देवास जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की शुरुआत की गई है, जिसके तहत कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जिले के 136 मेधावी छात्र-छात्राओं को देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान 'फिजिक्स वाला फाउंडेशन' के सहयोग से जेईई और नीट की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। खेडापति होटल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की उपस्थिति में इन सभी मेधावी विद्यार्थियों को तैयारी के लिए नि:शुल्क स्टडी मटेरियल का वितरण किया गया। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए जिला प्रशासन और फिजिक्स वाला फाउंडेशन द्वारा अत्याधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जिसमें छात्रों को नियमित ऑनलाइन लाइव क्लासेस के साथ-साथ रिकॉर्डेड लेक्चर्स की सुविधा भी मिलेगी ताकि वे अपनी सुविधानुसार कठिन विषयों का रिवीजन कर सकें। इस अवसर पर कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें टॉप में आने का लक्ष्य रखने और सोशल मीडिया छोड़कर रोजाना 10 घंटे सेल्फ स्टडी करने की सलाह दी। उन्होंने कोचिंग से एक कदम आगे रहकर अपनी स्ट्रेटजी बनाने की सीख दी। कलेक्टर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि लाखों रुपये खर्च कर मिलने वाली कोचिंग उन्हें घर बैठे नि:शुल्क मिल रही है, इसलिए उन्हें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।
देवास जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की शुरुआत की गई है, जिसके तहत कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जिले के 136 मेधावी छात्र-छात्राओं को देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान 'फिजिक्स वाला फाउंडेशन' के सहयोग से जेईई और नीट की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। खेडापति होटल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की उपस्थिति में इन सभी मेधावी विद्यार्थियों को तैयारी के लिए नि:शुल्क स्टडी मटेरियल का वितरण किया गया। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए जिला प्रशासन और फिजिक्स वाला फाउंडेशन द्वारा अत्याधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जिसमें छात्रों को नियमित ऑनलाइन लाइव क्लासेस के साथ-साथ रिकॉर्डेड लेक्चर्स की सुविधा भी मिलेगी ताकि वे अपनी सुविधानुसार कठिन विषयों का रिवीजन कर सकें। इस अवसर पर कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें टॉप में आने का लक्ष्य रखने और सोशल मीडिया छोड़कर रोजाना 10 घंटे सेल्फ स्टडी करने की सलाह दी। उन्होंने कोचिंग से एक कदम आगे रहकर अपनी स्ट्रेटजी बनाने की सीख दी। कलेक्टर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि लाखों रुपये खर्च कर मिलने वाली कोचिंग उन्हें घर बैठे नि:शुल्क मिल रही है, इसलिए उन्हें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।
- देवास जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की शुरुआत की गई है, जिसके तहत कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जिले के 136 मेधावी छात्र-छात्राओं को देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान 'फिजिक्स वाला फाउंडेशन' के सहयोग से जेईई और नीट की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। खेडापति होटल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की उपस्थिति में इन सभी मेधावी विद्यार्थियों को तैयारी के लिए नि:शुल्क स्टडी मटेरियल का वितरण किया गया। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए जिला प्रशासन और फिजिक्स वाला फाउंडेशन द्वारा अत्याधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जिसमें छात्रों को नियमित ऑनलाइन लाइव क्लासेस के साथ-साथ रिकॉर्डेड लेक्चर्स की सुविधा भी मिलेगी ताकि वे अपनी सुविधानुसार कठिन विषयों का रिवीजन कर सकें। इस अवसर पर कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें टॉप में आने का लक्ष्य रखने और सोशल मीडिया छोड़कर रोजाना 10 घंटे सेल्फ स्टडी करने की सलाह दी। उन्होंने कोचिंग से एक कदम आगे रहकर अपनी स्ट्रेटजी बनाने की सीख दी। कलेक्टर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि लाखों रुपये खर्च कर मिलने वाली कोचिंग उन्हें घर बैठे नि:शुल्क मिल रही है, इसलिए उन्हें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।1
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ अंतर्गत भौरासा में पुलिस द्वारा वृहद स्तर पर नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया है। भौरासा पुलिस ने इस सामाजिक बुराई के खिलाफ बड़े पैमाने पर इस अभियान की शुरुआत की है।1
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास में निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म बिक्री में कथित एकाधिकार और अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सतवास स्थित एक यूनिफॉर्म दुकान को सील कर दिया है। जांच के दौरान इस दुकान में 12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म पाई गईं। पूछताछ किए जाने पर दुकानदार ने यूनिफॉर्म बेचने की बात तो स्वीकार की, लेकिन वह संबंधित स्कूलों से अधिकृत विक्रेता होने का कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। वैध दस्तावेज न होने के कारण प्रशासन ने दुकान को तत्काल प्रभाव से सील करने का कदम उठाया। दरअसल, कई अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ निजी स्कूल उन्हें एक ही दुकान से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस मामले पर डीपीसी अजय मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से खरीदारी करने का दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। यदि कोई स्कूल ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि पूरे जिले में ऐसे मामलों की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।1
- इंदौर के महू की शासकीय शिक्षिका विनीता यादव ने किशनगंज थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह जनवरी 2026 से लगातार शिकायतें दर्ज करा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मामला अब भी केवल जांच के दायरे में ही अटका हुआ है। उनका कहना है कि इस घटना में कई लोगों की भूमिका सामने आने के बाद भी पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने में काफी देरी हो रही है। विनीता यादव ने यह गंभीर दावा भी किया है कि विवादित स्थल के पास स्थित एक निर्माणाधीन भवन में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कुछ लोगों पर प्रशासनिक निर्देशों के खुलेआम उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है, हालांकि इन दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने पुलिस के साथ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे की लत के शुरुआती संकेतों के प्रति जागरूक करना है ताकि समय रहते अपनों को इस दलदल से बचाया जा सके। इस दौरान डॉक्टर ने पुलिस के साथ यह जानकारी साझा की कि नशे के आदी व्यक्ति के व्यवहार, दिनचर्या और सामाजिक व्यवहार में किस तरह के बदलाव दिखाई देते हैं। परिवार के लोग इन संकेतों को पहचानकर यह समझ सकते हैं कि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है या नहीं, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके। इंदौर पुलिस का यही स्पष्ट संदेश है कि लोग समय पर नशे के संकेतों को पहचानें और अपनों को इसके चंगुल से बचाएं, क्योंकि नशे से दूरी बेहद जरूरी है।1
- इंदौर के फूटी कौटी चौराहे पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 40 पेटी अवैध शराब पकड़ी है।1
- पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। इसके साथ ही, प्रोटेस्ट कर रहे बच्चों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और उन्हें किडनैप भी किया है।1
- देवास जिला प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क जेईई (JEE) और नीट (NEET) की तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान 'फिजिक्स वाला फाउंडेशन' के साथ सहयोग किया है। खेडापति होटल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की उपस्थिति में ऐसे 136 मेधावी छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क स्टडी मटेरियल का वितरण किया गया। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नियमित ऑनलाइन लाइव क्लासेस और रिकॉर्डेड लेक्चर्स की सुविधा दी जाएगी, ताकि वे अपनी सुविधानुसार कठिन विषयों का रिवीजन कर सकें। इस अवसर पर कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जिले की प्रतिभाओं को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए सचेत करते हुए प्रतिदिन कम से कम 10 घंटे सेल्फ स्टडी करने और अगले 2 साल के लिए सोशल नेटवर्क से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी। कलेक्टर ने ऑल इंडिया लेवल पर टॉप 5000 रैंक में आने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया ताकि छात्र देश के शीर्ष आईआईटी और एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पा सकें। उन्होंने छात्रों को रणनीति बताते हुए कहा कि कोचिंग में पढ़ाए जाने वाले चैप्टर को पहले खुद 10 से 20 प्रतिशत समझ लें, जिससे कोचिंग के दौरान चीजें तुरंत समझ में आ जाएंगी। कलेक्टर ने 'फिजिक्स वाला' के शिक्षकों को भी लगन से पढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं हर महीने बच्चों की प्रोग्रेस की समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित 'फिजिक्स वाला' संस्थान के प्रतिनिधि श्री रचित त्रिपाठी ने छात्रों को लाइव क्लासेस, टेस्ट और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल लर्निंग के ढांचे की पूरी ट्रेनिंग दी। इसके बाद जिले की होनहार छात्राओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। कक्षा 10वीं में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर मध्य प्रदेश की प्रावीण्य सूची में 10वां स्थान पाने वाली उत्कृष्ट विद्यालय देवास की छात्रा पलक नामदेव और खातेगांव उत्कृष्ट स्कूल की छात्रा ऊषा जायसवाल ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। दोनों छात्राओं ने कहा कि आर्थिक दिक्कतों के कारण हर बच्चा बड़ी कोचिंग की फीस नहीं दे सकता, ऐसे में घर बैठे मिली यह नि:शुल्क कोचिंग उनके सपनों को पूरा करने में बड़ी मददगार साबित होगी। इस कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश सूर्यवंशी और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।4