर में राजेश्वर पेट्रोल पंप के सामने, गोविंद पराशर के साथ स्थानीय निवासियों ने गंदे नाले के पानी में उतरकर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध क्षेत्र में व्याप्त गंभीर समस्या को उजागर करने के लिए किया गया। स्थानीय दुकानदारों ने जानकारी दी कि यह गंदे नाले की समस्या कई वर्षों से चली आ रही है, जिसके कारण वहां दुकानदारी करने वाले लोगों के साथ-साथ महिलाओं और अन्य राहगीरों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन स्थल के पास ही एक देवी मंदिर भी मौजूद है, जिससे लोगों की आस्था और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।1
- आगरा के जैतपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुरा गाँव में गुरुवार शाम चार बजे एक हृदय विदारक घटना में चार वर्षीय मासूम बच्ची की कुएँ में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद के पीतेपुर सरैया निवासी सौरभ तिवारी की पुत्री बिट्टू अपनी ननिहाल आई हुई थी। बिट्टू घर के बाहर खेल रही थी, तभी लकड़ियों से ढका एक पुराना कुआँ अचानक टूट गया, जिसके चलते वह करीब 80 फीट गहरे कुएँ में जा गिरी। इस घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही थाना जैतपुर पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम तत्काल मौके पर पहुँची। करीब दो घंटे तक चले सघन बचाव अभियान के बाद बच्ची को कुएँ से बाहर निकाला गया और उसे सीएचसी बाह ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के कारण पूरे गाँव में शोक का माहौल व्याप्त है।1