Shuru
Apke Nagar Ki App…
K K D NEWS MP/CG
More news from Bhopal and nearby areas
- भोपाल में आदिवासियों का बड़ा प्रदर्शन | 15 दिन का अल्टीमेटम | जल, जंगल, जमीन की उठी आवाज भोपाल में आदिवासियों का बड़ा प्रदर्शन | 15 दिन का अल्टीमेटम | जल, जंगल, जमीन की उठी आवाज1
- टॉर्च की रोशनी से जगमगाया रहवासियों का संदेश “अवैध निर्माण हटाओ,आवासीय क्षेत्र बचाओ”के नारे के साथ निकाला टॉर्च लाइट मार्च भोपाल शहर में आवासीय कॉलोनियो के आसपास बढ़ते अवैध निर्माण, अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ आज भोपाल के नागरिकों ने “टॉर्च लाइट मार्च” निकालकर अपनी आवाज प्रशासन के सामने बुलंद की। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल के आह्वान पर भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि बड़ी संख्या में अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार पर एकत्रित हुए और टॉर्च की रोशनी के साथ लगभग 2 किलोमीटर दूर वन्दे मातरम् चौराहे तक चले और आवासीय क्षेत्रों के संरक्षण और रहवासियों के मौलिक अधिकार बचाने का संदेश दिया इस मार्च में बच्चे,बुजुर्ग,महिलाये एवं बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए| मार्च के दौरान नागरिकों ने कहा सर्वोच्च न्यायलय के स्पष्ट आदेशो के बाद भी अब तक नगर निगम द्वारा इन अवैध निर्माणों पर क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही है ? रहवासियों ने सवाल उठाया की जब नगर निगम एक बार सर्वे करवा चूका है जिसमे हजारो की संख्या में अवैध निर्माण पाया गया है जिसकी जानकारी न्यायलय को दी जा चुकी है तो उस पर कार्यवाही करने की बजाये दूसरी बार सर्वे करवा कर समय क्यों ख़राब किया जा रहा है क्या निगम इन रसूखदार भूमाफियाओ को बचाना चाहता है| रहवासियों का आरोप है की मास्टर प्लान का हवाला दे कर कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है जबकि 2005 के मास्टर प्लान में अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावासिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिचित किया गया है साथ ही नगर निगम, बी.डी.ए एवं हाउसिंग बोर्ड द्वारा अरेरा कॉलोनी के असपास मेट्रो प्लाजा,मानसरोवर काम्प्लेक्स, मेट्रो वाक और नव निर्मित फुले भवन आधी भवन व्यवासिक उपयोग हेतु निर्माण करवाए परन्तु वो खली पड़े है गए जिन में यहाँ के व्यपारियो की भी दुकाने है वे या तो किराये पर है या बंद है जिस से शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है तो क्यों न अवैध दुकानों को इन खली भवनों में विस्थापित करवाने की प्रक्रिया शुरू की साथ ही दस साल पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर कई एकड़ जगह टीटी नगर में खली पड़ी है वहा भी व्यवस्तित रूप से सिर्फ व्यवासिक बाजार बनाया जा सकता है| संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने कहा कि टॉर्च लाइट मार्च केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल के नागरिकों की जागरूकता और अपने शहर के भविष्य को बचाने का संकल्प है। आवासीय क्षेत्रों को अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माणों से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और नागरिक अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। आज इस मार्च में भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि शामिल रहे जिन्होंने एक जुट हो कर प्रशासन से अवैध दुकाने हटाने की मांग की और चेतवानी दी की अगर सर्वोच्च न्यायलय के आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो हम न्यायलय में अवमानन याचिका दायर करने के लिए बाध्य होंगे।4
- Post by K K D NEWS MP/CG1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर के रविंद्र भवन में प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मान किया गया सिंधी मेरा समिति दोबारा1
- भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, #इंदौर में “Enhancing Access to Justice” विषय पर आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री Arjun Ram Meghwall सहित सर्वोच्च न्यायालय एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण तथा विधि एवं न्याय क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहे। Dr Mohan Yadav Department of Law & Legislative Affairs, Madhya Pradesh #JansamparkMP1
- शाहजहांपुर: जवान बेटा खो चुके परिजनों पर चिल्लाई महिला पुलिस अधिकारी, हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे पीड़ित उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से खाकी की संवेदनहीनता उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले में 25 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज और बदहवास परिजन जब न्याय की गुहार लगा रहे थे, तब एक महिला पुलिस अधिकारी उन पर तेज आवाज में चिल्लाती और तल्ख तेवर दिखाती नजर आईं। जनता का कहना है कि जिस परिवार ने अपना जवान बेटा खोया हो, उसके साथ पुलिस को संयम और हमदर्दी के साथ पेश आना चाहिए था। भले ही विधिक कार्रवाई जांच के आधार पर होती है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का इस तरह आपा खोना और परिजनों से तानाशाही रवैये में बात करना पुलिस की ट्रेनिंग और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। #ShahjahanpurNews #UPPolice #UPNews #BreakingNews #Justice #ATNNews #atnnews #atn #ATNNEWSTV1