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महोबा जिले के थाना महोबकंठ क्षेत्र के दुलारा गांव में एक कथित शराब पार्टी के बाद हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद के दौरान दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने का मामला सामने आया है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कई लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं की जा सकी है। घटना के संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान या किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। यदि वीडियो और घटना की पुष्टि होती है, तो पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर सकती है।
Nitendra Jha
महोबा जिले के थाना महोबकंठ क्षेत्र के दुलारा गांव में एक कथित शराब पार्टी के बाद हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद के दौरान दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने का मामला सामने आया है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कई लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं की जा सकी है। घटना के संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान या किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। यदि वीडियो और घटना की पुष्टि होती है, तो पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर सकती है।
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- महोबा के पनवाड़ी में सामने आई एक तस्वीर ने स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। यह तस्वीर सीधे तौर पर प्रशासन की उदासीनता और अभियान के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैये की पोल खोलती है।1
- महोबा में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कचहरी के बाहर रोड जाम कर दिया और पुलिस विरोधी नारेबाजी की। यह प्रदर्शन एक अधिवक्ता के हमलावरों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में किया गया था, जिससे जिला बार एसोसिएशन भी भड़क गया। जाम की सूचना मिलते ही, सदर पुलिस क्षेत्राधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों को पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में बताया और उनसे जाम खोलने की अपील की।2
- महोबा जिले में कल शाम 6:00 बजे के बाद मौसम का हाल यह रहा कि किसी भी प्रकार की कड़ाके की बारिश दर्ज नहीं की गई।1
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- चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के 'महादेव और राम भरोसे' उतरने की बात कही जा रही है। इसी बीच, मंत्रीजी के पीठ पीछे दनादन ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। खबर यह भी है कि एक विधायक ने घूसखोरी से जुड़े मामले में सुलह करवाई है।1
- छतरपुर जिले के राजनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हल्का शिवराजपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दबंग भूमाफिया राजेंद्र सिंह यादव के संरक्षण में सुभाष चंद्र चौरसिया द्वारा अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्य बेखौफ जारी है। यह सब राजनगर तहसीलदार महोदय द्वारा खसरा नंबर 219/1/1 और 218/1/1, भियाताल रोड पर स्थित भूमि के लिए जारी किए गए स्थगन आदेश के बावजूद हो रहा है। यह मामला थाना बमीठा क्षेत्र से संबंधित है। उक्त भूमि, जो पूर्व में 2004 में मध्य प्रदेश शासन के नाम पर दर्ज थी, उसे कूटरचित दस्तावेज तैयार करके अपने नाम करा लिया गया है। यह पूरा मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है और इसमें तहसीलदार कोर्ट की भू राजस्व संहिता की धारा 151 का खुला उल्लंघन हो रहा है। नायब तहसीलदार सर्कल चंद्रनगर धीरज गौतम द्वारा 24 जून 2026 को स्थगन आदेश भी जारी किया गया था। इस धांधली में गरीब आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है, क्योंकि उन्हें शासकीय भूमि के प्लॉट बेचे जा रहे हैं, जो 'सावधान ग्राहक सिद्धांत' के विरुद्ध है। यह कृत्य शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुँचा रहा है। स्थगन आदेश का पालन कराने के लिए बमीठा थाने, चंद्रनगर चौकी और हल्का पटवारी को मौके पर अवैध निर्माण कार्य बंद कराने और प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, हल्का पटवारी शिवराजपुर के छुट्टी पर होने के कारण पटवारी प्रतिवेदन पेश नहीं हो पाया, जिसका फायदा उठाकर भूमाफिया धड़ल्ले से निर्माण कार्य कर रहे हैं और तहसील के तहसीलदार महोदय के आदेश का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। सरहदी किसानों ने इस मामले को लेकर तहसीलदार महोदय को लिखित आवेदन भी दिया है, लेकिन स्थगन आदेश का पालन नहीं कराया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस तरह से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद होते देख, यह कार्य प्रकृति के न्याय सिद्धांतों के विरुद्ध है और न्यायसंगत नहीं है। मीडिया के संज्ञान में यह मामला आने के बाद, अब यह देखना होगा कि जिले के ईमानदार कलेक्टर इस स्थगन आदेश के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई करते हैं।3
- बांदा शहर के पीली कोठी स्थित तुलसीलाज क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे तेज रफ्तार बोलेरो के बेलगाम कहर ने सड़कों पर बढ़ते यातायात अनुशासनहीनता और कानून के डर की कमी को उजागर किया। यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक भयावह तस्वीर है, जहाँ एक तेज रफ्तार बोलेरो ने पहले स्कूल जा रही एक महिला शिक्षक के रिक्शे को जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर से शिक्षिका गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। इसके बाद भी बेकाबू बोलेरो रुकी नहीं और आगे बढ़ते हुए एक दुकान का शटर तोड़कर भीतर जा घुसी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटनास्थल से बोलेरो के भीतर से शराब की बोतल मिलने की बात सामने आई है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक नशे की हालत में था, तो इसे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क पर खुलेआम मौत बांटने जैसा एक गंभीर आपराधिक कृत्य माना जाना चाहिए। नशे की हालत में गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति निर्दोष राहगीरों की जान के लिए खतरा बन जाता है। पुलिस ने मामले में चालक को हिरासत में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस घटना ने प्रशासन और कानून प्रवर्तन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वे हर हादसे के बाद ही जागेंगे और क्या उनकी सख्ती सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित रहेगी? या फिर ऐसे लापरवाह चालकों पर कोई ऐसी मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी, जिससे दूसरों को भी सबक मिले। यह समय केवल जांच करने का नहीं, बल्कि ऐसे लापरवाह लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का है, क्योंकि सड़कें रफ्तार दिखाने का मैदान नहीं हैं और यदि कानून का भय समाप्त हो जाएगा, तो सड़कों पर वाहन नहीं, बल्कि मौत खुलेआम दौड़ेगी।1
- महोबा जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले दुलारा गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला बताया जा रहा है।1