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जोबट में जनगणना-2027 कार्यशाला आयोजित, डिजिटल ऐप से स्व-जनगणना पर जोर जोबट में जनगणना-2027 कार्यशाला आयोजित, डिजिटल ऐप से स्व-जनगणना पर जोर
MP NEWS EXPRESS
जोबट में जनगणना-2027 कार्यशाला आयोजित, डिजिटल ऐप से स्व-जनगणना पर जोर जोबट में जनगणना-2027 कार्यशाला आयोजित, डिजिटल ऐप से स्व-जनगणना पर जोर
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- जोबट में जनगणना-2027 कार्यशाला आयोजित, डिजिटल ऐप से स्व-जनगणना पर जोर3
- *जिले द्वारा उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणाम प्रदर्शन पर कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने हर्ष व्यक्त कर विद्यार्थियों को दी बधाई* --- *जिले का 10वीं में प्रदेश में दूसरा, 12वीं में चौथा स्थान* *आलीराजपुर, 15 अप्रैल 2026।* मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणामों में आलीराजपुर जिले के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले का 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 92.14 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 78.70 प्रतिशत से काफी बेहतर है। वहीं 12वीं कक्षा का परिणाम भी उल्लेखनीय सुधार के साथ 91.59 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष 61.28 प्रतिशत था। इस शानदार प्रदर्शन के चलते जिला 10वीं में पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान और 12वीं में चतुर्थ स्थान पर रहा है। कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने सफल विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि जिले के छात्रों में अपार प्रतिभा है, जिन्हें सही मार्गदर्शन मिलने पर वे हर ऊंचाई हासिल कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम देने के प्रयासों की भी प्रशंसा की। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री निधि मिश्रा का उनके प्रयासों के लिए सम्मान भी किया। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एवं एसडीएम सुश्री निधि मिश्रा ने बताया कि इस सफलता के पीछे योजनाबद्ध तैयारी और लगातार प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर के मार्गदर्शन में जिले में वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा प्रश्न बैंक तैयार कराया गया, जुलाई से नियमित तैयारी शुरू कराई गई, रेमेडियल कक्षाएं संचालित की गईं तथा शिक्षकों को विषयवार प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण और समय-समय पर परीक्षा परिणामों का विश्लेषण भी किया गया। जिले की इस उपलब्धि पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।1
- सिर मुंडाया, कपड़े फाड़े और पति को कंधे पर उठवाया... 'बेवफाई' पर मिली खौफनाक सजा मध्य प्रदेश का आदिवासी बहुल जिला झाबुआ एक बार फिर 'तालिबानी इंसाफ' को लेकर सुर्खियों में है. यहां एक 32 वर्षीय महिला को अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ जाने की ऐसी सजा दी गई, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. महिला के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि सार्वजनिक रूप से उसकी गरिमा को तार-तार कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला की शादी 12 साल पहले हुई थी. उसके दो बच्चे भी हैं. आरोप है कि उसका ससुर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था. मारपीट से तंग आकर महिला ने अपना घर छोड़ दिया और अपने प्रेमी के साथ रहने चली गई. लेकिन समाज के 'कथित ठेकेदारों' को यह रास नहीं आया. समुदाय की बैठक बुलाई गई. महिला को जबरन अपने पति के पास लौटने का फरमान सुनाया गया. वो जब वापस लौटी, तो उसके साथ खौफनाक खेल खेला गया. भीड़ के बीच महिला के कपड़े फाड़ दिए गए और उसके बाल मुंडा दिए गए. जुल्म यहीं नहीं रुका, सजा के तौर पर महिला को मजबूर किया गया कि वह अपने पति को अपने कंधों पर उठाए. पूरे गांव के सामने पैदल चले.1
- Post by Lucky Gole (Aditya)1
- Post by Rakeshbilwal Rakesh1
- बड़वानी जिले की एक मेहनतकश परिवार की बेटी ने यह साबित कर दिखाया है। मजदूरी करने वाले माता-पिता की इस होनहार बेटी महक पिता बलिराम गोले ने परीक्षा में 494 अंक हासिल कर प्रदेश में छठा स्थान और जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर दिया है। बड़वानी जिले के एक साधारण परिवार की इस बेटी की सफलता आज हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई है। पिता जहां मिट्टी के मटके बनाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, वहीं माता मजदूरी कर घर का खर्च संभालती हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद बेटी ने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया। निजी स्कूल में पढ़ाई करते हुए उसने दिन-रात मेहनत की और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। महक पिता बलिराम गोले बेटी ने परिणामस्वरूप, उसने 494 अंक प्राप्त कर प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया और पूरे जिले में टॉप कर लिया। (छात्रा): महक गोले ने क्या कहा “मेरे माता-पिता ने बहुत संघर्ष किया है। उनकी मेहनत और आशीर्वाद से ही मैं यह मुकाम हासिल कर पाई हूँ। मेरा सपना आगे पढ़कर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करना है और मुझे आईएएस ऑफिसर बनकर मेरे माता-पिता का नाम रोशन करना है।” वही पिता बलिराम गोले ने क्या कहा “हमें हमारी बेटी पर गर्व है। हमने गरीबी जरूर देखी, लेकिन बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है।” यह सफलता केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। बड़वानी की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और हौसले के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।2
- मुरैना में वनकर्मी की ट्रेक्टर से कुचलकर मारने की घटना को लेकर बड़वानी जिले सहित अन्य स्थानों पर दिवंगत वनकर्मी को मोन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की है।1
- बोर्ड परीक्षा परिणाम प्रदर्शन पर कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने हर्ष व्यक्त कर विद्यार्थियों को दी बधाई1