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कोरिया जिले के बैकुंठपुर के भांदरपारा में पुलिस ने गांजा तस्करी करते हुए एक व्यक्ति को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से गांजे को जब्त भी किया है। जिले में नशे का कारोबार बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए यह कहा गया है कि पुलिस को इसी तरह काम करते हुए नशा करने वालों और नशा बेचने वालों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए।

3 hrs ago
user_Imtiyaj ansari
Imtiyaj ansari
Taxi Driver बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago

कोरिया जिले के बैकुंठपुर के भांदरपारा में पुलिस ने गांजा तस्करी करते हुए एक व्यक्ति को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से गांजे को जब्त भी किया है। जिले में नशे का कारोबार बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए यह कहा गया है कि पुलिस को इसी तरह काम करते हुए नशा करने वालों और नशा बेचने वालों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • अंबिकापुर शहर के व्यस्त गांधी चौक पर ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रुकते ही महिलाओं द्वारा छोटे बच्चों के साथ भीख मांगने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। कई वाहन चालकों ने बताया है कि सिग्नल पर गाड़ी रुकते ही उनके शीशे और दरवाजों पर दस्तक देकर पैसे मांगे जाते हैं, जिससे उन्हें असहजता महसूस होती है और यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने इस मामले में यह जानने की आवश्यकता जताई है कि ये लोग कहाँ से आते हैं, बच्चों के साथ भीख मांगने की यह स्थिति क्यों पैदा हो रही है, और क्या इसके पीछे कोई सामाजिक या संगठित कारण है। इन सभी पहलुओं पर संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष जाँच की मांग की गई है। जनहित में यह आवश्यक बताया गया है कि जिला प्रशासन, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग संयुक्त रूप से इस मामले की गहन जाँच करें। यदि कोई परिवार आर्थिक संकट में है, तो उसे सरकारी योजनाओं और पुनर्वास से जोड़ा जाए; और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। गांधी चौक जैसे प्रमुख चौराहे पर यातायात व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, और स्थानीय नागरिकों ने इस विषय पर शीघ्र ध्यान दिए जाने की पुरजोर मांग की है।
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    अंबिकापुर शहर के व्यस्त गांधी चौक पर ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रुकते ही महिलाओं द्वारा छोटे बच्चों के साथ भीख मांगने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। कई वाहन चालकों ने बताया है कि सिग्नल पर गाड़ी रुकते ही उनके शीशे और दरवाजों पर दस्तक देकर पैसे मांगे जाते हैं, जिससे उन्हें असहजता महसूस होती है और यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने इस मामले में यह जानने की आवश्यकता जताई है कि ये लोग कहाँ से आते हैं, बच्चों के साथ भीख मांगने की यह स्थिति क्यों पैदा हो रही है, और क्या इसके पीछे कोई सामाजिक या संगठित कारण है। इन सभी पहलुओं पर संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष जाँच की मांग की गई है।

जनहित में यह आवश्यक बताया गया है कि जिला प्रशासन, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग संयुक्त रूप से इस मामले की गहन जाँच करें। यदि कोई परिवार आर्थिक संकट में है, तो उसे सरकारी योजनाओं और पुनर्वास से जोड़ा जाए; और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। गांधी चौक जैसे प्रमुख चौराहे पर यातायात व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, और स्थानीय नागरिकों ने इस विषय पर शीघ्र ध्यान दिए जाने की पुरजोर मांग की है।
    user_Guru Reality Show
    Guru Reality Show
    पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • थाना गोलबाजार क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट नाईट्रोसन-10 की बिक्री करने की फिराक में घूम रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग ₹1,50,000 मूल्य की कुल 300 नग नाईट्रोसन-10 टेबलेट्स, ₹400 नगद और 02 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद असपाक (25, कबीर नगर, रायपुर), शिवम ढीमर (22, मंगल बाजार, रायपुर) और तुषार ढीमर (20, कुरूद, धमतरी) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई 4 जुलाई 2026 को थाना गोलबाजार क्षेत्रांतर्गत दाई कोरा भवन के सामने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट रखे होने और उनकी बिक्री की सूचना मिलने के बाद की गई। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एंड साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गोलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। पुलिस टीम को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके बैग से प्रतिबंधित नाईट्रोसन-10 टेबलेट्स बरामद की गईं। पूछने पर आरोपियों के पास इन टेबलेट्स को रखने और बेचने संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले और वे लगातार टीम को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। तीनों के खिलाफ थाना गोलबाजार में अपराध क्रमांक 105/26 धारा 22(ख) नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है, ताकि इस मामले में 'एंड-टू-एंड' कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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    थाना गोलबाजार क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट नाईट्रोसन-10 की बिक्री करने की फिराक में घूम रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग ₹1,50,000 मूल्य की कुल 300 नग नाईट्रोसन-10 टेबलेट्स, ₹400 नगद और 02 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद असपाक (25, कबीर नगर, रायपुर), शिवम ढीमर (22, मंगल बाजार, रायपुर) और तुषार ढीमर (20, कुरूद, धमतरी) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई 4 जुलाई 2026 को थाना गोलबाजार क्षेत्रांतर्गत दाई कोरा भवन के सामने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट रखे होने और उनकी बिक्री की सूचना मिलने के बाद की गई। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एंड साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गोलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।

पुलिस टीम को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके बैग से प्रतिबंधित नाईट्रोसन-10 टेबलेट्स बरामद की गईं। पूछने पर आरोपियों के पास इन टेबलेट्स को रखने और बेचने संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले और वे लगातार टीम को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। तीनों के खिलाफ थाना गोलबाजार में अपराध क्रमांक 105/26 धारा 22(ख) नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है, ताकि इस मामले में 'एंड-टू-एंड' कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
    user_Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    पत्रकार पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • चिरमिरी में नगर निगम की नियोजन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पहले तो चेकर टाइल्स बिछाए गए और अब उन्हीं स्थानों पर पाइपलाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नगर निगम चिरमिरी की प्लानिंग पर बड़े प्रश्नचिन्ह लगाए जा रहे हैं।
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    चिरमिरी में नगर निगम की नियोजन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पहले तो चेकर टाइल्स बिछाए गए और अब उन्हीं स्थानों पर पाइपलाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नगर निगम चिरमिरी की प्लानिंग पर बड़े प्रश्नचिन्ह लगाए जा रहे हैं।
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कथित नकली मंगलसूत्र वितरण के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा की शिकायत को जिला प्रशासन की जांच में प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। जिला कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की है और संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक द्वारा इस मामले को 'निराधार' बताकर जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सौरव मिश्रा ने 18 जून 2026 को जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत कर 10 फरवरी 2026 को विकासखंड खड़गवां के चनवारीडांड स्थित महामाया मंदिर परिसर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में वितरित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में बताया गया था कि योजना के तहत 184 जोड़ों का विवाह कराया गया था, लेकिन बाद में कई नवविवाहित महिलाओं ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें चांदी के नाम पर निम्न गुणवत्ता के मंगलसूत्र दिए गए। इसे शासन की महत्वाकांक्षी योजना में संभावित वित्तीय अनियमितता, शासकीय धन के दुरुपयोग और नवविवाहित महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया। लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले को निराधार बताया था, दावा किया था कि योजना में कोई अनियमितता नहीं हुई और सोशल मीडिया के आरोप तथ्यहीन हैं। अब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जांच जारी रहते हुए विभाग ने किस आधार पर पहले ही मामले को क्लीन चिट दे दी। 19 जून 2026 को कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक को भेजे पत्र में स्पष्ट लिखा कि 'जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है', और जांच प्रतिवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 92 लाख रुपये का आवंटन मिला था, जिसमें प्रत्येक हितग्राही के लिए 50 हजार रुपये निर्धारित थे। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में और शेष राशि विवाह आयोजन व उपहार सामग्री पर खर्च होनी थी, जिसमें प्रति जोड़े 7 हजार रुपये का प्रावधान था और चांदी का मंगलसूत्र भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला स्तरीय क्रय समिति ने स्पष्ट रूप से चांदी का मंगलसूत्र खरीदने और GeM पोर्टल से प्राथमिकता देने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा समिति की अनुशंसाओं के विपरीत सीमित निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। जांच में पाया गया कि कोटेशन प्राप्त करने, क्रय समिति से अनुमोदन लेने, सामग्री का भौतिक सत्यापन कराने और भुगतान से पूर्व आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति लेने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। यह भी सामने आया कि गुणवत्ता संबंधी शिकायत के बाद संबंधित फर्म के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र एक हजार रुपये की कटौती कर कुल 1 लाख 84 हजार रुपये हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए, जिसके बाद फर्म को लगभग 12.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि शिकायत निराधार थी, तो भुगतान में कटौती कर राशि लौटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला कि जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने क्रय समिति की अनुशंसाओं की अवहेलना की, चांदी के स्थान पर अन्य प्रकार के मंगलसूत्र वितरित किए और खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। समिति ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। सौरव मिश्रा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री पूनम सिंह, पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रूमा चटर्जी, पार्षद किरण कुजूर, पूर्व पार्षद हमीदा खातून और पूर्व महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने और विभाग द्वारा पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसे गरीब बेटियों के सम्मान, शासन की विश्वसनीयता और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
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    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कथित नकली मंगलसूत्र वितरण के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा की शिकायत को जिला प्रशासन की जांच में प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। जिला कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की है और संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक द्वारा इस मामले को 'निराधार' बताकर जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सौरव मिश्रा ने 18 जून 2026 को जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत कर 10 फरवरी 2026 को विकासखंड खड़गवां के चनवारीडांड स्थित महामाया मंदिर परिसर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में वितरित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में बताया गया था कि योजना के तहत 184 जोड़ों का विवाह कराया गया था, लेकिन बाद में कई नवविवाहित महिलाओं ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें चांदी के नाम पर निम्न गुणवत्ता के मंगलसूत्र दिए गए। इसे शासन की महत्वाकांक्षी योजना में संभावित वित्तीय अनियमितता, शासकीय धन के दुरुपयोग और नवविवाहित महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया। लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले को निराधार बताया था, दावा किया था कि योजना में कोई अनियमितता नहीं हुई और सोशल मीडिया के आरोप तथ्यहीन हैं। अब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जांच जारी रहते हुए विभाग ने किस आधार पर पहले ही मामले को क्लीन चिट दे दी। 19 जून 2026 को कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक को भेजे पत्र में स्पष्ट लिखा कि 'जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है', और जांच प्रतिवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 92 लाख रुपये का आवंटन मिला था, जिसमें प्रत्येक हितग्राही के लिए 50 हजार रुपये निर्धारित थे। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में और शेष राशि विवाह आयोजन व उपहार सामग्री पर खर्च होनी थी, जिसमें प्रति जोड़े 7 हजार रुपये का प्रावधान था और चांदी का मंगलसूत्र भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला स्तरीय क्रय समिति ने स्पष्ट रूप से चांदी का मंगलसूत्र खरीदने और GeM पोर्टल से प्राथमिकता देने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा समिति की अनुशंसाओं के विपरीत सीमित निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। जांच में पाया गया कि कोटेशन प्राप्त करने, क्रय समिति से अनुमोदन लेने, सामग्री का भौतिक सत्यापन कराने और भुगतान से पूर्व आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति लेने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। यह भी सामने आया कि गुणवत्ता संबंधी शिकायत के बाद संबंधित फर्म के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र एक हजार रुपये की कटौती कर कुल 1 लाख 84 हजार रुपये हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए, जिसके बाद फर्म को लगभग 12.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि शिकायत निराधार थी, तो भुगतान में कटौती कर राशि लौटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला कि जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने क्रय समिति की अनुशंसाओं की अवहेलना की, चांदी के स्थान पर अन्य प्रकार के मंगलसूत्र वितरित किए और खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। समिति ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। सौरव मिश्रा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री पूनम सिंह, पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रूमा चटर्जी, पार्षद किरण कुजूर, पूर्व पार्षद हमीदा खातून और पूर्व महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने और विभाग द्वारा पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसे गरीब बेटियों के सम्मान, शासन की विश्वसनीयता और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
    user_M.D. KASIM
    M.D. KASIM
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • आज दिन का पहला रेसक्यू सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। सांप से संबंधित किसी भी समस्या के लिए लोग 9993932032 पर संपर्क कर सकते हैं।
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    आज दिन का पहला रेसक्यू सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। सांप से संबंधित किसी भी समस्या के लिए लोग 9993932032 पर संपर्क कर सकते हैं।
    user_भारत बाबा जी
    भारत बाबा जी
    Video Creator कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कोरिया जिले के झुमका के पास एक पूरी फैक्ट्री स्थापित करने की बात हुई थी, लेकिन यह परियोजना अभी तक अधूरी पड़ी हुई है। विशेष रूप से, इस स्थान पर एक बर्फ फैक्ट्री बनाने की योजना बनाई गई थी, जो आज तक अधूरी ही पड़ी है।
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    कोरिया जिले के झुमका के पास एक पूरी फैक्ट्री स्थापित करने की बात हुई थी, लेकिन यह परियोजना अभी तक अधूरी पड़ी हुई है। विशेष रूप से, इस स्थान पर एक बर्फ फैक्ट्री बनाने की योजना बनाई गई थी, जो आज तक अधूरी ही पड़ी है।
    user_Imtiyaj ansari
    Imtiyaj ansari
    Taxi Driver बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
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