रील, रिश्वत और लूट का कथित अड्डा बना दक्ष इंटरनेशनल? निर्माणाधीन हाईवे पर फिर दिखी जोखिम में बच्चों की जान, वायरल वीडियो ने सिस्टम पर खड़े किए फिर बड़े सवाल, विद्यालय में अनुशासन या अराजकता?गंभीर आरोपों में शामिल हैं बड़े सवाल, पहले भी उठ चुके सवाल पर सवाल, फीस, किताब, ड्रेस और कथित ठगी का आरोप, प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल, स्कूल प्रबंधन के रसूख पर सवाल, जनता की मांग है कि विद्यालय की मान्यता की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हो शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। शाहाबाद क्षेत्र में निजी स्कूलों की मनमानी, फीस लूट, ड्रेस-किताब सिंडीकेट और शिक्षा व्यवस्था की कथित अव्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक बार फिर दक्ष इंटरनेशनल स्कूल मनमानी, तमाशाही, धनउगाही और बच्चों की असुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चाओं के केंद्र में आ खड़ा हुआ है। ताजा मामला उस समय सामने आया जब निर्माणाधीन हाईवे पर स्कूल जाते समय विद्यालय वाहन से पहुंचकर रोंके गए बच्चों को सड़क किनारे रील बनाने में दिलचस्पी लेते देखा गया। स्थानीय मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों के साथ रील बनबाते दिखे बच्चों की चर्चा आम हुई है। बताया गया है कि स्कूल वाहन चालक ने लोगों के इशारे पर स्वयं वाहन रोककर बच्चों के साथ वीडियो बनवाई, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।वीडियो वायरल होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर नए सिरे से गंभीर प्रश्न खड़े हो गए। विद्यालय में अनुशासन या अराजकता? शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में न तो अनुशासन का प्रभावी ढांचा है, न शिक्षा का अपेक्षित स्तर, न छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्था परन्तु बड़ा नाम सुनकर अभिभावक विद्यालय प्रबंध तंत्र के चंगुल में फँस गए तो फँस गए। हालांकि अब बहुत से अभिभावक इस बहुचर्चित विद्यालय में बच्चों का दाखिला कराकर काफी पछता रहे हैं। गंभीर आरोपों में शामिल हैं बड़े सवाल शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। स्कूल परिसर में मोबाइल पर प्रतिबंध का अभाव, छात्रों की गतिविधियों की कमजोर निगरानी, स्कूल से सड़क तक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न, छात्र-छात्राओं के बीच हिंसक झगड़ों की पूर्व घटनाएं और वायरल मारपीट और खूनी संघर्ष के वीडियो और अभिभावकों द्वारा पूर्व में कोतवाली तक शिकायतें दक्ष इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधतंत्र के बड़बोलेपन की पोल खुलेआम खोल रही है, फिर भी खासकर खंड शिक्षा अधिकारी की इस स्कूल पर बिशेष कृपा चर्चा का बिषय बनी है। पहले भी उठ चुके बड़े सवाल, शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। नागरिकों के अनुसार, इससे पूर्व भी विद्यालय के छात्रों के बीच आपसी मारपीट, हिंसा और अव्यवस्था के वीडियो वायरल हो चुके हैं। कई मामलों में अभिभावकों ने लहूलुहान बच्चों के साथ न्याय की मांग करते हुए कोतवाली से लेकर पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कथित तौर पर कोई कठोर और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई। फीस, किताब, ड्रेस और कथित ठगी का आरोप शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। विद्यालय पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि महंगी किताबें व ड्रेस खरीदने का दबाव है, अतिरिक्त “किट”, “एक्टिविटी” और “अपडेट” शुल्क, शिक्षा की गुणवत्ता के अनुपात में अत्यधिक फीस मान्यता और संचालन संबंधी अभिलेखों पर अस्पष्टता बताई गई है। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। लोकसभा और राज्यसभा तक निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा उठने तथा जिलाधिकारी को ज्ञापन दिए जाने और जिले के एक स्कूल का मामला काफी तूल पकड़ जाने के बावजूद शाहाबाद क्षेत्र की स्थिति में ठोस बदलाव न दिखाई देने से स्थानीय जनता में निजी स्कूलों सहित अधिकारियों के प्रति रोष है। आरोप यह भी हैं कि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी भी प्रभावशाली स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार और संरक्षणवाद की चर्चाओं को बल मिल रहा है। स्कूल प्रबंधन के रसूख पर सवाल शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या गंभीर छात्र सुरक्षा संकट का इंतजार कर रहा है? और विचारणीय प्रश्न कि जब निर्माणाधीन हाईवे पर बच्चों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तब अभिभावकों की चिंता क्या स्वाभाविक नहीं है किन्तु विद्यालय का रसूख इतना कि कोई जाँच एवं कार्यवाई के लिए तैयार नहीं बल्कि संरक्षण देने में महती भूमिका निभाने की आम चर्चा है। आखिर इसीलिए एक बार फिर जनता की मांग है कि विद्यालय की मान्यता की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हो, फीस, ड्रेस, किताब खरीद प्रणाली की जांच हो, छात्र सुरक्षा मानकों की समीक्षा हो, परिवहन व्यवस्था की जांच हो, वायरल घटनाओं की जवाबदेही तय हो, दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए। कुल मिलाकर यदि शिक्षा मंदिर माने जाने वाले संस्थानों पर अनुशासनहीनता, आर्थिक शोषण और सुरक्षा लापरवाही जैसे आरोप लगातार लग रहे हों, तो यह केवल एक स्कूल का मुद्दा नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर प्रश्न है और सम्बंधित मन्त्री की मिलीभगत या फिर शिथिलता प्रथमदृश्यट्या सिद्ध है। अब देखना यह है कि शाहाबाद में उठती यह आवाज प्रशासनिक फाइलों में दबती है या वास्तव में छात्रों के भविष्य और सुरक्षा के लिए कोई निर्णायक कदम उठाया जाता है और दक्ष इंटरनेशनल स्कूल की गहन जाँच पड़ताल होती है या नहीं। अब रही बात खंड शिक्षा अधिकारी की तो उनके बहाने पर बहाने पहले भी सामने आ चुके हैं और अब एक बार फिर उन्होंने जाँच एवं कार्यवाही की बात पर बल दिया।
रील, रिश्वत और लूट का कथित अड्डा बना दक्ष इंटरनेशनल? निर्माणाधीन हाईवे पर फिर दिखी जोखिम में बच्चों की जान, वायरल वीडियो ने सिस्टम पर खड़े किए फिर बड़े सवाल, विद्यालय में अनुशासन या अराजकता?गंभीर आरोपों में शामिल हैं बड़े सवाल, पहले भी उठ चुके सवाल पर सवाल, फीस, किताब, ड्रेस और कथित ठगी का आरोप, प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल, स्कूल प्रबंधन के रसूख पर सवाल, जनता की मांग है कि विद्यालय की मान्यता की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हो शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। शाहाबाद क्षेत्र में निजी स्कूलों की मनमानी, फीस लूट, ड्रेस-किताब सिंडीकेट और शिक्षा व्यवस्था की कथित अव्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक बार फिर दक्ष इंटरनेशनल स्कूल मनमानी, तमाशाही, धनउगाही और बच्चों की असुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चाओं के केंद्र में आ खड़ा हुआ है। ताजा मामला उस समय सामने आया जब निर्माणाधीन हाईवे पर स्कूल जाते समय विद्यालय वाहन से पहुंचकर रोंके गए बच्चों को सड़क किनारे रील बनाने में दिलचस्पी लेते देखा गया। स्थानीय मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों के साथ रील बनबाते दिखे बच्चों की चर्चा आम हुई है। बताया गया है कि स्कूल वाहन चालक ने लोगों के इशारे पर स्वयं वाहन रोककर बच्चों के साथ वीडियो बनवाई, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।वीडियो वायरल होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर नए सिरे से गंभीर प्रश्न खड़े हो गए। विद्यालय में अनुशासन या अराजकता? शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में न तो अनुशासन का प्रभावी ढांचा है, न शिक्षा का अपेक्षित स्तर, न छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्था परन्तु बड़ा नाम सुनकर अभिभावक विद्यालय प्रबंध तंत्र के चंगुल में फँस गए तो फँस
गए। हालांकि अब बहुत से अभिभावक इस बहुचर्चित विद्यालय में बच्चों का दाखिला कराकर काफी पछता रहे हैं। गंभीर आरोपों में शामिल हैं बड़े सवाल शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। स्कूल परिसर में मोबाइल पर प्रतिबंध का अभाव, छात्रों की गतिविधियों की कमजोर निगरानी, स्कूल से सड़क तक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न, छात्र-छात्राओं के बीच हिंसक झगड़ों की पूर्व घटनाएं और वायरल मारपीट और खूनी संघर्ष के वीडियो और अभिभावकों द्वारा पूर्व में कोतवाली तक शिकायतें दक्ष इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधतंत्र के बड़बोलेपन की पोल खुलेआम खोल रही है, फिर भी खासकर खंड शिक्षा अधिकारी की इस स्कूल पर बिशेष कृपा चर्चा का बिषय बनी है। पहले भी उठ चुके बड़े सवाल, शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। नागरिकों के अनुसार, इससे पूर्व भी विद्यालय के छात्रों के बीच आपसी मारपीट, हिंसा और अव्यवस्था के वीडियो वायरल हो चुके हैं। कई मामलों में अभिभावकों ने लहूलुहान बच्चों के साथ न्याय की मांग करते हुए कोतवाली से लेकर पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कथित तौर पर कोई कठोर और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई। फीस, किताब, ड्रेस और कथित ठगी का आरोप शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। विद्यालय पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि महंगी किताबें व ड्रेस खरीदने का दबाव है, अतिरिक्त “किट”, “एक्टिविटी” और “अपडेट” शुल्क, शिक्षा की गुणवत्ता के अनुपात में अत्यधिक फीस मान्यता और संचालन संबंधी अभिलेखों पर अस्पष्टता बताई गई है। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। लोकसभा और राज्यसभा तक निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा उठने तथा जिलाधिकारी को ज्ञापन दिए जाने और जिले के एक स्कूल का मामला काफी तूल पकड़ जाने के बावजूद शाहाबाद क्षेत्र की स्थिति में ठोस बदलाव न दिखाई देने से स्थानीय जनता में निजी स्कूलों सहित अधिकारियों के प्रति रोष है। आरोप यह भी
हैं कि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी भी प्रभावशाली स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार और संरक्षणवाद की चर्चाओं को बल मिल रहा है। स्कूल प्रबंधन के रसूख पर सवाल शाहाबाद (हरदोई) 5 मई। क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या गंभीर छात्र सुरक्षा संकट का इंतजार कर रहा है? और विचारणीय प्रश्न कि जब निर्माणाधीन हाईवे पर बच्चों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तब अभिभावकों की चिंता क्या स्वाभाविक नहीं है किन्तु विद्यालय का रसूख इतना कि कोई जाँच एवं कार्यवाई के लिए तैयार नहीं बल्कि संरक्षण देने में महती भूमिका निभाने की आम चर्चा है। आखिर इसीलिए एक बार फिर जनता की मांग है कि विद्यालय की मान्यता की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हो, फीस, ड्रेस, किताब खरीद प्रणाली की जांच हो, छात्र सुरक्षा मानकों की समीक्षा हो, परिवहन व्यवस्था की जांच हो, वायरल घटनाओं की जवाबदेही तय हो, दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए। कुल मिलाकर यदि शिक्षा मंदिर माने जाने वाले संस्थानों पर अनुशासनहीनता, आर्थिक शोषण और सुरक्षा लापरवाही जैसे आरोप लगातार लग रहे हों, तो यह केवल एक स्कूल का मुद्दा नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर प्रश्न है और सम्बंधित मन्त्री की मिलीभगत या फिर शिथिलता प्रथमदृश्यट्या सिद्ध है। अब देखना यह है कि शाहाबाद में उठती यह आवाज प्रशासनिक फाइलों में दबती है या वास्तव में छात्रों के भविष्य और सुरक्षा के लिए कोई निर्णायक कदम उठाया जाता है और दक्ष इंटरनेशनल स्कूल की गहन जाँच पड़ताल होती है या नहीं। अब रही बात खंड शिक्षा अधिकारी की तो उनके बहाने पर बहाने पहले भी सामने आ चुके हैं और अब एक बार फिर उन्होंने जाँच एवं कार्यवाही की बात पर बल दिया।
- सण्डीला में इंसानियत शर्मसार, बेजुबान के साथ अधेड़ ने पार की दरिंदगी की सारी हदें,वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल....... हरदोई।संडीला में एक अधेड़ ने अपनी हवस का ऐसा 'नंगा नाच' नाचा कि देखने वालों की रूह कांप गई।एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ है, जिसने समाज के माथे पर कलंक लगा दिया है।वायरल वीडियो में एक अधेड़ शख्स एक बेजुबान कुतिया के साथ कुकर्म करता नजर आ रहा है। आरोपी की हैवानियत का आलम यह था कि वह अपनी अमानवीय हरकत में इतना मशगूल था कि उसे भनक तक नहीं लगी कि पास ही खड़ा कोई शख्स इस पूरी 'गंदी करतूत' को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर रहा है।जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया के गलियारों में पहुंचा, मानो आग लग गई। जिसने भी यह मंजर देखा, उसने 'दांतों तले उंगलियां दबा लीं'। लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और हर कोई इस 'दरिंदे' को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहा है।वीडियो का शोर जब पुलिस के गलियारों तक पहुंचा, तो संडीला पुलिस भी तत्काल हरकत में आ गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान की जा रही है और जल्द ही वह सलाखों के पीछे होगा।अब सवाल यह है कि आखिर समाज में ऐसी विकृत मानसिकता कहाँ से आ रही है, जो अब बेजुबानों को भी अपना शिकार बनाने से बाज नहीं आ रही? #Hardoi #Sandila #HardoiPolice #UPPolice #CrimeNews1
- हरदोई जनपद के बघौली थाना क्षेत्र के सुन्नी गांव में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। महिषासुर मर्दिनी माता के दरबार में भूतभावन भगवान भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना रहा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां हर-हर महादेव और जय मां दुर्गा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।2
- Post by Shiva Gautam1
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- बिलग्राम ड्रिप लगते ही बिगड़ी युवक की हालत, आयांश ऑर्थो अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप से मचा हड़कंप बिलग्राम (हरदोई)। बिलग्राम-नवादा मार्ग स्थित आयांश ऑर्थो अस्पताल में इलाज के दौरान बड़ी लापरवाही का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। एक युवक को साधारण उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन ड्रिप लगते ही उसकी हालत अचानक बिगड़ गई, जिससे परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित शादाब ने बताया कि वह अपने 18 वर्षीय पुत्र रिहान को हाथ की हड्डी बढ़ने की समस्या लेकर अस्पताल पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही और ड्रिप चढ़ाने को कहा। आरोप है कि एक कर्मचारी द्वारा ड्रिप लगाते ही रिहान को तेज बुखार, घबराहट और लगातार उल्टियां शुरू हो गईं। हालत बिगड़ते देख परिजन घबरा गए, लेकिन समय रहते समुचित इलाज नहीं मिल सका। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने जिम्मेदारी लेने के बजाय युवक को तुरंत हरदोई रेफर कर दिया। इससे उनकी पीड़ा और आक्रोश दोनों बढ़ गए। परिवार का कहना है कि अगर समय पर सही इलाज मिलता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। शादाब ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां योग्य और डिग्रीधारी डॉक्टरों का अभाव है, जबकि कुछ लोग खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। साथ ही ग्रामीण और कम जागरूक मरीजों से इलाज के नाम पर मनमाना पैसा वसूला जाता है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने पुलिस में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पुलिस की मदद से युवक को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है—क्या लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?1
- हरदोई मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के मटियामऊ गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 8 वर्षीय मासूम अबू सालेह का अपहरण कर हत्या कर दी गई। कई दिनों की तलाश के बाद मंगलवार दोपहर गांव के दक्षिण दिशा में स्थित एक मक्के के खेत से बच्चे का शव बरामद हुआ। घटना से पूरे इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, 1 मई की शाम करीब 7 बजे अबू सालेह घर के पास से ही अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। थक हारकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मंगलवार दोपहर गांव के बाहर मक्के के खेत में काम कर रहे लोगों को बच्चे का शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से मटियामऊ गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस ने समय रहते गंभीरता से कार्रवाई की होती तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी। घटना ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। सीओ मल्लावां ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हैं।4
- इश्क... इल्जाम... और मौत,साथ जीने की कसमें...थाने में FIR और खेत में फंदा....फिर एक ही फंदे पर क्यों झूल गई दो जिंदगियां?प्रेमी जोड़े की मौत से दहला हरदोई का बबुराई गांव!'सुसाइड ट्री' का खौफनाक सच! #HardoiNews #CrimeAlert #BreakingNews #UttarPradesh #CrimeStory #HardoiCrime #SuicideOrMurder #PoliceInvestigation #Shahabad #HardoiPolice #KushwahaCase #LoveStoryEnd #BaburaiVillage #UPCrimeNews1
- Post by Shiva Gautam1
- खाकी के रसूख में संगठन का अपमान! बिलग्राम कोतवाली के होमगार्ड पर अभद्रता और 'फर्जी' बताने का आरोप हरदोई (बिलग्राम): यूपी के हरदोई जिले की बिलग्राम कोतवाली एक बार फिर विवादों के घेरे में है। ताजा मामला 'हिंदू सुरक्षा सेवा संघ' के जिला प्रभारी के साथ हुई अभद्रता और संगठन को 'फर्जी' करार देने का है। आरोप है कि कोतवाली में तैनात एक होमगार्ड और कुछ पुलिसकर्मियों ने न केवल मर्यादा लांघी, बल्कि जिला प्रभारी को भद्दी गालियां देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के हीरापुर गांव निवासी सौभाग्य (पुत्र रमाकांत) का पुराना विवाद चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस उसे बार-बार सुलह करने के लिए दबाव बना रही है और ऐसा न करने पर "जान से मरवाने" की धमकी दी जा रही है। हद तो तब हो गई जब पीड़ित का मोबाइल छीनकर उसका डेटा डिलीट कर दिया गया। इस मामले में पीड़ित की मदद करने जब संगठन के जिला प्रभारी अनिल सक्सेना बिलग्राम कोतवाली पहुंचे, तो वहां तैनात होमगार्ड रामनरेश यादव ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। संगठन को बताया 'फर्जी', दी मां-बहन की गालियां सूत्रों के अनुसार, होमगार्ड रामनरेश यादव ने हिंदू सुरक्षा सेवा संघ को 'फर्जी' बताते हुए जिला प्रभारी को सरेआम अपमानित किया और मां-बहन की भद्दी गालियां दीं। इस घटना से संगठन के पदाधिकारियों में भारी आक्रोश है। जिला प्रभारी अनिल सक्सेना ने तुरंत इसकी सूचना अपने जिलाध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव को दी। कप्तान की चौखट पर न्याय की गुहार मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है और जिला प्रभारी को तत्काल पुलिस अधीक्षक (SP) हरदोई, अशोक कुमार मीणा से मुलाकात कर लिखित शिकायत देने का निर्देश दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग: संगठन ने एसपी से मांग की है कि अभद्र व्यवहार करने वाले और पीड़ित पर दबाव बनाने वाले निम्नलिखित कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई हो: रामनरेश यादव (होमगार्ड) विकास चौधरी (पुलिसकर्मी) नंदकिशोर (पुलिसकर्मी) अजीत तोमर (हेड कांस्टेबल) बड़ा सवाल: अब देखना यह है कि अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले कप्तान अशोक कुमार मीणा अपने मातहतों की इस गुंडागर्दी पर क्या एक्शन लेते हैं? क्या संगठन और पीड़ित को न्याय मिलेगा या वर्दी के रसूख के नीचे मामला दबा दिया जाएगा? ब्यूरो रिपोर्ट:2