राजधानी दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके से सामने आई सच्चाई ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावों को सीधे तौर पर चुनौती दी है। नॉर्थ वेस्ट जिले की कमान एक महिला आईपीएस अधिकारी के हाथ में होने और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी एक महिला होने के बावजूद, यहाँ रेखा नाम की एक पीड़ित महिला की आवाज को लगातार दबाया जा रहा है। रेखा द्वारा बार-बार दरवाजे खटखटाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही और जिम्मेदारियों से भागने की कोशिश को दर्शाता है। इलाके में इस बात को लेकर काफी चर्चा और नाराजगी है कि जब सत्ता और सुरक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण कुर्सियों पर महिलाएं विराजमान हैं, तब भी एक आम महिला को न्याय के लिए तरसना पड़ रहा है। यह पूरा मामला अब सिर्फ रेखा की निजी शिकायत नहीं, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता के भरोसे की जंग बन चुका है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर से इस संवेदनशील मामले को महज एक साधारण फाइल न मानकर गंभीर चेतावनी के रूप में लेने की मांग की जा रही है, क्योंकि यदि समय रहते आंखें नहीं खुलीं तो यह खामोशी कल एक बड़े आक्रोश में तब्दील हो सकती है।
राजधानी दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके से सामने आई सच्चाई ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावों को सीधे तौर पर चुनौती दी है। नॉर्थ वेस्ट जिले की कमान एक महिला आईपीएस अधिकारी के हाथ में होने और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी एक महिला होने के बावजूद, यहाँ रेखा नाम की एक पीड़ित महिला की आवाज को लगातार दबाया जा रहा है। रेखा द्वारा बार-बार दरवाजे खटखटाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही और जिम्मेदारियों से भागने की कोशिश को दर्शाता है। इलाके में इस बात को लेकर काफी चर्चा और नाराजगी है कि जब सत्ता और सुरक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण कुर्सियों पर महिलाएं विराजमान हैं, तब भी एक आम महिला को न्याय के लिए तरसना पड़ रहा है। यह पूरा मामला अब सिर्फ रेखा की निजी शिकायत नहीं, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता के भरोसे की जंग बन चुका है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर से इस संवेदनशील मामले को महज एक साधारण फाइल न मानकर गंभीर चेतावनी के रूप में लेने की मांग की जा रही है, क्योंकि यदि समय रहते आंखें नहीं खुलीं तो यह खामोशी कल एक बड़े आक्रोश में तब्दील हो सकती है।
- राजधानी दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके से सामने आई सच्चाई ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावों को सीधे तौर पर चुनौती दी है। नॉर्थ वेस्ट जिले की कमान एक महिला आईपीएस अधिकारी के हाथ में होने और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी एक महिला होने के बावजूद, यहाँ रेखा नाम की एक पीड़ित महिला की आवाज को लगातार दबाया जा रहा है। रेखा द्वारा बार-बार दरवाजे खटखटाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही और जिम्मेदारियों से भागने की कोशिश को दर्शाता है। इलाके में इस बात को लेकर काफी चर्चा और नाराजगी है कि जब सत्ता और सुरक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण कुर्सियों पर महिलाएं विराजमान हैं, तब भी एक आम महिला को न्याय के लिए तरसना पड़ रहा है। यह पूरा मामला अब सिर्फ रेखा की निजी शिकायत नहीं, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता के भरोसे की जंग बन चुका है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर से इस संवेदनशील मामले को महज एक साधारण फाइल न मानकर गंभीर चेतावनी के रूप में लेने की मांग की जा रही है, क्योंकि यदि समय रहते आंखें नहीं खुलीं तो यह खामोशी कल एक बड़े आक्रोश में तब्दील हो सकती है।1
- उत्तर दिल्ली के बुराड़ी में सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। सर्वोदय प्रभात टीवी के मुताबिक, इस सड़क का काम शुरू होने से यहाँ के लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को विपक्ष का साथ मिला है। जंतर-मंतर पर पिछले 19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात करने के लिए डिंपल यादव पहुंचीं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनके इस अनशन को अपना समर्थन दिया।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर कोकराज जनता पार्टी के चल रहे धरने में सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। उन्हें भूख हड़ताल पर बैठे हुए आज 18 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य की अनदेखी करते हुए वे भारत के सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनशन कर रहे हैं। इस कड़े संघर्ष के कारण उनका वजन भी 9 किलो घट चुका है। सोनम वांगचुक ने अपने गिरते स्वास्थ्य की चिंता किए बिना देश की जनता, युवाओं और छात्रों से एकजुट होकर जंतर-मंतर पर पहुंचने की बड़ी गुहार लगाई है। वे छात्रों के सुरक्षित भविष्य और न्याय के लिए अपने जीवन तक का बलिदान देने के लिए तैयार हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जनता और विशेष रूप से वे छात्र, जिनके लिए सोनम वांगचुक संघर्ष कर रहे हैं, उनके इस आह्वान पर जंतर-मंतर पर एकत्र होंगे या फिर सोनम वांगचुक एक क्रांतिकारी की तरह शहीद हो जाएंगे।1
- सेंट्रल दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में प्रभु श्री जगन्नाथ जी भगवान की जयकार लगाते हुए लोगों से जुड़ने की अपील की गई है। इस संदेश में कहा गया है कि यदि आप सच्चे देशभक्त हैं, तो आगे आकर इसके सदस्य बनें।1
- दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ₹9,585 करोड़ की 'नया सफर योजना' शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पुराने व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह BS-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा दिया जाएगा। पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए, पर्यावरण-अनुकूल वाहन खरीदने वालों को सरकार की तरफ से कई महत्वपूर्ण रियायतें दी जाएंगी। इस योजना के तहत नए BS-VI और इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की खरीद पर 100% मोटर व्हीकल टैक्स में छूट दी जाएगी और रजिस्ट्रेशन फीस को भी पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही वाहन मालिकों को रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी से भी राहत मिलेगी। सरकार इस पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी और बिना किसी झंझट के संपन्न करने की तैयारी में है। सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली की ओर अग्रसर करना है, जिससे नागरिकों को बेहतर वायु गुणवत्ता और सुरक्षित परिवहन मिल सके। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो इससे न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचेगा, बल्कि परिवहन क्षेत्र में आधुनिक और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का उपयोग भी काफी तेजी से बढ़ेगा।1
- महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के बल्लापुर से आदिलाबाद जा रही एक बस पर विशालकाय नीम का पेड़ गिर गया।1