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@ मनदीप मन्निया संसद आनंद भदोरिया जी ने क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया है लखीमपुर में

2 hrs ago
user_Mandeep Singh
Mandeep Singh
Farmer पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

@ मनदीप मन्निया संसद आनंद भदोरिया जी ने क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया है लखीमपुर में

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  • चंद्रशेखर आजाद की बड़ी शपथ: "UP में शराब नहीं बिकेगी! #hamraup #viralvideo #shorts चंद्रशेखर आजाद की बड़ी शपथ: "UP में शराब नहीं बिकेगी! #hamraup #viralvideo #shorts #breakingnews #lakhimpurkheri #@#groundreport #systemfail #accidentnews #justiceformanipur #pmmodi #mamatabanerjee उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है! चंद्रशेखर आजाद ने जनसभा को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर उनकी ताकत बढ़ती है, तो UP में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी। क्या यह फैसला यूपी की दिशा और दशा बदल देगा? क्या मां-बहनों के आंसू पोंछने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है? इस वीडियो में देखिए चंद्रशेखर का वो पूरा भाषण जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। #ChandrashekharAzad #UPPolitics #LiquidBan #SocialJustice #AzadSamajParty #YogiAdityanath #UPNews #BreakingNewsUP #NashaMuktUP #ViralVideoIndia #PublicOpinion #PoliticalRevolution #GroundReporting #UPGovernment #DeshKiAwaz #UttarPradeshCastePolitics #TrendingNews2026 @BhimArmy__BEM @MrBeast @MrBeast2 @SamajwadiPartyOfficial @aajtak @dhruvrathee @ZeeNews @myogiadityanath @rahulgandhi @IndianNationalCongress ​
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    चंद्रशेखर आजाद की बड़ी शपथ: "UP में शराब नहीं बिकेगी! #hamraup #viralvideo #shorts
चंद्रशेखर आजाद की बड़ी शपथ: "UP में शराब नहीं बिकेगी! #hamraup #viralvideo #shorts #breakingnews #lakhimpurkheri #@#groundreport #systemfail #accidentnews #justiceformanipur #pmmodi #mamatabanerjee उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है! चंद्रशेखर आजाद ने जनसभा को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर उनकी ताकत बढ़ती है, तो UP में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी। क्या यह फैसला यूपी की दिशा और दशा बदल देगा? क्या मां-बहनों के आंसू पोंछने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है? इस वीडियो में देखिए चंद्रशेखर का वो पूरा भाषण जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। #ChandrashekharAzad #UPPolitics #LiquidBan #SocialJustice #AzadSamajParty #YogiAdityanath #UPNews #BreakingNewsUP #NashaMuktUP #ViralVideoIndia #PublicOpinion #PoliticalRevolution #GroundReporting #UPGovernment #DeshKiAwaz #UttarPradeshCastePolitics #TrendingNews2026  @BhimArmy__BEM   @MrBeast   @MrBeast2   @SamajwadiPartyOfficial   @aajtak   @dhruvrathee   @ZeeNews   @myogiadityanath   @rahulgandhi   @IndianNationalCongress ​
    user_Hamra up
    Hamra up
    पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    11 min ago
  • @मनदीप जनता की भीड़ में मनानी संसद राहुल गांधी जी सबसे हाथ मिलाया और फोटो खिंचवैये वीडियो दिल्ली संसद भवन के बाहर का है
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    @मनदीप जनता की भीड़ में मनानी संसद राहुल गांधी जी सबसे हाथ मिलाया और फोटो खिंचवैये वीडियो दिल्ली संसद भवन के बाहर का है
    user_Mandeep Singh
    Mandeep Singh
    Farmer पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    12 min ago
  • लखनऊ से आईं पर्यटक मिताली तिवारी को हुए टाइगर और गैंडे के दीदार,दुधवा दुधवा के जंगलों की है खास बात पलिया खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों लगातार बाघ(बंगाल टाइगर) और एक सींग वाले गैंडे के दीदार हो रहे हैं जिसको लेकर लगातार पर्यटकों की आवाजाही दुधवा में बनी हुई है । यही वजह है कि अब दुधवा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है । वही एक बार फिर दुधवा में सफारी के लिए लखनऊ आईं पर्यटक मिताली तिवारी और उनके साथियों के लिए यह सफर बेहद रोमांचक रहा। सफारी के दौरान उन्हें दुधवा के घने जंगलों में बाघ और एक सींग वाले दुर्लभ भारतीय गैंडे के दीदार हुए। बता दे गाइड राजू मिताली तिवारी व उनके साथियों को जंगल सफारी के लिए लेकर गए हुए थे जहां दुधवा के जंगलों में ही उन्हें एक ही सफारी के दौरान बाघ और गैंडे के दीदार हो गये । जिसको लेकर वह काफी खुश नजर आए और उन्होंने गाइड राजू की भी इन रोमांचक पलों का एहसास करवाने के लिए आभार व्यक्त किया है । दुधवा की प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों की प्रचुरता से प्रभावित होकर मिताली तिवारी ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित नेशनल पार्क घूमे हैं, लेकिन दुधवा के जंगलों की जो बात है और यहाँ जिस सहजता से वन्य जीव अपने प्राकृतिक वास में दिखाई देते हैं, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं मिला।पार्क प्रशासन के अनुसार, इन दिनों मौसम अनुकूल होने और वन्य जीवों की सक्रियता बढ़ने से पर्यटकों को बाघ और गैंडे आसानी से दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुधवा आने वाले सैलानियों में खासा उत्साह है।
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    लखनऊ से आईं पर्यटक मिताली तिवारी को हुए टाइगर और गैंडे के दीदार,दुधवा दुधवा के जंगलों की है खास बात
पलिया खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों लगातार बाघ(बंगाल टाइगर) और एक सींग वाले गैंडे के दीदार हो रहे हैं जिसको लेकर लगातार पर्यटकों की आवाजाही दुधवा में बनी हुई है । यही वजह है कि अब दुधवा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है ।
वही एक बार फिर दुधवा में सफारी के लिए लखनऊ आईं पर्यटक मिताली तिवारी और उनके साथियों के लिए यह सफर बेहद रोमांचक रहा। सफारी के दौरान उन्हें दुधवा के घने जंगलों में बाघ और एक सींग वाले दुर्लभ भारतीय गैंडे के दीदार हुए।
बता दे गाइड राजू मिताली तिवारी व उनके साथियों को जंगल सफारी के लिए लेकर गए हुए थे जहां दुधवा के जंगलों में ही उन्हें एक ही सफारी के दौरान बाघ और गैंडे के दीदार हो गये । जिसको लेकर वह काफी खुश नजर आए और उन्होंने गाइड राजू की भी इन रोमांचक पलों का एहसास करवाने के लिए आभार व्यक्त किया है ।
दुधवा की प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों की प्रचुरता से प्रभावित होकर मिताली तिवारी ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित नेशनल पार्क घूमे हैं, लेकिन दुधवा के जंगलों की जो बात है और यहाँ जिस सहजता से वन्य जीव अपने प्राकृतिक वास में दिखाई देते हैं, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं मिला।पार्क प्रशासन के अनुसार, इन दिनों मौसम अनुकूल होने और वन्य जीवों की सक्रियता बढ़ने से पर्यटकों को बाघ और गैंडे आसानी से दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुधवा आने वाले सैलानियों में खासा उत्साह है।
    user_Mo Daud
    Mo Daud
    Local News Reporter पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • लखनऊ से आईं पर्यटक मिताली तिवारी को हुए टाइगर और गैंडे के दीदार,दुधवा दुधवा के जंगलों की है खास बात पलिया खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों लगातार बाघ(बंगाल टाइगर) और एक सींग वाले गैंडे के दीदार हो रहे हैं जिसको लेकर लगातार पर्यटकों की आवाजाही दुधवा में बनी हुई है । यही वजह है कि अब दुधवा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है । वही एक बार फिर दुधवा में सफारी के लिए लखनऊ आईं पर्यटक मिताली तिवारी और उनके साथियों के लिए यह सफर बेहद रोमांचक रहा। सफारी के दौरान उन्हें दुधवा के घने जंगलों में बाघ और एक सींग वाले दुर्लभ भारतीय गैंडे के दीदार हुए। बता दे गाइड राजू मिताली तिवारी व उनके साथियों को जंगल सफारी के लिए लेकर गए हुए थे जहां दुधवा के जंगलों में ही उन्हें एक ही सफारी के दौरान बाघ और गैंडे के दीदार हो गये । जिसको लेकर वह काफी खुश नजर आए और उन्होंने गाइड राजू की भी इन रोमांचक पलों का एहसास करवाने के लिए आभार व्यक्त किया है । दुधवा की प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों की प्रचुरता से प्रभावित होकर मिताली तिवारी ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित नेशनल पार्क घूमे हैं, लेकिन दुधवा के जंगलों की जो बात है और यहाँ जिस सहजता से वन्य जीव अपने प्राकृतिक वास में दिखाई देते हैं, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं मिला।पार्क प्रशासन के अनुसार, इन दिनों मौसम अनुकूल होने और वन्य जीवों की सक्रियता बढ़ने से पर्यटकों को बाघ और गैंडे आसानी से दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुधवा आने वाले सैलानियों में खासा उत्साह है।
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    लखनऊ से आईं पर्यटक मिताली तिवारी को हुए टाइगर और गैंडे के दीदार,दुधवा दुधवा के जंगलों की है खास बात
पलिया खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों लगातार बाघ(बंगाल टाइगर) और एक सींग वाले गैंडे के दीदार हो रहे हैं जिसको लेकर लगातार पर्यटकों की आवाजाही दुधवा में बनी हुई है । यही वजह है कि अब दुधवा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है ।
वही एक बार फिर दुधवा में सफारी के लिए लखनऊ आईं पर्यटक मिताली तिवारी और उनके साथियों के लिए यह सफर बेहद रोमांचक रहा। सफारी के दौरान उन्हें दुधवा के घने जंगलों में बाघ और एक सींग वाले दुर्लभ भारतीय गैंडे के दीदार हुए।
बता दे गाइड राजू मिताली तिवारी व उनके साथियों को जंगल सफारी के लिए लेकर गए हुए थे जहां दुधवा के जंगलों में ही उन्हें एक ही सफारी के दौरान बाघ और गैंडे के दीदार हो गये । जिसको लेकर वह काफी खुश नजर आए और उन्होंने गाइड राजू की भी इन रोमांचक पलों का एहसास करवाने के लिए आभार व्यक्त किया है ।
दुधवा की प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों की प्रचुरता से प्रभावित होकर मिताली तिवारी ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित नेशनल पार्क घूमे हैं, लेकिन दुधवा के जंगलों की जो बात है और यहाँ जिस सहजता से वन्य जीव अपने प्राकृतिक वास में दिखाई देते हैं, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं मिला।पार्क प्रशासन के अनुसार, इन दिनों मौसम अनुकूल होने और वन्य जीवों की सक्रियता बढ़ने से पर्यटकों को बाघ और गैंडे आसानी से दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुधवा आने वाले सैलानियों में खासा उत्साह है।
    user_FH.NEWS
    FH.NEWS
    Classified ads newspaper publisher पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के भीरा थाने में पुलिस पर राजनीतिक दबाव के चलते दो युवकों को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। मारपीट की घटना में दोनों पक्षों के चोटिल होने के बावजूद, पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए एक ऐसे व्यक्ति को भी नहीं बख्शा जिस पर कोई आरोप नहीं था। युवकों ने गंभीर चोटों और पुलिस के दुर्व्यवहार का दावा किया है, जबकि थाना प्रभारी इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं।
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    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के भीरा थाने में पुलिस पर राजनीतिक दबाव के चलते दो युवकों को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। मारपीट की घटना में दोनों पक्षों के चोटिल होने के बावजूद, पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए एक ऐसे व्यक्ति को भी नहीं बख्शा जिस पर कोई आरोप नहीं था। युवकों ने गंभीर चोटों और पुलिस के दुर्व्यवहार का दावा किया है, जबकि थाना प्रभारी इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं।
    user_Aman kumar gupta
    Aman kumar gupta
    पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • *​निघासन: भू-माफियाओं के दुस्साहस से सहमा इलाका; अवैध कब्जा हटा तो अधिवक्ता के घर बोला धावा, दी जिंदा फूंकने की धमकी ​खेती-किसानी के लिए सुरक्षित जमीन बचाने की कोशिश पड़ी महंगी, न्याय के रक्षक पर ही तलवारें लेकर चढ़े दबंग* *​निघासन खीरी प्रशासन का बुल्डोजर जब अवैध कब्जों पर चलता है, तो उसकी गूँज दूर तक जाती है, लेकिन निघासन के सेमरापुरवा (लुधौरी) में इस कार्रवाई की प्रतिक्रिया खौफनाक रही। गाँव के खलिहान और नवीन परती की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की शिकायत करना एक दलित अधिवक्ता के लिए जान की आफत बन गया। आरोप है कि राजस्व विभाग की कार्रवाई से बौखलाए दबंगों ने अधिवक्ता के घर में घुसकर न केवल तांडव किया, बल्कि पूरे परिवार को जिंदा फूंकने की चेतावनी तक दे डाली। ​शिकायत बनी हमले की वजह क्षेत्र के पीड़ित अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम पुत्र लक्ष्मन गौतम ने कोतवाली निघासन में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने बीते 07 मई को जिलाधिकारी खीरी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के खलिहान और नवीन परती की भूमि से भू-माफियाओं का अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। पीड़ित के अनुसार, शासन के निर्देश पर 09 मई को जब राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा हटवाया गया, तो विपक्षी आगबबूला हो गए। ​धारदार हथियारों के साथ घर में घुसे दबंग तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई के तुरंत बाद विपक्षीगण अवधबिहारी पुत्र बांके, सोमित पुत्र अवधबिहारी, अवधेश पुत्र बैजनाथ, राम गोपाल व मनोज पुत्रगण बाबूराम, राजेश पुत्र रामगोपाल, अमित व चुन्ना उर्फ धर्मेन्द्र पुत्र पैकरमा व पैकरमा पुत्र बांके लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर अधिवक्ता के घर में घुस आए। ​जातिसूचक गालियां और जानलेवा धमकी पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसते ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और कहा कि "इस साले ने हमारे खिलाफ शिकायत की है, आज इसे जान से मार दो।" आरोप है कि हमलावरों ने घर फूंकने और परिवार को उजाड़ने की धमकी दी। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जमा हुए, तो आरोपी यह कहते हुए भाग निकले कि "आज तो बच गए हो, लेकिन किसी दिन अकेले पाकर काम तमाम कर देंगे।" ​कानूनी शिकंजा: लग सकती हैं गंभीर धाराएं पीड़ित अधिवक्ता ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की धाराएं लगनी तय मानी जा रही हैं: ​BNS 191(2) व 333: घातक हथियार से दंगा और घर में घुसकर हमला। ​BNS 351(3): जान से मारने की धमकी (7 साल तक की सजा का प्रावधान)। ​SC/ST Act 3(1)(r)(s): जातिगत अपमान और प्रताड़ना। ​पुलिस का पक्ष मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निघासन का कहना है कि अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम की तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ​नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा कोतवाली में दी गई लिखित तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपी पक्ष का बयान आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक न्यायालय से सिद्ध न हो जाए। *​निघासन: भू-माफियाओं के दुस्साहस से सहमा इलाका; अवैध कब्जा हटा तो अधिवक्ता के घर बोला धावा, दी जिंदा फूंकने की धमकी ​खेती-किसानी के लिए सुरक्षित जमीन बचाने की कोशिश पड़ी महंगी, न्याय के रक्षक पर ही तलवारें लेकर चढ़े दबंग* रमाकांत दीक्षित पत्रकार *​निघासन खीरी (आर.के.जाटव)* प्रशासन का बुल्डोजर जब अवैध कब्जों पर चलता है, तो उसकी गूँज दूर तक जाती है, लेकिन निघासन के सेमरापुरवा (लुधौरी) में इस कार्रवाई की प्रतिक्रिया खौफनाक रही। गाँव के खलिहान और नवीन परती की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की शिकायत करना एक दलित अधिवक्ता के लिए जान की आफत बन गया। आरोप है कि राजस्व विभाग की कार्रवाई से बौखलाए दबंगों ने अधिवक्ता के घर में घुसकर न केवल तांडव किया, बल्कि पूरे परिवार को जिंदा फूंकने की चेतावनी तक दे डाली। ​शिकायत बनी हमले की वजह क्षेत्र के पीड़ित अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम पुत्र लक्ष्मन गौतम ने कोतवाली निघासन में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने बीते 07 मई को जिलाधिकारी खीरी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के खलिहान और नवीन परती की भूमि से भू-माफियाओं का अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। पीड़ित के अनुसार, शासन के निर्देश पर 09 मई को जब राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा हटवाया गया, तो विपक्षी आगबबूला हो गए। ​धारदार हथियारों के साथ घर में घुसे दबंग तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई के तुरंत बाद विपक्षीगण अवधबिहारी पुत्र बांके, सोमित पुत्र अवधबिहारी, अवधेश पुत्र बैजनाथ, राम गोपाल व मनोज पुत्रगण बाबूराम, राजेश पुत्र रामगोपाल, अमित व चुन्ना उर्फ धर्मेन्द्र पुत्र पैकरमा व पैकरमा पुत्र बांके लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर अधिवक्ता के घर में घुस आए। ​जातिसूचक गालियां और जानलेवा धमकी पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसते ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और कहा कि "इस साले ने हमारे खिलाफ शिकायत की है, आज इसे जान से मार दो।" आरोप है कि हमलावरों ने घर फूंकने और परिवार को उजाड़ने की धमकी दी। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जमा हुए, तो आरोपी यह कहते हुए भाग निकले कि "आज तो बच गए हो, लेकिन किसी दिन अकेले पाकर काम तमाम कर देंगे।" ​कानूनी शिकंजा: लग सकती हैं गंभीर धाराएं पीड़ित अधिवक्ता ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की धाराएं लगनी तय मानी जा रही हैं: ​BNS 191(2) व 333: घातक हथियार से दंगा और घर में घुसकर हमला। ​BNS 351(3): जान से मारने की धमकी (7 साल तक की सजा का प्रावधान)। ​SC/ST Act 3(1)(r)(s): जातिगत अपमान और प्रताड़ना। ​पुलिस का पक्ष मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निघासन का कहना है कि अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम की तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ​नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा कोतवाली में दी गई लिखित तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपी पक्ष का बयान आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक न्यायालय से सिद्ध न हो जाए।
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    *​निघासन: भू-माफियाओं के दुस्साहस से सहमा इलाका; अवैध कब्जा हटा तो अधिवक्ता के घर बोला धावा, दी जिंदा फूंकने की धमकी ​खेती-किसानी के लिए सुरक्षित जमीन बचाने की कोशिश पड़ी महंगी, न्याय के रक्षक पर ही तलवारें लेकर चढ़े दबंग*


*​निघासन खीरी 
प्रशासन का बुल्डोजर जब अवैध कब्जों पर चलता है, तो उसकी गूँज दूर तक जाती है, लेकिन निघासन के सेमरापुरवा (लुधौरी) में इस कार्रवाई की प्रतिक्रिया खौफनाक रही। गाँव के खलिहान और नवीन परती की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की शिकायत करना एक दलित अधिवक्ता के लिए जान की आफत बन गया। आरोप है कि राजस्व विभाग की कार्रवाई से बौखलाए दबंगों ने अधिवक्ता के घर में घुसकर न केवल तांडव किया, बल्कि पूरे परिवार को जिंदा फूंकने की चेतावनी तक दे डाली।
​शिकायत बनी हमले की वजह
क्षेत्र के पीड़ित अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम पुत्र लक्ष्मन गौतम ने कोतवाली निघासन में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने बीते 07 मई को जिलाधिकारी खीरी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के खलिहान और नवीन परती की भूमि से भू-माफियाओं का अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। पीड़ित के अनुसार, शासन के निर्देश पर 09 मई को जब राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा हटवाया गया, तो विपक्षी आगबबूला हो गए।
​धारदार हथियारों के साथ घर में घुसे दबंग
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई के तुरंत बाद विपक्षीगण अवधबिहारी पुत्र बांके, सोमित पुत्र अवधबिहारी, अवधेश पुत्र बैजनाथ, राम गोपाल व मनोज पुत्रगण बाबूराम, राजेश पुत्र रामगोपाल, अमित व चुन्ना उर्फ धर्मेन्द्र पुत्र पैकरमा व पैकरमा पुत्र बांके लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर अधिवक्ता के घर में घुस आए।
​जातिसूचक गालियां और जानलेवा धमकी
पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसते ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और कहा कि "इस साले ने हमारे खिलाफ शिकायत की है, आज इसे जान से मार दो।" आरोप है कि हमलावरों ने घर फूंकने और परिवार को उजाड़ने की धमकी दी। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जमा हुए, तो आरोपी यह कहते हुए भाग निकले कि "आज तो बच गए हो, लेकिन किसी दिन अकेले पाकर काम तमाम कर देंगे।"
​कानूनी शिकंजा: लग सकती हैं गंभीर धाराएं
पीड़ित अधिवक्ता ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की धाराएं लगनी तय मानी जा रही हैं:
​BNS 191(2) व 333: घातक हथियार से दंगा और घर में घुसकर हमला।
​BNS 351(3): जान से मारने की धमकी (7 साल तक की सजा का प्रावधान)।
​SC/ST Act 3(1)(r)(s): जातिगत अपमान और प्रताड़ना।
​पुलिस का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निघासन का कहना है कि अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम की तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
​नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा कोतवाली में दी गई लिखित तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपी पक्ष का बयान आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक न्यायालय से सिद्ध न हो जाए।
*​निघासन: भू-माफियाओं के दुस्साहस से सहमा इलाका; अवैध कब्जा हटा तो अधिवक्ता के घर बोला धावा, दी जिंदा फूंकने की धमकी ​खेती-किसानी के लिए सुरक्षित जमीन बचाने की कोशिश पड़ी महंगी, न्याय के रक्षक पर ही तलवारें लेकर चढ़े दबंग*
रमाकांत दीक्षित पत्रकार 
*​निघासन खीरी (आर.के.जाटव)*
प्रशासन का बुल्डोजर जब अवैध कब्जों पर चलता है, तो उसकी गूँज दूर तक जाती है, लेकिन निघासन के सेमरापुरवा (लुधौरी) में इस कार्रवाई की प्रतिक्रिया खौफनाक रही। गाँव के खलिहान और नवीन परती की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की शिकायत करना एक दलित अधिवक्ता के लिए जान की आफत बन गया। आरोप है कि राजस्व विभाग की कार्रवाई से बौखलाए दबंगों ने अधिवक्ता के घर में घुसकर न केवल तांडव किया, बल्कि पूरे परिवार को जिंदा फूंकने की चेतावनी तक दे डाली।
​शिकायत बनी हमले की वजह
क्षेत्र के पीड़ित अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम पुत्र लक्ष्मन गौतम ने कोतवाली निघासन में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने बीते 07 मई को जिलाधिकारी खीरी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के खलिहान और नवीन परती की भूमि से भू-माफियाओं का अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। पीड़ित के अनुसार, शासन के निर्देश पर 09 मई को जब राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा हटवाया गया, तो विपक्षी आगबबूला हो गए।
​धारदार हथियारों के साथ घर में घुसे दबंग
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई के तुरंत बाद विपक्षीगण अवधबिहारी पुत्र बांके, सोमित पुत्र अवधबिहारी, अवधेश पुत्र बैजनाथ, राम गोपाल व मनोज पुत्रगण बाबूराम, राजेश पुत्र रामगोपाल, अमित व चुन्ना उर्फ धर्मेन्द्र पुत्र पैकरमा व पैकरमा पुत्र बांके लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर अधिवक्ता के घर में घुस आए।
​जातिसूचक गालियां और जानलेवा धमकी
पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसते ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और कहा कि "इस साले ने हमारे खिलाफ शिकायत की है, आज इसे जान से मार दो।" आरोप है कि हमलावरों ने घर फूंकने और परिवार को उजाड़ने की धमकी दी। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जमा हुए, तो आरोपी यह कहते हुए भाग निकले कि "आज तो बच गए हो, लेकिन किसी दिन अकेले पाकर काम तमाम कर देंगे।"
​कानूनी शिकंजा: लग सकती हैं गंभीर धाराएं
पीड़ित अधिवक्ता ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की धाराएं लगनी तय मानी जा रही हैं:
​BNS 191(2) व 333: घातक हथियार से दंगा और घर में घुसकर हमला।
​BNS 351(3): जान से मारने की धमकी (7 साल तक की सजा का प्रावधान)।
​SC/ST Act 3(1)(r)(s): जातिगत अपमान और प्रताड़ना।
​पुलिस का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निघासन का कहना है कि अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम की तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
​नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा कोतवाली में दी गई लिखित तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपी पक्ष का बयान आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक न्यायालय से सिद्ध न हो जाए।
    user_उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी रम
    उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी रम
    निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by नामकरण सिंह उत्तर प्रदेश
    1
    Post by नामकरण सिंह उत्तर प्रदेश
    user_नामकरण सिंह उत्तर प्रदेश
    नामकरण सिंह उत्तर प्रदेश
    निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • @ मनदीप मन्निया संसद आनंद भदोरिया जी ने क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया है लखीमपुर में
    1
    @ मनदीप मन्निया संसद आनंद भदोरिया जी ने क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया है लखीमपुर में
    user_Mandeep Singh
    Mandeep Singh
    Farmer पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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