फतेहपुर चौरासी में बाढ़ का निरीक्षण जिलाधिकारी ने कटे मार्ग का जाना हाल फतेहपुर चौरासी उन्नाव। गंगा नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी सहित कई अधिकारियों ने गत वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गए कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण में जिलाधिकारी ने वैकल्पिक मार्ग को पूर्ण रूप से बंद करने के निर्देश दिए।वहीं बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में बाढ़ राहत की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के भी दिशा निर्देश दिए। क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए गुरुवार को जिलाधिकारी धनश्याम मीना ने गत वर्ष गंगा नदी की बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग पर जनपद कानपुर से सीधा आवागमन करने के लिए बनाए गए अस्थाई वैकल्पिक मार्ग का भी निरक्षण किया।उन्होंने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग को एकदम बंद करने के निर्देश दिए है।बता दे कि हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा किए गए उक्त कटान के स्थलीय निरीक्षण में भी जन सुरक्षा को देखते हुए उक्त वैकल्पिक मार्ग को स्थाई रूप से बंद कराया गया था।किंतु दैनिक राजगीरों द्वारा मार्ग पर आवागमन बंद करने के लिए बनाई गई दीवार को तोड़कर आवागमन बहाल कर दिया गया था।निरीक्षण में जिलाधिकारी ने बांगरमऊ उपजिलाधिकारी बृजमोहन शुक्ला और सफीपुर उप जिलाधिकारी फाल्गुनी सिंह से बाढ़ की स्थिति एवं बाढ़ राहत की तैयारियों की जानकारी ली।जिलाधिकारी ने जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहले आने की संभावना है वहां पर सभी को सतर्क रहने के दिशा निर्देश दिए।वहीं उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों,जानवरों आदि को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के दिशा निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है।जिसको देखते हुए जो भी बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए है वहां पर खाने पीने के साथ साथ अन्य सभी व्यवस्थाएं पहले से ही पूर्ण कर ले। जिलाधिकारी के वापस लौटने के बाद उपजिलाधिकारी बांगरमऊ बृजमोहन शुक्ला ने बाढ़ राहत के लिए किए गए सभी इंतजामों के साथ बाढ़ राहत केन्द्रों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बाढ़ राहत में लगे कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीएम सुशील गोंड, एडिशनल एसपी शैलेंद्र लाल,अधीक्षक डा. संजीव कुमार आदि लोग मौजूद रहें।
फतेहपुर चौरासी में बाढ़ का निरीक्षण जिलाधिकारी ने कटे मार्ग का जाना हाल फतेहपुर चौरासी उन्नाव। गंगा नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी सहित कई अधिकारियों ने गत वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गए कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण में जिलाधिकारी ने वैकल्पिक मार्ग को पूर्ण रूप से बंद करने के निर्देश दिए।वहीं बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में बाढ़ राहत की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के भी दिशा निर्देश दिए। क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए गुरुवार को जिलाधिकारी धनश्याम मीना ने गत वर्ष गंगा नदी की बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग पर जनपद कानपुर से सीधा आवागमन करने के लिए बनाए गए अस्थाई वैकल्पिक मार्ग का भी निरक्षण किया।उन्होंने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग को एकदम बंद करने के निर्देश दिए है।बता दे कि हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा किए गए उक्त कटान के स्थलीय निरीक्षण में भी जन सुरक्षा को देखते हुए उक्त वैकल्पिक मार्ग को स्थाई रूप से बंद
कराया गया था।किंतु दैनिक राजगीरों द्वारा मार्ग पर आवागमन बंद करने के लिए बनाई गई दीवार को तोड़कर आवागमन बहाल कर दिया गया था।निरीक्षण में जिलाधिकारी ने बांगरमऊ उपजिलाधिकारी बृजमोहन शुक्ला और सफीपुर उप जिलाधिकारी फाल्गुनी सिंह से बाढ़ की स्थिति एवं बाढ़ राहत की तैयारियों की जानकारी ली।जिलाधिकारी ने जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहले आने की संभावना है वहां पर सभी को सतर्क रहने के दिशा निर्देश दिए।वहीं उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों,जानवरों आदि को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के दिशा निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है।जिसको देखते हुए जो भी बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए है वहां पर खाने पीने के साथ साथ अन्य सभी व्यवस्थाएं पहले से ही पूर्ण कर ले। जिलाधिकारी के वापस लौटने के बाद उपजिलाधिकारी बांगरमऊ बृजमोहन शुक्ला ने बाढ़ राहत के लिए किए गए सभी इंतजामों के साथ बाढ़ राहत केन्द्रों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बाढ़ राहत में लगे कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीएम सुशील गोंड, एडिशनल एसपी शैलेंद्र लाल,अधीक्षक डा. संजीव कुमार आदि लोग मौजूद रहें।
- फतेहपुर चौरासी में बाढ़ का निरीक्षण जिलाधिकारी ने कटे मार्ग का जाना हाल फतेहपुर चौरासी उन्नाव। गंगा नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी सहित कई अधिकारियों ने गत वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गए कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण में जिलाधिकारी ने वैकल्पिक मार्ग को पूर्ण रूप से बंद करने के निर्देश दिए।वहीं बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में बाढ़ राहत की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के भी दिशा निर्देश दिए। क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए गुरुवार को जिलाधिकारी धनश्याम मीना ने गत वर्ष गंगा नदी की बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग पर जनपद कानपुर से सीधा आवागमन करने के लिए बनाए गए अस्थाई वैकल्पिक मार्ग का भी निरक्षण किया।उन्होंने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग को एकदम बंद करने के निर्देश दिए है।बता दे कि हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा किए गए उक्त कटान के स्थलीय निरीक्षण में भी जन सुरक्षा को देखते हुए उक्त वैकल्पिक मार्ग को स्थाई रूप से बंद कराया गया था।किंतु दैनिक राजगीरों द्वारा मार्ग पर आवागमन बंद करने के लिए बनाई गई दीवार को तोड़कर आवागमन बहाल कर दिया गया था।निरीक्षण में जिलाधिकारी ने बांगरमऊ उपजिलाधिकारी बृजमोहन शुक्ला और सफीपुर उप जिलाधिकारी फाल्गुनी सिंह से बाढ़ की स्थिति एवं बाढ़ राहत की तैयारियों की जानकारी ली।जिलाधिकारी ने जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहले आने की संभावना है वहां पर सभी को सतर्क रहने के दिशा निर्देश दिए।वहीं उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों,जानवरों आदि को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के दिशा निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है।जिसको देखते हुए जो भी बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए है वहां पर खाने पीने के साथ साथ अन्य सभी व्यवस्थाएं पहले से ही पूर्ण कर ले। जिलाधिकारी के वापस लौटने के बाद उपजिलाधिकारी बांगरमऊ बृजमोहन शुक्ला ने बाढ़ राहत के लिए किए गए सभी इंतजामों के साथ बाढ़ राहत केन्द्रों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बाढ़ राहत में लगे कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीएम सुशील गोंड, एडिशनल एसपी शैलेंद्र लाल,अधीक्षक डा. संजीव कुमार आदि लोग मौजूद रहें।2
- उन्नाव गौशाला में फिर लापरवाही, 3 दिन से भूखे गोवंश,प्रधान प्रतिनिधि ने ताला खुलवाकर चारे की व्यवस्था की उन्नाव के गंजमुरादाबाद ब्लॉक स्थित भीखनपुर गोपालपुर गांव की गौशाला में पिछले तीन दिनों से गोवंश भूख और प्यास से तड़प रहे थे। प्रशासन और प्रधान प्रतिनिधि लगातार एनजीओ से मुख्य गेट का ताला खुलवाने की मांग कर रहे थे, लेकिन गेट नहीं खोला गया। इसके बाद बीडीओ के निर्देश पर ग्राम पंचायत अधिकारी संजीव यादव और प्रधान प्रतिनिधि लालेश अस्थाना सैकड़ों ग्रामवासियों के साथ गौशाला पहुंचे। उनकी मौजूदगी में गौशाला का ताला खोला गया। ताला खुलने के बाद प्रधान प्रतिनिधि ने भूख-प्यास से बेहाल गोवंशों को देखा। उन्होंने तत्काल हरे चारे और चोकर की व्यवस्था कराई और अपनी निगरानी में सभी गोवंशों को भरपेट चारा खिलाया। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से गोवंश भूख-प्यास से बिलख रहे थे और तेज आवाज में चिल्ला रहे थे। गौरतलब है कि इसी गौशाला में दो तारीख को एनजीओ के संरक्षण में दर्जनों गोवंशों की भूख-प्यास से मौत हो गई थी। इसके बाद मृत गोवंशों को खुलेआम जंगल में फेंक दिया गया था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया था। मौके पर टीम गठित कर निरीक्षण कराया गया, जिसमें एनजीओ की कई खामियां सामने आईं। जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से एनजीओ का अनुबंध रद्द कर गौशाला का संचालन ग्राम प्रधान और सचिव को सौंप दिया था। हालांकि, डीएम के आदेशों की अवहेलना की जा रही थी, जिसके कारण गोवंश फिर से भूख-प्यास से जूझ रहे थे।1
- नंगा खेड़ा कुरसत रोड बहुत ही खराब रोड है इस रोड पे शासन का कोई ध्यान नही है1
- गंगा में डूबे दो युवकों में से एक का शव मिला, परिजन पहुंचे घटनास्थल पर अरवल। बीते सोमवार को थाना अरवल के कुसुमखोर गंगा घाट पर एक दर्दनाक हादसा घटित हो गया था जिसमें गंगा स्नान करते समय दो युवक नारद एवं ऋषि डूब गए थे। पुलिस एवं एसडीआरएफ टीम द्वारा बीते 5 दिनों से उनकी तलाश की जा रही थी परंतु दोनों का कोई पता नहीं चल सका था। आज सुबह मल्लावां थाना पुलिस द्वारा अरवल पुलिस को सूचना दी गई कि बेरिया घाट पर गंगा नदी में एक शव प्राप्त हुआ है, जिसकी पहचान परिजनों द्वारा करवाई जाए। युवक के परिवार वालों द्वारा सुबह 7:00 बजे पहुंच कर शव की पहचान नारद के रूप में की। थाना अरवल के उप निरीक्षक शिवाकांत पांडे द्वारा परिजनों के साथ पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।2
- अखिलेश यादव से जुड़े आरोपों की जांच की मांग, हिंदुस्तान आजाद मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश पाल देशबंदु विधानसभा सत्र के दौरान आमरण अनशन की चेतावनी अखिलेश यादव से जुड़े आरोपों की जांच की मांग, विधानसभा सत्र के दौरान आमरण अनशन की चेतावनी कन्नौज से बड़ी खबर सामने आई है। हिंदुस्तान आजाद मंच ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव से जुड़े मामलों की जांच की मांग को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मंच की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और सीबीआई से जांच की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान लखनऊ में आमरण अनशन करने की चेतावनी दी गई है। दरअसल, हिंदुस्तान आजाद मंच की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के निदेशक को एक पत्र भेजा गया है। पत्र में मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद मुकेश पाल देशबंधु ने स्वर्गीय नीरज मिश्रा हत्याकांड समेत कुछ पुराने मामलों की जांच दोबारा कराने की मांग उठाई है। पत्र में अखिलेश यादव और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं और पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मंच का दावा है कि स्वर्गीय नीरज मिश्रा हत्याकांड की विवेचना में कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। संगठन ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा पत्र में प्रयागराज के स्वर्गीय राजू पाल हत्याकांड का भी जिक्र किया गया है। संगठन ने मामले में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और पूरे प्रकरण की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी से कराने की मांग की है। इन तमाम मांगों को लेकर हिंदुस्तान आजाद मंच ने बड़ा ऐलान किया है। पत्र के मुताबिक, उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र शुरू होने वाले दिन से लखनऊ के हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि जब तक दोनों मामलों में सीबीआई और संबंधित जांच एजेंसी से जांच कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक आमरण अनशन जारी रखने का निर्णय लिया गया है। पत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से भी मामले में संज्ञान लेने की अपील की गई है। संगठन ने कहा है कि दिवंगत नीरज मिश्रा और राजू पाल के मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, पत्र में हिंदुस्तान आजाद मंच के पदाधिकारी ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आंदोलन को रोकने के लिए उनके खिलाफ साजिश की जा सकती है और किसी तरह की अनहोनी की आशंका है। इसी को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित आमरण अनशन संवैधानिक अधिकारों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। फिलहाल हिंदुस्तान आजाद मंच के इस पत्र और आमरण अनशन के ऐलान के बाद कन्नौज की सियासत में हलचल बढ़ने की संभावना है। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित जांच एजेंसियां संगठन की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती हैं।1
- Post by Abhishek Maurya1
- Title: Drain Excavation in ISBL Plant Area | Pipe Rack Ke Paas Excavation Kaise Hota Hai? | Real Construction Site 📝 Description: आज के इस वीडियो में आप देखेंगे कि ISBL Plant Area में Pipe Rack के पास Drain Excavation का काम कैसे किया जाता है। इस वीडियो में मैं आपको Excavation की वास्तविक प्रक्रिया, उपयोग होने वाली मशीनें और Site पर अपनाई जाने वाली Excavation Technique दिखाऊँगा। आप जानेंगे: ✔️ Pipe Rack के पास Excavation कैसे किया जाता है। ✔️ Excavation के लिए कौन-सी मशीन (Excavator/JCB) का उपयोग होता है। ✔️ Drain Excavation की सही Technique क्या होती है। ✔️ Excavation के दौरान Safety Precautions क्यों ज़रूरी हैं। ✔️ Industrial Plant में Excavation करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है। अगर आप Civil Engineering, Construction Site Work, Industrial Projects, L&T Projects या Site Execution सीखना चाहते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए काफी उपयोगी रहेगा। वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें, Like करें, Comment करें और ऐसे ही Real Construction Site Videos देखने के लिए चैनल को Subscribe करना न भूलें। #DrainExcavation #ISBL #PipeRack #Excavation #CivilEngineering #ConstructionSite #Excavator #IndustrialConstruction #SiteEngineer #LNT #EngineeringLife1
- आलमपुर-खखरा तिलुइयाँ मार्ग बदहाल, गड्ढों में तब्दील सड़क से राहगीर परेशान संडीला (हरदोई)। संडीला क्षेत्र के आलमपुर से खखरा तिलुइयाँ मार्ग की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आए दिन बड़े वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं, जबकि छोटी गाड़ियों का निचला हिस्सा सड़क से टकरा जाता है। कई बार ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति के बावजूद जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। उधर, नगर के इम्लियाबाग से सेंट थेरेसा स्कूल बाईपास मार्ग बंद होने और चक्कर रोड पर नाला निर्माण कार्य चलने से भी लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वैकल्पिक मार्ग भी खराब होने के कारण व्यापारियों, स्कूली बच्चों और आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को रोजाना लंबा और कठिन सफर तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता गांव-गांव पहुंचकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद समस्याओं की सुध लेने तक नहीं आते। उनका कहना है कि यदि जिला प्रशासन जल्द इस समस्या पर ध्यान नहीं देता है तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से आलमपुर-खखरा तिलुइयाँ मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने तथा वैकल्पिक मार्गों को सुचारु बनाने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1