अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के विकास खण्ड हैरिंग्टनगंज की ग्राम पंचायत रेवना में नवनिर्मित ग्रामीण स्टेडियम का वरिष्ठ अधिकारी के.के. सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेल परिसर में उपलब्ध सुविधाओं, चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, के.के. सिंह ने स्टेडियम परिसर को अधिक आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराने का निर्देश दिया, ताकि हरियाली बढ़े और खिलाड़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि खेल मैदान केवल खेल गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला स्थल भी होना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी दी कि खिलाड़ियों और ग्रामीण युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी कार्य में लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। के.के. सिंह ने खेल परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी समय रहते दुरुस्त करने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का पालन करते हुए शेष कार्य शीघ्र ही पूरे कर लिए जाएंगे। इस विकास से प्रसन्न ग्रामीणों ने भी स्टेडियम के विकास को क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद लाभकारी बताया।
अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के विकास खण्ड हैरिंग्टनगंज की ग्राम पंचायत रेवना में नवनिर्मित ग्रामीण स्टेडियम का वरिष्ठ अधिकारी के.के. सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेल परिसर में उपलब्ध सुविधाओं, चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, के.के. सिंह ने स्टेडियम परिसर को अधिक आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराने का निर्देश दिया, ताकि हरियाली बढ़े और खिलाड़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि खेल मैदान केवल खेल गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला स्थल भी होना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी दी कि खिलाड़ियों और ग्रामीण युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी कार्य में लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। के.के. सिंह ने खेल परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी समय रहते दुरुस्त करने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का पालन करते हुए शेष कार्य शीघ्र ही पूरे कर लिए जाएंगे। इस विकास से प्रसन्न ग्रामीणों ने भी स्टेडियम के विकास को क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद लाभकारी बताया।
- अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के विकास खण्ड हैरिंग्टनगंज की ग्राम पंचायत रेवना में नवनिर्मित ग्रामीण स्टेडियम का वरिष्ठ अधिकारी के.के. सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेल परिसर में उपलब्ध सुविधाओं, चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, के.के. सिंह ने स्टेडियम परिसर को अधिक आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराने का निर्देश दिया, ताकि हरियाली बढ़े और खिलाड़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि खेल मैदान केवल खेल गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला स्थल भी होना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी दी कि खिलाड़ियों और ग्रामीण युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी कार्य में लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। के.के. सिंह ने खेल परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी समय रहते दुरुस्त करने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का पालन करते हुए शेष कार्य शीघ्र ही पूरे कर लिए जाएंगे। इस विकास से प्रसन्न ग्रामीणों ने भी स्टेडियम के विकास को क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद लाभकारी बताया।1
- अयोध्या के हैदरगंज बीकापुर क्षेत्र में एक पीड़ित जमीनी विवाद को लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित का आरोप है कि उसने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तहरीर दिए जाने के बावजूद संबंधित मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने अधिकारियों से जल्द न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।1
- अयोध्या में अवैध बालू खनन धड़ल्ले से जारी है, जिससे खनन विभाग पर निष्क्रियता और “कुंभकरण की नींद” में होने का गंभीर आरोप लग रहा है। आरोप है कि रात होते ही खनन विभाग सो जाता है और खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं। रिहायशी इलाकों से गुजरते अवैध खनन में लिप्त डंफर की गर्जना से आम लोग सहम जाते हैं। रात के समय शहर के हर कोने और चौराहों से ये डंफर तेज रफ्तार से गरजते हुए निकलते हैं। जानकारी के लिए जब खनन अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, तो उनका फोन नहीं उठता। यहां तक कि अयोध्या में आए नए खनन अधिकारी पत्रकारों तक का फोन उठाना सही नहीं समझते। न तो खनन विभाग और न ही कोई अन्य जिम्मेदार यह बताने को तैयार है कि अवैध बालू कहाँ से खोदी जा रही है और कहाँ ले जाई जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर वंदे मातरम फाउंडेशन की टीम ने जल्द ही अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात करने और खनन अधिकारी तथा अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है।1
- एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम और राम मंदिर को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये लुटेरे राम के मंदिर और दरबार से लूट ले गए, जिसमें चांदी और सोना भी शामिल था, लेकिन भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए। मौर्य ने पूछा कि जो भगवान अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह लोगों का भला या उनकी रक्षा कैसे कर सकता है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है। उनके इस बयान को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस छिड़ गई है, हालांकि, संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर सिंधी समाज ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो के माध्यम से समाज ने बताया है कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें भेंट की थीं। सिंधी समाज अब यह सवाल उठा रहा है कि ये दान की गई ईंटें इस समय कहाँ हैं और इनका प्रयोग कहाँ किया गया है। समाज के प्रतिनिधि इन चांदी की ईंटों के बारे में विस्तृत जानकारी की मांग कर रहे हैं और इनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की अपील कर रहे हैं। समाज की ओर से जारी यह वीडियो, जिसमें 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों का उल्लेख है, वायरल हो गया है।2
- पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो वे आम लोगों का भला क्या कर सकते हैं। मौर्य ने यह भी सवाल उठाया कि जो अपने मंदिर की ही रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी रक्षा क्या करेगा।1
- निर्जला एकादशी के अवसर पर गोण्डा स्थित श्याम मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा।4
- अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र स्थित पारा ताजपुर गांव के पूरे शादी का पुरवा निवासी रामचंद्र यादव की पुत्री सुधा यादव (32 वर्ष) को बुधवार शाम उस समय एक सर्प ने डस लिया, जब वह अपने घर के सामने लगी सब्जी की क्यारी से बैंगन तोड़ रही थीं। यह घटना शाम करीब 6:30 बजे हुई, जब सर्प ने महिला के बाएं पैर के पंजे में काट लिया। सर्पदंश से घबराकर सुधा चीखने लगीं। सुधा की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही, परिजनों ने बिना कोई समय गंवाए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैरिंग्टनगंज पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. विवेक गुप्ता ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया और महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा। घटना की जानकारी पूरे गांव में फैलते ही हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचकर सुधा के स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे। प्रारंभिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने सुधा की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस संबंध में डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि सर्पदंश के मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने पुष्टि की कि महिला को आवश्यक उपचार देने के बाद, उनकी हालत को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज किया जाएगा। इस घटना के बाद से सुधा के परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीण उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।1