मैहर नगरपालिका की उदासीनता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जहाँ जिले के ओवरब्रिज को सब्जी मंडी में बदल दिया गया है। यह स्थिति बेहद घातक साबित हो सकती है और भविष्य में बड़े दुखद परिणाम ला सकती है, जिसके बाद केवल संवेदना ही व्यक्त की जा सकेगी। जानकारी के अनुसार, इस गंभीर समस्या को नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों तक बार-बार पहुँचाया गया, लेकिन उनकी हिटलरशाही के चलते जनहित की इस बात पर कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। सीएमओ साहब पर आरोप है कि उन्हें शहर की समस्याओं से कोई वास्ता नहीं रहा। इसी के साथ, जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की गई है, क्योंकि सभी दिनभर इस स्थिति को देखते हैं, लेकिन चुप्पी साधे हुए हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही पूरे शहर में, यहाँ तक कि जहाँ जिले के मुखिया रहते हैं, वहाँ भी सब्जी बिकवाई जाए, लेकिन ओवरब्रिज को बख्श दिया जाए। सीएमओ साहब के इस मामले में चुप्पी साधे रहने पर, लेखक ने संकल्प लिया है कि जब तक ब्रिज में सब्जी बेचना बंद नहीं हो जाता, तब तक इस मुद्दे को प्रतिदिन उठाया जाएगा।
मैहर नगरपालिका की उदासीनता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जहाँ जिले के ओवरब्रिज को सब्जी मंडी में बदल दिया गया है। यह स्थिति बेहद घातक साबित हो सकती है और भविष्य में बड़े दुखद परिणाम ला सकती है, जिसके बाद केवल संवेदना ही व्यक्त की जा सकेगी। जानकारी के अनुसार, इस गंभीर समस्या को नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों तक बार-बार पहुँचाया गया, लेकिन उनकी हिटलरशाही के चलते जनहित की इस बात पर कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। सीएमओ साहब पर आरोप है कि उन्हें शहर की समस्याओं से कोई वास्ता नहीं रहा। इसी के साथ, जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की गई है, क्योंकि सभी दिनभर इस स्थिति को देखते हैं, लेकिन चुप्पी साधे हुए हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही पूरे शहर में, यहाँ तक कि जहाँ जिले के मुखिया रहते हैं, वहाँ भी सब्जी बिकवाई जाए, लेकिन ओवरब्रिज को बख्श दिया जाए। सीएमओ साहब के इस मामले में चुप्पी साधे रहने पर, लेखक ने संकल्प लिया है कि जब तक ब्रिज में सब्जी बेचना बंद नहीं हो जाता, तब तक इस मुद्दे को प्रतिदिन उठाया जाएगा।
- कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम विलायत कला में नियमों का सरेआम उल्लंघन कर संचालित हो रही एक शासकीय शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित शराब दुकान विलायत कला के खमतरा तिराहे पर स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुकान के कारण नेशनल-स्टेट हाईवे पर आए दिन भारी जाम लगता है। उनका यह भी कहना है कि शराबियों की आवाजाही और अव्यवस्था के चलते इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। बढ़ती दुर्घटनाओं और क्षेत्र में फैल रही अशांति से परेशान होकर, सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। उन्होंने तहसीलदार को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक अधिकारी को क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया और शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर इस शराब दुकान को खमतरा तिराहे से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाने की अपील की। अब देखना यह होगा कि बड़वारा प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर सात दिनों के भीतर क्या कार्रवाई करता है।1
- मैहर नगर पालिका परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रिंस अग्रवाल ने शहर की स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सक्रियता दिखाते हुए रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक विशेष सफाई अभियान चलाया। यह कदम बीते दिन हुई सिर्फ आधे घंटे की बारिश के बाद रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में हुए गंभीर जलभराव के परिणामस्वरूप उठाया गया, जिससे यात्रियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए, सीएमओ प्रिंस अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लिया और आज स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उनके नेतृत्व में चले इस विशेष सफाई अभियान के कारण, आधे घंटे की बारिश के बाद उत्पन्न हुई जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान किया जा सका।3
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर संबंधित महिला के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग जोर पकड़ रही है। वायरल वीडियो में दिख रही महिला की पहचान दामिनी पटेल (भोली) के रूप में बताई जा रही है, जिसे अमिलकी का निवासी बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर रीवा शहर के कुछ थाना प्रभारियों से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर कहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला रीवा शहर की निवासी प्रतीत नहीं होती है। हालांकि, पुलिस द्वारा अभी तक वीडियो की सत्यता और संबंधित व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।1
- मैहर में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा जिला इकाई मैहर द्वारा कटनी रोड स्थित पटेल मैरिज गार्डन (चिलौध) में आयोजित "प्रतिभा-जननी सम्मान समारोह" शिक्षा, संस्कार और मातृशक्ति के सम्मान का एक ऐतिहासिक संगम बन गया। महासभा की राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह की अगुवाई में आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों लोगों की उपस्थिति ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। इस समारोह में सतना और मैहर जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के 1759 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वर्ष 2025-26 की 10वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए थे। कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इन बच्चों की सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माताओं को भी मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, जिससे यह आयोजन केवल प्रतिभा सम्मान तक सीमित न रहकर मातृशक्ति के सम्मान का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों, विशेषकर बेटियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी जैसे उच्च पदों पर पहुंचकर देश और समाज का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने माताओं से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि एवं महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने समारोह को ऐतिहासिक बताते हुए प्रतिभा और मातृशक्ति को एक साथ सम्मानित करने के इस प्रयास को समाज के लिए अनुकरणीय बताया, जो युवाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ समाज को नई दिशा देता है। विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने छात्र-छात्राओं के साथ उनकी माताओं का सम्मान देखना अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया और डॉ. रश्मि सिंह की सोच और नेतृत्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। डॉ. पृथ्वीराज सिंह ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया, जबकि डीएसपी वर्षा पटेल ने स्वागत भाषण देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। समारोह में प्रो. चंदन सिंह, विकास सिंह और ए.के.एस. विश्वविद्यालय मैहर के सेंटर हेड राजू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण, उच्च शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किया, जो कार्यक्रम का एक अतिरिक्त आकर्षण रहा। इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से समाज के राष्ट्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी, जिनमें गिरिधर कुमायूं, चंद्रभूषण सिंह वर्मा, डॉ. हेम कुमारी कर्मी, प्रतिपाल पटेल, कुंवर सिंह, मान सिंह, अखिलेश सिंह भरहुत, अयोध्या सिंह, कोदलाल सिंह और जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह सलैया प्रमुख थे, उपस्थित रहे। इसके अलावा, दवाई सारथी पद्मचंद जैन सहित क्षेत्र के अनेक समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों, जैसे बबलू सिंह सोनवारी, वीरेंद्र सिंह मगरौरा, रामकलेश सिंह बरेठी, राघवेंद्र कुमार मिश्रा, रामचरण सिंह, सूर्यकांत त्रिपाठी, चंद्रभान तिवारी, शशांक पटेल, प्रदीप पटेल, बलिराम सिंह, चंद्रभान सिंह, मान सिंह पिथौराबाद, संतोष सिंह, शिवानंद सिंह, मोहन सिंह, अमन प्रताप सिंह, पुष्पेंद्र सिंह और उदयभान सिंह की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया। शिक्षा, संस्कार और नारी सम्मान के संदेश से परिपूर्ण इस ऐतिहासिक आयोजन का समापन सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, माताओं और समाजबंधुओं के लिए भव्य प्रीतिभोज के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने इसे मातृशक्ति के सम्मान और शिक्षा के प्रसार की दिशा में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज बताया।4
- उमेश चौधरी ने नगर पालिका अध्यक्ष से एक सीधा सवाल पूछा है।1
- मैहर नगरपालिका की उदासीनता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जहाँ जिले के ओवरब्रिज को सब्जी मंडी में बदल दिया गया है। यह स्थिति बेहद घातक साबित हो सकती है और भविष्य में बड़े दुखद परिणाम ला सकती है, जिसके बाद केवल संवेदना ही व्यक्त की जा सकेगी। जानकारी के अनुसार, इस गंभीर समस्या को नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों तक बार-बार पहुँचाया गया, लेकिन उनकी हिटलरशाही के चलते जनहित की इस बात पर कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। सीएमओ साहब पर आरोप है कि उन्हें शहर की समस्याओं से कोई वास्ता नहीं रहा। इसी के साथ, जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की गई है, क्योंकि सभी दिनभर इस स्थिति को देखते हैं, लेकिन चुप्पी साधे हुए हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही पूरे शहर में, यहाँ तक कि जहाँ जिले के मुखिया रहते हैं, वहाँ भी सब्जी बिकवाई जाए, लेकिन ओवरब्रिज को बख्श दिया जाए। सीएमओ साहब के इस मामले में चुप्पी साधे रहने पर, लेखक ने संकल्प लिया है कि जब तक ब्रिज में सब्जी बेचना बंद नहीं हो जाता, तब तक इस मुद्दे को प्रतिदिन उठाया जाएगा।1
- सतना जिले में महापौर योगेश ताम्रकार ने एक बयान दिया है, जिसमें शिव सिंह राजपूत दहिया का जिक्र है।1
- मैहर में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में एक भव्य 'प्रतिभा-जननी सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में, पत्रकार अनिल कुशवाहा (ब्यूरो, मैहर) को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। महासभा की राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह ने उन्हें सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रेरणादायी तस्वीर, स्मृति-चिह्न स्वरूप एक घड़ी और एक सम्मान-पटिका भेंट कर अभिनंदन किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद, पत्रकार अनिल कुशवाहा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए मात्र एक पुरस्कार नहीं, बल्कि समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों को और अधिक जिम्मेदारी व निष्पक्षता के साथ उठाने की प्रेरणा है। उन्होंने इस सम्मान के लिए डॉ. रश्मि सिंह, आयोजन समिति तथा उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कुशवाहा ने आगे कहा कि यह सम्मान व्यक्ति की उपलब्धियों से बढ़कर उसके निरंतर प्रयास, समर्पण और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान का प्रतीक है, जो भविष्य में उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए नई ऊर्जा व प्रेरणा प्रदान करेगा।3
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले में 'खनन माफिया' और 'प्रशासनिक साठगांठ' का एक खौफनाक खेल सामने आया है, जो सरकार को करोड़ों का चूना लगाने के साथ ही इंसानी जिंदगियों को भी मौत के कुएं में धकेल रहा है। अमरपाटन तहसील के अमझर धोशडा गांव में लेटराइट खदान की आड़ में लीज की सीमा से बाहर अंधाधुंध अवैध उत्खनन किया जा रहा है। चंद रुपयों का लालच देकर गरीब आदिवासियों और किसानों की उपजाऊ जमीन को 'मौत के घाट' में बदल दिया गया है, जबकि रसूखदारों की मोटी रकम के आगे जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे हुए हैं। इस अवैध खनन से जमीन पूरी तरह छलनी हो चुकी है, पर्यावरण दम तोड़ रहा है और नियम-कानूनों को खदान के गहरे गड्ढों में दफन कर दिया गया है। माइनिंग माफिया लीज की बाउंड्री लांघकर पूरे इलाके को खोदने में जुटा है, जिससे हरिजन-आदिवासियों की जमीनों पर इतने गहरे गड्ढे हो गए हैं कि दोबारा खेती करना असंभव हो गया है। आरोप है कि हलका पटवारी की मिलीभगत से वन संपदा को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिसमें कीमती सागौन के पेड़ों को जड़ समेत खोदकर फेंका गया है। इसके अलावा, दिन-रात दौड़ने वाले ओवरलोडेड भारी ट्रकों और ट्रेलरों ने गांव की सड़कों को मलबे में बदल दिया है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं और चौबीसों घंटे उड़ने वाली धूल से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, जिससे सांस की गंभीर बीमारियां पनप रही हैं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने इस महा-घोटाले और अवैध उत्खनन पर तुरंत संज्ञान नहीं लिया, तो आने वाले समय में यहाँ केवल तबाही का मंजर दिखाई देगा। अब यह देखना बाकी है कि मैहर कलेक्टर और खनिज विभाग इस गड़बड़झाले पर माइनिंग माफिया और भ्रष्ट पटवारी के खिलाफ कब कार्रवाई करते हैं।1