मौसम ने ली अचानक करवट,तेज आँधी और झमाझम बारिश के साथ गिरा ओला राजपुर।में अचानक मौसम ने ली करवट जमकर आंधी के साथ हुई बारिश के साथ ओले गिरे लोग हुए परेशान। राजपुर में आज दिनाँक 30 अप्रैल दिन गुरुवार को समय तकरीबन 12 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और देखते ही देखते बहुत तेज धूल भरी आंधी चलने लगी।कुछ देर आँधी चलने के बाद बारिश होने लगी और ओले गिरने शुरू हो गए। हवाएं इतनी तेज थी कि पूरा क्षेत्र धूल के गुब्बार से भर गया और दृष्यता भी कम हो गई जिससे लोग काफी परेशान हो गये। हवाएं इतनी तेज थी की सड़क पर चलने वाले पैदल व दो पहिया वाहन चालको को भी चलने में काफी परेशानी हो गया।करीब आधे घंटे तक चली तेज हवाओं व बिजली चमकने के बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई और ओले गिरने शुरू हो गए।बारिश से जहाँ लोगों को गर्मी से राहत मिली तो वहीँ इस बारिश से सड़क पर कीचड़ होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौसम ने ली अचानक करवट,तेज आँधी और झमाझम बारिश के साथ गिरा ओला राजपुर।में अचानक मौसम ने ली करवट जमकर आंधी के साथ हुई बारिश के साथ ओले गिरे लोग हुए परेशान। राजपुर में आज दिनाँक 30 अप्रैल दिन गुरुवार को समय तकरीबन 12 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और देखते ही देखते बहुत तेज धूल भरी आंधी चलने लगी।कुछ देर आँधी चलने के बाद बारिश होने लगी और ओले गिरने शुरू हो गए। हवाएं इतनी तेज थी कि पूरा क्षेत्र धूल के गुब्बार से भर गया
और दृष्यता भी कम हो गई जिससे लोग काफी परेशान हो गये। हवाएं इतनी तेज थी की सड़क पर चलने वाले पैदल व दो पहिया वाहन चालको को भी चलने में काफी परेशानी हो गया।करीब आधे घंटे तक चली तेज हवाओं व बिजली चमकने के बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई और ओले गिरने शुरू हो गए।बारिश से जहाँ लोगों को गर्मी से राहत मिली तो वहीँ इस बारिश से सड़क पर कीचड़ होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- राजपुर।में अचानक मौसम ने ली करवट जमकर आंधी के साथ हुई बारिश के साथ ओले गिरे लोग हुए परेशान। राजपुर में आज दिनाँक 30 अप्रैल दिन गुरुवार को समय तकरीबन 12 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और देखते ही देखते बहुत तेज धूल भरी आंधी चलने लगी।कुछ देर आँधी चलने के बाद बारिश होने लगी और ओले गिरने शुरू हो गए। हवाएं इतनी तेज थी कि पूरा क्षेत्र धूल के गुब्बार से भर गया और दृष्यता भी कम हो गई जिससे लोग काफी परेशान हो गये। हवाएं इतनी तेज थी की सड़क पर चलने वाले पैदल व दो पहिया वाहन चालको को भी चलने में काफी परेशानी हो गया।करीब आधे घंटे तक चली तेज हवाओं व बिजली चमकने के बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई और ओले गिरने शुरू हो गए।बारिश से जहाँ लोगों को गर्मी से राहत मिली तो वहीँ इस बारिश से सड़क पर कीचड़ होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।2
- *✰जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 1, 2 व 3 मई 2026 को आयोजित विश्व शांति महानुष्ठान में आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं✰* *आयोजन स्थल का पता है :-* सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा), सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र (हरियाणा), सतलोक आश्रम भिवानी (हरियाणा), सतलोक आश्रम मुंडका (दिल्ली) सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान), सतलोक आश्रम खमानो (पंजाब), सतलोक आश्रम धुरी (पंजाब), सतलोक आश्रम शामली (उत्तर प्रदेश), सतलोक आश्रम सीतापुर (उत्तर प्रदेश), सतलोक आश्रम बैतूल (मध्य प्रदेश), सतलोक आश्रम इन्दौर (मध्य प्रदेश), सतलोक आश्रम धवलपुरी (महाराष्ट्र) सतलोक आश्रम जनकपुर (नेपाल देश)1
- Post by Ashish parihar Parihar1
- गरियाबंद.......... गरियाबंद जिले के इंदागांव ,उदंती ,जुगाड़ क्षेत्र में आज भीषण गर्मी के बीच जमकर बारिश के साथ ओले गिरे है ,नेशनल हाइवे 130 C का सड़क इंदा गांव से जुगाड तक बर्फ की वादियों से भरा नजर आया है इस बीच लोगो को भीषण गर्मी से एक बड़ी राहत मिली हैं चूंकि लगातार हो रही भीषण गर्मी के कारण आसमान से आग बरस रही थी तो अब बारिश ओले के साथ बारिश होने से मोसमिय बीमारी के चपेट में भी लोग पड़ सकते है फिलहाल बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है ।3
- *पेयजल के लिए जूझते ग्रामीण लोकेशन.....भानुप्रतापपुर रिपोर्ट.... पुनीत मरकाम रिकार्ड तोड़ गर्मी ने जनजीवन को हाल बेहाल कर दिया है भीषण गर्मी में जल संकट की समस्या उत्पन्न हो गई है पर ऐसे समस्याओं से निपटने के लिए सरकार नल जल योजना और जलजीवन मिशन के तहत लाखों करोड़ों रुपया पेयजल पर खर्च करता है लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते आम आदमी तक सुचारू रूप से पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है पेयजल की समस्या जूझते ग्रामीण ने ग्रामसभा से लेकर क्रेडा विभाग के अधिकारियों तक चक्कर लगाए इसके बावजूद आज तक ग्रामीणों की समस्या न सुना गया न देखा गया जिसकी नतीजा आज ग्रामीण पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं नल जल योजना सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है हकीकत में नल जल योजना की पानी टंकी शोपीस बनकर रह गया है हम बात कर रहे हैं भानुप्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम कनेचुर के आश्रित ग्राम जामपारा में ग्रामीणों ने गांव के सरपंच सचिव के साथ सोलर पैनल से संचालित पानी टंकी क्रेडा विभाग की अधिकारियों तक गुहार लगाया इसके बावजूद आज तक खामियों को नहीं सुधारा गया । आज जामपारा में स्थिति ऐसे है कि लोग पानी के लिए दर-दर भटक रहे है लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे है । ग्रामीणों ने कहा कि गांव के चार हैंडपंप खराब हो गए हैं सोलर पैनल से चलने वाली पानी टंकी बंद पड़े हैं जिससे से सीधे 45 से ज्यादा घरों में पानी सप्लाई प्रभावित है ग्रामीणों का कहना है कि इसकी शिकायत ग्राम सभा से लेकर क्रेडा विभाग तक किया गया जिससे की व्यवस्थाओं को सुधारा जा सके और आम जन को सुचारू रूप से पानी मिल सके स्थानीय ग्रामीण के अनुसार पानी टंकी 5 महीने से बंद पड़ी हुई है हैंडपंप खराब हो चुके हैं यह तक आंगनबाड़ी के सामने हैंडपंप खराब हुआ चुका है सुधारने के लिए कई बार कनेचुर सरपंच संतोषी कुमेटी और सचिव को अवगत कराया गया है लेकिन ग्रामीणों की समस्या को संवेदनशीलता से नहीं लिया गया । बाइट..... उदय चुरगैया ( ग्रामीण) बाइट.... सुकून चुरेंद्र ( ग्रामीण महिला )4
- Post by Kishor Kar Journalist1
- भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नरसिंह जी की जयंती के अवसर पर आज दिनांक 30 अप्रैल दिन गुरुवार की सुबह 10 बजे से ही नारायणपुर जिले में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जिला कुम्हार समाज द्वारा नरसिंह जयंती का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक भावनाओं के साथ किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भगवान नरसिंह को कुलदेवता मानने वाले कुम्हार समाज के हजारों श्रद्धालु कुम्हारपारा स्थित नरसिंह मंदिर में एकत्र हुए। यहां विशेष पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। पूजा उपरांत नगर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो श्रद्धालुओं और नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। शोभायात्रा में समाज के युवा भक्ति गीतों की धुनों और भजन पर झूमते नजर आए, वहीं सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा की गरिमा बढ़ाई। श्रद्धालुओं ने पीतांबर वस्त्र धारण किए हुए नगर में धर्म और संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह स्वागत और जलपान की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म मंच के पदाधिकारियों द्वारा सनातन संस्कृति की विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया। साथ ही सामाजिक चर्चा का आयोजन भी किया गया जिसमें समाज की उन्नति एवं संस्कृति संरक्षण पर विचार विमर्श हुआ। कार्यक्रम का समापन भंडारे के साथ हुआ, जिसमें महाप्रसाद वितरण किया गया। यह आयोजन न केवल कुम्हार समाज के धार्मिक आस्था का परिचायक रहा, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में भी एक प्रेरक पहल सिद्ध हुआ।1
- Post by Ashish parihar Parihar1