बाराबंकी की नवाबगंज तहसील अंतर्गत ग्राम मजीठा में स्थित प्रसिद्ध श्री नाग देवता मजीठा धाम में आगामी श्रावण मास और नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों का जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर, मेला स्थल, पार्किंग व्यवस्था, आवागमन मार्ग, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्राधिकारी यातायात से मेले के दौरान प्रस्तावित रूट डायवर्जन, यातायात संचालन और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार करने, संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए समुचित कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल उपलब्धता और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर जॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी श्री आलोक पाठक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बाराबंकी की नवाबगंज तहसील अंतर्गत ग्राम मजीठा में स्थित प्रसिद्ध श्री नाग देवता मजीठा धाम में आगामी श्रावण मास और नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों का जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर, मेला स्थल, पार्किंग व्यवस्था, आवागमन मार्ग, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्राधिकारी यातायात से मेले के दौरान प्रस्तावित रूट डायवर्जन, यातायात संचालन और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार करने, संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए समुचित कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल उपलब्धता और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर जॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी श्री आलोक पाठक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- बाराबंकी की नवाबगंज तहसील अंतर्गत ग्राम मजीठा में स्थित प्रसिद्ध श्री नाग देवता मजीठा धाम में आगामी श्रावण मास और नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों का जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर, मेला स्थल, पार्किंग व्यवस्था, आवागमन मार्ग, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्राधिकारी यातायात से मेले के दौरान प्रस्तावित रूट डायवर्जन, यातायात संचालन और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार करने, संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए समुचित कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल उपलब्धता और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर जॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी श्री आलोक पाठक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- बाराबंकी की तहसील नवाबगंज अन्तर्गत ग्राम मजीठा स्थित प्रसिद्ध श्री नाग देवता मजीठा धाम में आगामी श्रावण मास एवं नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर, मेला स्थल, पार्किंग व्यवस्था, आवागमन मार्ग, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक प्रबंध समय से पूरे कर लिए जाएं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्राधिकारी यातायात से प्रस्तावित रूट डायवर्जन, यातायात संचालन और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी ली। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, प्रभावी ट्रैफिक प्लान बनाने, बैरिकेडिंग, सुव्यवस्थित पार्किंग और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही साफ-सफाई, पेयजल उपलब्धता और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इस मौके पर जॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नवाबगंज गुंजिता अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी आलोक पाठक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- बाराबंकी के सिरौली गौसपुर स्थित केवलपुर गांव में सड़क की बदहाली और जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे गांव में इंटरलॉकिंग और विकास का काम कराया जा रहा है, लेकिन उनके मोहल्ले में खरंजा तक नहीं बिछाया गया है। रास्ते पर खरंजा न होने के कारण लगातार पानी भरा रहता है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। सड़क की इस बदतर हालत और उपेक्षा से त्रस्त ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आहत ग्रामीणों ने अपना दर्द और गुस्सा जाहिर करते हुए पूछा है कि क्या वे इंसान नहीं हैं और क्या उन्होंने प्रधान को अपना समर्थन या वोट नहीं दिया था, जो उनके मोहल्ले के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। गांव के इस बदहाल रास्ते का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी है।1
- भीम आर्मी के गोंडा जिला अध्यक्ष शिवम बेलसर और जिला मीडिया प्रचारक तुलसी पासवान ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शनिवार को बाराबंकी में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने अंबेडकर छात्रावास से पटेल चौराहे तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के सवालों का जवाब देने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो इस आंदोलन को बड़े शहरों से लेकर गांव-गांव तक और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में सभी प्रदर्शनकारी रवाना हो गए।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में यूरिया खाद के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है।1
- बाराबंकी के सोता कब्रिस्तान से करीब 40 दिन पहले दफनाए गए 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर कब्र से बाहर निकाला गया है। नायब तहसीलदार सदर (देवा) और थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय की मौजूदगी में यह प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद शव को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर लखनऊ भेज दिया गया। मामले के अनुसार, लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हुआ था, जिसकी गुमशुदगी 17 जून 2026 को दर्ज कराई गई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसे पहचान न होने का हवाला देकर बाराबंकी पुलिस ने 19 जून 2026 को सोता कब्रिस्तान में दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की और हत्या का केस दर्ज कराया। इस मामले में नामजद आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कब्र से शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि सैफ के हाथ पर स्पष्ट रूप से नाम लिखे होने के बावजूद पुलिस ने पहचान करने या गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान करने की कोशिश नहीं की और उसे लावारिस बताकर दफना दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कार्य देखने वाले सिपाही नितेश पाल पर आदेश के बाद भी दो दिन तक फाइल दबाए रखने और देरी करने के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि अज्ञात शव की फोटो सार्वजनिक न किए जाने से उन्हें भारी पीड़ा सहनी पड़ी और अब वे इस लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मिलकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हैदरगढ़ क्षेत्र के बम्हरौली गांव में एक विवाहिता नर्गिस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और हत्या कर शव को फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है। मां की मौत के बाद मृतका के डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे इकरार के सिर से ममता का साया उठ गया है। शहाबपुर निवासी मृतका की मां उम्मतुल ने मसौली थाने में पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री नर्गिस की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व बम्हरौली निवासी अफजाल के साथ हुई थी। आरोप है कि 24 जुलाई की शाम करीब चार बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनकी पुत्री ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पाकर जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो घर से ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। मृतका की मां ने ससुर कल्लू, पति अफजाल, देवर रिजवान, रेशमा और मोसिमा पर आरोप लगाया कि ये सभी दहेज के लिए नर्गिस को प्रताड़ित करते थे और सभी ने मिलकर साजिश के तहत उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया। शनिवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने मृतका के शव को उसके मायके शहाबपुर स्थित कब्रिस्तान में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। मृतका की मां ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।4