टॉर्च की रोशनी से जगमगाया रहवासियों का संदेश “अवैध निर्माण हटाओ,आवासीय क्षेत्र बचाओ”के नारे के साथ निकाला टॉर्च लाइट मार्च भोपाल शहर में आवासीय कॉलोनियो के आसपास बढ़ते अवैध निर्माण, अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ आज भोपाल के नागरिकों ने “टॉर्च लाइट मार्च” निकालकर अपनी आवाज प्रशासन के सामने बुलंद की। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल के आह्वान पर भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि बड़ी संख्या में अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार पर एकत्रित हुए और टॉर्च की रोशनी के साथ लगभग 2 किलोमीटर दूर वन्दे मातरम् चौराहे तक चले और आवासीय क्षेत्रों के संरक्षण और रहवासियों के मौलिक अधिकार बचाने का संदेश दिया इस मार्च में बच्चे,बुजुर्ग,महिलाये एवं बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए| मार्च के दौरान नागरिकों ने कहा सर्वोच्च न्यायलय के स्पष्ट आदेशो के बाद भी अब तक नगर निगम द्वारा इन अवैध निर्माणों पर क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही है ? रहवासियों ने सवाल उठाया की जब नगर निगम एक बार सर्वे करवा चूका है जिसमे हजारो की संख्या में अवैध निर्माण पाया गया है जिसकी जानकारी न्यायलय को दी जा चुकी है तो उस पर कार्यवाही करने की बजाये दूसरी बार सर्वे करवा कर समय क्यों ख़राब किया जा रहा है क्या निगम इन रसूखदार भूमाफियाओ को बचाना चाहता है| रहवासियों का आरोप है की मास्टर प्लान का हवाला दे कर कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है जबकि 2005 के मास्टर प्लान में अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावासिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिचित किया गया है साथ ही नगर निगम, बी.डी.ए एवं हाउसिंग बोर्ड द्वारा अरेरा कॉलोनी के असपास मेट्रो प्लाजा,मानसरोवर काम्प्लेक्स, मेट्रो वाक और नव निर्मित फुले भवन आधी भवन व्यवासिक उपयोग हेतु निर्माण करवाए परन्तु वो खली पड़े है गए जिन में यहाँ के व्यपारियो की भी दुकाने है वे या तो किराये पर है या बंद है जिस से शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है तो क्यों न अवैध दुकानों को इन खली भवनों में विस्थापित करवाने की प्रक्रिया शुरू की साथ ही दस साल पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर कई एकड़ जगह टीटी नगर में खली पड़ी है वहा भी व्यवस्तित रूप से सिर्फ व्यवासिक बाजार बनाया जा सकता है| संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने कहा कि टॉर्च लाइट मार्च केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल के नागरिकों की जागरूकता और अपने शहर के भविष्य को बचाने का संकल्प है। आवासीय क्षेत्रों को अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माणों से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और नागरिक अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। आज इस मार्च में भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि शामिल रहे जिन्होंने एक जुट हो कर प्रशासन से अवैध दुकाने हटाने की मांग की और चेतवानी दी की अगर सर्वोच्च न्यायलय के आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो हम न्यायलय में अवमानन याचिका दायर करने के लिए बाध्य होंगे।
टॉर्च की रोशनी से जगमगाया रहवासियों का संदेश “अवैध निर्माण हटाओ,आवासीय क्षेत्र बचाओ”के नारे के साथ निकाला टॉर्च लाइट मार्च भोपाल शहर में आवासीय कॉलोनियो के आसपास बढ़ते अवैध निर्माण, अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ आज भोपाल के नागरिकों ने “टॉर्च लाइट मार्च” निकालकर अपनी आवाज प्रशासन के सामने बुलंद की। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल के आह्वान पर भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि बड़ी संख्या में अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार पर एकत्रित हुए और टॉर्च की रोशनी के साथ लगभग 2 किलोमीटर दूर वन्दे मातरम् चौराहे तक चले और आवासीय क्षेत्रों के संरक्षण और रहवासियों के मौलिक अधिकार बचाने का संदेश दिया इस मार्च में बच्चे,बुजुर्ग,महिलाये एवं बड़ी संख्या में
युवा भी शामिल हुए| मार्च के दौरान नागरिकों ने कहा सर्वोच्च न्यायलय के स्पष्ट आदेशो के बाद भी अब तक नगर निगम द्वारा इन अवैध निर्माणों पर क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही है ? रहवासियों ने सवाल उठाया की जब नगर निगम एक बार सर्वे करवा चूका है जिसमे हजारो की संख्या में अवैध निर्माण पाया गया है जिसकी जानकारी न्यायलय को दी जा चुकी है तो उस पर कार्यवाही करने की बजाये दूसरी बार सर्वे करवा कर समय क्यों ख़राब किया जा रहा है क्या निगम इन रसूखदार भूमाफियाओ को बचाना चाहता है| रहवासियों का आरोप है की मास्टर प्लान का हवाला दे कर कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है जबकि 2005 के मास्टर प्लान में अरेरा
कॉलोनी के आसपास व्यावासिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिचित किया गया है साथ ही नगर निगम, बी.डी.ए एवं हाउसिंग बोर्ड द्वारा अरेरा कॉलोनी के असपास मेट्रो प्लाजा,मानसरोवर काम्प्लेक्स, मेट्रो वाक और नव निर्मित फुले भवन आधी भवन व्यवासिक उपयोग हेतु निर्माण करवाए परन्तु वो खली पड़े है गए जिन में यहाँ के व्यपारियो की भी दुकाने है वे या तो किराये पर है या बंद है जिस से शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है तो क्यों न अवैध दुकानों को इन खली भवनों में विस्थापित करवाने की प्रक्रिया शुरू की साथ ही दस साल पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर कई एकड़ जगह टीटी नगर में खली पड़ी है वहा भी व्यवस्तित रूप से
सिर्फ व्यवासिक बाजार बनाया जा सकता है| संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने कहा कि टॉर्च लाइट मार्च केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल के नागरिकों की जागरूकता और अपने शहर के भविष्य को बचाने का संकल्प है। आवासीय क्षेत्रों को अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माणों से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और नागरिक अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। आज इस मार्च में भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि शामिल रहे जिन्होंने एक जुट हो कर प्रशासन से अवैध दुकाने हटाने की मांग की और चेतवानी दी की अगर सर्वोच्च न्यायलय के आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो हम न्यायलय में अवमानन याचिका दायर करने के लिए बाध्य होंगे।
- भोपाल में आदिवासियों का बड़ा प्रदर्शन | 15 दिन का अल्टीमेटम | जल, जंगल, जमीन की उठी आवाज भोपाल में आदिवासियों का बड़ा प्रदर्शन | 15 दिन का अल्टीमेटम | जल, जंगल, जमीन की उठी आवाज1
- टॉर्च की रोशनी से जगमगाया रहवासियों का संदेश “अवैध निर्माण हटाओ,आवासीय क्षेत्र बचाओ”के नारे के साथ निकाला टॉर्च लाइट मार्च भोपाल शहर में आवासीय कॉलोनियो के आसपास बढ़ते अवैध निर्माण, अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ आज भोपाल के नागरिकों ने “टॉर्च लाइट मार्च” निकालकर अपनी आवाज प्रशासन के सामने बुलंद की। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल के आह्वान पर भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि बड़ी संख्या में अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार पर एकत्रित हुए और टॉर्च की रोशनी के साथ लगभग 2 किलोमीटर दूर वन्दे मातरम् चौराहे तक चले और आवासीय क्षेत्रों के संरक्षण और रहवासियों के मौलिक अधिकार बचाने का संदेश दिया इस मार्च में बच्चे,बुजुर्ग,महिलाये एवं बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए| मार्च के दौरान नागरिकों ने कहा सर्वोच्च न्यायलय के स्पष्ट आदेशो के बाद भी अब तक नगर निगम द्वारा इन अवैध निर्माणों पर क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही है ? रहवासियों ने सवाल उठाया की जब नगर निगम एक बार सर्वे करवा चूका है जिसमे हजारो की संख्या में अवैध निर्माण पाया गया है जिसकी जानकारी न्यायलय को दी जा चुकी है तो उस पर कार्यवाही करने की बजाये दूसरी बार सर्वे करवा कर समय क्यों ख़राब किया जा रहा है क्या निगम इन रसूखदार भूमाफियाओ को बचाना चाहता है| रहवासियों का आरोप है की मास्टर प्लान का हवाला दे कर कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है जबकि 2005 के मास्टर प्लान में अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावासिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिचित किया गया है साथ ही नगर निगम, बी.डी.ए एवं हाउसिंग बोर्ड द्वारा अरेरा कॉलोनी के असपास मेट्रो प्लाजा,मानसरोवर काम्प्लेक्स, मेट्रो वाक और नव निर्मित फुले भवन आधी भवन व्यवासिक उपयोग हेतु निर्माण करवाए परन्तु वो खली पड़े है गए जिन में यहाँ के व्यपारियो की भी दुकाने है वे या तो किराये पर है या बंद है जिस से शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है तो क्यों न अवैध दुकानों को इन खली भवनों में विस्थापित करवाने की प्रक्रिया शुरू की साथ ही दस साल पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर कई एकड़ जगह टीटी नगर में खली पड़ी है वहा भी व्यवस्तित रूप से सिर्फ व्यवासिक बाजार बनाया जा सकता है| संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने कहा कि टॉर्च लाइट मार्च केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल के नागरिकों की जागरूकता और अपने शहर के भविष्य को बचाने का संकल्प है। आवासीय क्षेत्रों को अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माणों से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और नागरिक अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। आज इस मार्च में भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि शामिल रहे जिन्होंने एक जुट हो कर प्रशासन से अवैध दुकाने हटाने की मांग की और चेतवानी दी की अगर सर्वोच्च न्यायलय के आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो हम न्यायलय में अवमानन याचिका दायर करने के लिए बाध्य होंगे।4
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- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर के रविंद्र भवन में प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मान किया गया सिंधी मेरा समिति दोबारा1
- भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, #इंदौर में “Enhancing Access to Justice” विषय पर आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री Arjun Ram Meghwall सहित सर्वोच्च न्यायालय एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण तथा विधि एवं न्याय क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहे। Dr Mohan Yadav Department of Law & Legislative Affairs, Madhya Pradesh #JansamparkMP1
- विश्व आदिवासी दिवस पर भोपाल में निकला आदिवासियों का विशाल जुलूस; बारिश के बीच झूमे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भोपाल:विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में आदिवासी स्वाभिमान, संस्कृति और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर एक भव्य यात्रा निकाली गई। माता मंदिर से शुरू होकर यह आदिवासी यात्रा दशहरा मैदान तक पहुँची, जिसमें मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद समेत विभिन्न आदिवासी संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस यात्रा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान बारिश के बीच उमंग सिंघार आदिवासियों के पारंपरिक रंग में रंगे नजर आए और उन्होंने आदिवासी नृत्य कर जमकर अपनी खुशी जाहिर की। सरकार पर साधा निशाना: "वोट चाहिए, अधिकारों की रक्षा नहीं" इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सभा को संबोधित करते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज हमेशा से प्रकृति की पूजा करता आया है और जल, जंगल, जमीन से उसका गहरा जुड़ाव रहा है। यही हमारी मूल संस्कृति है और इसे सहेजने तथा बढ़ावा देने के लिए ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। सरकार पर आदिवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सिंघार ने कहा कि सरकार चुनाव के वक्त आदिवासियों का वोट तो लेना चाहती है, लेकिन उनके अधिकारों की रक्षा करने से पीछे हट जाती है। सार्वजनिक अवकाश की मांग को न सुने जाने पर जताया रोष उमंग सिंघार ने आगे बताया कि कांग्रेस पार्टी और आदिवासी संगठनों ने पिछले दिनों सरकार से मुलाकात कर विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की थी। साथ ही शासन स्तर पर बड़े स्तर पर सार्वजनिक आयोजन करने की अपील भी की गई थी, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। सिंघार ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज अपने जल, जंगल, जमीन और संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेगा।3
- भोपाल: मोती मस्जिद चौराहे पर बैरिकेडिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी! Media में उठी मांग 📢🛑 मोती मस्जिद और इक़बाल मैदान क्षेत्र में पुलिस द्वारा रास्ता बंद किए जाने के विरोध में स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रास्ते की इस स्थायी नाकेबंदी से व्यापार पूरी तरह ठप्प हो गया है और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। असल मुद्दा क्या है? पहले इस चौराहे पर बाकायदा ट्रैफिक सिग्नल लगा हुआ था और चारों तरफ से आवाजाही सुचारू थी। लेकिन रखरखाव के अभाव में जब सिग्नल खराब हुआ, तो प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने के बजाय बैरिकेड्स लगाकर पूरे रास्ते को ही ब्लॉक कर दिया! व्यापारी संघ का साफ कहना है कि "रास्ता बंद करना कोई ट्रैफिक समाधान नहीं है!" हमारी प्रशासन से मुख्य मांगें: 1️⃣ मोती मस्जिद चौराहे से तुरंत बैरिकेड्स हटाकर रास्ता बहाल किया जाए। 2️⃣ ट्रैफिक नियंत्रण के लिए यहाँ नया और आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल लगाया जाए। व्यापारियों के इस न्यायपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करें और इस आवाज़ को भोपाल प्रशासन तक पहुँचाने के लिए पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें! (पुराने समय का वीडियो संलग्न है, जब यह चौराहा चालू था और यहाँ सिग्नल काम करता था) #BhopalNews #BhopalProtest #MotiMasjid #IqbalMaidan #BhopalPolice #BhopalAdmin #BhopalTraffic #PublicProtest #BhopalDiaries #MPNews1